कारोबार

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25-Jan-2021 4:51 PM 23

पहले से कंगाल हो चुके पाकिस्तान पर अब एक और तलवार लटक रही है. अपने ही प्रांत बलूचिस्तान की रेको डिक सोने की खदान पर कब्जा उसे इतना भारी पड़ गया कि खदान के लिए करार कर चुके विदेशी निवेशक अब पाकिस्तान की अमेरिका और फ्रांस स्थित प्रॉपर्टी को नीलाम करने की फिराक में हैं. हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि वो अपनी संपत्ति नीलाम नहीं होने देगा.

सारा मसला ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड की एक कोर्ट से जुड़ा हुआ है. कोर्ट ने आदेश दिया कि पाकिस्तान अगर खदानों से अपना कब्जा वापस न ले तो उसकी विदेशी संपत्ति पर कब्जा और नीलामी हो सकती है. ये सारी बात आज से लगभग 28 साल पहले के एक करार से संबंधित है. उस समय अपने प्रांत बलूचिस्तान में पाकिस्तान को सोने जैसी कीमती धातुओं के भंडार का पता लगा. पाकिस्तान के पास खनन के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे. ऐसे में उसने विदेशी कंपनियों से बात की.

पाकिस्तान का खनन के लिए करार ऑस्‍ट्रेलिया की खनन कंपनी ब्रोकेन ह‍िल के साथ साल 1993 में हुआ. काम शुरू हुआ और पाया गया कि खनन में काफी फायदा हो रहा है. ये देखते हुए पाकिस्तान की नीयत बदल गई. उसने ऑस्ट्रेलियन कंपनी के साथ करार रद्द कर दिया. इसके अलावा चिली की एक कंपनी के साथ भी पाकिस्तान का एग्रीमेंट हुआ था, उसे भी रद्द कर दिया. इसके पीछे पाकिस्तान सरकार की मंशा थी कि खदानों का सारा लाभ उसे मिल सके.

इधर खनन कंपनियों ने पाकिस्तान पर बीच में एग्रीमेंट रद्द करने के लिए हर्जाना मांगा. बढ़ते हुए बात कोर्ट तक पहुंच गई. इसी बात पर फैसला आ चुका है और पाकिस्तान को लगभग 6 अरब डॉलर का जुर्माना भरना है. वैसे इससे पहले मामला वर्ल्ड बैंक के ट्रिब्युनल तक जा चुका था. उस दौरान भी पाकिस्तान पर विदेशी कंपनियों से करार करने और फिर रद्द करने को लेकर 8.5 अरब डॉलर का हर्जाना लग चुका था. हालांकि पाकिस्तान सरकार अब तक हर्जाना नहीं दे सकी है.

अब चूंकि पाकिस्तान के बारे में ग्लोबल स्तर पर लगातार चर्चा है कि उसकी आर्थिक हालत खराब है, ऐसे में अदालत ने सीधे पाकिस्तान की विदेशी संपत्ति की नीलामी की बात कर दी. बता दें कि पाकिस्तान के पास अमेरिका के न्‍यूयॉर्क शहर में रूजवेल्‍ट होटल है. ये होटल बेहद आलीशान है. कुल 1015 कमरों वाले इस होटल की साल 2015 में अनुमानित कीमत 636 मिलियन डॉलर मानी गई थी. अमेरिका के अलावा पेरिस में भी पाकिस्तान का एक होटल है. स्क्राइब नाम से ये होटल भी काफी शानदार है. ये भी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स की संपत्ति है.

इन दोनों होटलों की नीलामी को रोकने के लिए इमरान सरकार को काफी जोर लगाना होगा या फिर अदालत की तय की हुई जुर्माना राशि देनी होगी. फिलहाल कोरोना के कारण इमरान सरकार पहले से ही संकट में है. इसपर जुर्माना राशि पाकिस्तान की कुल GDP का लगभग 2 प्रतिशत है.

अब एक बार ये भी समझ लें कि जिस गोल्ड माइन के लिए पाकिस्तान ने इतना बड़ा कदम उठाया, आखिर वो कितना कीमती है. यहां के बलूचिस्तान प्रांत में रेको डिक खदान है. अफगानिस्तान और ईरान की सीमा के पास लगने वाली ये खदान दुनिया की पांचवी बड़ी सोने और तांबे की खदान मानी जाती है. इससे सालाना लगभग 3.64 अरब डॉलर का फायदा पाकिस्तान को मिलता रहा है.

सबसे बड़ी बात ये है कि सोने का ये भंडार अच्छा-खासा है. अनुमान है कि इससे अगले 50 सालों तक सोना निकल सकता है. वहीं दूसरे देशों में सोने के भंडार खत्म होने को हैं. तो जाहिर है कि पाकिस्तान सरकार के मन में इस अकूत भंडार को लेकर लालच आ गया और उसने करार तोड़ दिया. हालांकि ये बात भी है कि करार तोड़ने के कारण लगा जुर्माना भरने की हालत में फिलहाल इमरान सरकार नहीं दिख रही.  (news18.com)


25-Jan-2021 4:49 PM 15

5G टेक्नोलॉजी के बारे में हम पिछले 3 सालों से सुन रहे हैं. 2018 से इस टेक्नोलॉजी की बातें चल रही हैं. 2021 आ गया है लेकिन अभी भी पूरे वर्ल्ड में इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ. हालांकि अमेरिका, जापान, चीन और साउथ कोरिया में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है. 5G के बारे में बात होते ही लोग ऑग्मेंटेड रिएलिटी, ऑटोमैटिक कारों, और इंटरनेट थिंग्स के बारे में सोचने लगते हैं. लेकिन इसकी बारीकियों के बारे में कुछ ही लोग जानते होंगे. तो चलिए इसकी डिटेल्स के बारे में जानते हैं. 5G टेक्नोलॉजी मोबाइल की 5वीं जेनरेशन है जो 4g से 100 गुणा नेटवर्क स्पीड से काम करता है ये टेक्नोलॉजी इतनी फास्ट होती है कि कोई भी मूवी हाई स्पीड से केवल कुछ ही सेकंड में डाउनलोड कर सकते हैं.

ये एक सॉफ्टवेयर पर बेस्ड नेटवर्क है, जो वायरलेस नेटवर्क की स्पीड की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. ये टेक्नोलॉजी डेटा क्वांटिटी को भी बढ़ाती है, ओर जिस से वायरलेस नेटवर्क को ट्रांसमिट किया जा सकता है.

5G फाइव टेक्नोलॉजी के आधार पर बनता है..
>>एमएम वेव -: मिलीमीटर वेव एक साथ बहुत ज्यादा डेटा प्राप्त करता है जो 1gb डाटा को सेकंड्स में ट्रांसफर करने की क्षमता रखता है.

>>स्पीड सेल्स -: 5G टेक्नोलॉजी का दूसरा आधार स्पीड सेल्स ये आधार मिलीमीटर वेव की रेंज में आ रही दिक्कतों को भरपाई करता है.

>>बिमफॉर्मिंग -: बिमफॉर्मिंग एक ऐसी तकनीक है जो कंटिन्यूजली सभी सोर्सेज पर मॉनिटर रख सकती हैं ओर कभी एक सिग्नल पर कोई रुकावट आ जाएं तो तुरंत दूसरे स्पीड टॉवर पर स्विच कर सकता है.

(ये भी पढ़ें- Battery Trick: जल्दी खत्म होती है आपके स्मार्टफोन की बैटरी तो अभी Off कर दें ये 3 Settings)

>>फूल डुप्लेक्स -: फुल डुप्लेक्स एक ऐसा है को एक साथ फ्रिक्वेंसी बैंड के साथ - साथ डेटा को ट्रांसमिट ओर रिसीव करने में सक्षम है.

>>मैक्सिमम MIMO -: मल्टीपल इनपुट ओर मल्टीपल आउटपुट इस टेक्नोलॉजी का पांचवां आधार है. इस टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैफिक को मैनेज कर बड़े सेल टॉवर की स्पीड क्षमता को बरकरार रखने में मदद करता है.

इन्हीं पांच आधारों पर बनी है 5g टेक्नोलॉजी, इस टेक्नोलॉजी के लिए आम तौर पर 3Gzh - 6Gzh फ्रीक्वेंसी के बीच है. इलेक्ट्रॉनिक  डिवाइस की रीच बढ़ाने के लिए इसी फ्रिक्वेंसी का यूज़ होता है जिसमें  लैपटॉप, मोबाइल और टैबलेट आदि जैसे डिवाइस मौजूद हैं.  हालांकि इस सिस्टम में ट्रैफिक बढ़ने से इसकी रीच में कमी आ रही हैं इसलिए साइंटिस्ट इसकी फ्रिक्वेंसी को 6Gzh से बढ़ाकर 24Gzh - 300Gzh तक करने की सोच रहे है जिसे हाई बैंड ओर मिलीमीटर वेव भी कहा जाता है.  (news18.com)

 


25-Jan-2021 4:48 PM 16

अपनी कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स की सफलता से हाल ही में दुनिया के सबसे अमीर शख्स बने एलन मस्क अब टेलिकॉम सेक्टर में धूम मचाने की तैयारी में हैं. मस्क की स्पेस एक्स कंपनी ने हाल ही में अपनी स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस के लिए एक हजार से ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च किए हैं और अमेरिका, कनाडा तथा ब्रिटेन में शुरुआती ग्राहक जोड़ने भी शुरू कर दिए हैं. कंपनी ने अपने निवेशकों को बताया है कि उनका खास फोकस इन-फ्लाइट इंटरनेट (विमानों के अंदर इंटरनेट सेवा) और मैरीटाइम इंटरनेट (समुद्र में इंटरनेट सेवा) के करीब एक खरब डॉलर के बाज़ार पर है. इसके अलावा वह भारत और चीन के बाज़ार पर भी खासा ध्यान दे रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक कई महीनों से SpaceX अपने Falcon 9 रॉकेट्स से स्टारलिंक सैटेलाइट्स लॉन्च करने में लगी है. एक बार में 60 सैटेलाइट भेजे जा रहे हैं. इसका 17वां स्टारलिंक 20 जनवरी को लॉन्च हुआ था. ऑर्बिट में कंपनी के 960 सैटेलाइट एक्टिव हैं. इससे स्पेस-X नॉर्थ अमेरिकी और ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर सर्विस शुरू करने की तैयारी में है. हालांकि इस बारे में स्पेसएक्स ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

एयरोस्पेस और डिफेंस इंडस्ट्रीज पर नज़र रखने वाली कंपनी Alvaraez & Marsal के एमडी Luigi Peluso ने कहा कि लोग कंपनी की सर्विस से खुश हैं. स्टारलिंक लोगों को काफी कम कीमत में सर्विस दे रही है. स्पेसएक्स ने अपने सॉलूशंस की व्यावहारिकता साबित की है. पिछले साल स्पेसएक्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर Gwynne Shotwell ने कहा कि स्टारलिंक ऐसा बिज़नेस है जिसे पब्लिक किया जा सकता है.
पिछले साल टेस्ला इंक को बाजार में बड़ी सक्सेस मिली थी और कंपनी के शेयरों में उछाल की बदौलत मस्क दुनिया के सबसे अमीर शख्स बन गए.

लो-अर्थ सैटेलाइट कॉन्सटेलेशन है Starlink
जिन्हें नहीं पता, उन्हें बता दें कि स्टारलिंक एक लो-अर्थ सैटेलाइट कॉन्सटेलेशन है, जिसका उद्देश्य दुनिया में दूरस्थ स्थानों के लिए ब्रॉडबैंड इंटरनेट प्रदान करना है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक SpaceX ने सेवा के लिए लगभग 1,000 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं और अब वह अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में शुरुआती ग्राहकों के साथ हस्ताक्षर कर रहा है. (news18.com)


25-Jan-2021 4:21 PM 11

नई दिल्ली, 25 जनवरी | कोविड महामारी के प्रकोप से दुनिया अभी भी पूरी तरह से उबर नहीं पाई है। इस कारोना काल में आर्थिक मोर्चे पर वैश्विक स्तर पर कई विसंगतियां भी देखने को मिलीं। एक ओर जहां दैनिक मजदूरी से गुजारा करने वाली गरीब जनता दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए जद्दोजेहद करती नजर आई, वहीं दूसरी ओर इसके ठीक विपरीत धन-कुबेरों के खजाने और भरते चले गए। इसी दौरान अमेरिका में जहां एक ओर जेफ बेजोस, इलॉन मस्क सरीखे उद्योगपतियों में विश्व के सबसे धनाढ्य व्यक्ति बनने की होड़ लगी रही, वहीं दूसरी ओर लाखों लोग अपनी नौकरी खोने के डर से अनइम्प्लॉयमेंट बीमा क्लेम भरते नजर आए। यह विसंगति केवल वहीं तक सीमित नहीं रही। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा और 'ऑक्सफैम' की ताजा रिपोर्ट भी इस बात की तस्दीक कर रही है।

'ऑक्सफैम' की इस 'इनइक्वलिटी रिपोर्ट' को कोविड के कारण ''दि इनइक्वलिटी वायरस रिपोर्ट'' नाम दिया गया है। इसमें कहा गया है कि कोविड महामारी के परिणामस्वरूप आर्थिक दृष्टि से समाज में असमानता में वृद्धि हुई। इस कोरोना काल में जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी ने जहां 90 करोड़ रुपये प्रति घंटे के हिसाब से धन कमाया, वहीं 24 प्रतिशत लोगों की एक महीने की आमदनी तीन हजार रुपये से भी कम रही।

इसका तात्पर्य यह कि कोरोना काल में मुकेश अंबानी ने एक घंटे में जितनी राशि कमाई, उसे कमाने में एक अकुशल मजदूर को 10,000 साल लगेंगे। इस दर से मुकेश अंबानी ने एक सेकंड में जितना कमाया, उतना कमाने के लिए एक आम इंसान को तीन साल लगेंगे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस महामारी ने मौजूदा सामाजिक, आर्थिक और लिंग आधारित असमानता की खाई और चौड़ी कर दी है। इस महामारी के गंभीर दुष्परिणामों से धनाढ्य वर्ग बिल्कुल अछूता रहा है, जबकि मध्यमवर्गीय लोग पृथकावास में रहते हुए घर से ऑफिस का काम कर रहे हैं। लेकिन, दुखद पहलू यह है कि देश में अधिकतर लोगों को अपनी नौकरी/आजीविका से हाथ धोना पड़ा।

कोरोना काल में जिस दिन मुकेश अंबानी दुनिया के चौथे सबसे अमीर आदमी बने, उसी दिन राजेश रजक नामक एक व्यक्ति ने नौकरी चले जाने के कारण अपनी तीन बेटियों सहित खुदकुशी कर ली।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान भारतीय अरबपतियों की सम्पत्ति में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2009 से उनकी सम्पत्ति में 90 फीसदी तक की वृद्धि हुई जो 422.9 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसके परिणामस्वरूप भारत विश्व में अमेरिका, चीन, जर्मनी, रूस और फ्रांस के बाद छठे स्थान पर आ गया। (आईएएनएस)

 


25-Jan-2021 11:53 AM 21

मुंबई, 25 जनवरी | घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरूआत मजबूती के साथ हुई लेकिन जल्द ही गिरावट आ गई। सेंसेक्स 350 अंकों से ज्यादा टूटकर 48,512 पर आ गया और निफ्टी भी 100 अंकों से ज्यादा लुढ़ककर 14,260 तक फिसला। आरंभिक कारोबार के दौरान शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स सोमवार सुबह 9.49 बजे पिछले सत्र से 292.38 अंकों यानी 0.60 फीसदी की गिरावट के साथ 48,586.16 पर कारोबार कर रहा था जबकि निफ्टी 109.25 अंकों यानी 0.76 फीसदी की कमजेारी के साथ 14,262.65 पर बना हुआ था।

जानकार बताते हैं कि मुनाफावसूली हावी होने के कारण घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र से 375.14 अंकों की तेजी के साथ 49,253.68 पर खुला और आरंभिक कारोबार के दौरान 49,263.15 तक चढ़ने के बाद फिसकर 48,512.02 पर आ गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सत्र से 105.90 अंकों की तेजी के साथ 14,477.80 पर खुला और आरंभिक कारोबार के दौरान 14,491.10 तक उछला, लेकिन बाद में फिसलकर 14,260.25 पर आ गया।

देश की 40 से ज्यादा कंपनियां सोमवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी करने वाली हैं।
(आईएएनएस)


24-Jan-2021 6:18 PM 15

मुंबई, 24 जनवरी | देश के शेयर बाजार में इस सप्ताह फ्यूचर्स एवं ऑप्शंस सेगमेंट के जनवरी सीरीज के अनुबंधों की एक्सपायरी को लेकर उतार-चढ़ाव का दौर बना रह सकता है। निवेशकों को आगामी बजट का इंतजार रहेगा, इसलिए बजट को लेकर कयासबाजी पर भी उनकी नजर बनी रहेगी। सप्ताह के दौरान विभिन्न कंपनियों द्वारा जारी होने वाले तिमाही वित्तीय नतीजों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों पर भी बाजार की निगाहें टिकी रहेंगी। घरेलू शेयर बाजार में बीते सप्ताह के आखिर में घरेलू कारकों के साथ-साथ वैश्विक संकेत भी कमजोर रहने के कारण मुनाफावसूली का दबाव बढ़ने से प्रमुख संवेदी सूचकांक साप्ताहिक आधार पर गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि इस सप्ताह भी देश में कोरोना वैक्सीन कार्यक्रम की प्रगति और विदेशी बाजारों से मिलने वाले संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर बना रहेगा।

जानकार बताते हैं कि निवेशकों को फिलहाल आगामी बजट की उम्मीदों का इंतजार रहेगा। अगले महीने एक फरवरी को आगामी वित्त वर्ष 2021-21 का आम बजट संसद में पेश होगा। इससे एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। कारोबारी सप्ताह के आखिर में शुक्रवार को संसद का बजट सत्र आरंभ हो रहा है।

शेयर बाजार में इस सप्ताह फ्यूचर्स एवं ऑप्शंस सेगमेंट के जनवरी सीरीज के अनुबंधों की एक्सपायरी गुरुवार को होने जा रही है जिसको लेकन उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार देखने को मिल सकता है।

कारोबारी सप्ताह आरंभ में सोमवार को कोटक महिंद्रा बैंक और एलएंडटी द्वारा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए जाएंगे जबकि दूसरे दिन मंगलवार को गणतंत्र दिवस पर देश के शेयर बाजार में कारोबार बंद रहेगा। इस प्रकार, इस सप्ताह सिर्फ चार सत्रों में कारोबार होगा। एक्सिस बैंक और हिंदुस्तान यूनीलीवर के वित्तीय नतीजे बुधवार को जारी होंगे और अगले दिन गुरुवार को मारुति सुजुकी इंडिया के तिमाही वित्तीय नतीजे जारी होंगे जबकि टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, सनफार्मास्युटिकल्स समेत कुछ प्रमुख कंपनियों के वित्तीय नतीजे शुक्रवार को जारी होंगे।

फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक में ब्याज दरों को लेकर लिए जाने वाले फैसले की घोषणा बुधवार को ही होगी जिस पर बाजार की नजर बनी रहेगी। वहीं अमेरिका में टिकाऊ वस्तुओं के दिसंबर के ऑर्डर के आंकड़े भी इसी दिन जारी होंगे जबकि जापान में औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े शुक्रवार को जारी होंगे।

घरेलू शेयर बाजार की चाल तय करने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों के निवेश के प्रति रुझान और अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव की भी अहम भूमिका रहेगी।

--आईएएनएस


24-Jan-2021 3:48 PM 22

नई दिल्ली, 24 जनवरी | कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने विभिन्न ई कॉमर्स कंपनियों पर आरोप लगाए हैं। कैट के अनुसार ये कंपनियां अपनी हठधíमता के चलते उपभोक्ता संरक्षण (ई कॉमर्स) कानून, 2020, लीगल मैट्रोलोजी (पैकेज्ड कमोडिटी) कानून, 2011 तथा फूड सेफ्टी स्टैंडर्डस अथॉरिटी के दिशा निदेशरें का खुले आम उल्लंघन कर रही हैं। कैट ने इस बावत केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी लिखा है। कैट के अनुसार उपरोक्त कानूनों में कहा गया है कि ई कॉमर्स पोर्टल पर अनिवार्य रूप से विक्रेता एवं वस्तु से सम्बंधित प्रत्येक जानकारी को स्पष्ट रूप से प्रत्येक उत्पाद के साथ लिखना अनिवार्य है।

कैट ने इस मसले पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को रविवार को एक पत्र भेजा है। जिसमें विभिन्न ई कॉमर्स कंपनियों पर कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और इन कंपनियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि भारत में अमेजन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो, स्विगी सहित अन्य ई कॉमर्स कंपनियां खुलेआम देश के कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं। वहीं किसी भी सरकारी विभाग ने आज तक इनका संज्ञान नहीं लिया। इन कंपनियों के हौंसले मजबूत हो रहे हैं, जिसके चलते भारत का ई-कॉमर्स व्यापार भिंडी बाजार बन गया है।

लीगल मैट्रोलोजी कानून, 2011 के नियम 10 में यह प्रावधान है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने पोर्टल पर बिकने वाले प्रत्येक उत्पाद पर निर्माता का नाम और पता, मूल देश का नाम, वस्तु का नाम, शुद्ध मात्रा, किस तिथि से पहले उपयोग (यदि लागू हो), अधिकतम खुदरा मूल्य, वस्तु का साइज आदि लिखना अनिवार्य है। यह नियम 2017 में लागू किया गया था और नियम की पालना के लिए 6 महीने की अवधि दी गई थी, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी इन नियमों का अब तक पालन नहीं हो रहा।

उन्होंने कहा, उनकी जानकारी के अनुसार किसी भी ई-कॉमर्स इकाई ने उपरोक्त प्रावधानों का अनुपालन करते हुए एक नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं किया है। (आईएएनएस)
 


24-Jan-2021 1:47 PM 22

बेटियां हम सभी के घरों की शान है. उनके खुशी से आंगन खिल उठता है. आज यानी रविवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस है. साल 2008 में भारत सरकार नेशनल गर्ल चाइल्ड डे मनाने की शुरुआत की थी. अगर आपके घर में भी छोटी बच्ची है तो भारत सरकार की एक शानदार स्कीम आपके लिए है. मोदी सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना बेहद पॉपुलर स्कीम है. यह स्कीम बेटियों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है. सुकन्या समृद्धि अकाउंट्स  पोस्ट ऑफिस की सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीम है.

सुकन्या स्कीम पर मौजूदा ब्याज दर 7.6 फीसदी है. इतना ज्यादा ब्याज पोस्ट ऑफिस की किसी भी स्कीम में नहीं मिल रहा है. पोस्ट ऑफिस के अलावा इस स्कीम का फायदा सरकारी, प्राइवेट बैंक और दूसरी सरकारी योजना के तहत उठाया जा सकता है. इस योजना की खास बात ये है कि इसकी मैच्योरिटी 21 साल है, लेकिन इसमें अभिभावक को 14 साल ही निवेश करना होता है.

एकाउंट खोलने के लिए 250 रुपये काफी

इस योजना में आपकी ओर से जितना निवेश होगा, मैच्योरिटी पर तीन गुना मुनाफा मिलेगा. इस स्कीम के जरिए मौजूदा ब्याज दर 7.6 फीसदी सालाना के हिसाब से 64 लाख रुपए तक की रकम जुटाई जा सकती है. साल 2014 में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत हुई थी. इस योजना का उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करना है.

सुकन्या समृद्धि योजना एकाउंट खोलने के लिए 250 रुपये काफी हैं. अकाउंट्स खोलने के लिए पोस्ट ऑफिस जाकर फॉर्म लेना होगा. इसके लिए बेटी का बर्थ सार्टिफिकेट होना जरूरी है. अभिभावक के आईडी प्रूफ की भी जरूरत होगी. जिसमें पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट कोई भी डॉक्यूमेंट्स लगा सकते हैं. अभिभावकों को एड्रस प्रूफ के लिए भी डॉक्यूमेंट्स सब्मिट करने होंगे. इसमें भी ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, बिजली बिल या फिर राशन कार्ड मान्य है.

बैंक या पोस्ट ऑफिस से आपके डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन होने के बाद आपका अकाउंट खुल जाएगा. अकाउंट खुलने के बाद अकाउंट होल्डर को पासबुक भी दी जाती है. सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना न्यूनतम 250 रुपए जमा किया जा सकता है. इससे पहले सालाना मासिक जमा राशि 1000 रुपये थी. योजना के तहत सालाना कम से कम 250 रुपए और अधिकतम 1.50 लाख रुपए जमा किया जा सकता है.

मिलेगा तीन गुना मुनाफा

अभी सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर 7.6 फीसदी है. इसमें सालाना 1.50 लाख रुपए जमा करना होगा. अगर यह ब्याज दरें बरकरार रहती हैं और 14 साल तक आप हर महीने साल 1.50 लाख रुपए सालाना जमा करते हैं. तो 14 साल तक 1.50 लाख रुपए सालाना निवेश पर आपकी ओर से कुल योगदान 21 लाख रुपए का होगा. 14 साल में 7.6 फीसदी सालाना कंपाउंडिंग के हिसाब से यह रकम 37,98,225 रुपए हो जाएगी. इसके बाद 7 साल तक इस रकम पर 7.6 फीसदी सालाना कंपाउंडिंग के हिसाब से रिटर्न मिलेगा. 21 साल यानी मेच्योरिटी पर यह रकम करीब 63,42,589 रुपये होगी.

किस उम्र से बेटी कर सकती है खाते को ऑपरेट

बेटी को 10 साल की उम्र से खाते को ऑपरेट करने की पहले इजाजत थी, लेकिन नए नियमों के मुताबिक बेटी 18 साल के होने पर ही अब खाता ऑपरेट कर सकेगी. तब तक अभिभावक खाते को ऑपरेट करेंगे. बेटी के 18 साल का होने पर उस बैंक/पोस्‍ट ऑफिस में आवश्‍यक दस्‍तावेज जमा करने होंगे जहां खाता खुला है.

कब निकाल सकते हैं पैसा?

बेटी के 18 साल के होने से पहले आप पैसे नहीं निकाल सकते. उसके 21 साल के होने पर अकाउंट मैच्‍योर हो जाता है. बेटी के 18 साल पूरे करने के बाद आपको आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है. मतलब आप खाते में जमा रकम का 50 फीसदी तक निकाल सकते हैं. दुर्भाग्‍य से अगर बच्‍ची की मृत्‍यु हो जाती है तो खाता तुरंत बंद हो जाएगा. ऐसे मामले में खाते में पड़ी रकम अभिभावक को दे दी जाती है. (tv9hindi.com)


24-Jan-2021 8:47 AM 15

नई दिल्ली, 24 जनवरी | उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले मोबाइल उद्योग के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। संगठन ने मार्च 2020 में जीएसटी में 50 प्रतिशत की वृद्धि को उद्योग के लिए एक क्रूर झटका करार दिया है, ईसीईए ने इस फैसले को त्रुटिपूर्ण बताया है।

आईसीईए के अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू ने एक बयान में कहा, हर भारतीय के हाथ में स्मार्टफोन का लक्ष्य हासिल करने और 80 अरब डॉलर का घरेलू मोबाइल फोन बाजार सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल फोन पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करना अति आवश्यक है।

आईसीईए ने इलेक्ट्रॉनिक्स विकास के प्रमुख क्षेत्रों के लिए विभिन्न उत्कृष्टता केंद्रों (सेंटर ऑफ एक्सिलेंस) की स्थापना के लिए 500 करोड़ रुपये के बजट और मोबाइल डिजाइन सेंटर के लिए 200 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन की भी सिफारिश की।

अन्य सिफारिशों के अलावा, उद्योग निकाय ने 1,000 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए 5 प्रतिशत का ब्याज और 100 करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी की मांग भी की।

--आईएएनएस


23-Jan-2021 6:09 PM 22

नई दिल्ली,23 जनवरी | अगर बैंक में आपका सेविंग अकाउंट या बचत खाता है तो उसमें जमा राशि पर बैंक ब्याज देते हैं. हाल के वर्षों में सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज दरों में काफी कटौती हुई है. कोरोना महामारी की दौर में सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज काफी कम हो गया है. हालांकि इस दौर में भी कुछ बैंकों की ब्याज दरें बेहतर हैं. मौजूदा दौर में सेविंग्स अकाउंट पर सबसे अधिक ब्याज सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक और केनरा बैंक दे रहे हैं.

केनरा और IDBI बैंक के सेविंग्स अकाउंट पर मिल रहा है सबसे ज्यादा ब्याज

बैंक बाजार डॉट काम के डेटा के मुताबिक, पब्लिक सेक्टर के बैंक जैसे आईडीबीआई बैंक और केनरा बैंक सेविंग्स अकाउंट पर क्रमशः 3.5 फीसदी और 3.2 फीसदी तक ब्याज दर ऑफर करते हैं. प्राइवेट बैंकों की तुलना में ये ब्याज दरें प्रतिस्पर्धी हैं. उदाहरण के लिए, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक 3 से 3.5 फीसदी ब्याज देते हैं और कोटक महिंद्रा बैंक 3.5 फीसदी से 4 फीसदी की दर से ब्याज दर ऑफर करते हैं. हाल ही में केनरा बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा की थी.

टॉप 10 बैंकों की लिस्ट में भारतीय स्टेट बैंक नहीं

हालांकि, पब्लिक सेक्टर के बड़े बैंक अपने सेविंग्स अकाउंटहोल्डर्स को कम ब्याज देते हैं. उदाहरण के लिए भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा क्रमशः 2.70 प्रतिशत और 2.75 फीसदी  ब्याज देते हैं. टॉप 10 ब्याज दर ऑफर करने वाले बैंकों की सूची में बैंक ऑफ बड़ौदा सबसे नीचे है. खास बात है कि इस सूची में एसबीआई नहीं है.

स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे हैं 7 फीसदी तक ब्याज दर

सेविंग्स अकाउंटहोल्डर्स को स्मॉल फाइनेंस बैंकों की ओर से दी जाने वाली ब्याज दरें पब्लिक सेक्टर के बैंकों की तुलना में ज्यादा हैं. उदाहरण के लिए, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक क्रमशः 7 फीसदी और 6.5 फीसदी की ब्याज दरों की पेशकश कर रहे हैं.(https://hindi.news18.com/)


23-Jan-2021 4:03 PM 22

रायपुर, 23 जनवरी। अंचल की महिलाओं के लिए स्वरोजगार स्थापित कर उसका सफल संचालन करने हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से एक माह अवधि का नि:शुल्क उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 फरवरी से रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम ष्ऑन लाईनष् पद्धति से आयोजित किया जायेगा।

भारत शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित प्रशिक्षण सत्र का संचालन छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रियल एण्ड टेक्निकल कंसलटेन्सी सेंटर रायपुर द्वारा किया जायेगा। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यमिता का महत्वए प्रभावी संप्रेषण, बाजार सर्वेक्षण, लघु उद्यम का चयन, शासन द्वारा प्रायोजित विभिन्न स्वरोजगार योजना की जानकारी, वित्तीय प्रबंधन, परियोजना प्रतिवेदन तैयार करना आदि विषयों पर जानकारी प्रदान की जावेगी।

विज्ञान, अभियांत्रिकी, कम्प्यूटर साइंस,  होम साइंस आदि में स्नातक अथवा पत्रोपपाधी (डिप्लोमा) या कम्प्यूटर विषय में प्रमाणित प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं जिनकी आयु 21 वर्ष से अधिक एवं स्वरोजगार स्थापना हेतु इच्छुक हो वे 9 फरवरी 2021 को सिटकॉन, सहकारी मार्ग 3, चौबे कालोनी,  रायपुर में उपस्थित होवें। प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी कार्यक्रम समन्वयक,  सिटकॉन नीलू सिंह से  प्राप्त कर सकते हैं।


23-Jan-2021 4:03 PM 39

रायपुर, 23 जनवरी। अविनाश ग्रुप के प्रबंध संचालक आनंद सिंघानिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ की विश्वसनीय रियल स्टेट कम्पनी अविनाश ग्रुप के बहुचर्चित प्रीमियम प्रोजेक्ट मेग्नेटो सिगनेचर होम्स फेस-2 मे मॉडल फ्लैट की लांचिग शीघ्र करने जा रहे  है। अविनाश ग्रुप के लिये रायपुर में मेग्नेटो सिगनेचर फेस-2 बहुमंजिला प्रीमियम आवासीय परियोजना को लाना उनके ग्रुप के लिये एक एतिहासिक क्षण है। ग्राहकों के द्वारा मेग्नेटो सिगनेचर होम्स 2 को जबरदस्त रिस्पान्स मिला रहा है और बड़ी संख्या में बुकिंग भी हुई है, जो अविनाश ग्रुप की उच्च गुणवत्ता, उत्तम ग्राहक सेवा, आलीशान निर्माण और समय पर डिलवरी का प्रमाण है।

श्री सिंघानिया ने बताया कि मेग्नेटो सिगनेचर होम्स-2 बहुमंजिला प्रीमियम आवासीय परियोजना रायपुर की प्राईम लोकेशन मैग्नेटो द मॉल एवं हयात होटल के पीछे तथा सायाजी होटल के पास में स्थित है जो कि रायपुर के सबसे प्रीमियम रिहायशी क्ष़ेत्र के रुप मे जाना जाता है। जहॉ से मॉल्स, लक्जरी होटल्स, एयरपोर्ट, स्कुल, कालेज, मार्केट जैसी सभी प्रमुख सुविधायें पास ही उपलब्ध हैै।

श्री सिंघानिया ने बताया कि यह आवासीय परियोजना लगभग 1.88 एकड़ पर विस्तारित है। जी+9 मंजिल, बहुमंजिला आवासीय परियोजना में कुल 113 अपार्टमेंट है, जिसमे 2 बी.एच.के., 3 बी.एच.के. और 4 बी.एच.के. के अपार्टमेंट प्रीमियम अर्पाटमेन्ट एवं पेन्ट हाउस हैं। मेग्नेटो सिगनेचर होम्स-2 परियोजना अलिशान व आधुनिक सुविधाओं से लैस रहेगी जैसे भव्य प्रवेश द्वार, 2 सिगनेचर क्लब, स्वीमिंग पुल, किड्स पुल, किड्स प्ले एरिया, लैंडस्केप गार्डन, जॉगिंग ट्रेक, जिम, इंडोर गेम्स, कम्युनिटी हॉल, हर ब्लॉक में 2 लिफ्ेट, कॉमन एरिया के लिये पॉवर बैक-अप, सिक्युरिटी केबीन के साथ, 24 घंटे सिक्युरिटी, बाउंड्री वॉल से घिरा कैम्पस, गार्बेज डक्ट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग एवं फायर फाईटींग की सुविधा रहेगी।  इसके अलावा विश्वस्तरीय सिगनेचर क्लब में इंडोर गेम्स की नायाब सुविधायें रहेगी ।


23-Jan-2021 4:02 PM 27

रायपुर, 23 जनवरी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कैट के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से मिटिंग हुई। जिसमें पीयूष गोयल ने  आश्वासन दिया कि भारत में ई-कॉमर्स व्यवसाय को देश के व्यापारियों और उपभोक्ताओं द्वारा ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के अनुकूल बनाया जाएगा।

कैट राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि ई-कॉमर्स व्यवसाय में एक समान स्तर की प्रतिस्पर्धा वाला व्यापारिक मॉडल तैयार किया जा रहा है जिससे अधिक से अधिक व्यापारियों को व्यापार के अतिरिक्त अवसर के रूप में ई-कॉमर्स को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और बेहतर वाणिज्य बाजार सुनिश्चित किया जा सकेगा। श्री गोयल ने कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में मौजूद प्रतिनिधिमंडल जिसमें कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी भी शामिल थे, को बताया कि उनका मंत्रालय  एक मजबूत ई-कॉमर्स नीति लाने के लिए जोरदार तैयारी कर रहा है और एफडीआई नीति के तहत एक नया प्रेस नोट 3 भी जल्द ही जारी किया जायेगा जिसमें प्रेस नोट 2 के प्रावधानों का उल्लंघन करने जैसे सभी रास्तों को बंद किया जाएगा। बैठक में वाणिज्य मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के लगभग एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया।


23-Jan-2021 4:01 PM 28

रायपुर, 23 जनवरी।  उत्तरी अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन / ग्लोबल छत्तीसगढ़ एनआरआई समुदाय के कार्यकारी अध्यक्ष गणेश कर ने बताया कि नाचा की स्थापना 2017 में हुई थी। तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ की विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उत्तरी अमेरिका के विभिन्न हिस्सों और दुनिया के अन्य हिस्सों में कई सभाएं और पहल की हैं। अब तक की मेजबानी की गई। 2021 में छत्तीसगढ़ी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने एक दृष्टि जोड़ी है।  छत्तीसकोश परियोजना को किक-ऑफ करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस परियोजना को 2021-22 में व्यापक योजनाओं और मील के पत्थर के साथ तय समय में घोषित किया जाएगा।

श्री कर ने बताया कि हम इस स्थिति को देने के लिए परियोजना शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हैं कि इसे अभी तक अस्वीकार कर दिया गया है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था कि छत्तीसगढ़ी भाषा को अब संविधान की 8 वीं अनुसूची में नहीं जोड़ा गया है। हालांकि नाचा को लगता है कि संगठन इस भाषा को संविधान की 8 वीं अनुसूची के दायरे में लाने के लिए आवश्यक पहल कर सकता है। इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, एक कार्य समिति की जल्द ही घोषणा की जाएगी, इस उम्मीद के साथ कि कामकाजी टीम अन्य समुदाय के नेताओं के साथ मिलकर इस परियोजना को बड़ी सफलता देगी।

श्री गणेश ने यह भी कहा कि आज तकनीक बहुत तेजी से मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और बहुत कुछ के माध्यम से आगे बढ़ रही है, सीधे संचार कौशल में सुधार कर रही है उदाहरण स्पीच टू टेक्स्ट जहां सिस्टम एक भाषा को किसी भी अन्य क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में परिवर्तित कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा ऐसी प्रौद्योगिकी का लाभ उठा सकती है, जैसा कि कई अन्य भाषाओं में पहले से ही उल्लेख किया गया है। इस संबंध में, टीम सहयोग के लिए कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की पहल से छत्तीसगढ़ी भाषा को अन्य क्षेत्रीय या देश की भाषा के समान दर्जा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।


22-Jan-2021 7:42 PM 18

नई दिल्ली, 22 जनवरी | दक्षिण कोरियाई तकनीकी दिग्गज एलजी ने शुक्रवार को भारत में अपना एलजी के42 स्मार्टफोन लॉन्च किया। हाल ही में ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिनमें दावा किया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एलजी जल्द ही मोबाइल फोन कारोबार से हाथ खींच सकती है। ऐसी आशंकाओं के बीच कंपनी ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन लॉन्च किया है।

स्मार्टफोन एक्सक्लूसिव तौर पर फ्लिपकार्ट पर 26 जनवरी से बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगा, जिसकी कीमत दो साल की एक्सटेंडेड वारंटी और फ्री वन-टाइम स्क्रीन रिप्लेसमेंट के साथ 10,990 रुपये रखी गई है।

एलजी इंडिया के बिजनेस हेड अद्वैत वैद्य ने अपने एक बयान में कहा, "हमें विश्वास है कि के42 श्रेणी में एक गेम-चेंजर साबित होगा और अपने उपभोक्ताओं को एक उन्नत अनुभव प्रदान करेगा। हम मेक इन इंडिया के विजन से दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं और एलजी के42 मेड इन इंडिया (भारत में निर्मित) होगा।"

कंपनी के अनुसार, एलजी के42 ने अपने टिकाऊपन (डुराबिलिटी) को मजबूत साबित करने के लिए 810 जी टेस्ट पास किया है। के42 के टिकाऊपन को सख्त अमेरिकी सैन्य मानक परीक्षणों द्वारा सत्यापित किया गया है।

यह स्मार्टफोन अमेरिकी सेना के रक्षा मानक की नौ श्रेणियों पर खरा उतरता है, जिसमें उच्च तापमान, कम तापमान, तापमान शॉक, कंपन, शॉक और आद्रता शामिल है।

एलजी के42 एक बेहतरीन डिजाइन के साथ 6.6 इंच एचडी प्लस डिस्प्ले से लैस है, जिसमें यूजर्स को शानदार व्यूइंग एक्सपीरियंस (डिस्पले पर तस्वीर या वीडियो का अनुभव) मिलेगा।

यह मीडियाटेक के हेलियो पी 23 प्रोसेसर द्वारा संचालित है, जिसमें तीन जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज दी गई है।

स्मार्टफोन में क्वाड-कैमरा सेटअप, 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और पांच मेगापिक्सल का सुपर वाइड एंगल लेंस भी दिया गया है, जो व्यापक दृश्यों (वाइडर सीनरी) को कैप्चर कर सकता है। स्मार्टफोन के कैमरा में बिना जूम किए एक जीवंत तस्वीर खींचने की क्षमता है, क्योंकि इसमें दो मेगापिक्सल का डेप्थ कैमरा और दो मेगापिक्सल का मैक्रो कैमरा सैटअप भी है।

स्मार्टफोन में बेहतरीन सेल्फी के लिए आठ मेगापिक्सल का सेल्फी फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

यह डिवाइस 4000 एमएएच की बैटरी के साथ पेश किया गया है, जिसमें साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा भी दी गई है।  (आईएएनएस)

 


22-Jan-2021 4:20 PM 26

रायपुर। ईटी पनाश अचीवर्स में छत्तीसगढ़ से दर्शन साँखला को मिली सराहना मुम्बई होटल मैरियट में आयोजित टाइम्स इंटरैक्ट कॉन्क्लेव में देश भर से 40 शख्सियत ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में बॉलीवुड के साथ साथ व्यापार जगत की भी हस्तियां पहुची। दर्शन साँखला को वर्सोवा मुम्बई विधायक डॉ भारती लावेकर ने सम्मानित भी किया। वही सिने अभिनेता दलीप ताहिल ने भी दर्शन की खूब सराहना की एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


22-Jan-2021 2:04 PM 32

रायपुर, 22 जनवरी। अविनाश ग्रुप के प्रबंध  संचालक  आनंद सिंघानिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ की सबसे विस्वसनीय रियल एस्टेट कंपनी अविनाश ग्रुप अपने मेगा टाउनशिप प्रोजेक्ट अविनाश ट्विनसिटी का यह प्रोजेक्ट  रायपुर भिलाई के मध्य, कुम्हारी मे टोल प्लाजा पर नेशनल हाईवे 53 से लगी हुई है। अविनाश ट्विनसिटी में सिगंलैक्स (स्वतंत्र मकान)शीघ्र लॉच किया जा रहा है।

श्री सिंघानिया ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अपने आप मे विशेष है  रायपुर और भिलाई के मध्य स्थित इस प्रोजेक्ट मे रहने वालो को जहां एक तरफ रायपुर शहर की फास्ट लाइफटाइल की सुविधा मिलेगी तो वही दूसरी ओर एजुकेशन हब भिलाई के भी नजदीक है।  यहां रहने वाले वर्किंग प्रोफेसनल, बिसनेस मैन, अर्धशासकीय सेवा करने वालों को जहां रायपुर और नया रायपुर जाने मे सुविधा होगी तो वहीं बच्चों की पढ़ाई के लिए भिलाई में स्थित प्रतिष्ठित संस्थान जैसे आईआईटी, इंजीनियरिंग कालेज और स्कूल मौजूद है। नेशनल हाईवे और ट्रेन कनेक्टिविटी से  जुड़ा हुआ ये प्रोजेक्ट प्रस्तावित मेट्रो के पास ही है। प्रदेश शासन की ओर से प्रस्तावित खारुन रिवर फ्रंट परियोजना का  भी लाभ यहां निवास कर रहे रहवासियों को मिलेगा।

श्री सिंघानिया ने बताया कि प्रोजेक्ट से करीबी, रायपुर रेलवे स्टेशन की दुरी जहा मात्र 11 किलोमीटर है तो वही विश्वस्तर की सुविधा वाला एम्स हॉस्पिटल 5 किलोमीटर की दुरी पर है. इस प्रोजेक्ट से एक तरफ रायपुर एअरपोर्ट और दूसरी ओर भिलाई इस्पात सयंत्र तक की दुरी मात्र 30 मिनट मे तय की जा सकती है  अविनाश ट्विनसिटी प्रोजेक्ट के लोकेशन से मात्र सिर्फ  कुछ ही मिनटों मे स्कूल, कालेज, सुपरमार्केट , फनपार्क जाया जा सकता है।


22-Jan-2021 2:02 PM 52

रायपुर, 22 जनवरी। कोर्टयार्ड बाय मैरियट जनरल मैनेजर रजनीश कुमार ने बताया कि मल्टी कुजिन रेस्टारेंट मोमो कैफे अगले 10 दिनों तक देश के विभिन्न राज्यों के चटखारेदार स्ट्रीट फूड के तडक़ों से महकेगा। शहर के फूड लवर्स के लिए यहां 22 से 31 जनवरी तक शाम 7 से रात 11 बजे तक स्ट्रीट फूड फेस्टीवल का आयोजन किया जायेगा। इस फूड फेस्टीवल में सोया कीमा कुलचे से लेकर मिथिला के लिट्टी चोखा तक सैकड़ों टेस्टी डिशेज चखने को मिलेंगी। इस दौरान यहां परांठा वाली गली, काके दा ढाबा, कोलकाता रोल काउंटर, अन्ना की टपरी तथा सूरत का चीला जैसे लाइव काउंटर भी लगाये जाएंगे।

श्री कुमार ने बताया कि दुनिया के किसी भी फूड कल्चर की ताकत का अंदाजा वहां के स्ट्रीट फूड से बहुत आसानी से लगाया जा सकता है। भारत इस कल्चर में बहुत समृद्ध है। हम इस फूड फेस्टिवल का आयोजन करके बहुत उत्साहित हैं, क्योंकि इस फेस्ट के जरिए हम अपने गेस्ट्स को देशभर के बेसिक कुजिन और यहां की गलियों में मिलने वाले लाजवाब स्वाद से रूबरू कराएंगे। यह निश्चित रूप से हमारे गेस्ट्स के लिए एक शानदार व यादगार अनुभव रहेगा। इसके साथ ही इन दस दिनों में फेस्ट के दौरान डाइनिंग एरिया को भी स्ट्रीट लुक दिया जा रहा है जो कि मेहमानों का एक्सपीरियंस बढ़ाएगा।

एक्जीकिटिव शेफ अनुज सिंह ने बताया कि इस फेस्टिवल में अलग-अलग राज्यों की मोस्ट पॉपुलर स्ट्रीट कुजिन को होटल के एक्सपर्ट शेफ्स तैयार कर रहे हैं। हर राज्य की पहचान मानी जाने वाली स्ट्रीट डिशेज को इस फेस्ट में शामिल किया गया है। इसमें कीमा परांठा, स्प्राउट्स परांठा, काठी व पनीर चिकन रोल, लस्सी व छाछ, अप्पम स्ट्यू, कांजीवरम इडली, पूरी मसाला डोसा तथा बेसन के चीले आदि शामिल हैं।


22-Jan-2021 1:59 PM 24

रायपुर, 22 जनवरी। समता कॉलोनी निवासी हितेश मित्तल ने बताया कि राजकुमार कॉलेज में सातवीं कक्षा में अध्ययनरत उनकी बेटी एंजल मित्तल ने हाल ही में 79 एयरलाइन कंपनियों के लोगो एक मिनट में पहचान कर एशिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स में नाम दर्ज करा लिया है। इसके पहले का दुबई के एक बच्चे का एक मिनट में 42 लोगो पहचानने का रिकॉर्ड था। यह रिकॉर्ड कायम करने वाली एंजल छत्तीसगढ़ की पहली बच्ची बन गई है। रिकॉर्ड कायम करने की तारीख 15 जनवरी 2021 और समय दोपहर 3 बजे है। श्री मित्तल ने यह भी बताया कि उनके पूरे परिवार को इस उपलब्धि के लिए एंजल पर गर्व है।


22-Jan-2021 12:08 PM 27

-निधि राय

एयर इंडिया उन कुछ मुख्य सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) में से एक है जिसे सरकार साल 2001 से बेचने की कोशिशें कर रही है. इस सरकारी विमानन कंपनी को बेचने के लिए सरकार अब तक इकलौता ख़रीदार भी नहीं ढूंढ पाई है.

एयर इंडिया इस समय अच्छी-ख़ासी मात्रा में क़र्ज़ में डूबी हुई है. साल 2018-19 में एयर इंडिया की सभी देनदारियां 70,686.6 करोड़ से ऊपर थीं.

घरेलू उड़ान कंपनी इंडियन एयरलाइंस के साथ 2007 में विलय के बाद भी यह कंपनी घाटे में चल रही है.

2018 में सरकार इस एयरलाइन को दोबारा बेचने के लिए लेकर आई लेकिन इस बार भी उसको इसमें सफलता नहीं मिली क्योंकि सरकार इसकी 24 फ़ीसदी हिस्सेदारी अपने पास रखना चाहती थी. इस कारण से कई निवेशकों ने इसको ख़रीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई.

आख़िरकार जनवरी 2020 में सरकार ने घोषणा कर दी कि वह क़र्ज़ के भारी बोझ में दबी इस अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनी की पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार है.

टाटा को ख़रीदने में है दिलचस्पी
हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार को कई ख़रीदारों ने इसे ख़रीदने में रूचि दिखाई है, जिनको चुनकर उन्हें प्रस्ताव भेजने को कहा जाएगा जिसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसको ख़रीदने में सिर्फ़ दो पक्षों की रूचि है. पहला टाटा सन्स की और दूसरा एयर इंडिया के कर्मचारी और अमेरिकी निवेश कंपनी इंटरप्स मिलकर इसको ख़रीदना चाहते हैं.

हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस वित्त वर्ष के अंत यानी मार्च तक एयर इंडिया को ख़रीदार नहीं मिल पाएगा.

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चार्टर फ़्लाइट की सेवा देने वाले क्लब वन एयर के चीफ़ एग्ज़िक्युटिव (टेक्निकल) कर्नल संजय जुल्का बीबीसी से बातचीत में कहते हैं, "यह साफ़ है कि यूपीए और एनडीए सरकारें विनिवेश को लेकर जो शर्तें लेकर आई थीं उनमें ख़ामियां रही हैं. वे अपने सलाहकारों पर भरोसा करते रहे हैं और भावी बोलीदाताओं को उन्होंने सुना नहीं. इसकी वजह से इस कंपनी के विनिवेश की प्रक्रिया इतनी लंबी चलती आई है जिसको पहले ही ठीक से किया जा सकता था."

दक्षिण एशिया के लिए विमानन परामर्शदाता कंपनी सेंटर फ़ॉर एशिया पैसिफ़िक एविएशन के सीईओ कपिल कौल को उम्मीद है कि एक सफल बोलीदाता की घोषणा जून तक हो जाएगी और दिसंबर तक निजी स्वामित्व का हस्तांतरण हो जाएगा.

कपिल कौल बीबीसी से कहते हैं, "वे रणनीतिक रूप से इसको लेकर दृढ़ हैं और मुझे लगता है कि इस बार वे इसको बेचने में सफल होंगे. उन्होंने कई क़र्ज़ों के बारे में ख़याल रखा है और उन्होंने इसको भी स्वीकार किया है कि बोली उद्यम मूल्य पर होगी."

भारत की विफल विनिवेश रणनीति?
यह सिर्फ़ एयर इंडिया ही नहीं है जिसके ख़रीदार को ढूंढने के लिए सरकार को इतनी मेहनत करनी पड़ रही है बल्कि भारत की विनिवेश योजना ही एक फ़्लॉप शो की तरह रही है. बीते 12 सालों में सरकार अपने विनिवेश लक्ष्य को सिर्फ़ दो बार ही पूरा कर पाई है.

विनिवेश एक प्रक्रिया है जिसमें सरकार अपने नियंत्रण वाली सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) की संपत्ति बेचकर अपने फ़ंड्स को बढ़ाती है. सरकारें यह अपने ख़र्चे और आय के बीच अंतर को कम करने के लिए करती हैं.

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पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार अपना लक्ष्य पूरा करने में 14,700 करोड़ रुपये से चूक गई जबकि उस साल लक्ष्य 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का था.

एक विश्लेषक अपना नाम न सार्वजनिक करने की शर्त पर कहते हैं, "अधिकतर पीएसयू का ख़राब प्रबंधन है और उनमें सरकारी दख़ल बहुत अधिक है. जो निवेशक इसमें निवेश को लेकर उत्सुक भी हैं वे इस कारण उन्हें मुश्किल मान लेते हैं. उन्हें इन इकाइयों को पूरा बेचना होगा."

31 मार्च को वित्त वर्ष 2020-21 समाप्त हो रहा है और सरकार ने इस साल का लक्ष्य 2.1 लाख करोड़ रुपये का रखा हुआ है जिसमें से वह 28,298.26 करोड़ रुपये ही जुटा पाई है.

डिपार्टमेंट ऑफ़ इन्वेस्टमेंट ऐंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट के डाटा के अनुसार, सरकार अब तक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, भारत डायनेमिक्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और आईआरसीटीसी में अपनी हिस्सेदार का विनिवेश कर चुकी है.

पिछले साल जुलाई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23 पीएसयू को बेचने की अनुमति दे दी है. उनमें से कुछ कंपनियां भारत पंप्स एंड कम्प्रेसर, सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया, हिंदुस्तान फ़्लोरोकार्बन, भारत अर्थ मूवर्स और पवन हंस हैं.

सरकार की योजना पब्लिक लिस्टिंग कंपनी जीवन बीमा निगम (एलआइसी) के विनिवेश की भी है. इसके साथ ही लिस्टिंग और आइडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बेचकर 90,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की भी योजना है.

अजीबो-ग़रीब लक्ष्य
वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉक्टर अरुण कुमार का मानना है कि यह लक्ष्य अपने आप में अवास्तविक हैं और सुस्त अर्थव्यवस्था समस्याओं को बढ़ा रही हैं.

वे कहते हैं, "सुस्त अर्थव्यवस्था के कारण सरकार पिछले साल अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाई थी. सुस्त अर्थव्यवस्था में संपत्तियां बेचना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि जो इन्हें ख़रीदना चाहते हैं उनके पास आय नहीं होती है."

वे कहते हैं कि "बजट में राजकोषीय घाटा नाटकीय रूप से बढ़ रहा है जो कि सरकारी ख़र्च पर गंभीर असर डालेगा."

सरकार की कुल आय और ख़र्च के बीच के अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है.

क्या सरकार इस अंतर को किसी भी तरह से भर सकती है? इस सवाल पर डॉक्टर अरुण कुमार कहते हैं, "वे इस अंतर को नहीं भर सकते हैं. वे कॉर्पोरेट टैक्स नहीं बढ़ा सकते हैं. उन्होंने पिछले साल इसे कम किया है. आयकर का संग्रह वैसे ही बेहद कम है क्योंकि महामारी के दौरान कई लोगों ने अपनी नौकरियों को खोया है. अप्रत्यक्ष करों को भी बढ़ाया नहीं जा सकता है क्योंकि यह जीएसटी काउंसिल के पास जाएगा और राज्य इस पर सहमत नहीं होंगे क्योंकि इससे महंगाई पर असर पड़ेगा."

"वे अपने ख़र्चों को कम कर देंगे जिससे अर्थव्यवस्था सुस्त रहेगी क्योंकि सरकार ख़र्च करके अर्थव्यवस्था को धकेलना नहीं चाहती है, इस कारण माँग भी नहीं बढ़ेगी."

राजकोषीय घाटे को पाट पाना फ़िलहाल मुश्किल
केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनविस डॉक्टर अरुण कुमार की बात से सहमति जताते हुए कहते हैं कि यह असंभव है कि सरकार एयर इंडिया या बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) को इस वित्त वर्ष में बेच पाने में सफल होगी.

"वे एयर इंडिया को बजट के बाद भी बेचने में सफल नहीं होंगे और मार्च से पहले तो बेच ही नहीं पाएंगे. यह बहुत मुश्किल मामला है क्योंकि यह घाटे की कंपनी है और बीपीसीएल से काफ़ी अलग है. बीपीसीएल अभी भी लाभ देने वाली कंपनी है, बावजूद इसके उसे भी बेच पाने में सफलता नहीं मिली है."

सबनविस बीबीसी से कहते हैं, "विनिवेश का लक्ष्य यथार्थवादी नहीं है. सरकार के पास कभी भी ठोस योजना नहीं होती कि वह किस कंपनी से क्या चाहती है. उन्हें लक्ष्य को 50-80 हज़ार करोड़ रुपये में बदल देना चाहिए जो कि प्राप्त किया जाना संभव है."

वे कहते हैं, "इस साल वे राजकोषीय घाटे को पाटने का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सके. वे बाज़ार से अधिक उधार लेंगे. हम राजकोषीय घाटे के अंतर को पाटने के लक्ष्य को तब तक पूरा नहीं कर पाएंगे जब तक कि सरकार अधिक वास्तविक विनिवेश की योजनाओं को नहीं ले आती." (bbc.com)


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