विशेष रिपोर्ट

रायपुर, पूर्व गृहमंत्री पैकरा और कई आईएएस के खिलाफ चिटफंड धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज
रायपुर, पूर्व गृहमंत्री पैकरा और कई आईएएस के खिलाफ चिटफंड धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज
Date : 22-Jul-2019

पूर्व गृहमंत्री पैकरा और कई आईएएस के खिलाफ चिटफंड धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 22 जुलाई।
महासमुंद जिले के खल्लारी थाने में सनशाईन चिटफंड कंपनी के निदेशकों, संचालकों, प्रचारक और अनुमति देने वाले अफसरों के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दर्ज एफआईआर में निदेशक बनवारी लाल बघेल, वकील सिंह बघेल, राजीव गिरी समेत पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, आईएएस रीना बाबा साहेब कंगाले, सिद्धार्थ कोमल परदेसी, भीम सिंह, नीलकंठ टेकाम, और अमृतलाल ध्रुव के नाम शामिल हैं। तीस जून 2019 को यह रिपोर्ट खल्लारी थाना के ग्राम खट्टी निवासी दिनेश पानीकर ने दर्ज कराई है।

इसी थाने में इसके एक हफ्ते पहले ऐसी ही एक दूसरी रिपोर्ट भी दर्ज हुई है जिसमें इन आईएएस अफसरों के अलावा एक आईपीएस अफसर रतन लाल डांगी का नाम भी है, और कुछ दूसरे आईएएस अफसरों के नाम भी हैं। लेकिन महासमुंद पुलिस ने ये दोनों एफआईआर वेबसाईट से हटा दी हैं, और इस अखबार की संवाददाता द्वारा जाकर वहां पूछने पर भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। बड़े-बड़े अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाने से राज्य शासन और पुलिस मुख्यालय के अधिकारी हड़बड़ाए हुए हैं।

पीडि़त दिनेश पानीकर ने दर्ज एफआईआर में कहा है कि वह रोजी मजदूरी कर जीवन यापन करता है। उसने सनशाईन इंफ्राबिल्ड कारर्पोरेशन लिमिटेड में कुल 13 लाख 11 हजार 881 रुपये जमा किए थे। यह रकम मंैने खेत बेचकर जमा किए थे। इसमें मेरे और मेरे परिजनों के नाम से भी जमा निवेश हंै। उक्त कंपनी ने साढ़े 6 साल में रकम दो गुना देने का लालच दिखाया था। मैंने यह रकम उक्त कंपनी के कार्यालय अक्षत नगर पानी टंकी के पास मुकुटनगर में जमा किए थे। यह कंपनी रुपये वापिस न कर दफ्तर में ताला लगाकर भाग गई। कंपनी के  निदेशकों, संचालकों आदि के खिलाफ मैंने उच्च न्यायालय में भी आवेदन दिया था। 

दर्ज एफआईआर के अनुसार एसडीओपी और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दिनेश के अलावा एक अन्य शिकायतकर्ता नंदकुमार निषाद डूमरपाली खल्लारी के आवेदन पर सनशाईन चिटफंड कंपनी के निदेशकों, संचालकों और अनुमति देने वाले अफसरों के खिलाफ धारा 420 और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

एफआईआर में पीडि़त दिनेश पानीकर के आवेदन की नकल भी संलग्न है जिसमें पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, छग प्रवर्तन निदेशालय, पीएमओ को संबोधित करते हुए सनशाईन चिटफंड कंपनी के निदेशकों, सदस्यों एवं अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। 

शिकायतकर्ता का कहना है कि वह मजदूर हंै, अपनी जमा पूंजी और जमीन बेचकर रकम जमा की थी। कंपनी द्वारा रकम नहीं लौटाने पर अन्य निवेशकों के साथ थाना प्रभारी को इसकी शिकायत की थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कंपनी के निदेशक बनवारी लाल बघेल, वकील सिंह बघेल, राजीव सिंह, संजीव सिंह, सुरेन्द्र सिंह, धरम सिंह, कोर समिति के सदस्य राजीव गिरी और सीमा गिरी द्वारा संचालन छत्तीसगढ़ में किया जा रहा था। इस कंपनी के स्टार प्रचारक रामसेवक पैकरा थे।
कंपनी को बंद करने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कंपनी छत्तीसगढ़ में कार्यरत रही। 

अधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले, अमृतलाल ध्रुव, सिद्धार्थ कोमल परदेसी, भीम सिंह और नीलकंठ टेकाम  इस कंपनी को क्लीन चिट देते रहे। जिसके कारण कोर समिति के सदस्य मुझे लगातार दिलासा देते रहे और भ्रम में रखा। इसी कंपनी के खिलाफ वर्ष 2015 में अंबिकापुर के थाना बौलौद और रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

 

 

 

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