रायपुर

बिना तलाक के दूसरी शादी करने वाले पति और पत्नी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराने प्रथम पत्नी को है अधिकार
25-Sep-2021 6:30 PM (58)
बिना तलाक के दूसरी शादी करने वाले पति और पत्नी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराने प्रथम पत्नी को है अधिकार

महिला आयोग ने चार दिनों में की 84 प्रकरणों पर सुनवाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 25 सितंबर। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण श्रीमती अनीता रावटे, सुश्री शशिकांता राठौर, और श्रीमती अर्चना उपाध्याय की उपस्थिति में चौथे दिन शास्त्री चौक स्थित, राज्य महिला आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सुनवाई की गई।

सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में पत्नी ने अपने पति के खिलाफ बिना आवेदिका से तलाक लिए दूसरा विवाह किया है। सुनवाई में दूसरी पत्नी और पति के दोनों बड़े भाई भी उपस्थित हुए। दोनों भाइयों ने बताया कि अनावेदक ने गलती किया है और दूसरी शादी किया है और पहली पत्नी को कोई भरण पोषण नही देता है। आवेदिका पारिवारिक मकान में रहती है जहां अनावेदक के पिता और भाई भी निवास करते हैं।

इस प्रकरण में सामाजिक बैठक में अनावेदक और पूरे परिवार ने यह तय किया था कि पिता की सम्पत्ति में जो हिस्सा है उसके आधा हिस्सा आवेदिका को दिया जाएगा और पति के सम्पत्ति का हिस्सा दिलाने में दोनो भाई मदद करेंगे इस प्रकरण में अनावेदक और दूसरी पत्नी के खिलाफ 494 भा. द. वि. की धारा दर्ज हो सकती है। आवेदिका जब चाहे तब दोनो के विरुद्ध पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करा सकेगी।  इस स्तर पर आवेदिका ने अपने भरण पोषण की मांग आयोग के समक्ष किया।

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