दुर्ग

किसानों के मुद्दे पर भाजपा ने बोला हल्ला, रैली निकाल पहुंचे कलेक्टोरेट, नारेबाजी
23-Jan-2021 3:30 PM 33
किसानों के मुद्दे पर भाजपा ने बोला हल्ला, रैली निकाल पहुंचे कलेक्टोरेट, नारेबाजी

सांसद सरोज समेत सैकड़ों ने दी गिरफ्तारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 23 जनवरी।
किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश भाजपा के आह्वान पर दुर्ग-भिलाई जिला भाजपा ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट के समक्ष हल्ला बोलकर भूपेश बघेल सरकार के नीतियों की जमकर आलोचना की। 
प्रदर्शन के दौरान कलेक्टोरेट प्रवेश को लेकर भाजपाईयों व पुलिस कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को अंदर जाने नहीं दिया। जिससे नाराज सैकड़ों भाजपाईयों ने अपनी गिरफ्तारी देकर विरोध जताया। गिरफ्तारी देने वालों में राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, जिला भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार तमेर, वीरेन्द्र साहू, महामंत्री ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक सांवलाराम डाहरे, पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर, जिला भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष रत्नेश चंद्राकर, चरोदा महापौर चंद्रकांत माडले, नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा, संतोष सोनी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश समर्थ, दीपक चोपड़ा के अलावा अन्य भाजपा नेता व कार्यकर्ता के नाम शामिल हंै।

इसके पहले प्रदर्शन के लिए जिलेभर के भाजपा नेता व कार्यकर्ता मानस भवन, पंडित रविशंकर स्टेडियम के पास एकत्रित हुए। यहां भाजपा नेताओं ने सभा कर राज्य सरकार पर किसानों के साथ वादा खिलाफी करने, धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था, बारदाने का अभाव, रकबा में कटौती करने एवं किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों पर आक्रोश जताया। सभा उपरांत  सरोज पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट के लिए कूच किया। कार्यकर्ता रैली की शक्ल में मेनोनाईट चर्च, नया बस स्टैंड, हिन्दी भवन, पटेल चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पूरे रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं महिला कार्यकर्ता रैली में काले साड़ी पहनकर हाथों में काले गुब्बारें व तख्ती लेकर शामिल हुर्इं।

रैली में कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने प्रवेश नहीं दिया। जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी। प्रदर्शन के दौरान सरोज पांडेय ने कहा कि विगत दो वर्ष के भूपेश बघेल की कांग्रेस शासनकाल में किसान से लेकर मजदूर तक व अधिकारी से कर्मचारी तक सभी परेशान हो गए हैं। उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को सरकार दमन करने का प्रयास कर रही है। सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है। एक तरफ  किसानों को उनके धान बेचने टोकन व बारदाने के लिए भटकना पड़ रहा है, तो वहीं मजदूर परिवार को मिलने वाली विभिन्न सहायता योजना बन्द कर दी गई। चुनाव पूर्व गंगा जल की कसम खाने वाली कांग्रेस सरकार में घर पहुंच शराब सप्लाई की जा रही है और जगह-जगह दारू भठ्ठी खोले जा रहे हैं, 10 दिनों में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा करने वाली सरकार उन्हें भूल गई है और वे कर्मी अब महीनों से सडक़ पर बैठे हैं। प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों को ढाई हजार प्रतिमाह देने का वादा करने वाले युवाओं को आज गोबर बेचकर पैसा कमाने का रास्ता दिखा रही है। 
 

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