कारोबार

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Date : 08-Apr-2020

रायपुर, 8 अप्रैल। कोरोना वायरस का संक्रमण एक महामारी के रूप में पूरे राज्यों में फैल रहा है। इसके संक्रमण को रोकने हेतु राज्य में कई मेडिकल सेवाएं बंद कर दी गई है। ऐसे में रामकृष्ण केअर हॉस्पिटल इस लॉक डाउन के चलते सभी आपातकालीन एवं गंभीर असाध्य रोगों के लिए सम्पूर्ण मेडिकल सुविधाएं दे रहा है। मरीज़ों का स्वास्थ्य उनकी  प्राथमिकता है। इसलिए इस लॉकडाउन अवधि में भी सभी रोगियों  का इलाज कर रहे हैं। 

केअर हॉस्पिटल  राज्य का पहला हॉस्पिटल है जहां संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों के लिए अलग-अलग क्षेत्र हैं। अस्पताल सभी प्रकार के आपातकालीन एवम असाध्य रोगों के इलाज के लिए 24 घंटे प्रतिबद्ध है और किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में 24 घंटे नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध है। हार्ट अटैक, सिने में तेज़ दर्द, पेट में तेज दर्द, मस्तिष्क में तेज़ दर्द , तेज बुखार, लकवा, ब्रेन स्ट्रोक, खून की उलटी होना, एक्सीडेंट   आदि आपातकालीन स्थिति है जिसमे मरीज को तुरंत इलाज की आव्यशकता होती है ऐसे आपातकालीन स्थिति के इलाज के लिए हॉस्पिटल  24 घंटे प्रतिबद्ध है और नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवाएं भी दे रहा है। 
मरीजों को  संक्रमण से सुरक्षित रखने हेतु कोविड19 के लक्षण पाये जाने वाले सभी लोगों के लिए अलग मेडिकल सुविधाएं रखी गई है ताकि वे अन्य लोग  संपर्क में ना आए। हॉस्पिटल सभी मरीज़ों को सर्वश्रेष्ठ सेवाएं देना चाहते है इसलिए ऑनलाइन वीडियो परामर्श जैसी सेवाएं दे रहे है जिसमे लोग घर बैठे विडियो द्वारा डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे। रामकृष्ण केअर हॉस्पिटल हर वक्त अपने मरीजों  के साथ है और उन के लिए सर्वश्रेष्ठ सेवाएं देने के लिए  हमेशा तत्पर रहेगा। रामकृष्णा केअर हॉस्पिटल हर  वक्त  आपके साथ है किसी भी आपातकालीन स्थिति में कॉल करे 1800 843 0000.

 


Date : 08-Apr-2020

बैंगलोर, 8 अप्रैल। कोविड-19 और उसके बाद देश भर में हुए लॉकडाउन के प्रभावों का मुकाबला करने के अपने दृढ़निश्चय वाले प्रयासों के तहत टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने डीलर सपोर्ट पैकेज - ‘कोविड पैकेज’ की घोषणा की। यह इसके सहयोगियों के लिए है ताकि उनके हितों की रक्षा और इसमें उनकी सहायता की जा सके। यह अनूठा पैकेज डीलर पार्टनर्स को आवश्यक सहायता मुहैया कराएगा ताकि लॉकडाउन की अवधि का सामना किया जा सके और अनिश्चितता के इस समय में उनकी सुरक्षा और सलामती सुनिश्चित हो सके।   
कोविड पैकेज नाम के डीलर सपोर्ट पैकेज को डिजाइन करने से पहले प्रत्येक डीलरशिप की खासतौर से तैयार की गई आंतरिक प्रक्रिया और निश्चित खर्चों का सतर्क मूल्यांकन किया गया है और इस तरह उन्हें अधिकतम लाभ का उपयोग करने दिया गया है। इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य तरलता सुनिश्चित करना है ताकि कारोबार लॉकडाउन को अच्छी तरह झेल सकें और इस तरह 38 से 75 दिन तक डीलर पार्टनर की रक्षा की जा सके। यह भिन्न डीलर के अपने संपूर्ण खर्चों पर निर्भर करेगा। इसके लिए नकद प्रवाह की सहायता दी जाएगी जिससे वे इस मुश्किल समय में अपना काम चला सकेंगे। 
कोविड पैकेज की रेंज में किसी भी डीलर के दावे का तत्काल निपटान से लेकर डीलर के स्टॉक के वाहनों के लिए इनवेंट्री ब्याज, स्पेयर पार्ट्स का भुगतान टालना और कई अन्य सहायता शामिल है। इसके अलावा, टीकेएम अपने फाइनेंस पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा ताकि इस मुश्किल समय में इनवेंट्री फंडिंग के ब्याज में एक बार कटौती की जा सके। 
इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नवीन सोनी ने कहा, टोयोटा में हमारा मानना है कि हमारे स्टेकधारक, डीलर पार्टनर और उनके कर्मचारी सबसे महत्वपूर्ण हैं और उनकी सुरक्षा तथा सलामती हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इस महामारी ने देश भर में हमारी सभी डीलरशिप को आर्थिक रूप से प्रभावित किया है क्योंकि नकद प्रवाह शून्य हो गया है। सरकार ने ऋण/शुल्क स्थगन समेत कई राहत उपायों की घोषणा की है। हमलोगों ने डीलरशिप के निश्चित खर्चों का भी अध्ययन किया है और एक राहत पैकेज पेश किया है जिसका नाम कोविड पैकेज रखा है। इसका मकसद नकद प्रवाह को बेहतर करने के लिए तरलता को बनाए रखना है। हमलोग उम्मीद करते हैं कि इस संकट से मिलकर मजबूत होकर उभरेंगे।
टीकेएम कोरोना की शुरुआत के इन प्रभावों से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाता रहा है। निर्णय लेने में स्टेक धारकों की सुरक्षा और संरक्षा का मुख्य रूप से ख्याल रखा गया है। टीकेएम सरकार द्वारा किए गए उपायों की प्रशंसा करता है और उनका समर्थन करना जारी रखेगा। संकट से निपटने के लिए वह प्रभावशाली पहल करता रहेगा। 

 


Date : 08-Apr-2020

मैट्स द्वारा लॉकडाउन में ली जा रहीं ऑनलाइन कक्षाएं

रायपुर, 8 अप्रैल। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से लॉकडाउन के दौरान मैट्स विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की शैक्षणिक हानि को दूर करने के लिए अभिनव पहल की जा रही है। विश्वविद्यालय सभी पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन कक्षाएँ संचालित कर रहा है। साथ ही विद्यार्थियों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करने एवं स्वस्थ रहने का संदेश भी दिया जा रहा है। डिजिटल रूप  से पाठ्यक्रम की सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मैट्स विश्वविद्यालय के कुलसचिव गोकुलानंदा पंडा ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  गजराज पगारिया एवं महानिदेशक प्रियेश पगारिया के मार्गदर्शन में सभी पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन कक्षाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाओं के लिए प्राध्यापकों द्वारा विशेष शैड्यूल तैयार किया गया है। प्राध्यापक जूम, गूगल क्लासरूम सहित विभिन्न ई-लर्निंग संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को पंजीकृत कर ऑनलाइन कक्षाएँ संचालित कर रहे हैं। सभी विद्यार्थियों को आडियो-वीडियो, पीडीएफ में नोट्स उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे उनकी पढ़ाई में किसी तरह की बाधा न आए। सभी विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार के नियमों का पालन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। विषय विशेषज्ञों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने एवं फिटनेस के टिप्स भी दिये जा रहे हैं।

 कुलसचिव गोकुलानंदा पंडा ने बताया कि कुलाधिपति गजराज पगारिया, उपकुलपति डॉ. दीपिका ढांढ एवं महानिदेशक प्रियेश पगारिया द्वारा ई-लर्निग प्रक्रिया की प्रतिदिन समीक्षा कर उन सभी प्राध्यापकों के प्रयासों को सराहनीय बताया है जो विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षतिपूर्ति हेतु लॉकडाउन के दौरान नियमित रूप से सभी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।

 


Date : 07-Apr-2020

पीएम केयर्स फंड में भारत  सरकार के पीएसयू द्वारा किए गए बड़े सहयोग में से एक

हैदराबाद, 7 अप्रैल। एनएमडीसी सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न खनन कंपनी है। कंपनी ने घोषणा की कि वह  कोविड.19 के विरुद्ध लडाई में रुपए 150 करोड का योगदान पीएमकेयर्स फंड में करेगी। यह घोषणा एन बैजेंद्र कुमार, आईएएस, सीएमडी, एनएमडीसी ने ट्व्वीट करके दी।

यह देश के पीएसयू कंपनियों द्वारा कोरोना के खिलाफ  लडाई में अब तक दी गयी सबसे बडी सहायता में से एक है। एनएमडीसी ने कोरोना वायरस  के प्रसार की रोकथाम के लिए पहले ही मुख्यालय, संयंत्रों तथा कार्यालयों में अपने कर्मचारियों तथा उनके परिवार के लिए विभिन्न निवारक उपाय किए हैं। एनएमडीसी के प्रचालन देश के दूरस्थ भागों में संचालित हो रहे हैं। कंपनी ने अपनी परियोजनाओं तथा उप नगरों के समीपवर्ती गावों तथा बस्तियों में भी कोरोना वायरस से लडऩे के लिए अनेक उपाय किए हैं।

एन बैजेन्द्र कुमार ने कहा कि नोवल करोना वायरस हमारे देश के समक्ष सबसे बडी चुनौतियों में से एक है एवं इसका प्रभाव बहुत घातक है। एनएमडीसी देश की जरूरत के समय सदैव सबसे आगे रहा है। आज की सबसे बडी आवश्यकता एकजुट रहकर भारत सरकार के हाथ मजबूत करने की है। हम सब एकजुट होकर इस महामारी को अवश्य हराएंगे। 

 


Date : 06-Apr-2020

मुख्यमंत्री राहत कोष में 2,50,000 का दान

रायपुर, 6 अप्रैल। कोविड 19 के खिलाफ लडऩे के लिए रणनीत तलवार, (पुत्र) दीपक तलवार (राजू ढाबा) ने अपने जन्मदिन 4 अप्रैल को मुख्यमंत्री राहत कोष में 2,50,000 देने का संकल्प लिया है। मैं इस दिन को चुनकर आगे आने के लिए और अपनी व्यक्तिगत बचत से एक छोटी राशि दान करके, अपने समाज के लोगों के लिए, जिन्हें महामारी की इस महत्वपूर्ण घड़ी में जरूरत है, मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने के लिए आग्रह करूंगा। सभी युवाओं से मेरा अनुरोध है कि वे एक स्टैंड लें और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए एकजुट हों।

 


Date : 06-Apr-2020

रायपुर, 6 अप्रैल। सभी राज्यो में कोरोना वायरस एक महामारी के रूप में फैल रहा है, इसे हराने के लिए थोड़ी सावधानी और विशेष तैयारी की ज़रूरत है। इसलिए रामकृष्ण केअर हॉस्पिटल द्वारा इस कोरोना वायरस के संक्रमण को हराने के लिए विशेष तैयारी की गई है। साथ ही अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध है।

’3 लेवल स्क्रीनिंग’ हॉस्पिटल में प्रवेश करने वाले सभी लोगो के लिए 3 लेवल स्क्रीनिंग की सुविधा रखी गई है। जिसमे मरीज, अटेंडर और हॉस्पिटल के कर्मचारी शामिल है। हॉस्पिटल के प्रवेश द्वार में ही कोरोना स्कैनिंग प्रशनवाल, टेम्परेचर चेक और सेनिटाइजर रखा गया है। इसके बाद ही लोगो को प्रवेश दिया जा रहा है।’आइसोलेशन वार्ड’ कोविड 19 संक्रमण होने की आशंका वाले सभी लोगों के लिए आइसोलेशन (अलगाव) की सुविधा उपलब्ध है।

’व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण’ कर्मचारियों,मरीज़ों और अटेंडर के लिए मास्क, दस्ताने आदि उपयोग के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डॉक्टर्स और टीम के साथ स्टॉफ  की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस के लिए उन्हें बॉडी कवरए मास्कए चश्मेए सेनिटाइजर आदि उपलब्ध कराया गया है

’संक्रमण रोकथाम नीतियां’ हॉस्पिटल में संक्रमण रोकथाम के लिए विशेष नीतियां बनाई गई है, जिनका नियमित रूप से पालन एवं पुर्नमूल्यांकन किया जा रहा है।प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। आउट एवं इन पेशेंट्स दोनों क्षेत्रो में मरीजो के साथ आने वाले परिजनों के प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है

’विशेष शिक्षा सत्र’ संक्रमण रोकथाम और अलगाव के तकनिकों पर जानकारी देने हेतु कर्मचारियों और मरीज़ों के किए नियमित रूप से विशेष शिक्षा सत्र आयोजित किए जा रहे है।

’कोरोना काउंसलिंग नंबर’ हॉस्पिटल द्वारा 7470900900 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है जिसमे लोग  कोरोना से जुड़े कुछ  भी सवाल कर सकते है हॉस्पिटल के डॉक्टर्स 24’7  जवाब देने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

’आपातकालीन चिकितसा’ अस्पताल सभी प्रकार के आपातकालीन एवम असाध्य रोगों जैसे हार्ट अटैकए स्ट्रोकए लकवाए तेज़ बुखार आदि के इलाज के लिए 24’7 प्रतिबद्ध है

’नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवाएं’ किसी भी मेडिकल इमरजेंसी एवं असाध्य रोगों के लिए रायपुर में निशुल्क एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध है। ऑनलाइन  ओपीडी वीडियो परामर्श’ लोग घर से बहार नही निकल पा रहे है इसलिए हॉस्पिटल द्वारा ऑनलाइन ओपीडी वीडियो परामर्श सेवा शुरू किया गया जिसमे लोग घर बैठे वीडियो द्वारा डॉक्टर से परामर्श ले सकते है। इस प्रकार की विशेष तैयारी कर एवं अत्याधुनिक सुविधाएं के माध्यम से रामकृष्ण केअर हॉस्पिटल ने अपने मरीज़ों के स्वास्थ्य का ख्याल रख यह बताया है की मरीज़ों का स्वास्थ्य ही उनकी प्राथमिकता है और उनको सर्वश्रेष्ठ सेवाएं देने के लिए  हमेशा तत्पर रहेगा।


Date : 06-Apr-2020

रायपुर, 6 अप्रैल। कोविड 19 (कोरोना वायरस) के रोकथाम एवं उपचार हेतु पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने अपने विधायक निधि से 51 लाख रुपये तथा व्यक्तिगत रूप से 1 लाख का योगदान दिया है। श्री अग्रवाल ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण हेतु मुख्यमंत्री सहायता कोष में 21 लाख रुपये,इस संक्रमण के उपचार एवं आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु डॉ भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय को 20 लाख रुपये तथा जिला चिकित्सालय को 10  लाख रुपये प्रदान किया है। साथ ही उन्होंने पीएम रिलीफ फंड में व्यक्तिगत रूप से 1 लाख रुपये सहायता राशि प्रदान की है। श्री अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संकट से निपटने के लिए हम सभी को हर संभव यथाशक्ति सहयोग करना चाहिए।


Date : 05-Apr-2020

कर्मचारियों ने भी दिया एक दिन का वेतन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

भिलाईनगर, 5 अप्रैल। फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड ने प्रधानमंत्री राहत कोष में 5 करोड़ दिए, वहीं सभी कर्मचारियों ने भी एक दिन का वेतन दिया है। फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीब भट्टाचार्य ने अपने कर्मचारियों को जारी एक संदेश में कहा है कि, कोविड-19 फैलने की वजह से वर्तमान में पूरा देश एक कठिन दौर से गुजर रहा है और इस जानलेवा वायरस के फैलने को रोकने के लिए भारत सरकार एवं सभी राज्य सरकारों द्वारा समुचित सावधानिया बरती जा रही हैं।

श्री भट्टाचार्य ने संदेश के माध्यम से कहा है कि-कोविड-19 से होने वाली हानियों को कम करने की दिशा में जारी समस्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन हेतु एफएसएनएल कृत संकल्पित है ।

इस्पात मंत्रालय से प्राप्त अनुदेश को ध्यान में रखते हुए एफएसएनएल द्वारा निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व योजना के तहत प्रधान मंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष में पांच करोड़ की अनुदान राशि जमा की गई है। श्री भट्टाचार्य ने बताया कि एफएसएनएल  कर्मचारियों ने इस आपात स्थिति से निपटने के लिए एक दिन के वेतन का अनुदान उपरोक्त कोष में जमा करने हेतु सहर्ष अपनी स्वीकृति दी है।

 


Date : 05-Apr-2020

रायपुर। कॉनफेडरेशन ऑफ आल इंडिय़ा ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बधेल  द्वारा राज्य के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से वीडियों कांन्फ्रेंसिग के माघ्यम से सुझाव मांगे गए गई जिनमें कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी भी शामिल थे ।

चर्चा में कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री  पारवानी ने मुख्यमंत्री  को बताया कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में कोरोना के प्रकोप से उत्पन्न विनाशकारी आपदा को कम करने के लिए उठाये जा रहे कदम से प्रदेश की जनता को बहुत लाभ हुआ है । मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए त्वरित निर्णय से महामारी को प्रदेश में अपना पैर पसारने का अवसर ही नहीं मिला और प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है । साथ ही साथ स्थिति से निपटने के लिए  रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और खाद्यान्न इत्यादि के आबंटन, स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था, एवं समाज के सभी वर्गो के हितार्थ किए गए प्रशासनिक व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी । इन विपरित परिस्थितियों में धौर्य एवं साहसपूर्वक प्रदेश की व्यापारीगण, आमजनता, प्रशासन सभी को विश्वास में लेकर उनका मार्गदर्शन कर स्थिति से निपटने के लिए घर के मुखिया के रूप में लिए गए उपायों के लिए प्रदेश सदैव आपका आभारी रहेगा । हमें यकीन है कि आपके ये उपाय हमारे राज्य में कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद करेंगे।

अपने राज्य के व्यापार व्यवसाय के संबंध में तात्कालिक स्थिति से अवगत कराते हुए श्री पारवानी नें मुख्यमंत्री जी को यह भी बताया कि उनके मार्गदर्शन में सभी व्यवसायी लॉक डाउन का पूरा पालन कर रहें है केवल आवश्यक सेवा संबंधित व्यवसाय ही निर्देशानुसार कार्य कर रहे हैं । किन्तु यह समय में व्यापार व्यवसाय को नुकसान भी हो रहा है ।  छोटे खुदरा व्यवसायी से लेकर उद्योग व्यापार तक सभी पूर्णत: बंद है जिससे लाखों अन्य परिवार भी जुड़े हुए हैं । इन उद्योग व्यापर को नया जीवन देने के लिए, ंइस विषम परिस्थिति में पुन: गति प्रदान करने के लिए आर्थिक पैकेज की आवश्यकता है । 


Date : 05-Apr-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

भिलाई नगर, 5 अप्रैल। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के यूनिवर्सल रेल मिल में कार्मिकों ने रोलिंग, फिनिशिंग व लोडिंग एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करते मॉस्क लगाकर रेल्स उत्पादन के कार्यों को जारी रखा। इसके अतिरिक्त संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेसों, कोक ओवंस बैटरियां सहयोगी विभागों की सहायता से प्रचालन में है तथा स्टील मेल्टिंग शॉप-2 व 3 में भी ब्लूम्स एवं आरएसएम में उत्पादन जारी है।


Date : 05-Apr-2020

रायपुर, 5 अप्रैल। प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए अलग-अलग संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में धन राशि दी जा रही है। इस कड़ी में  प्रदेश के स्पंज आयरन एसोसिएशन ने साढ़े 3 करोड़ से अधिक राशि सहायता कोष में दी है।

एसोसिएशन के चेयरमैन रमेश अग्रवाल ने कहा कि पूरा देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न स्तरों पर इस महामारी से निपटने एवं नियंत्रण के रखने हेतु बहुत महत्वपूर्ण काम उठाए हैं। छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रभावी उपाए किए गए हैं जिसमें प्रदेश में इस महामारी का ज्यादा फैलाव नहीं हुआ। छग काफी अच्छी स्थिति में है। यहां सभी सरकारी एवं सामाजिक संस्थाएं अपने भरपूर प्रयासों से जन सेवा  के महान कार्य में लगे हुए हैं।  उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन के 40 सदस्यों द्वारा लगभग 3.60 करोड़ रूपए था अंशदान मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा किया गया। रायपुर पश्चिम में विधायक विकास उपाध्याय के माध्यम से सभी सदस्यों की सूची एवं चेक जमा किए गए। संस्था के अध्यक्ष रमेश अग्रवाल द्वारा उन्हें सौंपा गया एवं छत्तीसगढ़ में उज्जवल भविष्य की कामना की। इसके अतिरिक्त सभी सदस्य अपने सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से भी विभिन्न सेवा कार्य जैसे की राशन वितरण, फूड पैकेट वितरण, मास्क वितरण आदि कार्य करने में लगे हुए हैं। संस्था के सभी सदस्य संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार के साथ है।

एसोसिएशन चेयरमैन श्री अग्रवाल ने सहायता प्रदान करने वाले उद्योगों की सूची जारी करते हुए बताया कि रियल इस्पात एंड पावर लिमिटेड ने 21 लाख, सिंघल इंटरप्राइजेज ने 21 लाख, व्रज मेटालिक्स ने 5 लाख, एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड ने 11 लाख, संभव स्पंज पावर प्राइवेट लिमिटेड ने 6 लाख, निरोस इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ने 5 लाख, भगवती पावर एंड स्टील लिमिटेड ने 11 लाख, जीआर स्पंज एवं पावर लिमिटेड ने 2 लाख, एनआर स्पंज प्राइवेट लिमिटेड ने 3 लाख, महेंद्र स्पंज एंड पावर लिमिटेड ने 5 लाख, एन आर इस्पात ने 5 लाख, बी एस स्पंज ने 5 लाख, स्काई अलॉयज ने 5 लाख, देवी आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड ने 3 लाख, महामाया एंड ओम स्पंज ने 2.01 लाख, आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड ने 3 लाख, घनकुन स्टील प्राइवेट लिमिटेड ने 2.5 लाख, ड्रोलिया एलेक्ट्रोस्टील्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2 लाख, हाईटेक पावर एंड स्टील लिमिटेड ने 2 लाख, नूतन इस्पात एंड पावर लिमिटेड ने 2 लाख, सुनील स्पंज प्राइवेट लिमिटेड ने 2 लाख, रामा उद्योग लिमिटेड ने 2 लाख, कालिंदी इस्पात ने 1.51 लाख, शिल्पी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1.51 लाख, श्री श्याम स्पंज ने 1 लाख, श्री सीता स्पंज ने 1 लाख, सत्य पावर एंड इस्पात ने 1 लाख, हनुमंत अलॉयज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 1 लाख, श्री हरे कृष्ण स्पंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड ने 1 लाख, वासवानी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 3 लाख, पीडी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 2 लाख, गोपाल स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड ने 2 लाख, अग्रवाल स्पंज प्राइवेट लिमिटेड ने 2 लाख, फिल इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ने 2 लाख, बासुदेव ट्रेड लिंक ने 1 लाख, वंदना ग्लोबल लिमिटेड ने 7 लाख, नाकोड़ा इस्पात ने 5.50 लाख, मंगल स्पंज एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड ने 2 लाख, सारदा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड ने 1 करोड़ और गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड ने 1 करोड़ दिए.

 


Date : 05-Apr-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

भिलाई नगर, 5 अप्रैल। संकट के समय साथ खड़े होने वाले कार्मिकों व अधिकारियों का मुख्य महाप्रबंधक  एम एम गद्रे ने प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

वर्तमान संकट की घड़ी में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल को ए और बी शिफ्ट में चलाने का निर्णय लिया। परंतु नियमित प्रचालन के लिए मिल के प्रत्येक पुलपिट में ऑपरेटरों की व्यवस्था करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। इस चुनौतीपूर्ण समय पर मेकेनिकल व ऑपरेशन के कई कार्मिकों व अधिकारियों ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए पुलपिट ऑपरेट करने हेतु स्वैच्छिक रूप से आगे आए और मिल के रोलिंग को बनाए रखा। इनके इस साहसिक कदम से रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल ने अपने रेल्स के उत्पादन को इस क्रिटिकल समय में भी जारी रख सका। संकट के समय साथ खड़े होने वाले इन जांबाजों का आज मुख्य महाप्रबंधक  एम एम गद्रे ने प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

सम्मानित होने वाले कार्मिकों व अधिकारियों में शामिल हैं-क्रेन ऑपरेटर  प्रदीप कुमार पाठक एवं रामकृष्ण साहू, तकनीशियन (मेकेनिकल)  अभिषेक, प्रबंधक द्वय  अमीयो कुमार घोष, सुनिल कुमार शुक्ला, प्रबंधक (फर्नेस) परमेश्वर लाल कुर्रे, महाप्रबंधक (मेकेनिकल)  विनय कुमार एवं महाप्रबंधक (आरसीएल)  के वी शंकर।


Date : 05-Apr-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 5 अप्रैल।
प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए अलग-अलग संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में धन राशि दी जा रही है। इस कड़ी में  प्रदेश के स्पंज आयरन एसोसिएशन ने साढ़े 3 करोड़ से अधिक राशि सहायता कोष में दी है। 

एसोसिएशन के चेयरमैन रमेश अग्रवाल ने कहा कि पूरा देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न स्तरों पर इस महामारी से निपटने एवं नियंत्रण के रखने हेतु बहुत महत्वपूर्ण काम उठाए हैं। छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रभावी उपाए किए गए हैं जिसमें प्रदेश में इस महामारी का ज्यादा फैलाव नहीं हुआ। छग काफी अच्छी स्थिति में है। यहां सभी सरकारी एवं सामाजिक संस्थाएं अपने भरपूर प्रयासों से जन सेवा  के महान कार्य में लगे हुए हैं। 

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन के 40 सदस्यों द्वारा लगभग 3.60 करोड़ रूपए था अंशदान मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा किया गया। रायपुर पश्चिम में विधायक विकास उपाध्याय के माध्यम से सभी सदस्यों की सूची एवं चेक जमा किए गए। संस्था के अध्यक्ष रमेश अग्रवाल द्वारा उन्हें सौंपा गया एवं छत्तीसगढ़ में उज्जवल भविष्य की कामना की। इसके अतिरिक्त सभी सदस्य अपने सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से भी विभिन्न सेवा कार्य जैसे की राशन वितरण, फूड पैकेट वितरण, मास्क वितरण आदि कार्य करने में लगे हुए हैं। संस्था के सभी सदस्य संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार के साथ है।

जिन स्पंज आयरन ने धनराशि दी है, उनमें   रियल इस्पात 21 लाख, सिंघल इंटरप्राइजेस रायगढ़ 21 लाख, विराज मेटलिक 5 लाख, एसके इस्पात 11 लाख, संभव स्पंज पॉवर 6 लाख, निरोस इस्पात 5 लाख, भगवती पॉवर 11 लाख, जीआर स्पंज 2 लाख, एनआर स्पंज 3 लाख,  महेन्द्रा स्पंज 5 लाख, एनआर इस्पात 5 लाख, बीएस स्पंज रायगढ़ 5 लाख, स्काय एलाय खरसिया 5 लाख, देवी आयरन एवं पॉवर 3 लाख, महामाया-ओम स्पंज 2 लाख, आरती स्पंज एवं पॉवर 3 लाख, घनकुन स्टील ढाई लाख, ड्रोलिया स्टील 2 लाख, हाईटेक पॉवर स्टील 2 लाख, नूतन स्पंज एवं पॉवर 2 लाख, सुनील स्पंज 2 लाख, रामा उद्योग 2 लाख, कालिंदी इस्पात 1 लाख 51 हजार, शिल्पी स्टील 1 लाख 51 हजार, श्री श्याम स्पंज 1 लाख, श्री सीता स्पंज 1 लाख, सत्या पॉवर 1 लाख, हनुमंत एलाय 1 लाख, श्री हरेकृष्ण स्पंज 1 लाख, वैष्णवी इंड्रस्ट्रीज 3 लाख, पीडी इंड्रस्ट्रीज 2 लाख, गोपाल स्पंज 2 लाख, अग्रवाल स्पंज 2 लाख, फिल इस्पात प्रायवेट लिमिटेड 2 लाख, वासुदेव ट्रेड 1 लाख, वंदना ग्लोबल 7 लाख, नकोडा इस्पात 5 लाख 50 हजार, मंगल स्टील इस्पात 2 लाख, सारदा एनर्जी 10 लाख, गोदावरी पॉवर एवं इस्पात 10 लाख शामिल हैं। 


Date : 04-Apr-2020

रायपुर। सिपेट रायपुर की स्थापना सत्र 2015 में छत्तीसगढ़ राज्य के औद्योगिक क्षेत्र, भनपुरी, उरकुरा रेल्वे स्टेशन के पास रायपुर में की गई जिसका सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु विभिन्न प्रकार के दीर्घकालीन एवं लघुकालीन पाठ्यक्रम चलाया जाना है। जिसके अंतर्गत ए.आई.सी.टी.ई.। नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त दीर्घकालिक पाठ्यक्रम जैसे कि पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एण्ड टेस्टिंग डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स टेक्नोलॉजी,  डिप्लोमा इन प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी  जिन पाठ्यक्रमों की अवधि 2वर्ष से 3 वर्ष तक की हैं। इसके अलावा सिपेट रायपुर में बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग पद सें छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध । मान्यता प्राप्त 04 वर्षीय पाठ्क्रम का संचालन किया जाता है।

कोरोना वायरस जैसी खतरनाक बीमारी भारत देश के अलावा विदेशों में अपना एक भयानक रूप ले चुकी है एवं जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई व इससे अभी बहुत अधिक संख्या में संक्रमित हैं। अत: इस खतरनाक बीमारी से बचने के लिए सरकार द्वारा कई आवश्यक कदम उठाये जा रहें जैसे कि भारत देश के 21 दिवस तक लॉकडाउन किया जाना ताकि इससे देश में बढ़ रही बीमारी को कम किया जा सके अथवा इससे सभी देशवासियों को छुटकारा मिल सके।

उपरोक्त के अलावा सरकार द्वारा कई आवश्यक कदम भी उठाये जा रहे हैं जैसे कि लॉकडाउन के समय देश के सभी नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करने पड़े इस हेतु सरकार उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करने में पूर्ण रूप से तत्पर हो रही है। इन सभी बिंदुओं पर ध्यान केन्द्रीत करके सिपेट रायपुर द्वारा आज सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत सभी घरों में, सडक़ों पर चल रहे वाहन चालकों एवं इस बड़ी विपत्ति के समय सडक़ों पर ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को उनकी मूलभूत आवश्यकताओं का वितरण किया गया। इस सामाजिक कार्य में सिपेट रायपुर के ए.के. जोशी, निदेशक एवं प्रमुख, देवेंद्र कुमार नागपुरे, वरि. तकनीकी अधिकारी, सचिन मिश्र, वरि. प्रशासनिक अधिकारी व अन्य कर्मचारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


Date : 02-Apr-2020

कोरोना से खुदरा क्षेत्र को देश में 15 दिनों में 2.5 लाख करोड़ का नुकसान-कैट

रायपुर, 2 अप्रैल। कॉनफेडरेशन ऑफ आल इंडिय़ा ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)  ने मंगलवार को कहा है कि कोरोना महामारी के कारण पिछले 15 दिनों में देश के खुदरा व्यापार में लगभग ढाई लॉक करोड़ के व्यापार का नुक्सान हुआ है ! भारतीय खुदरा व्यापार क्षेत्र में 7 करोड़ छोटे मध्यम  व्यापारी शामिल हैं जो 45 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं! देश के रिटेल बाज़ार में प्रतिदिन लगभग 14 हजार करोड़ का व्यापार होता है जो इस वैश्विक महामारी के कारण व्यापारियों के लिए सबसे कठिन चुनौती है जिसने भारतीय रिटेल व्यापार के पहियों को न जाने कितने समय के लिए रोक दिया है! व्यापारियों की कल्पना से अधिक भयावह स्तिथि है। कोरोना वायरस का स्वस्थ्य पर प्रभाव निश्चित रूप से एक बड़ी समस्या है लेकिन इससे भी बुरी बात यह है कि यह एक अभूतपूर्व आर्थिक नुक्सान का भी जनक है !

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी  ने कहा कि भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था काफी कम प्रभावित है किन्तु फिर भी भारतीय व्यापारियों को इसके लिए बहुत अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी! भारतीय व्यापारियों का लगभग सारा व्यापार पिछले 15 दिनों से लगभग बंद पड़ा है और कारोबारी गतिविधियां पूरी तरह ठप्प पड़ गई हैं! इस विनाशकारी स्थिति का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अधिकांश भारतीय व्यापारियों को स्वास्थ्य कारणों तथा सरकार के निर्देशों का पालन करने हेतु अपनी दुकाने बंद करनी पड़ी है फिर भी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करना पड़ेगा और इसके अलावा किराये, करों और अन्य सरकारी करों को भी देना है! भारत में नकद के परिचालन का ज्यादा होने के कारण लॉकडाउन के बाद भारतीय उपभोक्ताओं की मांग भी काफी कम हुई है क्योंकि उपभोक्ता भी लॉक डाउन के कारण बाजारों में आ नहीं पा रहा है!

श्री पारवानी ने कहा की एक अन्य महत्वपूर्ण कारण यह है कि आयात में भारी गिरावट आई है, जिसके कारण भारतीय व्यापारियों के पास लॉकडाउन उठने के बाद भी बेचने के लिए पर्याप्त माल नहीं हो सकता है। चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप से तैयार माल का आयात जो कोविद-19 के गंभीर प्रभाव में हैं, उन्हें सामान्य होने में अधिक समय लगेगा और इसलिए आयात और आपूर्ति श्रृंखला को पटरी पर लाने में अधिक समय लग सकता है। भारतीय उद्योग जो आयात पर निर्भर हैं कच्चे माल की कमी के कारण फैक्टरियों में उत्पादन भी बिलकुल बंद हो गया है ! शहरी क्षेत्रों के खुदरा बाजारों में श्रमिकों की कमी है क्योंकि बहुत से श्रमिक अपने गाँवों को चले गए हैं।

श्री पारवानी  ने कहा की सरकार ने  ईएमआई को स्थगित कर दिया हो सकता है, लेकिन ब्याज को माफ किए बिना, यह कोई वास्तविक लाभ नहीं होगा। कैट ने सरकार से कर रियायतों, ऋण के लिए सुगम और आसान पहुंच, जीएसटी राइट-ऑफ, छूट और मजदूरी के लिए प्रतिपूर्ति, ब्याज लागत की छूट सहित अन्य मांगों के साथ ठोस कार्रवाई के लिए सरकार से अपील की है।


Date : 02-Apr-2020

सेल-बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेसों ने वित्तवर्ष 2019-20 में दर्ज किये नए रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ संवाददाता

भिलाई नगर, 2 अप्रैल। वित्तवर्ष 2019-20 में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस विभाग ने न केवल अपने नए ब्लास्ट फर्नेस-8 से उत्पादन में कुछ नए मापदंड स्थापित किए हैं, बल्कि सुधार के लिए एक सतत प्रक्रिया के माध्यम से तकनीकी-आर्थिक मापदंडों में महत्वपूर्ण सुधार किया है।

ब्लास्ट फर्नेस-8 ने नए रिकॉर्ड बनाए

 वित्तवर्ष 2019-20 में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र का ब्लास्ट फर्नेस-8 'महामाया’ ने अपने वार्षिक 2.36 मिलियन टन हॉट मेटल का रिकॉर्ड उत्पादन किया है। जो पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 के 1.82 मिलियन टन के उत्पादन से कहीं अधिक है।

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र का सबसे बड़ा ब्लास्ट फर्नेस-8 'महामाया’ ने मार्च, 2020 में 2,19,570 टन सर्वश्रेष्ठ मासिक हॉट मेटल उत्पादन करने की उपलब्धि हासिल की है। इसके पूर्व जनवरी, 2020 में 2,17,278 टन सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन रिकॉर्ड था।  ब्लास्ट फर्नेस-8 एवं अन्य ब्लास्ट फर्नेसों के प्रचालन और रखरखाव कर्मियों तथा सहयोगी विभागों और अन्य सहायक एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों ने उत्पादन और उत्पादकता के रिकॉर्ड बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

 


Date : 02-Apr-2020

सेल-बीएसपी ने 260 मीटर रेल पैनल उत्पादन में 42 और प्राइम रेल के उत्पादन में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

भिलाई नगर, 2 अप्रैल। भारतीय रेल्वे की 260 मीटर लंबे रेल पैनलों की आवश्यकता को पूरा करने पर जोर देते हुए, सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने वित्तवर्ष 2018-19 के मुकाबले, वित्तवर्ष 2019-20 में 260 मीटर लंबे प्राइम रेल पैनल के उत्पादन में 42 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है।

सेल अध्यक्ष  अनिल कुमार चौधरी ने कहा, सेल भारतीय रेलवे की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सेल और भारतीय रेलवे पिछले 60 सालों से मिलकर देश को गति देने का काम कर रहे हैं। हम भारतीय रेल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार रेल का उत्पादन बढ़ा रहे हैं, खासकर लांग रेल का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। सेल की 260 मीटर रेल पैनल से रेल्वे की पटरियों के बीच में वेल्डेड जोड़ों की कम संख्या करने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है, जिससे न केवल सुरक्षा में इजाफा होता है बल्कि स्पीड भी बढ़ती है। इसी अवधि के दौरान, प्राइम रेल के कुल उत्पादन में भी 30 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि हासिल की गई।

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र अपने रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल (आरएसएम) और नई एवं आधुनिक यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) से छ: दशकों से अधिक समय से भारतीय रेलवे के लिए विश्व स्तरीय रेल का उत्पादन कर रहा है, जो दुनिया की सबसे लंबी सिंगल पीस 130 मीटर रेल रोलिंग कर रहा है। आरएसएम और यूआरएम दोनों मिलकर भारतीय रेल को 260 मीटर तक की लंबाई में यूटीएस  90 प्राइम रेल की आपूर्ति करते हैं सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने वित्तवर्ष 2019-20 के अंत के साथ, इस वित्तवर्ष में कुल 12.85 लाख टन यूटीएस 90 प्राइम रेल का उत्पादन किया है, जिसमें सेल पिछले वित्तवित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 30 प्रतिशत प्रभावशाली वृद्धि दर्ज करने में सफल रहा। वित्तवर्ष 2018-19 में, सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने 9.85 लाख टन यूटीएस 90 प्राइम रेल का उत्पादन किया था।

 

 


Date : 02-Apr-2020

एनटीपीसी सीपत में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बिजली उत्पादन जारी

कोविड-19 से निपटने जिला प्रशासन व जनपद पंचायत मस्तूरी को राशि दी गई

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 2 अप्रैल। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड 19 के कारण जारी लॉकडाउन के बीच एनटीपीसी बिना किसी अवरोध के बिजली उत्पादन कर रहा है। बिलासपुर जिला प्रशासन बिलासपुर को उनसे 25 लाख रुपये का सहयोग किया है जिससे मास्क सेनिटाइजर व अन्य स्वास्थ्य उपकरणों की खरीदी की जा सके।

एनटीपीसी ने मस्तूरी के जनपद पंचायत सीईओ को भी आसपास के प्रभावित गांवों में  साबुन व सैनेटाइजर वितरित करने के लिए दो लाख रुपये दिये हैं। एनटीपीसी सीपत की संगवारी महिला समिति ने भी रेडक्रास सोसायटी बिलासपुर को 50 हजार रुपयों का सहयोग किया है। एनटीपीसी के सभी कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराया है।

कोविड-19 को प्राथमिकता के साथ रोकने संयन्त्र परिसर एवं नगर परिसर को भी निरंतर सेनिटाइज किया जा रहा है। प्रचालन विभाग के कर्मचारियों को छोडक़र अन्य सेवा विभाग जैसे मानव संसाधन, वित्त एवं लेखा, संविदा एवं सामग्री के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को रोस्टर बनाकर घर से काम कराया जा रहा है। ताकि कार्यालय में भी सोसल डिस्टेंसिंग बनाया जा सके। कार्यालय में कार्य के दौरान मास्क, गलब्स, सेनिटाइजर का उपयोग प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

नगर परिसर में अति आवश्यक दुकानों जैसे दवाई दुकान, राशन दुकान एवं डेयरी को एक निर्धारित समय तक ही खोलने की अनुमति है। अन्य सभी दुकानों को 14 अप्रैल तक बंद रखा गया है। सामान खरीदते समय भी सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। सब्जी बाजार में भी एक-एक मीटर की दूरी पर गोल घेरे बनाए हये हैं।  यहां सभी सार्वजनिक समारोह एवं कार्यक्रम जैसे खेलकूद, जिम, सभा, क्लब सिनेमा आदि आगामी आदेश तक बंद हैं। संविदा श्रमिकों के स्वास्थ रक्षा के लिए सभी हाथ धोने के जगह साबुन की व्यवस्था की गई है। उनकी पेमेंट समय पर हो इस के लिए सभी एजेन्सियों को निर्देश दिया गया है। कोविड-19 से बचाव से जुड़ी सभी गतिविधियों की देखरेख के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो निरंतर रणनीति के तहत कार्य कर रही है।


Date : 02-Apr-2020

एसईसीएल ने कोल इण्डिया की सर्वाधिक कोयला उत्पादक कम्पनी होने का खिताब बरकरार रखा

वित्तीय वर्ष 2019-20 में एसईसीएल ने किया 150.545 मिलियन टन कोयला उत्पादन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 2 अप्रैल। एक बार फिर एसईसीएल ने एकल रूप में सर्वाधिक कोयला उत्पादन किया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में एसईसीएल ने 150.545 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया। यह कोल इण्डिया के सभी अनुषंगी कम्पनियों में से सर्वाधिक है।

कोविड-19 की वजह से देश में पूर्ण लॉकडाउन है। ऐसे परिस्थितियों में भी एसईसीएल खनिक सावधानियों का पालन करते हुए निरंतर कोयला उत्पादन की प्रक्रिया में लगे रहे, ताकि देश के कोयला आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके।

कोल इण्डिया के कुल उत्पादन में एसईसीएल का महत्वपूर्ण 25 प्रतिशत सहयोग रहा। वित्तीय वर्ष 2019-20 में कोल इण्डिया ने 602.14 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जिसमें एसईसीएल ने 150.545 मिलियन टन उत्पादन किया है।

कोल इण्डिया की दूसरी सर्वाधिक कोयला उत्पादक कम्पनी एसईसीएल से 10 मिलियन टन पीछे है एवं तीसरी सर्वाधिक कोयला उत्पादक कम्पनी 42 मिलियन टन पीछे है। कोयला उत्पादन की यह श्रृंखला वर्ष भर पूरी तेजी से चलती रही और एसईसीएल ने दूसरी बार 150 मिलियन टन कोयला उत्पादन के आंकड़े को पार किया। एसईसीएल ने यह लगातार दूसरी बार दो वित्तीय वर्षों में हासिल किया है जो अब तक कोल इण्डिया की किसी भी अनुषंगी कम्पनी को प्राप्त नहीं हुआ है।

इस दौरान एसईसीएल द्वारा कई कोयला उत्पादन के रिकार्ड बनाए एवं तोड़े गए। 27 मार्च को एसईसीएल द्वारा एक मिलियन टन कोयला उत्पादन किया गया। वित्तीय वर्ष के अंत में कोयला उत्पादन अपने चरम पर रहा। एसईसीएल ने 26 व 31 मार्च को 9 लाख टन से अधिक एक दिवसीय कोयला उत्पादन किया। इसी प्रकार दिनांक 18, 19, 20 एवं 23 मार्च को 8 लाख टन से अधिक एक दिवसीय कोयला उत्पादन किया।

एसईसीएल के कोयला उत्पादन में सभी क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गेवरा क्षेत्र ने इस वर्ष 45 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जो इस क्षेत्र का अब तक का सर्वाधिक कोयला उत्पादन है। कुसमुण्डा क्षेत्र द्वारा 42.331 मिलियन टन कोयला उत्पादन करते हुए क्षेत्र के वार्षिक उत्पादन लक्ष्य को पार किया।

कोरोना संकट से निपटने पौने दो करोड़ की मदद

एसईसीएल ने कोविड-19 के उन्मूलन हेतु 1.75 करोड़ रूपये का सहयोग किया। कोरबा, अनूपपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, उमरिया, शहडोल एवं बिलासपुर जिला प्रशासन को 25-25 लाख रुपये दिये गये हैं। इस सहयोग से निश्चय ही कोविड-19 के उन्मूलन में आमजनों को सहायता मिलेगी।

कोविड-19 से संक्रमित होने वाले मरीजों की देखभाल के लिए एसईसीएल ने 132 क्वारंटाईन/आइसोलेशन बेड्स शहडोल, अनूपपुर, कोरिया, अमलाई, सूरजपुर, कोरबा में तैयार किए हैं। एसईसीएल ने अपने कार्यालय एवं कॉलोनियों को सेनेटाईज़ किया साथ ही सामाजिक दूरी एवं कम से कम श्रमशक्ति के साथ कार्य करने पर जोर दिया। पूरे लाकडाउन की स्थिति में भी कोयला उत्पादन आवश्यक सेवा होने के कारण एसईसीएल के श्रमवीर कार्यरत रहे। यह मेहनत आज परिलक्षित होती है जब पुन: एक बार फिर एसईसीएल देश की एकल रूप में सर्वाधिक कोयला उत्पादक कम्पनी बनी है।

एसईसीएल के अध्यक्ष सहप्रबंध निदेशक ए.पी. पण्डा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय टीम एसईसीएल, श्रम संघ प्रतिनिधियों, सभी अंशधारकों, शासन-प्रशासन को दिया और उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह एसईसीएल की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, टीम-भावना, लगन एवं विपरीत परिस्थितियों में भी अपना कार्य सम्पादन करने की क्षमता से ही संभव हो पाया है।

 


Date : 02-Apr-2020

रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल ने की ऑनलाइन वीडियो परामर्श सेवाएं

रायपुर, 2 अप्रैल। रामकृष्ण केअर हॉस्पिटल ने ऑनलाइन विडियो परामर्श सेवाएं शुरू कर दी है जिसमें मरीज़ घर में रह कर ही डॉक्टर द्वारा वीडियो से परामर्श ले सकेंगे। लॉक डाउन के वजह से राज्य में सभी ओपीडी सेवाएं बंद हैं। लोग डॉक्टर से दूसरे बीमारियों जैसे पेट से दिल से संबंधित रोग, हड्डी रोग, मस्तिष्क या नसों से संबंधित रोग इत्यादि अन्य बीमारियों के लिए डॉक्टर से परामर्श नहीं ले पा रहे है। आमजन स्वास्थ्य सुविधाओं तक नहीं पहुँच पा रही है। इसलिए स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।  इसलिए हम इस लॉकडाउन अवधि में भी सभी रोगियों का इलाज कर रहे हैं। हमारा राज्य का पहला हॉस्पिटल है जहाँ संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों के लिए अलग-अलग क्षेत्र हैं। हमारा अस्पताल सभी प्रकार के आपातकालीन एवं असाध्य रोगों के इलाज के लिए 24-7 प्रतिबद्ध है और किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में 24-7 नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध है। हम सभी मरीजों को सर्वश्रेष्ठ सेवाएं देना चाहते है इसलिए हम ऑनलाइन वीडियो परामर्श जैसी सेवाएं दे रहे है जिसमे लोग घर बैठे वीडियो द्वारा डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे। सेवाएं लेने के लिए 0771 6165656 नंबर जारी की है।

रामकृष्ण केअर हॉस्पिटल हर वक्त अपने मरीजों के साथ है और उन के लिए सर्वश्रेष्ठ सेवाएं देने के लिए हमेशा तत्पर रहेगा।

 


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