छत्तीसगढ़ » रायपुर

31-May-2020 5:51 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 31 मई। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों एवं जिला पंचायत अध्यक्षों को पत्र लिखकर कोविड-19 के नियंत्रण के लिए स्थापित विशेषीकृत अस्पतालों और क्वारेंटाइन सेंटर्स के बेहतर प्रबंधन और व्यवस्था के लिए सुझाव मांगे हैं। उन्होंने इन अस्पतालों और सेंटर्स से संबंधित शिकायतों एवं त्रुटियों की जानकारी भी साझा करने का आग्रह किया है ताकि जनप्रतिनिधियों की अपेक्षानुसार वहां व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।  सांसद, विधायक एवं जिला पंचायत अध्यक्षगण उन्हें पत्र लिखकर या ईमेल आईडी के माध्यम से अपने सुझावों एवं शिकायतों से अवगत करा सकते हैं। श्री सिंहदेव ने पत्र में लिखा है वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण से प्रदेश जूझ रहा है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इसके सक्रिय एवं संदिग्ध मामलों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए आवश्यकतानुसार कोविड अस्पतालों और क्वारेंटाइन सेंटर्स की आपात व्यवस्था की गई है।

राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सभी क्वारेंटाइन सेंटर्स में बेहतर व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने पत्र में कहा है कि वर्तमान विषम परिस्थितियों में सभी जनप्रतिनिधियों का लगातार सहयोग मिल रहा है। आगे आने वाले समय में भी जनप्रतिनिधियों का निरंतर सहयोग अपेक्षित है।


31-May-2020 5:50 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 31 मई। गांव में रोजी मजदूरी न मिलने और क्वॉरंटीन के डर के कारण प्रवासी मजदूर शहर में काम करते हुए गांव में खेती किसानी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

कानपुर में रहकर राजमिस्त्री, ईंट भट्ठों में काम करने वाले मजदूरों ने ‘छत्तीसगढ़’ से वस्तुस्थिति को साझा किया। तिल्दा के विजय कुमार ने बताया कि किशोरावस्था से ही वह मां बाप के साथ शहर जाकर मजदूरी करते आ रहे हैं।

वर्षों से चली आ रही मजदूरी में आज उनका साथ दे रहे हैं। गांव में मां, पत्नी, बहु और परिवार है। विजय कहते हैं गांव में रोजी मजदूरी नहीं मिलती है और मिलती भी है तो उसके भरोसे परिवार का गुजारा नहीं हो पाता है इसलिए मजबूरन गांव से शहर आना पड़ता है। कोरोना के कारण गांव वापसी चाहते थे लेकिन साधन नहीं मिला। अब यहां काम शुरू हो गया है। गांव जाने पर 14 दिन क्वॉरंटीन होना पड़ेगा। इसलिए अब यहां काम खत्म होने और गांव में खेती किसानी शुरू होने पर ही वापस जाएंगे।

तिल्दा भिंभोरी गांव के अशोकपाल फरवरी माह में भाई-भतीजों के साथ कानपुर मजदूरी करने गए थे। लॉकडाउन में काम बंद हो गया और गांव भी वापस नहीं लौट पाए। अब जबकि काम एक बार फिर शुरू हो गया है वह फिलहाल गांव नहीं लौटना चाहते हैं।

अशोकपाल कहते हैं यहां 40-45 दिन का काम बाकी है। काम पूरा होते तक गांव में खेती किसानी का काम शुरू हो जाएगा तब गांव जाएंगे। खुद का खेत ज्यादा नहीं है लेकिन दूसरों के खेत में अधिया का काम मिल जाता है।

मोड़हे गांव से कानपुर मजदूरी करने गए उदयराम ने बताया कि उनके गांव और आसपास के गांव के 22 लोक कानपुर गए थे। लॉकडाउन के कारण काम बंद होने से उधार लेकर किसी तरह गुजारा किए। अब जब काम शुरू हो गया है तो कुख बचत करके गांव लौटेंगे। उदयराम कहते हैं गांव में न खेत है न ही अपना घर है। गांव में मजदूरी भी नहीं मिलती है। लौटने पर 14 दिन क्वॉरंटीन रहना पड़ेगा इसलिए खेती किसानी शुरू होने पर ही गांव लौटेंगे।

 


31-May-2020 5:49 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 31 मई। जांजगीर चांपा जिले के खजुरानी गांव के धुमरादास परिवार सहित हरियाणा के हिसार जिला के कनोह गांव में ईंटभट्टा में इन दिनों काम कर रहे हैं। धुमरादास का कहना है कि वह वापस गांव लौटना चाहते हैं लेकिन जमादार ने उन्हें बंधक बना रखा है। वह चाहते हैं कि छग शासन उनके परिवार के मुक्त कराने में उनकी मदद करे।

‘छत्तीसगढ़’ को फोन पर धुमरादास ने बताया कि पिछले साल नवम्बर माह में वह गांव के एक व्यक्ति के भरोसे से वह परिवार सहित हरियाणा ईंटभट्टा गए थे। जमादार ने ईंट बनाने के एवज में उन्हें 37 हजार रूपए दिए थे। अब तक वह 2 लाख 50 हजार ईंट बना चुके हैं लेकिन उनका हिसाब बराबर नहीं हुआ है। गांव वापसी की बात कहने पर जमादार उनके साथ दुव्र्यवहार करता है।  इस संबंध में ऑनलाइन छग श्रम विभाग में उन्होंने शिकायत की थी। हिसार थाने में छानबीन के बाद मालिक और जमादार दोनों ही उन्हें और उनके परिवार को प्रताडि़त करते हैं।

 


31-May-2020 5:48 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 31 मई। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह रविवार को मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पूरा होने पर उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला साल ऐतिहासिक रहा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि एक साल की मोदी सरकार ने विकास का अध्याय लिखा गया है। धारा-370, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और ट्रिपल तलाक की कुप्रथा का अंत बड़ी उपलब्धि रही है। पहले कार्यकाल में बड़े परिवर्तन के लिए वोट किया गया था। गरीबों के खाते खोलना बड़ी उपलब्धि रही, एयर स्ट्राइक, जीएसटी आदि में बड़े काम हुए। पहले कार्यकाल में भारत की आन बान शान में वृद्धि हुई। 2019 में पहले कार्यकाल के कामों पर जनता ने विश्वास जताया और दोबारा आशीर्वाद दिया।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में सदियों से जन मानस को झंझोडऩे वाले मुद्दों को लेकर कठोर निर्णय लिए गए। आतंकवाद विरोधी अधिनियम को लागू करना और अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना इसका सबूत है। जम्मू-कश्मीर में 70 वर्षो से नासूर बने अनुच्छेद 370 के खात्मे के निर्णय से 130 करोड़ देशवासियों का एक भारत-श्रेष्ठ भारत का सपना साकार हो गया। इसके अलावा लद्दाख को अलग राज्य बनाने का काम हुआ, नागरिक संशोधन अधिनियम, सबका साथ सबका विकास को लेकर काम हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान निधि में 72 हजार करोड़ किसानों को दिया गया। जल जीवन मिशन के तहत अंतिम घर तक शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई। इंटरनेट उपयोग करने में ग्रामीण क्षेत्र में शहरी क्षेत्र की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़ गई है। एक साल में बैंकों का विलय किया गया। पीएम मोदी ने स्वदेशी और स्वालंबन की बात कही है, कोविड-19 के संकट को अवसर में बदलने का काम किया है। आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख करोड़ की व्यवस्था की गई। इस मौके पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने भी मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पूरा होने पर बीजेपी कार्यर्ताओं को बधाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को श्रद्धांजलि दी।


31-May-2020 5:47 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 31 मई। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर टामन सिंह सोनवानी राज्य लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष बनाए गए हैं। सरकार की अनुशंसा के बाद विधिवत आदेश जारी कर दिए गए हैं। श्री सोनवानी मुख्यमंत्री के सचिव के साथ-साथ कृषि विभाग का भी प्रभार था।

 


31-May-2020 5:47 PM

रायपुर, 31 मई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज माहेश्वरी समाज की उत्पति दिवस एवं प्रभु शिव की उपासना के पर्व महेश नवमी की प्रदेशवासियों सहित देश-विदेश में रह रहे माहेश्वरी समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।  श्री बघेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि यह दिन हम सबको जरूरतमंदों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित होने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है। श्री बघेल ने कोरोना महामारी के इस संकट में जरूरतमंदों की मदद के लिए भारतवर्षीय माहेश्वरी युवा संगठन के द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना की है।


31-May-2020 5:46 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 31 मई। कोरोना प्रबंधन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बयान पर कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा केंद्र सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए राज्यों पर दोष मढऩे की कोशिश कर रही है. लेकिन जनता सब जान समझ रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सच यह है कि 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा होते ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आपदा प्रबंधन कानून के तहत सारे अधिकार अपने पास रख लिए थे और राज्य सरकार तो सिर्फ आदेशों का पालन करते रहे।

उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री राहत कोष के रहते हुए नरेंद्र मोदी ने ‘पीएम केयर्स’ नाम की एक संस्था खड़ी करने का षडयंत्र रचा और सारी राशि अपने पास रख ली. राज्यों के बार बार अनुरोध के बाद भी कोरोना से लडऩे के लिए कोई सहायता राशि नहीं दी गई. सांसदों की निधि से लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से हज़ारों करोड़ रुपयों की राशि ‘पीएम केयर्स’ में रख ली जिसका हिसाब न सार्वजनिक किया जा रहा है और न इसका ऑडिट कैग के जरिए होने वाला है।

श्री त्रिवेदी ने कहा है कि जिस दिन रेलमंत्री पीयूष गोयल झूठ का पुलिंदा लेकर बयान दे रहे थे उसी दिन तय हो गया था कि अब भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी विफलताओं का ठीकरा राज्य सरकारों पर फोडऩे का षडयंत्र शुरु कर दिया है. उन्होंने कहा है, सच यह है कि राज्यों में सारी गतिविधियां बंद करने का फ़ैसला प्रधानमंत्री का था, मज़दूरों को बिना काम-धाम किए रोकना उन्हीं का फैसला था, आर्थिक गतिविधियां रोकना भी उन्हीं का फैसला था। यहां तक कि कोरोना के इलाज के लिए किट उपलब्ध करवाना भी शुरुआत में केंद्र के हाथ में थ। दरअसल कोरोना संकट एक चिकित्सकीय संकट था जिसे मोदी सरकार के फ़ैसलों ने मानवीय त्रासदी में बदल दिया।

संचार विभाग प्रमुख ने कहा है कि अगर केंद्र की भाजपा सरकार इस संकट से निपटने में सक्षम होती तो लॉकडाउन की घोषणा होते ही दिल्ली की सीमा पर इक_ा हुए लाखों मज़दूरों को रोक लेती या कोई इंतजाम कर लेती। सच यह है कि लाखों लोग पहले दिन से सडक़ों पर जो निकले तो आज तक यह सिलसिला रुका नहीं है। सडक़ों पर हज़ारों मील पैदल चलने के लिए मजबूर करने वाली सरकार केंद्र की भाजपा सरकार ही है। सडक़ों पर और रेलवे ट्रैक पर हुई अनगिनत मौतों के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही जिम्मेदार हैं. दर्जनों ट्रेनों के रास्ता भटकने के लिए कौन जिम्मेदार है यह बताने की ज़रुरत भी नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर अफसोस जाहिर करते हुए शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पंद्रह साल प्रदेश के मुखिया रहे व्यक्ति को सत्ताच्युत होते ही इस राज्य से इतना भी लगाव नहीं बचा है कि वे अपनी पार्टी के सांसदों से कह पाते कि वे कोरोना संकट से निपटने के लिए अपनी सांसद निधि का पैसा राज्य में खर्च करवा पाते. उन्होंने कहा है कि जहां तक आर्थिक संकट का सवाल है तो इसे तो प्रदेश की सरकार ने स्वीकार किया है और इसीलिए उसने केंद्र से 30 हजार करोड़ का आर्थिक पैकेज मांगा है।

अच्छा होता यदि रमन सिंह राजनीतिक रोटी सेंकने वाले बयान की जगह इस पैकेज के समर्थन में प्रधानमंत्री को पत्र लिखते।

 

 


30-May-2020 9:27 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 30 मई। देश में लॉकडाऊन 30 जून तक जारी रहेगा। केन्द्र सरकार ने अभी लॉकडाऊन 5.0 की नई शर्तें जारी की हैं। इसके तहत रात 9 से सुबह 5 तक कफ्र्यू लागू रहेगा, लोगों की आवाजाही बंद रखी जाएगी। लेकिन कई तरह की छूट की घोषणा भी की गई है।

अभी-अभी आए समाचार के मुताबिक केन्द्र सरकार ने लॉकडाऊन बढ़ाने के साथ ही छूट भी बढ़ाने की घोषणा की है। आठ जून से धार्मिक स्थल कुछ शर्तों के साथ शुरू होंगे, और होटल, रेस्त्रां, मॉल भी कई शर्तों के साथ चालू होंगे।

हालांकि केंद्र सरकार ने यह कहा है कि उसकी लगाई बंदिशों को राज्य कम नहीं कर सकेंगे, लेकिन कुछ बातों को राज्यों पर छोड़ा गया है। राज्य जुलाई से अगर चाहें तो स्कूल-कॉलेज शुरू कर सकेंगे।

एक दूसरी बात यह बताई गई है कि धार्मिक स्थल हॉटस्पॉट के बाहर ही खुल सकेंगे, और उन पर कई शर्तें लागू होंगी।

यह कहा गया है कि एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए पास की जरूरत नहीं रहेगी। सिनेमाघरों के बारे में अभी फैसला नहीं लिया गया है कि वे खुलेंगे या नहीं।


30-May-2020 7:07 PM

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस 

रायपुर , 30 मई। बीड़ी-सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वाले लोग न केवल अपने जीवन से खिलवाड़ करते हैं बल्कि घर-परिवार की जमा पूंजी को भी इलाज पर फूंक देते हैं। इस पर काबू पाने के लिए सरकार के साथ ही बहुत सी समाज सेवी संस्थाएं भी लोगों को जागरूक करने के काम में लगी हुई हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए हर साल 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है जिसके जरिये लोगों को तम्बाकू के खतरों के प्रति सचेत किया जाता है। इस बार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन संभव नहीं है, इसलिए तम्बाकू के सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरुकता लाने एवं सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रावधानों के क्रियान्वयन हेतु सोशल मीडिया, फेसबुक लाइव, रेडियो/वीडियो प्रसारण व विज्ञापनों के जरिये धूम्रपान के खतरों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा।इस बार कार्यक्रम की थीम युवाओं पर आधारित है। यानि युवाओं को उद्योगों की छलयोजनाओं सेसुरक्षित रखनाऔर उन्हें तम्बाकू के सेवन से बचाना।

राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ के नोडल अधिकारी डॉ.कमलेश जैन का कहना है बीड़ी-सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पादों के सेवन से देश में हर साल करीब 12 लाख लोग यानि करीब तीन हजार लोग हर रोज दम तोड़ देते हैं 

डॉ. जैन का कहना है- हमें धुम्रपान एवं तम्बाकू उत्पाद के सेवन तथा उनसे होने वाली बीमारी पर लगाम लगाना हैताकि हर व्यक्ति स्वस्थ नागरिक बन सकें, जो राष्ट्र के विकास में सहायक हो। तंबाकू के नियंत्रण में केवल आधिकारिक तौर पर नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी आगे आने की जरूरत है। साथ ही कोविड-19 के संक्रमण समय में तंबाकू एवं तंबाकू से संबंधित पदार्थों का सेवन और घातक हो सकता है।

डॉ. जैन का कहना है युवा शुरू-शुरू में शान के चक्कर में सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पादों की गिरफ्त में आता है जो उसे इस कदर जकड़ लेती है कि उससे छुटकारा पाना उसके लिए बड़ा कठिन हो जाता है।  उनका कहना है धूम्रपान करने या अन्य किसी भी रूप में तम्बाकू का सेवन करने वालों को करीब 40 तरह के कैंसर और 25 अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आने की पूरी सम्भावना रहती है।

डॉ.जैन का कहना है की राज्य के 21 जि़लों में तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्र भी स्थापित है जहॉ से तम्बाकू नशा मुक्ति के लिये परामर्श एवं उपचार भी किया है । बिलासपुर देश पहला जि़ला है जहॉ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का निषेध (उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) अध्यादेश, 2019 लागू होने के बाद ई-सिगरेट पर सबसे पहली कार्यवाही की गयी है । बिलासपुर राज्य का पहला जि़ला है जहॉ कलेक्टर द्वारा शहरी क्षेत्र को तंबाकू मुक्त जि़ला बनाने की पहल की गई है । 26 जनवरी 2020 को जशपुर शहर राज्य का प्रथम धुम्रपान मुक्त शहर बना ।
 


30-May-2020 6:47 PM

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस  पर विशेष

रायपुर 30 मई। स्वास्थ्य विभाग में नियमित ड्राइवर के रूप में कार्य कर रहे 52 वर्षीय शोभाराम पटेल कोस्कूल में पढ़ते समयसे गुटखा खाने की आदत पड़ गई थी । पहले तो एक-दो पाउच गुटखा खाकर ही संतोष हो जाता था लेकिन धीरे-धीरे आदत ऐसी पड़ी कि कम से कम 200-250 रुपये के पाउच तक का सेवन करने लगे ।आमदनी कम थी और उस पर यह आदत जिसके कारण घर की आर्थिक स्थिति भी खराब होने लगी थी। नौकरी के शुरुआती दिनों में सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ रहे और उसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय में ।वर्तमान में नर्सिंग कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं ।

शोभाराम पटेल बताते हैं उनकी इस आदत के कारण नर्सिंग कॉलेज में नर्स की ट्रेनिंग ले रही छात्राओं को काफी परेशानी होती थी । क्वक्वएक दिन एक छात्रा ने मुझसे कहा कि मैं आपकी गाड़ी में नहीं बैठूंगी  क्योंकि आप गुटखा और तंबाकू का सेवन करते हैं और इसकी बदबू से मुझे एलर्जी होने लगती है । मुझे उल्टी आती हैं । मेरी तबीयत भी खराब हो जाती है,’’ शोभाराम के कहा। उस छात्रा ने शोभाराम को सलाह दी कि वह सरकार द्वारा चलाए चलाए जा रहे तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में तंबाकू और गुटखे की आदत को छुड़ाने  के लिए  पूरी टीम परामर्श करती है और नियमित रूप से चेकअप भी करती है। छात्रा ने शोभाराम को समझाया टीम तो परामर्श करेगी लेकिन अंदर बुरी आदत से छुटकारा पाने की  इच्छा पैदा करनी तभी वह इस बुरी आदत से बाहर निकल सकेगा।

क्वक्वउस समय मुझे उस छात्रा की बात बहुत बुरी भी लगी । मैंने 2 दिन की छुट्टी ले ली । लेकिन फिर मैंने भी सोचा यह वाकई मेरे लिए बहुत खराब चीज है। मेरा जीवन इसके खाने से खराब हो रहा है ।क्यों न मैं वहॉ जाकर इस आदत को छोडऩे की जानकारी लूं । जब मैं वहां गया  सोशल वर्कर ने मुझे नियमित रूप से आने और नशा मुक्ति केंद्र पर नियमित रूप से  योग कराए गए दवाइयां दी गई जो सब निशुल्क था । 8 माह पूर्व टीम के अथक प्रयास से मुझे तंबाकू और  तंबाकू से बने उत्पाद के सेवन मुक्ति मिल गई।

शोभाराम बताते हैं तंबाकू सेवन को छोडऩा आसान काम नहीं करता था तंबाकू छोडऩा दृढ़ इच्छा शक्ति पर ही निर्भर होता है ।  शुरुआत में 15 दिन काफी कष्टप्रद थे । तंबाकू सेवन की इच्छा को रोकना और तंबाकू नहीं खाने के कारण शरीर में बेचैनी, चिड़चिड़ापन, रात में नींद न आना और अन्य तरह के लक्षणों से जूझना पड़ा । परामर्शदाताओं ने सलाह दी रात में मेथीदाना भिगोकर सुबह उसका पानी पीना चाहिए ।दालचीनी का सेवन, काजू और बादाम के साथ और योग करने की सलाह भी दी। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी । काम में मन लगने लगा मन से तंबाकू सेवन की इच्छा भी जाती रही और निकोटिन गम को भी अलविदा कह दिया।

धीरे धीरे यह आदत खत्म हो गई और अब मैं पूर्ण रुप से गुटका और तंबाकू के सेवन  अलविदा कह चुका हूं ।  जब से गुटका छोड़ा है  मेरे दोनों बेटे,बहू, दमाद और बेटी  मेरी पत्नी सब बहुत खुश हैं।

शोभाराम के बड़े बेटे देशमन पटेल कहते हैं पिताजी ने उनकी समझाइश कभी  नहीं मानी । क्वक्वमैं उस छात्रा का आभारी हूं जिनके कहने पर उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति और आत्मबल से नशे पर  विजय प्राप्त की।

शोभाराम की पत्नी भूलेश्वरी पटेल बताती है जबसे गुटखे और तंबाकू सेवन की आदत को छोड़ा है  तब से उसके बनाए हुए हर खाने की बहुत तारीफ करते हैं । पहले हमेशा मिर्ची होने की शिकायत करते थे।क्वक्व मैं  बहुत आभारी हूं  नशा मुक्ति केंद्र की पूरी टीम का जिन्होंने मेरे पति की इस बुरी आदत से मुक्ति दिलाई ।अब मेरे परिवार में दोबारा से खुशियां लौट आई है ।‘’
शोभाराम कहते हैं जबसे गुटखा तंबाकू छोड़ा है तब से उसके पैसे भी बचे हैं और उसकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी हुई।भविष्य के लिए एक छोटे से घर का सपना भी लगता है कि अब साकार हो जाएगा ।


30-May-2020 6:46 PM

रायपुर 30 मई। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन में समाज कल्याण विभाग से मिली विवाह प्रोत्साहन राशि कई दिव्यांग जोड़ों के लिए बड़ी राहत बन रही है। 

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विगत मार्च-अप्रैल माह में 92 दिव्यांग जोड़ों को 58 लाख रूपये का भुगतान किया गया है। इस योजना के तहत जनवरी 2020 में 33 दिव्यांग जोड़ों को 21.50 लाख रूपये और फरवरी में 61 दिव्यांग जोड़ों को 32.21 लाख रूपये प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाहित जोड़ों में से एक व्यक्ति के दिव्यांग होने पर 50 हजार रूपए और पति-पत्नी दोनों दिव्यांग होने पर भावी जीवन यापन के लिए एक लाख रूपए की राशि प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पति-पत्नी दोनों दिव्यांग होने पर प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपए से बढ़ाकर एक लाख रूपए देने का प्रावधान किया गया है। 

विभाग द्वारा विगत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 556 दिव्यांग जोड़ों को 3 करोड़ 34 लाख से अधिक की विवाह प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इस वर्ष धमतरी जिले में ही विभागीय जिला कार्यालय द्वारा विवाह प्रोत्साहन राशि के लिए दिव्यांग 28 जोड़ों का चयन कर 15 लाख रूपए से अधिक की राशि का वितरण किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिव्यांग जोड़ों को विवाह प्रोत्साहन राशि का वितरण अलग-अलग समय में किया जा रहा है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। दिव्यांग जोड़ों का कहना है कि लॉकडाउन के समय विवाह प्रोत्साहन योजना की राशि उन्हें बड़ी राहत देगी। मुश्किल समय में राशि के मिलने से हमारी खुशी दोगुनी हो गई है। विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत धमतरी के बांस पारा वार्ड के श्री हेमंत गुप्ता को 50 हजार रूपए, ग्राम ढि़मरटिकुर के दिव्यांग जोड़े श्री केशरी सुखदेव और श्रीमती निधि साहू को 50 हजार रूपए, भखारा के श्री पोखराज साहू और उनकी पत्नी श्रीमती संतोषी को एक लाख रूपए, पोटी कुरूद के श्री लुकेश्वर साहू और उनकी पत्नी श्रीमती लांगइन को एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया है। इनके जैसे कई दिव्यांग जोड़ों को आवेदन पर प्रोत्साहन राशि वितरण किया जा चुका है,शेष जोड़ों को विवाह प्रोत्साहन राशि स्वीकृति की सूचना दे दी गई है। जल्द ही उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। 
 


30-May-2020 6:45 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
छग राज्य की पूर्व टेनिस राज्य विजेता आयुषी चौहान जो कि शहीद राजीव पांडे अवार्ड विजेता भी है ने एक बार फिर प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाते हुए एनसीएए ( नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक्स असोसिएशन) कॅरियर इन स्पोर्ट्स फोरम में यंग पैनलिस्ट वक्ता के रूप में इंडिआना पोलिस अमेरिका में पूरे अमेरिका के 400 स्टूडेंट्स एथलीट को संबोधित करेगी ।

उल्लेखनीय है कि आयुषी ने अपनी स्नातक डिग्री 100 प्रतिशत टेनिस स्कॉलरशिप के अंतर्गत अमेरिका के डेलावेयर स्टेट यूनिवर्सिटी से पूरी की एवम वर्तमान में मॉर्गन स्टेट यूनिवर्सिटी बाल्टीमोर में एथलेटिक्स कम्प्लॉयन्स अस्सिस्टेंट के रूप में इन्टर्नशिप कर रही है वर्ष 2019 में एन सीएए असाप कॅरियर डेवेलपमेंट अवार्ड, 2018 में एन एफ एल कैरियर्स इन फुटबॉल फोरम में बिजिनेस के स्टडी कंपीटिशन में उनकी केरोलिना पेंथर्स एनएफएल की मशहूर फुटबॉल टीम  पर केस स्टडी की विजेता बनी थी गत वर्ष भी आयुषी इस फोरम में स्टूडेंट पार्टिसिपेंट के रूप में चयनित हुई थी।

छग प्रदेश संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा सहित समस्त पदाधिकारियों ने आयुषी को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य में भी प्रदेश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दी
 


30-May-2020 6:44 PM

छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री जनता कांग्रेस के मुखिया अजीत जोगी के निधन पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए बेमेतरा के किसान नेता और जोगी कांग्रेस के संस्थापक सदस्य योगेश तिवारी ने कहा कि अजीत जोगी के निधन से उनके लिए राजनीतिक शून्यता की स्थिति निर्मित हो गई है, अजीत जोगी उनके राजनीतिक गुरु थे उन्होंने ही राजनीतिक क, ख, ग सिखाते साधारण कार्यकर्ता को युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचाने के साथ-साथ विधानसभा चुनाव में दो बार उन पर विश्वास व्यक्त करते हुए टिकट दिया था। 

योगेश तिवारी ने कहा कि अजीत जोगी का सदैव उन पर स्नेह बना रहा, अजीत जोगी की राजनीति का आभा व व्यक्तित्व इतना विशाल था कि हर कठिन चुनौती सरल हो जाती थी। अजीत जोगी हमेशा उनके सुख-दुख में खड़े रहे। योगेश तिवारी ने कहा कि उनके जैसे एक साधारण परिवार का युवा राजनीति के क्षितिज में विद्यमान रह कर कद्दावर नेता के खिलाफ दबंगता के साथ विधानसभा चुनाव लड़ा तथा दूसरी बार नई पार्टी जनता कांग्रेस के टिकिट से विधानसभा चुनाव में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की। अजीत जोगी की सर्वोच्च भूमिका का ही परिणाम था। योगेश तिवारी ने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि अजीत जोगी के स्नेह का ऋण वो ताउम्र नही उतार सकते।

 


30-May-2020 6:44 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
रायपुर में नगर पालिक निगम बिरगांव के वार्ड रांवाभाटा क्षेत्र थाना उरला में एक नए कोरोना पॉजिटिव केस पाया गया है। पीडि़त व्यक्ति भी मजदूर है। इसको माना अस्पताल में दाखिल कराया गया है। कोरोना पीडि़त को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है। 

कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर सौरभ कुमार ने पूर्व में शिव मंदिर के पास नाला, पश्चिम में श्यामलाल दिप का मकान, उत्तर में रामविलाश साहू के मकान के पास, उत्तर-पश्चिम में सुरेश साहू का मकान और दक्षिण में रास्ता बंद है, को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। इसके अतिरिक्त मरीज के कार्यस्थल गणपति इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, दैनिक भास्कर प्रेस के बाजू से, औद्योगिक क्षेत्र उरला को भी कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है।
 


30-May-2020 6:42 PM

छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों तथा अन्य लोगों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर वापस लाने का सिलसिला लगातार जारी है। अब तक 53 ट्रेनों के माध्यम से लगभग 71 हजार 712 श्रमिकों को एवं 453 अन्य यात्रियों को वापस लाया गया है। राज्य सरकार द्वारा अन्य प्रदेशों से श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कुल 59 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की सहमति दी गई है, इनमें से 39 श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लिए 3 करोड़ 74 लाख 31 हजार 330 रूपए की राशि रेल मण्डलों को भुगतान की गई है।

श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा प्रवासी श्रमिकों को छत्तीसगढ़ वापस लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लिए विभिन्न रेल मण्डलों को श्रमिकों के यात्रा व्यय के लिए आवश्यक राशि का भुगतान किया जा रहा है। डॉ. डहरिया ने बताया कि लॉकडाउन के कारण श्रमिक जो छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं पर पहुंच रहे है एवं राज्य से होकर गुजरने वाले सभी श्रमिकों के लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य परीक्षण, चरण पादुका वितरण एवं परिवहन की नि:शुल्क व्यवस्था से श्रमिकों को काफी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहे वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनकी हरसंभव मदद कर रहे है। 

उन्होंने बताया कि श्रम विभाग के अधिकारियों का दल गठित कर विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं, नियोजकों एवं प्रबंधकों से समन्वय कर श्रमिकों के लिए राशन एवं नगद आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदेश के 26 हजार 205 श्रमिकों को 38 करोड़ 26 लाख रूपए बकाया वेतन का भुगतान भी कराया गया है। वहीं लॉकडाउन के द्वितीय चरण में 21 अप्रैल से शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 1 लाख 4 हजार श्रमिकों को पुन: रोजगार उपलब्ध कराया गया है और छोटे-बड़े 1390 से अधिक कारखानों में पुन: कार्य प्रारंभ हो गया है। 
 


30-May-2020 6:41 PM

रायपुर, 30 मई। संचालक कृषि टामन सिंह सोनवानी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के अधिकारियों से टिड्डी दल के संभावित प्रकोप की रोकथाम के उद्देश्य से किए जा रहे उपायों की विस्तार से जानकारी ली। 

उन्होंने अधिकारियों को विभाग के मैदानी अमले को अपने-अपने इलाके का निरंतर भ्रमण करने तथा किसानों से सम्पर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। संचालक कृषि ने टिड्डी दल के प्रकोप की रोकथाम के लिए किसानों से फसलों की निगरानी तथा एहतियात के तौर पर आवश्यक उपाय भी सुनिश्चित करने की अपील की है। संचालक कृषि ने विभागीय अधिकारियों को जिला एवं अनुभाग स्तर पर निगरानी दल का गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने दल में कृषि, उद्यानिकी, राजस्व, कृषि विज्ञान केन्द्र सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को शामिल करने के निर्देश दिए। संचालक कृषि ने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि टिड्डी दल सीमावर्ती राज्य महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश राज्य से होते हुए छत्तीसगढ़़ राज्य में आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि राज्य के सीमावर्ती जिले राजनांदगांव, कबीरधाम, सूरजपुर, बलरामपुर और कोरिया जिले में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। 

क्योंकि यह जिले इलाकों से लगे हुए हैं, जहां टिड्डी दल के आने की सूचनाएं मिली है। उन्होंने अधिकारियों को टिड्डी दल से फसलों के नुकसान को बचाने के लिए किसानों को प्राकृतिक उपचार, परंपरागत उपाय एवं रासायनिक उपचार की जानकारी देने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है। 

वीडियो कॉन्फ्रेंंिसंग के दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि किसानों को टिड्डी दल से फसलों के बचाव हेतु लगातार जानकारियां दी जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को प्राकृतिक एवं परंपरागत उपाय के साथ ही रासायनिक दवाओं के छिडक़ाव के बारे में भी बताया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टिड्डी दल को खेत के ऊपर उड़ते देखते ही घासफूस जलाकर धुंआ करने, पटाका फोडक़र, ध्वनि करने अथवा शोरगुल करने, ट्रेक्टर के साइंलेसर की तेज आवाज, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से भोर के समय में ध्वनि अथवा शोरगुल किए जाने की सलाह भी कृषकों को दी जा रही है। इससे टिड्डी दलों को भगाने में मदद मिलती है।  

अधिकारियों ने बताया कि किसानों को टिड्डी दल के प्रकोप की रोकथाम के लिए रासायनिक उपचार के बारे में भी आवश्यक जानकारी दी है। दवाओं का छिडक़ाव का सबसे उपयुक्त समय रात्रि 11 बजे से सुबह 8 बजे तक होता है। टिड्डी के नियंत्रण हेतु डाईफ्लूबेनज्यूरान 25 प्रतिशत घुलनशील पावडर 120 ग्राम या लैम्बडा-साईहेलोथ्रिन 5 प्रतिशत ईसी 400 मिली या क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी 200 मिली प्रति हेक्टेयर कीटनाशक का छिडक़ाव किया जाना चाहिए। 
 


30-May-2020 6:40 PM

मेडिकल इमरजेंसी को छोड़ किसी अन्य कारणों से बाहर निकलना हुआ प्रतिबंधित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
रायपुर में नगर पालिक निगम बिरगांव, वार्ड क्रमांक-25 अंतर्गत इतवारी बाजार क्षेत्र थाना उरला में एक नये कोरोना पॉजिटिव केस पाया गया है। 
कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर सौरभ कुमार ने पूर्व में श्री चौहान के मकान के पास,पश्चिम में मंदिर के पास, उत्तर में नंदकुमार गायकवाड़ का मकान, उत्तर-पश्चिम में श्री जानकी का मकान, दक्षिण में श्री खोरबहरा का मकान, दक्षिण-पूर्व में इतवारी बाजार मोड़ और मेन एंट्री भीकम किराना के पास को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है।

इस कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत सभी दुकानें,आफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अगले आदेश पर्यन्त तक पूर्णत: बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कंटेन्मेंट जोन में घर पहुँच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।  मेडिकल इमरजेंसी को छोडक़र अन्य किन्हीं भी कारणों से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में शासन के मानकों के अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु जिला पुलिस रायपुर द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य निगरानी, सेम्पल की जांच आदि आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएगी। 
 


30-May-2020 6:39 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 मई।
कोरोना संक्रमण के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर लगी रोक के कारण शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा बैठकें, साक्षात्कार आदि कार्य भी स्थगित रखे गए हैं। ऐसी स्थिति में आनलाइन कक्षाओं के आयोजन के साथ ही आनलाइन बैठकों एवं साक्षात्कारों का भी आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक नवाचारी पहल करते हुए आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के बायोटेक्नोलाजी विभाग में रिसर्च फेलो के पद पर नियुक्ति हेतु आनलाइन इंटरव्यू का आयोजन किया गया। 

भारत सरकार द्वारा रामतिल की नई प्रजातियों के विकास हेतु चार वर्षों के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एक परियोजना स्वीकृत की गई है। इस परियोजना में रिसर्च फेलो के 2 पद स्वीकृत किए गए है। इस पद पर नियुक्ति हेतु वाक-इन इंटरव्यू का आयोजन किया जाना था परन्तु कोरोना संकट को देखते हुए आनलाइन साक्षात्कार का आयोजन किया गया जिसमें रायपुर एवं अन्य जिलों के 7 अभ्यर्थी शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि रामतिल की फसल सरगुजा क्षेत्र में ली जाती है। यह एक तिलहनी फसल है जिसमें 35 प्रतिशत तक तेल होता है। इसका तेल खाने, जलाने एवं औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। अत: इस तिल की मांग उद्योग जगत में अधिक है। वर्तमान में किसानों द्वारा रामतिल की स्थानीय प्रजातियां ही लगाई जाती हैं जिसका उत्पादन भी कम होता है। स्थानीय प्रजातियों की औसतन उपज लगभग 3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है। रामतिल की अधिक उपज देने वाली प्रजातियों के विकास हेतु विश्वविद्यालय में यह परियोजना स्वीकृत की गई है। 

इस परियोजना की कुल लागत 81 लाख रूपये है जिसका संचालन बायोटेक्नोलाजी विभाग की वैज्ञानिक डॉ. श्रीमती जेनू झा द्वारा किया जाएगा। बायोटेक्नोलाजी विभाग में संचालित की जाने वाली इस परियोजना हेतु रिसर्च फेलो के पद के आनलाइन साक्षात्कार के दौरान बायोटेक्नोलाजी विभाग के विभागाध्यक्ष, डॉ. एसबी वेरूलकर, पौध रोग विभाग के विभागाध्यक्ष, डॉ. अनिल कोटस्थाने, सस्य विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. विवेक त्रिपाठी, डॉ. श्रीकांत चितले एवं डॉ. केके साहू, उपस्थित थे।
 


30-May-2020 5:41 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 30 मई। नगर निगम प्रशासन एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के तालाबों का सौन्दर्यीकरण किया जा रहा है लेकिन शहर को सुंदर बनाने की कोशिश में मछुवारों को उनके पैतृक व्यवसाय से बेदखल किया जा रहा है जिससे गरीब मछुआरों के सामने रोजी रोटी का संकट आ गया है। जिससे हमारे मछुआ भाईयों की स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है नगर निगम क्षेत्र में आने वाले तालाबों को सौंदर्यीकरण के नाम पर गरीब मछुआरों को मछली पालन से रोक दिया जा रहा है एवं जिला पंचायत में आने वाले तालाबों को भी निस्तारी के नाम से मछुआरों से छल कर मनमाने रूप से मोटी राशि वसूल कर दिगर समाज के लोगों को दे दिया जा रहा है।

धीवर ने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा यदि मछुआरों के हित में सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो आर्थिक तंगी से जुझ रहे गरीब मछुआरों को बड़े संकट का सामना कराना पड़ेगा। श्री धीवर ने कहा कि उन्होंने इसके निराकरण के लिए मछुआ नीति में संशोधन कर पीढिय़ों से जलक्षेत्रों में कार्य कर रहे मछुआरो बहनों व भाईयों के हित में नियमों का सरलीकरण किया जाये।


30-May-2020 5:40 PM

छत्तीसगढ़ ऑटोमेटिक सेनेटाइजर मशीन का नाम है ‘जीवराखन’

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 30 मई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर पश्चिम विधानसभा के विधायक विकास उपाध्याय के क्षेत्र में कार्यरत ग्रीन वे इंडिया कंपनी के द्वारा नवाचार के माध्यम से बनाई गई पूर्णत: मेक इन छत्तीसगढ़ ऑटोमेटिक सैनिटाइजर निकलने वाली सेनेटाइजर मशीन का शुभारंभ किया। ऑटोमेटिक सेनेटाइजर देने वाली मशीन का नाम ‘जीवराखन’ रखा गया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ग्रीन वे इंडिया कंपनी छत्तीसगढ़ के इस अविष्कार की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।

इस दौरान विधायक श्री उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रेरणा लेकर ग्रीन वे इंडिया कंपनी ने मेक इन छत्तीसगढ़ मॉडल का सेनेटाइजर मशीन विकसित किया है। छत्तीसगढ़ में भी प्रतिभावान तथा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाले और यहां नए अविष्कार करने वालों की कमी नहीं है। मशीन का नाम भी छत्तीसगढ़ में जीवराखन रखा गया है। जीवराखन का मतलब जीवन की रक्षा करने वाला है।

कोरोना महामारी संकट में सेनेटाइजर से हाथों को साफ करना दिनचर्या में शामिल हो चुका है। ऐसे हालात में सार्वजनिक स्थानों, दुकानों, घरों, व्यावसायिक मॉल आदि जगहों में आगंतुकों को महामारी से संक्रमित होने से बचाने के लिए सेनेटाइजर का उपयोग जरूरी हो गया है। जिसके लिए मेन पावर की आवश्यकता पड़ती है। इस को ध्यान में रखते हुए ग्रीन वे इंडिया कंपनी ने छत्तीसगढ़ में फुल्ली लोडेड ऑटोमेटिक मशीन का आविष्कार किया है।

जो महामारी संकटकाल में आम जनता के काम आएगा। इस मशीन में सेनेटाइजर की खपत भी कम होगी और जितना हाथ धोने के लिए सेनेटाइजर लगता है, उतना ही सेनेटाइजर मशीन के सामने हाथ रखने से ऑटोमेटिक निकलेगा।

ग्रीन वे इंडिया कंपनी जो पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत है, इसके मालिक दीपक अग्रवाल, कमल अग्रवाल तथा संजय अग्रवाल हैं।