सरगुजा

अदानी विद्या मंदिर साल्ही परिसर में ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन
14-Jun-2021 9:04 PM (270)
 अदानी विद्या मंदिर साल्ही परिसर में ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन

   कहा 12वीं तक शिक्षा देने का प्रबंधन ने किया था वादा    

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
उदयपुर, 14 जून।
जिला सरगुजा के विकासखंड उदयपुर अंतर्गत ग्राम साल्ही स्थित अदानी विद्या मंदिर परिसर में आसपास के दर्जनों ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा खदान शुरू करते समय कक्षा 12वीं तक की शिक्षा देने का वायदा किया गया था, परंतु अपने वायदे से मुकरते हुए केवल कक्षा दसवीं तक की ही शिक्षा इनके द्वारा यहां दी जा रही है। 
अभी तक ग्रामीणों के बच्चे इस विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त किये है। एक ओर जहां कोरोना काल की वजह से विगत सत्र से पढ़ाई लगभग बंद है, वहीं दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन की मनमानी की वजह से छात्र-छात्राओं को दसवीं तक इंग्लिश मीडियम से शिक्षा प्राप्त करने के बाद अब कहां एडमिशन कराएं, इन्हें इनका भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।

कक्षा बारहवीं तक शिक्षा को लगातार जारी करने के संबंध में पूर्व में भी इनके द्वारा कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक की गई थी। कंपनी प्रबंधन द्वारा सोमवार तक का समय दिया गया था किसी तरह का ठोस नतीजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने आज अदानी विद्या मंदिर परिसर पर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। 

प्रशासनिक अमले को इसकी जानकारी लगने के बाद मौके पर तहसीलदार सुभाष शुक्ला,थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा पहुंचे हुए थे। प्रशासनिक अमला, ग्रामीण एवं कंपनी प्रबंधन के बीच अभी वार्तालाप जारी है तथा ग्रामीण अभी भी उसी कैंपस में मौजूद थे। ग्रामीणों ने तहसीलदार उदयपुर को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि विद्यालय में कक्षा ग्यारहवीं की पढ़ाई प्रारंभ कराई जाए। मांग पूरा नहीं होने पर 15 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा।

स्थानीय प्रशासन से करेंगे विचार विमर्श- स्कूल प्रबंधन
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अदानी विद्या मंदिर को गाँव वालों की तरफ से स्कूल को बारहवीं तक बढ़ाने के लिए ज्ञापन मिला है। स्कूल प्रबंधन शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार जरुरी सुविधाओं के बारे में अध्ययन कर स्थानीय प्रशासन से विचार विमर्श करेगा। अदानी विद्या मंदिर आसपास के सैकड़ों विद्यार्थियों को उत्तम शिक्षा बिना कोई खर्च के उपलब्ध कराता है, इसके चलते माता-पिता यह चाहते है कि उनके बच्चे यही स्कूल में बारहवीं तक पढ़ाई कर सके। यह बताना जरुरी है कि कोई भी नयी क्लास के लिए शिक्षा बोर्ड की अनुमति जरुरी है और वह बिना नयी सुविधाएं और शिक्षकों की कमी में नहीं मिल सकती।

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