अंतरराष्ट्रीय

Posted Date : 05-Aug-2018
  • ओहियो, 5 अगस्त । अमेरिका के ओहियो की एक अदालत में अजब नजारा देखने को मिला। यहां जज ने सुनवाई के दौरान आरोपी के मुंह को टेप से बंद करने का आदेश दे दिया। जज जॉन रसो ने कहा आरोपी फ्रैंकलिन विलियम्स को बार-बार चुप रहने की चेतावनी दी लेकिन वह नहीं माना और फिर बाद में उसके मुंह पर टेप ही चिपका दिया गया। 
    एक वीडियो में देखा जा सकता है कि विलियम्स ने नारंगी रंग का जंपसूट पहना है और उसे कई पुलिस अफसरों ने घेरा हुआ है जबकि उसे हथकड़ी भी पहना के रखा गया है। एक ऑफिसर टेप के बड़े से टुकड़े को विलियम के मुंह पर चिपका देता है। 
    विलियम लूट की 3 वारदात को अंजाम देने का आरोपी है। उसे दिसंबर 2017 में ही दोषी ठहराया जा चुका है और इस सुनवाई में सजा पर फैसला होना था। मामले की सुनवाई के दौरान ही विलियम जेल से भी भाग चुका था लेकिन जुलाई 2018 में उसे फिर गिरफ्तार किया गया और सुनवाई के लिए कोर्ट ले जाया गया। 
    विलियम्स कोर्ट में लगातार 30 मिनट तक बोलता रहा जबकि जज ने उसे कई बार रोका। आखिर में जज ने कहा कि मैं आपके वकीलों से बाकी दलीलें सुनूंगा और इसका मतलब है कि इनका मुंह बंद कर दिया जाए। जज ने विलियम्स को 24 साल की जेल की सजा सुनाई है। (द इंडिपेंडेंट)

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • नीदरलैंड, 4 अगस्त । वैसे तो गाय से मिलने वाली हर चीज हमारे लिए फायदेमंद होती है। भले ही वह गोबर ही क्यों न हो। आपने गाय के गोबर से तो उपले और कीटनाशक दवाइयां बनते सुना होगा, लेकिन क्या कभी गोबर से बने ड्रेस के बारे सुना है जी हां। नीदरलैंड की एक स्टार्टअप ने गाय के गोबर से सेल्यूलोज अलग कर उससे फैशनेबल ड्रेस बनाने का तरीका निकाला है। नीदरलैंड की रहने वाली बायोआर्ट एक्सपर्ट जलिला एसाइदी ये स्टार्टअप चलाती हैं। उनके इस इनोवेशन को दो लाख डॉलर (1.40 करोड़ रुपये) का चिवाज वेंचर एंड एचएंडएम फाउंडेशन ग्लोबल अवॉर्ड भी मिल चुका है।
    द गार्डिजन की रिपोर्ट के मुताबिक, जलिला एसाइदी ने कुछ साल पहले वन डच नाम से स्टार्टअप शुरू किया था। इसमें गाय के गोबर को रिसाइकल कर प्लास्टिक, पेपर और यहां तक की फैशनेबल ड्रेसेज तक बनाए जाते हैं। सेल्युलोज से जो फैब्रिक बनाया जा रहा है, उसे 'मेस्टिकÓ नाम दिया गया है।
    जलिला इसे फ्यूचर फैब्रिक भी कहती हैं। शुरुआत में 'मेस्टिकÓसे शर्ट और टॉप तैयार किए गए हैं। स्टार्टअप ने गाय के गोबर से सेल्युलोज अलग कर उससे बायो-डीग्रेडेबल प्लास्टिक और पेपर भी बनाया है।
    बायोआर्ट एक्सपर्ट जलिला एसाइदी बताती हैं, हम गोबर को वेस्ट मटेरियल समझते हैं। इसे गंदा और बदबूदार माना जाता है। लेकिन, ये बहुत काम की चीज है और आने वाले दिनों में गोबर से बने ड्रेसेज आपको फैशन शोज में भी दिखेंगे। 
    एसाइदी फिलहाल 15 किसानों के साथ प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। उन्होंने बताया, सेल्युलोज बनाने की प्रक्रिया केमिकल और मैकेनिकल है। हमें जो गोबर और गोमूत्र मिलता है, उसमें 80 फीसदी पानी होता है। पहले स्टेज में गोबर और गोमूत्र से गीले और सूखे हिस्से को अलग किया जाता है। गीले हिस्से के सॉल्वेंट से सेल्युलोज बनाने के लिए फर्मेंटेशन होता है। इसमें ज्यादातर हिस्सा घास और मक्के का है, जो कि गाय खाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रक्रिया से मिला सेल्युलोज हाई टेक्निक वाला होता है।
    जलिला एसाइदी कहती हैं, गोबर से मेस्टिक फैब्रिक बनाने में शुरुआती स्तर पर जो तेल इस्तेमाल होता है, वह भी बहुत अच्छा नहीं होता। हमें गोबर के सेल्युलोज में छिपी सुंदरता दुनिया को दिखानी ही होगी।(न्यूज 18)

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • इस्लामाबाद, 4 अगस्त । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के लिए क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान को अभी एक और चुनौती से पार पाना होगा। खबरों के मुताबिक संसद (वहां नेशनल असेंबली कहा जाता है) में तमाम विपक्षी दल मिलकर उन्हें सीधी चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। उनके खिलाफ विपक्ष प्रधानमंत्री पद के लिए अपना संयुक्त उम्मीदवार खड़ा कर सकता है।
    पाकिस्तान में 25 जुलाई को हुए आम चुनाव के बाद इमरान खान की पार्टी पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) को सबसे ज्यादा 116 सीटें मिली हैं। लेकिन बहुमत के लिए उसे 137 सीटों (वहां सीधी निर्वाचन प्रक्रिया के जरिए 272 सीटों के लिए ही चुनाव होता है, बाकी सीटें आरक्षित हैं) की जरूरत है। पीटीआई को भरोसा है कि सहयोगी दलों और निर्दलीयों की मदद से बहुमत का यह आंकड़ा जुटा लिया जाएगा। इसी आधार पर 11 अगस्त को इमरान खान के शपथ ग्रहण की तैयारी भी की जा रही है।
    हालांकि विपक्षी दल भी अपनी तरफ से पीटीआई की इस योजना पर रोड़ा डालने की तैयारी में हैं। खबर है कि इसके लिए दो मुख्य प्रतिद्वंद्वी विपक्षी दलों- पीपीपी और पीएमएल-एन ने हाथ मिला लिया है। उनके साथ कुछ अन्य छोटे दल भी हैं। सभी ने मिलकर ऑल पार्टीज कॉन्फ्रेंस के नाम से एक मोर्चा बनाया है। यह मोर्चा नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री पद के लिए इमरान खान के खिलाफ अपना प्रत्याशी भी उतारेगा। इन सभी पार्टियों का आरोप है कि पाकिस्तान के चुनाव में सेना के दखल से धांधली हुई है। (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • लाहौर, 4 अगस्त। पाकिस्तान में पहले सिख पुलिस अधिकारी गुलाब सिंह को नौकरी से निकाल दिया गया है। गुलाब सिंह पर आरोप है कि वह बिना बताएं तीन महीने से ज्यादा समय तक छुट्टी पर रहे। सिंह पाकिस्तान की जांच कमेटी के सामने अपने पक्ष में दलीलें पेश नहीं कर पाए।
    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अधिकारी गुलाब सिंह को तीन महीने से ज्यादा समय से अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त किया जा रहा है। तीन महीने से अनुपस्थित रहने पर गुलाब सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के बाद यातायात पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सेवा से हटा दिया है।
    प्रवक्ता ने बताया कि सिंह अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ यातायात पुलिस उपमहानिरीक्षक के पास अपील कर सकते है। वही पिछले महीने विभागीय जांच के समय गुलाब सिंह ने दावा किया था कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) ने लाहौर के पास उन्हें उनके गांव के घर से जबरन बाहर कर दिया गया था। सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि ईटीपीबी के अनुरोध पर यातायात पुलिस अधीक्षक ने उनके खिलाफ कदम उठाया है।
    उन्होंने कहा कि वह दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे और विभाग को छुट्टी के लिए अपने आवेदन के साथ एक चिकित्सा प्रमाणपत्र भी दिया था, लेकिन विभाग ने उसको स्वीकार नहीं किया। सिंह ने कहा कि चूंकि विभाग के पास मेरे खिलाफ कार्रवाई का और कोई कानूनी कारण नहीं था इसलिए छुट्टी के मुद्दे पर मेरे खिलाफ यह कार्रवाई की गई। (एजेंसियां)

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • नई दिल्ली, 4 अगस्त। अमरीका के बाद रूस अब भारत और ब्राजील जैसे देशों के चुनावों में हस्तक्षेप कर सकता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में 'इंटरनेट स्टडीजÓ के प्रोफेसर फिलिप एन हावर्ड ने ये आशंका जताई है। उनका कहना है कि रूस इन देशों के मीडिया को निशाना बनाकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।
    फिलिप एन हावर्ड ने ये बातें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों में विदेशी हस्तक्षेप को लेकर बनाई गई अमरीकी सांसदों की एक समिति के सामने कही हैं। हालांकि अपने दावों को लेकर उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। फिलिप ने कहा कि रूसी हस्तक्षेप के चलते अन्य देशों में चुनाव परिणाम इसलिए काफी ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं कि उन देशों का मीडिया अमरीकी मीडिया जैसा पेशेवर नहीं है। अमरीकी सांसदों वाली समिति से उनका यह भी कहना था कि अमरीकी मीडिया दुनिया में सबसे ज्यादा पेशेवर तरीके से काम करता है, लेकिन अन्य लोकतांत्रिक देशों के मीडिया संस्थान ऐसे नहीं हैं।
    फिलिप ने कहा, हमारे लोकतांत्रिक सहयोगियों के यहां के मीडिया संस्थानों को लेकर चिंता ज्यादा है। मुझे लगता है रूस ने अब अमरीका को छोड़ अपना रुख अब उन दूसरे लोकतांत्रिक देशों की ओर किया है जहां आने वाले वर्षों में चुनाव होने वाले हैं। इनमें ब्राजील और भारत विशेष रूप से शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड विशेषज्ञ ने आगे कहा, इन देशों के मीडिया संस्थानों को अभी भी काफी कुछ सीखने और विकसित होने की जरूरत है। (टाईम्स ऑफ इंडिया)

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • लाहौर, 4 अगस्त। पाकिस्तान के अशांत क्षेत्र गिलगित-बाल्टिस्तान में लड़कियों के 12 स्कूलों को आग के हवाले कर दिए जाने की खबर सामने आई है। कहा जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोगों ने पूरी योजना के साथ स्कूलों को निशाना बनाया।
     शुक्रवार देर रात उपद्रवियों ने गिलगित से 130 किलोमीटर दूर चिलास कस्बे के स्कूलों को बर्बाद कर दिया। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने डायमर जिले में भी स्कूलों को नुकसान पहुंचाया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक दो स्कूलों में विस्फोटक भी लगाए गए थे। जिला प्रशासन के मुताबिक ये स्कूल अभी बन रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने स्कूलों को जलाए जाने का विरोध करते हुए शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा की मांग की है।
    पाकिस्तान में लड़कियों के स्कूलों और उनकी शिक्षा का अक्सर विरोध किया जाता है। साल 2011 में चिलास में ही कम तीव्रता वाले धमाकों के जरिए ऐसे ही स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया था। तब दो लड़कियां भी धमाकों में घायल हुई थीं। इस साल की शुरुआत में भी दो स्कूलों को उड़ा दिया गया था। साल 2004 में भी चिलास के स्कूलों पर एक के बाद एक हमले हुए थे। तब नौ स्कूलों में से आठ को पांच दिनों में बर्बाद कर दिया गया था। आतंकी खैबर पख्तूनख्वा और जनजातीय क्षेत्रों में बने स्कूलों को भी निशाना बनाते रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते दस साल में पाकिस्तान के जनजातीय इलाकों में करीब 1500 स्कूलों को तबाह कर दिया गया।
    ऐसे ही हमलों में पाकिस्तान की नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई को भी गोली मारी गई थी। वे स्वात में लड़कियों की शिक्षा के लिए प्रयास कर रही थीं। इसी से नाराज होकर तालिबान ने उन पर जानलेवा हमला किया था। इन घटनाओं के चलते पाकिस्तान में बड़ी संख्या में बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है, खासतौर पर लड़कियों की। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 03-Aug-2018
  • वाशिंगटन, 3 अगस्त । अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच एक-दूसरे को आंखें दिखाने का दौर फिलहाल तो पूरी तरह थमा हुआ लग रहा है। बल्कि इसके उलट अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त उत्तर कोरिया के शासन प्रमुख किम जोंग उन की तरफ से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया से काफी खुश बताए जाते हैं। यही वजह है कि उन्होंने उन से जल्द ही फिर मुलाकात का वादा किया है। दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात सिंगापुर में 12 जून को हुई थी।
    उत्तर कोरिया ने अभी हाल में कोरियाई युद्ध के समय मारे गए लगभग 55 अमरीकी सैनिकों के अवशेष अमरीका के अधिकारियों को सौंपे हैं। ये अधिकारी खास तौर इसके लिए उत्तर कोरिया गए थे। बताया जाता है कि इसके साथ किम जोंग ने ट्रंप को एक पत्र भी भेजा है। यह एक अगस्त को ही ट्रंप को सौंपा गया है। अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सराह सैंडर्स ने इसकी पुष्टि की। खुद ट्रंप ने इस बाबत ट्वीट किया।
    अपने ट्वीट में ट्रंप ने लिखा, आपका बहुत-बहुत शुक्रिया चेयरमैन (उत्तर कोरिया के शासन और राष्ट्र प्रमुख का पदनाम) किम जोंग उन कि आपने अपना वादा (शहीद अमरीकी सैनिकों के अवशेष अमरीका को सौंपने का) पूरा किया। मुझे आपके इस सह्रदयता पर जरा भी अचरज नहीं हुआ। आपने मुझे जो पत्र लिखा है उसके भी आपका धन्यवाद। मैं आपसे जल्द ही फिर मिलने की उम्मीद कर रहा हूं। वैसे पिछले महीने ही खबर आई थी कि उन ने अमरीका की यात्रा का ट्रंप का न्यौता स्वीकार कर लिया है।
    बताते चलें कि 12 जून की सिंगापुर शिखर वार्ता के दौरान दोनों नेताओं में कोरियाई युद्ध में शहीद अमरीकी सैनिकों के अवशेष अमरीका को सौंपने पर सहमति बनी थी। एक आकलन के मुताबिक 1950-53 के कोरियाई युद्ध में 8,000 के लगभग अमरीकी सैनिक शहीद हुए थे। (पीटीआई)

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Posted Date : 03-Aug-2018
  • जिस उम्र में बच्चे ककहरा सीख रहे होते हैं, 6 साल का एक बच्चा सिलेब्रिटी बन चुका है। रयान एक यूट्यूब चैनल के स्टार फेस हैं। उनके चैनल का नाम रयान टॉयस रिव्यू  है। जल्द ही रयान के नाम से वॉलमार्ट स्टोर्स पर एक टॉय लाइन भी दिखेगी। इस बाबत चिल्ड्रन्स मीडिया कंपनी पॉकेट वॉच ने हाल ही में अमरीकी रिटेल कंपनी के साथ डील फाइनल की है।
    रयान पॉकेट डॉट वॉच नामक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म के साथ मिलकर काम करते हैं। उनके पसंदीदा खिलौने और कपड़े रयान्स वल्र्ड के नाम से बेचे जाते हैं। छह अगस्त से रयान्स वल्र्ड के खिलौने वॉलमार्ट स्टोर पर भी मिलने लगेंगे।
    रयान के टॉय रिव्यू फॉर किड्स नाम से पेज पर किए एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया गया है कि रयान ने 2017 में 1.1 करोड़ डॉलर कमाए। पोस्ट में आगे कहा गया है कि वह आगे और कमाई करेंगे। रयान्स वल्र्ड की चीजें अमरीका में 2500 से अधिक वॉलामार्ट स्टोर्स के साथ ही वॉलमार्ट डॉट कॉम पर भी बेचे जाएंगे।
    रयान के 6 यूट्यूब चैनल्स हैं, जो बच्चों में काफी लोकप्रिय हैं। यही वजह है कि खिलौनों के साथ मस्ती करने के रयान के विडियोज एक महीने में एक अरब से ज्यादा बार देखे जाते हैं।
    पॉकेट वॉच और वॉलमार्ट के बीच हुई डील के मुताबिक रयान्स वल्र्ड के बैनर तले बेचे जा रहे प्रॉडक्ट्स अक्टूबर में दूसरे रिटेलरों में भी मिलने लगेंगे।
    यूट्यूब पर पोस्ट किए जानेवाले विडियोज में रयान का परिवार भी दिखाई देता है। रयान अपने आखिरी नाम को अब तक सीक्रेट रखा है। माना जा रहा है कि ऐसा उन सभी को सेफ और अज्ञात रखने के लिए किया गया है।
    रयान वल्र्ड के बैनर तले बेचे जाने वाले प्रॉडक्ट्स में चार डिजाइन में टी-शर्ट्स भी शामिल होंगे, जिसमें कुछ पर रयान की पसंदीदा चीजें जैसे पिज्जा आदि डिजाइन की गई होंगी। यह डील का हिस्सा है जिससे ऑनलाइन विडियो स्टार्स खिलौनों, कपड़ों और दूसरे घरेलू प्रॉडक्ट्स के जरिए अपनी पहुंच बढ़ा सके। (रॉयटर्स)

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Posted Date : 03-Aug-2018
  • इस्लामाबाद, 3 अगस्त। पीटीआई प्रमुख इमरान खान सादे समारोह में पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेना चाहते हैं और वह विदेशी नेताओं तथा मशहूर हस्तियों को इसमें बुलाए जाने के पक्षधर नहीं हैं। इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी 25 जुलाई को हुए चुनावों में सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी थी। 
    65 वर्षीय नेता के 11 अगस्त को शपथ ग्रहण करने की उम्मीद है। इससे पहले ऐसी खबरें थी कि इमरान की तरफ से बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, कपिल देव और नवजोत सिंह सिद्धू को न्यौता आया है, लेकिन अभी तक इनलोगों को आधिकारिक रूप से शपथ समारोह में आने का न्यौता नहीं मिला है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कहा कि 11 अगस्त को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए अभी तक किसी अभिनेता या क्रिकेटर को न्यौता नहीं दिया गया है। पीटीआई के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा था कि इमरान खान के दोस्तों को आधिकारिक रूप से न्यौता भेजा जाएगा, लेकिन गुरुवार को उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह तय किया है वह बेहद सादे समारोह में शपथ लेंगे। (भाषा)

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Posted Date : 03-Aug-2018
  • मैनचेस्टर, 3 अगस्त । कई बार रिलेशनशिप में लोग खुद को फंसा हुआ महसूस करने लगते हैं। जब आपको अच्छा पार्टनर ना मिले तो रिलेशनशिप में रहना और भी मुश्किल हो जाता है। ग्रेटर मैनेचेस्टर के एक पजेसिव बॉयफ्रेंड को अपनी गर्लफ्रेंड का मानसिक उत्पीडऩ करने के लिए जेल हो गई है। मैथ्यू बेली नाम का शख्स अपनी गर्लफ्रेंड की सोशल मीडिया यूज से लेकर आने-जाने को लेकर तमाम तरह की चीजें कंट्रोल करने की कोशिश करता था।
    मैथ्यू ने अपनी गर्लफ्रेंड को स्नैपचैट यूज करने से मना कर रखा था। उसने अपनी गर्लफ्रेंड से फेसबुक पर एक हेट्रोसेक्सुअल शख्स से बातचीत ना करने को लेकर चेतावनी दी थी और उसे ये तक बताता था कि सोशल मीडिया पोस्ट्स में किस वाली इमोजी का इस्तेमाल ना करे। 
    उसने अपनी गर्लफ्रेंड से कहा था कि वह सोशल मीडिया पर केवल गे लड़कों से बात कर सकती है। बेली इतना ज्यादा ईष्र्यालु किस्म का शख्स था कि वह अपनी गर्लफ्रेंड का रोज मोबाइल चेक करता था, वह उसे यह भी बताता था कि वह क्या पहनें और क्या नहीं। अगर वह घर पर है या फिर बिस्तर पर सो रही है तो सबूत के तौर पर उसे अपनी तस्वीरें भेजे।
    चार हफ्ते के रोमांस के दौरान बेली ने अपनी गर्लफ्रेंड से लगातार कॉल करने के लिए दबाव डाला। अगर वह फोन नहीं उठाती तो वह उस पर धोखा देने का आरोप लगाने लगता।
    मिस कैनलिफ ने इस शख्स से अपना रिश्ता खत्म करने की कोशिश की लेकिन बेली ने उसके परिवार को मार डालने की धमकी दी। जब उसके बॉयफ्रेंड का सनकपन हद से ज्यादा बढ़ गया तो वह पुलिस के पास गई। मैनचेस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट में इस शख्स को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। उसे अपनी गर्लफ्रेंड को मानसिक यातना देने का दोषी पाया गया। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर 5 वर्षों के लिए मिस कनलिफ से बात करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। 
    दोनों की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। कैनलिफ ने कोर्ट को बताया, शुरू में वह ठीक था लेकिन फिर उसने मुझे पूरी तरह से कंट्रोल करना शुरू कर दिया। दो दिन बाद हमने अपने रिश्ते को ऑफिशल कर दिया। उसके बाद वह रंग दिखाने लगा। मैं बहुत तनाव में आ गई थी और बहुत ज्यादा अपसेट थी। 
    कैनलिफ के पिता ने बताया, मैथ्यू उसकी शिफ्ट खत्म होने के वक्त ऑफिस के बाहर इंतजार करता रहता था। मैं उन दोनों के रिश्ते से बिल्कुल खुश नहीं था। वह हमेशा उसका पीछा करता रहता था और उसके लिए बहुत ज्यादा पजेसिव था। (आज तक)

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Posted Date : 02-Aug-2018
  • रिओ डी जेनेरियो, 2 अगस्त । नामी भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई गणितज्ञ अक्षय वेंकटेश सहित चार विजेताओं को गणित का स्पेसिफिक फील्ड्स मेडल मिला है। गणित के क्षेत्र में इसे नोबेल पुरस्कार के समान माना जाता है। चार साल में एक बार फील्ड्स मेडल 40 साल से कम उम्र के उभरते गणितज्ञ को दिया जाता है।
    स्टैनफोर्ड युनिवर्सिटी में पढ़ा रहे नई दिल्ली में जन्मे वेंकटेश (36) को गणित में विशिष्ट योगदान के लिए फील्ड्स मेडल मिला है। रिओ डी जेनेरियो में गणितज्ञों की अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस में उनके मेडल के लिए प्रशस्ति में उनके योगदान को रेखांकित किया गया है।
    तीन अन्य विजेता हैं- कैंब्रिज युनिवर्सिटी में इरानी-कुर्द मूल के प्रोफेसर कौचर बिरकर, बॉन युनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले जर्मनी के पीटर स्कूल्ज और ईटीएच ज्यूरिख में इतालवी गणितज्ञ एलिसो फिगेली। सभी विजेता को 15,000 कनाडाई डॉलर का नकद पुरस्कार मिला है। हर बार कम से कम दो और विशेष रूप से चार लोगों को पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। (भाषा)

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Posted Date : 01-Aug-2018
  • वाशिंगटन, 31 जुलाई । पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन होने पर भी अमेरिका के सख्त रुख में कमी नहीं आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंगाल हो चुके पाकिस्तान को पहले ही आर्थिक मदद में कमी कर रखी है, जिसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को भी पाकिस्तान की मदद न करने को कहा है। ट्रंप प्रशासन ने आईएमएफ को पाकिस्तान की नई सरकार को चीन के ऋणदाताओं को भुगतान के लिए किसी संभावित राहत पैकेज की मंजूरी के प्रति आगाह किया है। 
    चीन के बैंक चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के लिए पाकिस्तान को धन दे रहे हैं। मीडिया में इस तरह की खबरें आई हैं कि पाकिस्तान आईएमएफ से 12 अरब डॉलर का भारी भरकम पैकेज चाहता है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा कि आईएमएफ जो करेगा उस पर हमारी निगाह है, इसलिए ऐसी कोई गलती नहीं होनी चाहिए।
    इस बीच, आईएमएफ ने स्पष्ट किया है कि उसे अभी तक पाकिस्तान से इस तरह का आग्रह नहीं मिला है। नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान 1980 से आईएमएफ के 14 वित्तपोषण कार्यक्रमों का लाभ ले चुका है।
    आईएमएफ, विश्व बैंक और चीन का कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान को अगले कुछ महीने में तीन अरब डॉलर की जरूरत है। पाकिस्तान पर फिलहाल चीन का पांच अरब डॉलर का कर्ज है।
    इसमें से ज्यादातर कोष का इस्तेमाल 50 अरब डॉलर के सीपीईसी के तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया गया है। अमेरिका द्वारा सहायता कम करने की वजह से पाकिस्तान की निर्भरता चीन पर बढ़ी है। वहीं, आईएमएफ भी उसे आर्थिक संकट से उबारने का एक सहारा है।
    2013 में आईएमएफ ने पाकिस्तान को 6.7 बिलियन डॉलर की मदद की थी। अब जबकि पाकिस्तान कर्ज तले दबा हुआ है और वहां इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार बनने जा रही है, ऐसे में अमेरिका का आईएमएफ को कर्ज देने से इंकार करना, पाक की नई सरकार को भारी पड़ सकता है।(आजतक)

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Posted Date : 01-Aug-2018
  • नितिन श्रीवास्तव
    मॉस्को से, 1 अगस्त । क्या आप जानते हैं कि भारतीय मूल के एक शख्स ने पिछले रूसी चुनावों के दौरान जीत हासिल की है? मिलिए अभय कुमार सिंह से जो पटना, बिहार के रहने वाले हैं और कुस्र्क नाम के रूसी प्रांत की सरकार में डेप्यूतात हैं। रूस में डेप्यूतात का वही मतलब है जो किसी भारतीय राज्य में विधायक या एमएलए का है।
    खास बात ये भी है कि अभय कुमार सिंह ने व्लादीमिर पुतिन की यूनाइटेड रशा पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता है। पटना में जन्मे अभय सिंह के मुताबिक कि मैं राष्ट्रपति पुतिन से बहुत प्रभावित रहा और राजनीति में प्रवेश करने का फैसला लिया।
    मॉस्को के महँगे होटल में चाय पीते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय या अंतरराष्ट्रीय मीडिया के साथ ये मेरा पहला इंटरव्यू है और खुशी है कि बातचीत बीबीसी हिन्दी से हुई।
    दरअसल, यूनाइटेड रशा रूस की सत्ताधारी पार्टी है जिसने हाल के आम चुनावों में देश की संसद (दूमा) में 75 फीसदी सांसद भेजे हैं, पिछले 18 वर्षों से पुतिन सत्ता में हैं। हालाँकि पुतिन ने 2018 का चुनाव बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लड़कर जीता लेकिन पार्टी का पूरा समर्थन उनके पीछे रहा है।
    अभय ने इस चुनाव के कुछ महीने पहले अक्टूबर, 2017 में व्लादिमीर पुतिन की पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर कुस्र्क विधानसभा का चुनाव जीत लिया था। उन्होंने बताया कि मेरा जन्म पटना में हुआ और मैंने लोयोला स्कूल से पढ़ाई की। साल 1991 में मैं कुछ दोस्तों के साथ मेडिकल की पढ़ाई करने रूस आया था।
    अभय के अनुसार काफी मेहनत से पढ़ाई पूरी कर वे पटना वापस लौटे और प्रैक्टिस करने के लिए रजिस्ट्रेशन भी करा लिया। वे अपने निजी या पारिवारिक जीवन के बारे में बात नहीं करना चाहते बस इतना ही कहते हैं कि बिहार से उनका रिश्ता बना हुआ है। लेकिन लगता है कि ऊपर वाले ने मेरा करियर रूस में ही लिखा था। मैं भारत से वापस रूस आ गया कुछ लोगों के साथ मिल कर दवा का बिजनेस शुरू किया।
    उन्हें याद है कि शुरुआत में बिजनेस करने में खासी मुश्किल होती थी क्योंकि मैं गोरा भी नहीं था, लेकिन हमने भी तय कर रखा था और कड़ी मेहनत के साथ अड़े रहेंगे। जैसे-जैसे अभय के पैर रूस में जमते गए व्यापार में भी बढ़ोत्तरी हुई। फार्मा के बाद अभय ने रियल एस्टेट में हाथ आजमाया और उनके मुताबिक आज हमारे पास कुछ शॉपिंग मॉल भी हैं।
    रूसी राष्ट्रपति पुतिन से प्रभावित अभय को इस बात पर च्गर्व है कि भारतीय होने के बावजूद वे रूस में रम गए और आज वहां पर चुनाव भी जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि आज भी कोशिश रहती है कि जब समय मिले तो बिहार जरूर आएं क्योंकि सभी मित्र और रिश्तेदार पटना में ही हैं।(बीबीसी)

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Posted Date : 01-Aug-2018
  • नई दिल्ली, 1 अगस्त। बीते कुछ वर्षों में दुनियाभर में विमान दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। इन हादसों में सभी या ज्यादातर यात्री मारे जाते हैं। लेकिन मैक्सिको के दुरांगो में हुए एक विमान हादसे में आश्चर्यजक रूप से और खुशकिस्मती से भी, सभी यात्री बच गए। घटना मंगलवार को तब हुई जब एयरमैक्सिको एयरलाइन का एक विमान उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में कई यात्री घायल हुए हैं। अलबत्ता यह भी अच्छी बात रही कि गंभीर रूप से कम लोग ही घायल हुए हैं।
    विमान में कुल 101 लोग थे। इनमें 97 यात्री और चार चालक दल के सदस्य थे। उड़ान भरने के बाद विमान ने करीब 10 किमी की दूरी तय की थी। उसके बाद उसे इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। इसी दौरान हादसा हुआ। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के समय विमान एयरपोर्ट के करीब ही था।
    मैक्सिको की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के प्रवक्ता एलेजेंड्रो कारडोजा ने बताया कि 85 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। एजेंसी के मुताबिक 37 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से दो की हालत गंभीर बताई है।
    उधर, दुरांगो एयरपोर्ट ऑपरेटर ने खराब मौसम को इस हादसे का जिम्मेदार बताया है। एक यात्री ने बताया कि विमान ने मुश्किल से उड़ान भरी थी और उस दौरान हवा में तेज झटका भी महसूस किया गया था। वहीं, नागरिक सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि इस हादसे की असल वजह जानने में कुछ महीने लग सकते हैं। (हिंदुस्तान टाईम्स)

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Posted Date : 31-Jul-2018
  • टेक्सास, 31 जुलाई । अमरीका की सिलिकॉन वैली में रोजगार पाने के लिए एक युवक ने अनूठा रास्ता अपनाया। यही नहीं, इस अनूठे तरीके और माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर की एक पोस्ट के जरिये उसे नौकरियों के 200 से ज्यादा ऑफर भी मिल गए। टेक्सास की एएंडएम यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएट और वेब डेवलपर डेविड कासारेज ने नौकरी की तलाश में सिलिकॉन वैली के एक ट्रैफिक सिग्नल पर अपना रेज्यूम बांटना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने एक बोर्ड भी हाथों में ले रखा था जिस पर लिखा था, बेघर, लेकिन सफलता का भूखा। एक रेज्यूम ले जाइए।
    इस घटना को अपनी आंखों से देखने के बाद जैस्मिन स्कोफील्ड नाम की एक महिला ने डेविड कासारेज की एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट कर दी। इस तस्वीर में वह अपने हाथों में वही बोर्ड पकड़े हुए दिख रहा था। कासारेज की तस्वीर और सिलिकॉन वैली से उसकी मदद के इस संदेश के पोस्ट होते ही लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। साथ ही गूगल और नेटफ्लिक्स जैसी आईटी की दिग्गज कंपनियों समेत उसे नौकरियों के 200 से ज्यादा प्रस्ताव भी मिल गए।
    इस बीच डेविड कासारेज ने कहा है, मैं एक नामी कार निर्माता के साथ काम करने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर की तलाश में कैलिफोर्निया आया था। इस बीच पैसे खत्म होने के बाद भी घर वापस लौटने की मेरी इच्छा नहीं थी। ऐसे में नौकरी पाने के लिए मैंने यह रास्ता अपनाया। तंगहाली की स्थिति में भी मैंने किसी से कोई पैसा लेने की कोशिश नहीं की। मैं सिर्फ अच्छी नौकरी चाहता था।(इंडियन एक्सप्रेस)

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Posted Date : 31-Jul-2018
  • एक कुत्ते की मौत के बाद इटली के लोग दुखी हैं। सोशल मीडिया पर लोग उससे जुड़ी यादें शेयर कर रहे हैं। जब कुत्ते के मालिक ने फेसबुक पर यह ऐलान किया कि काओस (जर्मन शेफर्ड कुत्ता) की मौत हो गई है, तो लाखों लोगों ने अपना दुख व्यक्त किया। फेसबुक पोस्ट को करीब 66 हजार लोगों ने शेयर कर उसे श्रद्धांजलि दी। कुत्ते के मालिक फाबियानो इटॉर का कहना है कि उनके कुत्ते की मौत जहर दिए जाने की वजह से हुई है। इटॉर ने भावुक होकर लिखा है कि वहां भी अपना काम जारी रखना, जो लोग गुम हो गए हैं उन्हें ढूंढते रहना और जिंदगियां बचाते रहना। दरअसल काओस ने साल 2016 के अगस्त में इटली में आए भीषण भूकंप के दौरान कई लोगों की जान बचाई थी। 
    इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। कई मकान जमींदोज हो गए, जिसके अंदर दबे लोगों को काओस ने खोज निकाला था। इसके बाद इटली के लोगों ने उस कुत्ते को हीरो डॉग कहा था।
    एक दिन पहले शनिवार इटॉर ने फेसबुक पर ही कुत्ते की गुम होने की बात बताई थी। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि अगर काओस उन्हें कहीं मिले तो वे उन्हें बताएं। कुछ ही घंटे बाद इटॉर ने काओस की मौत की बात फेसबुक पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा है कि तुमने दिन-रात एक कर दिया था। तुम एक वफादार मित्र थे। मेरे मित्र दौड़ो, रुकना मत।
    काओस इटॉर के साथ मध्य इटली में रहता था। इटॉर ने कुत्ते की कब्र पर फूल की तस्वीर भी शेयर की है। ट्विटर पर भी लोग उस हीरो डॉग को याद कर रहे हैं। करीब 50 हजार लोगों ने उसकी याद में ट्वीट किया है और करीब 12 हजार लोगों ने उस भूंकप की तबाही और काओस के कारमाने को याद किया है। (बीबीसी)

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