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Date : 16-Oct-2019

नान घोटाला : प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 16 अक्टूबर।
नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला मामले में प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने डॉ. शुक्ला की अग्रिम जमानत को मंजूर कर लिया है। खास बात यह है कि प्रकरण के मुख्य आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। 

जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की एकलपीठ में प्रमुख सचिव डॉ. शुक्ला के अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले में  खाद्य विभाग के  तत्कालीन प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला और तत्कालीन एमडी अनिल टुटेजा को अन्य 27 अधिकारी-कर्मचारियों के साथ आरोपी बनाया गया था। बावजूद इसके राज्य शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। ऐन चुनाव के पहले करीब ढाई साल बीतने के बाद राज्य सरकार ने पूरक चालान पेश करते हुए दोनों ही आईएएस अफसरों के नाम शामिल किए थे।

डॉ. शुक्ला के वकील आयूष भाटिया ने दलील दी कि डॉ. शुक्ला का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं है। 5 दिसंबर 2018 को पूरक चालान पेश कर नाम जोड़ा गया। उन्हें न तो गिरफ्तार किया गया और न ही किसी तरह से पूछताछ के लिए बुलाया गया। 30 महीने बाद एफआईआर दर्ज किया गया। तमाम पहलूओं को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी।

इससे पहले डॉ.आलोक शुक्ला ने विशेष न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं के आधार पर न्यायालय से अग्रिम जमानत देने की गुहार लगाई थी। डॉ. शुक्ला ने अपनी याचिका में कहा था कि यह जीरो रिकवरी का केस था। अपने आवेदन में उन्होंने कहा था कि न तो किसी से रिश्वत की मांग की और न ही उनके खिलाफ किसी ने शिकायत की है और न ही उन्हें रंगे हाथों पकड़ा ही गया है। इतना ही नहीं, नान के एमडी पद पर 8 महीने के उनके कार्यकाल के दौरान राज्य शासन को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। 

डॉ.आलोक शुक्ला ने याचिका में इस बात का भी जिक्र किया था कि ऑडिट से भी यह साबित हुआ है कि नागरिक आपूर्ति निगम को उस दौरान 3 करोड़ रुपये का फायदा भी हुआ था। उन्होंने याचिका में इस बात का भी जिक्र किया था कि उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में कहीं भी घटिया स्तर के चावल सप्लाई का मामला सामने नहीं आया, बल्कि उस समय भी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के पीडीएस सिस्टम की सराहना होती रही है और राज्य शासन को इसके लिये राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाजा गया। याचिकाकर्ता की दलीलों के आधार पर जस्टिस अरविंद चंदेल की एकलपीठ ने अग्रिम जमानत मंजूर कर लिया है। 


Date : 16-Oct-2019

3 लाख की नशीली दवा के साथ तीन कारोबारी हिरासत में 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
पुलिस ने गुढिय़ारी, गोलबाजार के तीन कारोबारियों से 17 हजार से अधिक नग मेक्सोबांड एडहेसीव नशीली दवा ट्यूब जब्त की है, जिसकी कीमत सवा तीन लाख बताई जा रही है। पुलिस तीनों कारोबारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ में लगी है। पुलिस का कहना है कि तीनों कारोबारी नशीली दवा का अवैध कारोबार लंबे समय से कर रहे थे और उसकी गिरफ्त में खासकर बच्चे, युवा फंस रहे थे।  

आरोपियों में  प्रेमलाल वर्मा (56) कुकरी तालाब गुढियारी रायपुर, सेवक पंजवानी (48) विशाल नगर रायपुर व कमलेश (28) श्यामनगर रायपुर शामिल हैं। बताया गया कि नशीली दवा बेचने की खबर पुलिस को आज सुबह लगी। एसएसपी आरिफ शेख के निर्देश पर बनी पुलिस की विशेष टीम ने फिर  तीनों कारोबारियों के यहां दबिश देकर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक कुकरी तालाब गुढिय़ारी का प्रेमलाल वर्मा अपनी किराना दूकान में  यह नशीली दवा बेच रहा था। जांच में उसकी दूकान से 45 नग नशीली दवा ट्यूब पाया गया। पूछताछ में दूकानदार दवा खरीदने -बेचने संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा पाया। दूकानदार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह इस दवा की बिक्री नाबालिग बच्चों और व्यवस्कों को करता है। वहीं उसकी खरीदी गोलबाजार रायपुर स्थित शिवशंकर ट्रेडिग कंपनी व कमल स्टोर से करता है। 

पुलिस टीम किराना दूकानदार के बताए मुताबिक गोलबाजार रायपुर स्थित शिवशंकर ट्रेडर्स कंपनी पहुंची। जांच में वहां मेक्सोबांड एडहेसीव नशीली दवा का 150 पैकेट बरामद हुआ।  प्रत्येक पैकेट में 25-25 नग ट्यूब और प्रत्येक ट्यूब में 30-30 एमएल दवा भरी हुई थी। यहां कारोबारी सेवक पंजवानी भी नशीली दवा खरीदी-बिक्री के संबंध में कोई वैध दस्तावेज, लायसेंस व अन्य कागजात पेश नहीं कर पाया। पुलिस किराना दूकानदार के बताए मुताबिक फिर गोलबाजार के कमल स्टोर में पहुंची। वहां कारोबारी कमलेश जैसिंघानी के कब्जे से मेक्सोबान्ड एडहेसीव का 398 पैकेट बरामद किया गया। प्रत्येक पैकेट में 25-25 नग ट्यूब था और प्रत्येक ट्यूब में 30-30 एमएल दवा भरी हुई थी। 

गुढिय़ारी पुलिस का कहना है कि तीनों जगहों से बरामद नशीली दवा 10 से 50 एमएल तक की पैकिंग में थी। सभी जब्त दवा की कीमत करीब 3 लाख 32 हजार रूपए आकी जा रही है। तीनों कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। 


Date : 16-Oct-2019

रायपुर स्मार्ट सिटी ने 24 घंटे जलापूर्ति के लिए 74 करोड़ की नई योजना बनाई, निविदा जल्द खपत में 30 प्रतिशत कमी आएगी, स्टोरेज झंझट भी नहीं

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अपने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की 24 घंटे अबाधित व्यवस्था तय करने करीब 74 करोड़ की एक नई योजना बनाई है। उसका प्रस्ताव तैयार कर निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कहा गया है कि यह योजना शहर के एबीडी एरिया व मोतीबाग, गंज मंडी के कमांड एरिया में शुरू करने की है। एक अध्ययन के अनुसार 24&7 वाटर सप्लाई से पानी की खपत में 30 प्रतिशत कम होगी। लोगों को पानी का स्टोरेज करने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी।

 स्मार्ट सिटी एमडी शिव अनंत तायल ने बेहतर जल आपूर्ति के लिए स्मार्ट नेटवर्क तैयार करते हुए इस योजना को तेजी से पूरा करने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। कंपनी के महाप्रबंधक (तकनीकी) एसके सुंदरानी के अनुसार अबाधित जलापूर्ति की स्मार्ट व्यवस्था के तहत जल आपूर्ति तय करने  कंपनी ने यह योजना बनाई है। योजना के तहत 73.64 करोड़ की लागत से एबीडी एरिया, 5.1 एमएलडी मोतीबाग व 3.4 एमएलडी गंज के कमांड एरिया में निर्बाध जल आपूर्ति होगी। ज्ञात हो कि विश्व के अधिकांश विकसित शहरों में अबाधित जलापूर्ति की व्यवस्था है। इस व्यवस्था  से जलजनित रोगों को रोका जा सकेगा। अब रायपुर में भी जल आपूर्ति की विश्वस्तरीय व्यवस्था की शुरूआत होगी।

स्मार्ट सिटी के अफसरों ने बताया कि इस योजना के पूरा होने से 164 किलोमीटर परियोजना क्षेत्र में सभी 7 दिन सालभर 24 घंटे जलापूर्ति संभव होगा। नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट मीटर लगाकर ऑटोमेटिक बिलिंग की जाएगी। बिलिंग सॉफ्टवेयर सिस्टम लगने से राजस्व वसूली का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा होगा। वैध कनेक्शन भी शत-प्रतिशत हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना को 18 माह में पूरा किया जाएगा और संबंधित एजेंसी को 5 वर्षों तक इसका आपरेशन मेंटेनेंस करना होगा। इसके लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इस प्रणाली से पानी के दुरुपयोग और नुकसान को रोका जा सकेगा। 

 


Date : 16-Oct-2019

प्रदेश के 12 कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘ए’ ग्रेड, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा जारी रेटिंग  
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा हाल ही में देश भर में संचालित 625 कृषि विज्ञान केन्द्रों की उनके काम-काज के मूल्यांकन के आधार पर जारी ताजा रेटिंग सूची में छत्तीसगढ़ के 12 कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘ए’ श्रेणी में और 8 कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘बी’ श्रेणी में रखा गया है। ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी में छत्तीसगढ़ का कोई भी कृषि विज्ञान केन्द्र नहीं है। इस सूची में 12वीं पंचवर्षीय योजना तक शुरू किए गए कृषि विज्ञान केन्द्रों को ही शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में संचालित 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों का संचालन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा किया जा रहा है। इनमें से छ: कृषि विज्ञान केन्द्र तेरहवीं पंचवर्षीय योजना के तहत खोले गए हैं जिन्हें इस सूची में शामिल नहीं किया गया है।  

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) नई दिल्ली द्वारा जारी कृषि विज्ञान केन्द्रों की रेटिंग सूची में छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, धमतरी, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, कोरिया, नारायणपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, सूरजपुर और कांकेर कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘ए’ श्रेणी में रखा गया है जबकि भाटापारा-बलौदाबाजार, बीजापुर, बिलासपुर, दुर्ग, गरियाबंद, जशपुर, कोरबा और महासमुंद कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘बी’ श्रेणी में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि कृषि विज्ञान केन्द्रों की यह रेटिंग उनके द्वारा पिछले पांच वर्षों में किए गए कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर जारी की जाती है। इनके मूल्यांकन में अधोसंरचना पर 15 प्रतिशत अंक, तकनीकी आंकलन प्रसार एवं प्रशिक्षण पर 35 प्रतिशत अंक, मुख्य गतिविधियों के प्रभाव पर 30 प्रतिशत अंक तथा सहायक गतिविधियों एवं पुरस्कारों पर 20 प्रतिशत अंक रखे गये हैंै। 

कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा किये गए मूल्यांकन में 76 से 100 प्रतिशत अंक पाने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘ए’ श्रेणी में, 51 से 75 प्रतिशत अंक पाने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘बी’ श्रेणी में, 26 से 50 प्रतिशत अंक पाने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘सी’ श्रेणी में और 0 से 25 प्रतिशत अंक पाने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रों को ‘डी’ श्रेणी में रखा गया है। 
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके पाटील ने ताजा रेटिंग में ‘ए’ एवं ‘बी’ श्रेणी में स्थान प्राप्त करने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

 


Date : 16-Oct-2019

राज्य पुलिस सेवा के चार अफसरों के तबादले निरस्त, गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिए 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
राज्य पुलिस सेवा के चार अफसरों के तबादले निरस्त किए गए हैं। गृह विभाग ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं। बेमेतरा के डीएसपी सुनील डेविड का तबादला बिलासपुर किया गया है। डेविड वहां सीएसपी बिलासपुर के पद पर रहेंगे। इसी तरह एडिशनल एसपी जयप्रकाश बढ़ई, मणिशंकर चंद्रा और दिनेश्वरी नंद का भी तबादला निरस्त किया गया है। जयप्रकाश बढ़ई कोरबा में एडिशनल एसपी के पद पर काम कर रहे थे। उनका तबादला चिटफंड प्रकोष्ठ दुर्ग किया गया था। वे अब कोरबा में ही यथावत काम करेंगे। 

इसी तरह मणीशंकर चंद्रा को एसडीओपी डोंगरगढ़ से बीजापुर भेजा गया था। उन्हें अब राजनांदगांव का नगर पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। दिनेश्वरी नंद को डीएसपी दंतेवाड़ा से एसडीओपी गंडई ट्रांसफर किया गया था। उनका आदेश निरस्त कर अब उन्हें एसडीओपी जांजगीर भेजा गया है। इसी तरह आकाश मरकाम एसडीओपी को कांकेर से कबीरधाम किया गया स्थांतरण आदेश निरस्त करते हुए यथावत कांकेर एसडीओपी बनाया गया है।

 


Date : 16-Oct-2019

चुनाव प्रक्रिया में बदलाव कानून सम्मत-शैलेश नितिन त्रिवेदी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा नगरीय निकाय चुनाव को लेकर लोकतंत्र और खरीद-फरोख्त रोकने की सम्भावना बताते हुए आंदोलन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया में बदलाव कानून सम्मत है और इससे किसी लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होता।

त्रिवेदी ने अपने एक बयान में कहा कि नगरीय निकायों में विसंगतिपूर्ण स्थिति लगातार सामने आती थी, जो नगरीय निकाय के अध्यक्ष है, महापौर है वे किसी और दल के होते है और पार्षदों में किसी और दल का बहुमत होता था तो सामान्य सभा में बजट पारित कराने में और दिन प्रतिदिन की कार्यो में लगातार विरोधाभास की स्थिति होती थी। हंगामें की स्थिति बनती थी और जनता की सुविधा और अधिकारों को खतरा उत्पन्न होता था। इसे दूर करने के लिये एक समन्वयवादी व्यवस्था बनाने के लिये और एक तर्कसंगत व्यवस्था बनाने के लिये कि यदि पार्षद अपने मुखिया को चुनेंगे तो इससे नगरीय निकायों की व्यवस्था बेहतर होगी। यही व्यवस्था हमारे देश की संविधान में है। हमारे लोकतंत्र में है। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का चयन भी व्यवस्था के तहत होता है और इसी व्यवस्था को लागू करना कैसे गलत है भारतीय जनता पार्टी बतायें?

अंतागढ़ में तो लोकतंत्र की हत्या भाजपा ने की थी। अंतागढ़ उपचुनाव में पैसों से लेकर सत्ता तक का दुरुपयोग करने वाली भाजपा अब लोकतंत्र की दुहाई दे रही है। अंतागढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने ना केवल विपक्षी उम्मीदवारों को खरीदा था बल्कि जीरम जैसी घटनाएं करा देने की धमकी भी उम्मीदवारों को दी थी । त्रिवेदी ने इसके लिए छत्तीसगढ़ के मतदाताओं को हृदय से धन्यवाद दिया है जिन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बुरी तरीके से हराया और भाजपा को अब लोकतंत्र और खरीद-फरोख्त रोकने की जरूरत की याद तो आ रही है। त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा का आज का आंदोलन पूरी तरीके से विफल रहा और भाजपा में जबरदस्त बिखराव है। भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता निकाय चुनाव को लेकर मुद्दा बनाते हुए आंदोलन के निर्णय से सहमत नहीं है। सच्चाई तो यही है कि वर्तमान में भाजपा मुद्दों के अकाल से जूझ रही है और आज का आंदोलन भाजपा के इसी राजनैतिक दिवालियापन का परिणाम है। 


Date : 16-Oct-2019

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर चेतना चाइल्ड एंड वूमेन वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त प्रयास से बालिका शिक्षा जागरुकता के लिए निकाली रैली
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर चेतना चाइल्ड एंड वूमेन वेलफेयर सोसाइटी,कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन और बचपन बचाओ आंदोलन के संयुक्त प्रयास से ‘100 मिलियन फॉर 100 मिलियन’ अभियान के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, सड्डू के विद्यार्थियों के साथ  ‘गल्र्स मार्च टू स्कूल’ जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अभियान के तहत सभी विद्यार्थियों ने 18 वर्ष की आयु तक की लड़कियों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने की बात  को बल देते हुए रैली निकाली।
चेतना समूह से जुड़ी इंदु साहू ने बताया की छत्तीसगढ़ राज्य में बारवी कक्षा तक शिक्षा के अधिकार की पहल की गई है और ऐसी पहल पूरे देश में होनी चाहिए। आज ज्यादातर लड़कियां स्कूल जाने लगी हैं, पढ़ाई पूरी कर रही हैं. अपने कैरियर पर फोकस कर रही हैं। शाला की प्रिंसिपल रजनी चतुर्वेदी ने अभियान के प्रति आभार जताया। 

 


Date : 16-Oct-2019

नए एयरक्राफ्ट में रोमांचकारी उड़ान की ट्रेनिंग शुरू

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
3 सी जी एन सी सी एयर विंग के कैडेट्स इन दिनों नए एयरक्राफ्ट में रोमांचकारी उड़ान का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विगत दिवस विंग कमांडर वैभव विशाल ने 5 कैडेट्स, अंडर आफिसर स्वीजा गुप्ता, वारंट अफसर सिमरन जीत, सार्जेट रहमत हुसैन, सार्जेट शैली शुक्ला और कैडेट काजल सिंग को माना एयरपोर्ट में उड़ान के साथ प्रशिक्षण दिया। 
स्क्वाड्रन लीडर डॉ. विजय चौबे ने बताया कि यह विमान स्लोवेनिया की पाइपस्ट्रल कंपनी ने बनाया है। इसका वजन पैसेंजर सहित 472.5 किलोग्राम, अधिकतम गति 2.50 कि.मी. प्रति घंटा, लंबाई 6.5 मीटर, ऊंचाई 2.05 मीटर, विंग सहित चौड़ाई 10.5 मीटर है। 

विदित हो कि एयर विंग एन सी सी में पहले ग्लाइडर फिर जेन एयर माइक्रो लाइट और अब इन नए एयर क्राफ्ट से प्रशिक्षण शुरू हुआ है, जो कि कैडेट्र्स के लिए रोमांचकारी है। 

 

 


Date : 16-Oct-2019

उच्च शिक्षा के तत्वावधान में आयोजित अंतर-महाविद्यालयीन कबड्डी स्पर्धा में अभनपुर विजेता    

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
उच्च शिक्षा के तत्वावधान में आयोजित अंतर-महाविद्यालयीन कबड्डी स्पर्धा में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस महाविद्यालय अभनपुर को विजेता तथा छत्तीसगढ़ महाविद्यालय की टीम उपविजेता रही। फ़ाइनल मुकाबले में अभनपुर ने छत्तीसगढ़ महाविद्यालय की टीम को 14-07 अंकों से पराजित किया। अग्रसेन महाविद्यालय, पुरानी बस्ती  परिसर में आयोजित इस स्पर्धा के समापन अवसर पर विधायक सत्यनारायण शर्मा ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कृत किया। इस स्पर्धा के आधार पर विश्वविद्यालय स्तरीय स्पर्धा के लिए टीम का चयन भी किया गया। नाक-आउट आधार पर आयोजित इस प्रतियोगिता में रायपुर सहित कुल प्रदेश से विभिन्न स्थानों से आई हुई कुल तेईस महाविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया।

 


Date : 16-Oct-2019

बस्तर स्तंभ युक्त पेंटिंग्स कला प्रेमियों को लुभा रही हैं- कला शिक्षक डॉ. ध्रुव तिवारी 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
विवेकानंद एयरपोर्ट गैलरी में इन दिनों कलाकार ध्रुव तिवारी की बस्तर माडिया स्तंभ युक्त पेंटिंग्स कला प्रेमियों के आकर्षक का केन्द्र बनी हुई हैं। विगत दिवस शुरू हुई प्रदर्शनी 13 नवम्बर तक देखी जा सकती है। 

केन्द्रीय विद्यालय में कार्यरत कला शिक्षक डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि उन्होंने बस्तर की लोककला पर पीएचडी की है। रिसर्च के दौरान बस्तर के कलायुक्त स्तंभ उन्हें सदैव आकर्षित करते रहे। परिजनों की देहावसान उपरांत आदिवासियों द्वारा स्तंभ युक्त कलाकृति बेजोड़ है। 

वह चाहते हैं कि आदिवासियों की कलात्मक संस्कृति को लोक जाने। इस उद्देश्य से उन्होंने विवेकानंद एयरपोर्ट गैलरी में प्रदर्शनी लगाई है। प्रदर्शनी में 10 पेंटिंग्स शामिल की गई हंै। 

 

 


Date : 16-Oct-2019

 मुख्य सचिव  की अध्यक्षता में महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य आयुष सोसायटी के शासी निकाय की छठवीं बैठक का आयोजन, आयुष विभाग द्वारा संचालित की जा रही गतिविधियों की समीक्षा की 

रायपुर, 16 अक्टूबर। मुख्य सचिव सुनील कुजूर की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य आयुष सोसायटी के शासी निकाय की छठवीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आयुष विभाग द्वारा संचालित की जा रही गतिविधियों की समीक्षा की गई। 

मुख्य सचिव ने आयुष मिशन अंतर्गत विगत वर्षो में स्वीकृत गतिविधियों की धीमी गति और स्वीकृत निर्माण कार्यों के अब तक पूर्ण नहीं होने पर गहरी नाराजगी जतायी है। मुख्य सचिव ने संचालक आयुष को कार्य में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए है। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य सचिव को निर्देशित किया है कि आयुष मिशन के कार्यो की नियमित निगरानी और मॉनिटरिंग की जाए। शासी निकाय के बैठक का आयोजन नियमित रूप से कराये जाने के निर्देश भी उन्होंने दिए है। बैठक में वर्ष 2019-20 के लिए 53 करोड़ 49 लाख 51 हजार रूपए की वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। यह कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भारत सरकार आयुष मंत्रालय को भेजा जाएगा।

 बैठक में अपर मुख्य सचिव सी.के. खेतान, के.डी.पी. राव, अमिताभ जैन, निहारिका बारिक सिंह, प्रियंका शुक्ला, नीरज बंसोड, संचालक आयुष जी.एस. बदेशा सहित आयुष विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 


Date : 16-Oct-2019

बाइक सवार तीन लोगों ने ज्वेलरी कारोबारी की कार में तोडफ़ोड़, जुर्म दर्ज 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
शहर का एक ज्वेलरी कारोबारी चंदन सोनी(25) अपनी कार से कल दोपहर अपने घर हांडीपारा आजाद चौक जा रहा था, तभी बाइक सवार तीन लोगों ने नल घर चौक के पास उसे रोककर गाली-गलौज शुरू कर दी। रात से उसकी कार में भी तोडफ़ोड़ की। पुलिस तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ में लगी है। फिलहाल तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। गाली-गलौज, तोडफ़ोड़ का कारण भी फिलहाल पता नहीं चल पाया है। 

 


Date : 16-Oct-2019

होटल में संदिग्ध हालत में पकड़ाए 6 युवक-युवती, खमतराई पुलिस की दबिश, युवतियां बाहरी  

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
खमतराई पुलिस ने बीती देर रात अपने थाना ेक्षेत्र के श्रीनगर बस्ती स्थित श्रीजी पैलेस होटल में दबिश दी। इस दौरान वहां 6 युवक-युवती (3 जोड़े) संदिग्ध हालत में पकड़े गए। पकड़े गए युवकों में एक रायपुर, एक बालोद व एक भिलाई के एवं तीनों युवतियां राज्य के बाहर की बताई जा रही है। पुलिस तीनों युवकों के अलावा होटल मालिक, मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई में लगी है।  

पुलिस के मुताबिक श्रीनगर खमतराई के इस होटल में पिछले कुछ समय से युवक-युवतियों का आना-जाना बना हुआ था। वहां सेक्स रैकेट की भी शिकायत मिल रही थी। आसपास रहने वाले लोगों की शिकायत पर पुलिस ने बीती रात होटल में दबिश दी। इस दौरान 6 युवक-युवती वहां संदिग्ध हालत में पकड़े गए। पूछताछ में तीनों युवक छत्तीसगढ़ के निकले, लेकिन युवतियां राज्य के बाहर की बताई जा रही है। 

पुलिस का कहना है कि फिलहाल तीनों युवकों और होटल मालिक-मैनेजर को हिरासत में ले लिया गया है। युवतियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। दूसरी ओर पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करते हुए और भी जानकारी जुटाने में लगी है। उल्लेखनीय है कि शहर के और भी होटलों में इसी तरह सेक्स रैकेट मामले में कई युवक-युवती पकड़े जा चुके हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। 

 


Date : 16-Oct-2019

14 राज्यों के अधिकारियों ने नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी का किया अध्ययन, रायपुर में आयोजित ‘सत्त मानव विकास में वानिकी का योगदान’ कार्यशाला 

रायपुर, 16 अक्टूबर। राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर में आज भारतीय वन सेवा के उच्च अधिकारियों के लिए ‘सतत् मानव विकास में वानिकी का योगदान’ विषय पर दो दिवसीय अखिल भारतीय अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन किया गया। 

प्रशिक्षण में देश के विभिन्न राज्यों तमिलनाडू, त्रिपुरा, महाराष्ट, झारखण्ड, गुजरात, केरल, मणिपुर, मेघालय, मध्यप्रदेश, असम, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक तथा उड़ीसा राज्य के कुल 22 भारतीय वन सेवा के उच्च अधिकारियों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला में वानिकी संबंधी महत्वपूर्ण तकनीकी सत्रों के साथ-साथ प्रदेश में वानिकी के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों तथा छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी - नरवा, गरूवा, घुरवा बाडी- ऐला बचाना है संगवारी’ का अध्ययन भी कराया गया।   

कार्यशाला के समापन सत्र में आयुक्त एवं सचिव, मनरेगा, श्री टी.सी. महावर ने अपने उद्बोधन में सतत् मानव विकास के लिए वानिकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जहां पर 44 प्रतिशत वन आच्छादित क्षेत्र है और 33 प्रतिशत जनजातियां निवास करती हैं, ऐसे में वनों से प्राप्त होने वाले वनोपजों एवं अन्य वस्तुएं न केवल स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं बल्कि उनकी आजीविका का भी आधार है। सम्पूर्ण विश्व में जहॉं जलवायु परिवर्तन एक गंभीर समस्या के रुप में परिलक्षित हो रहा है ऐसे में वनों के विकास एवं कुशल प्रबंधन की आवश्यकता और भी प्रासंगिक है। राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर द्वारा लगातार इस क्षेत्र में सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं। 

आयुक्त श्री महावर ने  कहा कि कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से आये वन अधिकारियों को प्रशिक्षण में प्रदान की गई जानकारी उनके राज्यों में वानिकी के क्षेत्र में नवाचारों को स्थापित करनें में सहायक होगी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वनों एवं ग्रामीण वनांचलों में निवासरत लोगों के पुनरोद्धार एवं सतत् विकास के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में राज्य की महत्वपूर्ण ‘छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी - नरवा, गरूवा, घुरवा बाडी- ऐला बचाना है संगवारी के उद्देश्य के साथ छत्तीसगढ़ में सतत् विकास के लिए एक अभिनव परियोजना’ का क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे न केवल स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित होगा बल्कि उन पर आधारित कार्यों से स्थानीय जनता को आजीविका के साधन भी उपलब्ध होंगे। आज संम्पूर्ण देश में इस योजना को समझने सीखने एवं अपने-अपने क्षेत्रों में क्रियान्वयित करने की आवश्यकता है। 

कार्यशाला के अंतिम तकनीकी सत्र में ‘सतत मानव विकास में वानिकी का योगदान एवं अनुशंसा’ विषय पर चर्चा हेतु पैनल परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें पैनल अध्यक्ष के रूप में निवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख डॉ. आर. के सिंह, सेवा तथा पैनल विशेषज्ञ के रूप में सचिव राज्यपाल एवं संसदीय कार्य सोनमणी बोरा सम्मिलित हुये। 
़प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा निदेशक राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान मुदित कुमार सिंह और पूर्व प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास पी. सी मिश्रा उपस्थित थे। कार्यक्रम में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं अतिरिक्त संचालक, राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान जे.ए.सी.एस राव ने आभार प्रदर्शन किया।


Date : 16-Oct-2019

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना आवश्यक- राज्यपाल उइके 

46वीं जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान, गणित और पर्यावरण प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

रायपुर, 16 अक्टूबर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा कि विद्यार्थी वैज्ञानिक सोच विकसित करें। आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक होंगे और वे ही कल वैज्ञानिक के रूप में पूरे विश्व में हमारे देश का नाम रोशन करेंगे तथा विज्ञान के क्षेत्र में नए-नए शोध करेंगे। 

सुश्री उइके बीटीआई ग्राउंड में आयोजित छह: दिवसीय 46वीं जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान, गणित और पर्यावरण प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थी। इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। 
राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान का विकास इस तरह से किया जाना चाहिए कि पर्यावरण संरक्षित रहे और प्रकृति द्वारा प्रदत्त सारे लाभों को प्राप्त किया सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान का उपयोग विकास के लिए हो, विनाश के लिए नहीं। आज जो हमारे समक्ष शुद्ध पेयजल-वायु की उपलब्धता जैसे अनेकों चुनौतियां है, जिनके लिए शोध करने की आवश्कता है, ताकि हमारा विकास सतत् और सम्पूर्ण हो। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए कहा कि उनके महत्वपूर्ण योगदान के फलस्वरूप विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। 

राज्यपाल ने भारत देश के वैज्ञानिक विरासत को गौरवशाली बताते हुए कहा कि यहां पर शून्य जैसे महानतम खोज की गई, जिसके कारण सुपर कम्प्यूटर जैसे अविष्कार संभव हो पाया। साथ ही हमारे देश में आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञ हुए, जिन्होंने पाई के मान से लेकर चंन्द्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण की बारीकियां सहजता से निकाल ली। 

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य की बात है कि इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी के आयोजन की जिम्मेदारी दो बार छत्तीसगढ़ को मिली है।  डॉ. टेकाम ने कहा कि इस प्रदर्शनी में 27 प्रदेश के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है और 147 से अधिक मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी की संकल्पना दी है। इसके माध्यम से जलस्रोतों का संरक्षण के साथ पुनरूद्धार किया जा रहा है और गरूवा-जैविक खेती के माध्यम से कृषि का विकास किया जा रहा है। 

महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी बच्चों की प्रतिभा और सृजनात्मकता के विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने पालिथिन के उपयोग न करने का आग्रह किया। 

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने बताया कि हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की विज्ञान में गहरी रूचि थी और वे चाहते थे कि सभी भारतीओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण हो। 

पंडित नेहरू के वैज्ञानिक सोच के फलस्वरूप ही देश में चहुंओर वैज्ञानिक प्रगति हुई और आईआईटी सहित अन्य तकनीकी संस्थान स्थापित हुए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद्, नई दिल्ली के केन्द्रीय निदेशक ऋषिकेश सेनापति नेे इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी की अवधारणा और महत्ता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। समग्र शिक्षा एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद छत्तीसगढ़ के निदेशक पी. दयानंद ने स्वागत भाषण दिया। 

 राज्यपाल ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन
सुश्री उइके ने 46वीं जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान, गणित और पर्यावरण प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से उनके संबंध में जानकारी ली।


Date : 16-Oct-2019

बिजली बकायादारों से वसूली, चोरों पर कठोर कार्रवाई जारी, हाफ रेट बिजली योजना के लाभ से डिफाल्टर उपभोक्ता वंचित- चेयरमेन शैलेन्द्र शुक्ला

रायपुर, 16  अक्टूबर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं, अवैध कनेक्शनधारियों और बिजली चोरों के खिलाफ कठोर कार्यवाही हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इसके अन्तर्गत रायपुर क्षेत्र में लगभग 3300 बकायादार उपभोक्ताओं के कनेक्षन विच्छेदित किये गये। विच्छेदित कनेक्शन के पुनर्संयोजन हेतु बकायादारों से 2 करोड़ से अधिक राशि की वसूली की गई। बिजली चोरी में लिप्त उपभोक्ताओं के नाम प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में सार्वजनिक तौर पर उजागर किया जा रहा हैं। अत: उपभोक्तागण विद्युत का वैद्य कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। 

पॉवर कंपनी के चेयरमेन शैलेन्द्र शुक्ला ने कहा कि विद्युत का वैध कनेक्शन न केवल समुचित रौशनी सहित सुरक्षित जीवन को सुनिश्चित करता है अपितु यह प्रथम 400 यूनिट तक हाफ बिजली माफ योजना का आर्थिक लाभ भी प्रदान करता है।  अत: उपभोक्तागण अवैधानिक तरीके से बिजली लेने पर होने वाली दण्डात्मक कार्यवाही, सामाजिक अपमान, विद्युत दुर्घटना एवं आर्थिक दण्ड तथा कारावास जैसी परेशानियों से बचने के लिए वैधानिक विद्युत कनेक्शन ले। यह अनेक दृष्टि से उपभोक्ता सहित पॉवर कंपनीज संस्था के लिए हितकारी है। 

बिजली विभाग द्वारा गठित अधिकारियों की टीम गांव-शहर के भवनों, होटलों, दुकान और मकानों के विद्युत कनेक्शनों की आकस्मिक जांच कर रही है। इस अभियान के अन्तर्गत जांच दलों  को उपभोक्ताओं के घरों एवं दुकानों में स्थापित विद्युत मीटरों से बायपास कर या विद्युत खंभे से हुकिंग कर बिजली की चोरी करते हुए पकड़ा गया। जिस पर विद्युत अधिनियम की धारा 135 व 138 के तहत कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज कर विशेष न्यायालय को प्रकरण पे्रषित किया गया। प्रदेश में जारी ‘हाफ रेट पर बिजली योजना’ का लाभ भी डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा हैं। 

बिजली से जुड़े विभिन्न अनियमितताओं और अपराधों के संबंध में विद्युत अधिनियम  2003 के तहत दर्ज मामलों में तीन वर्ष का कारावास अथवा जुर्माना दोनों लगाया जाता है। प्रदेशव्यापी बिजली कनेक्शन जांच अभियान के अंतर्गत बिजली चोरी में लिप्त उपभोक्ताओं के विरूद्ध धारा 135, बिजली लाईनों और सामग्री की चोरी में लिप्त उपभोक्ताओं के विरूद्ध धारा 136 तथा चुराई गई संपत्ति प्राप्त करने के लिए धारा 137 में दंडात्मक कार्यवाही और विद्युत मीटरों से छेड़छाड़ के मामले में धारा 138 के तहत मामलें दर्ज किये जा रहे हैं। बकाया भुगतान नहीं करने अथवा अन्य अनियमिताओं के कारण जिन उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन विच्छेदित किये गये हैं, ऐसे कनेक्शनों की जांच सांझ ढले दोबारा की जा रही हैं। जिससे विच्छेदित कनेक्शन को अवैधानिक रूप से पुन: जोडऩे वाले, विद्युत खंभें से हुकिंग कर बिजली लेने वाले अथवा पड़ोस से बिजली कनेक्शन लेने वाले पर दंडात्मक कार्यवाही की जा रही हैं।


Date : 16-Oct-2019

जेवर बनाने दिया 5 लाख का सोना वापस नहीं, कारीगर हिरासत में, एटी ज्वेलर्स मैनेजर की शिकायत पर कार्रवाई 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर।
सदर बाजार के एक कारीगर ने जेवर न बनाकर करीब सवा सौ ग्राम सोना दबाकर अपने पास रख लिया, जिसकी कीमत करीब 5 लाख आंकी गई है। ज्वेलरी कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने कारीगर को हिरासत में ले लिया है, पूछताछ जारी है। 

पुलिस के मुताबिक सदर बाजार स्थित अनोपचंद-तिलोकचंद ज्वेलर्स के मैनेजर संतोष पाल ने 31 मार्च 2019 को उसी क्षेत्र के एटी इंसपेक्ट ज्वेलरी कारखाना में 124.710 ग्राम सोना जेवर बनाने के लिए दिया था। इस दौरान वहां के कारीगर को कहा गया था कि त्योहारी सीजन आने के पहले ज्वेलरी मिल जाए, लेकिन वहां के कारीगर तापस खा (30) ने उस सोने की ज्वेलरी 15 अक्टूबर 2019 तक वापस नहीं किया। 

एटी ज्वेलर्स के मैनेजर ने यह शिकायत करते हुए कोतवाली पुलिस  को बताया कि वह सोना या जेवर की मांग लगातार करता रहा, लेकिन कारीगर दोनों में से कोई भी चीज वापस नहीं किया। ऐसे में उसके संस्थान को काफी नुकसान हो रहा है। 

पुलिस का कहना है कि ज्वेलरी कारोबारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी कारीगर को हिरासत में ले लिया गया है। उससे जेवर बनाने के लिए दिए गए सोने को लेकर पूछताछ की जा रही है। 


Date : 15-Oct-2019
सीआईडी में लंबित प्रकरणों की गृह मंत्री ने की समीक्षा, त्वरित निराकरण के निर्देश
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर 15 अक्टूबर। प्रदेश के गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने मंगलवार अपने रायपुर निवास कार्यालय में पुलिस मुख्यालय अपराध अनुसधान विभाग (सीआईडी) शाखा के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सीआईडी शाखा में लंबित शिकायतों एवं महत्वपूर्ण अपराधों की समीक्षा की और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने सीआईडी शाखा को प्रदेश के जिलों के लंबित अपराधों के निराकरण के लिये भी समन्वय स्थापित कर प्रकरणों को निराकृत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 
 
बैठक में पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी ने गृह मंत्री को सीआईडी के कार्यप्रणाली से अवगत कराया और उनके मंशा के अनुरूप अपराध अनुसंधान शाखा के कार्य को और अधिक बेहतर ढंग से करने तथा आधुनिक प्रणाली का उपयोग करते हुये अपराधों को सुलझाने के लिये बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, उप पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी, डॉ. संजीव शुक्ला, नेहा चंपावत, सहायक पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुजुर, राजेश अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, वर्षा मिश्रा, एम. एन. पाण्डेय, सुमंत्रा मरकाम, कविलाश टण्डन, भारतेंदु द्विवेदी सहित सीआईडी के सभी अधिकारी उपस्थित थे। 
 

Date : 15-Oct-2019

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने जिला अस्पताल किया निरीक्षण, वार्डों में गंदगी देख नाराजगी जताई, अधिकारियों को अस्पताल में सफाई व्यवस्था चुस्त रखने आदेश दिया 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 15 अक्टूबर।
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके मंगलवार  को यहां जिला अस्पताल निरीक्षण पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने परिसर के साथ वार्डों में गंदगी देख नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था चुस्त रखी जाए। 

राज्यपाल सुश्री उइके आज सुबह जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा के लिए पहुंचीं। उन्होंने वहां के प्रसूति समेत विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और वहां भर्ती मरीजों का हालचाल पूछा। इस दौरान पीने के पानी की जगह भारी गंदगी की शिकायत पर वे वहां तक पहुंचीं। उन्होंने पेयजल के स्थान पर गंदगी को लेकर नाराजगी जताते हुए तुरंत साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दवा व अन्य सुविधाएं भी मरीजों को उपलब्ध कराने कहा। 

 


Date : 15-Oct-2019

विधायक ने दर्जनों वृद्धों को जंगल सफारी सैर कराया

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 15 अक्टूबर।
तेलीबांधा वृद्धाश्रम के दर्जनों वृद्धों ने मंगलवार को  जंगल सफारी का सैर किया। रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा उन सभी को जंगल सफारी घुमाने ले गए थे। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने वृद्धोंं को बधाई देते उन्हें विदा किया। साथ ही उन्होंने विधायक जुनेजा द्वारा की जा रही मानव सेवा की तारीफ की। उल्लेखनीय है कि इसके पहले श्री जुनेजा ने कुष्ठजनों को जंगल सफारी का सैर करवाया था। इस दौरान कांग्रेस नेता संजय पाठक, महेंद्र छाबड़ा, अरुण भद्रा, सुनील भुवाल, मनोज राठी, सत्तू सिंह, हन्नी जुनेजा,करन जुनेजा आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।