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23-Sep-2020 7:37 PM

रायपुर, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन द्वारा संचालित विप्र महाविद्यालय मे बुधवार को ऑनलाइन परीक्षा समस्या और निदान क्व विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया द्य वेबीनार में प्रमुख वक्ता प्रो. गिरीश कांत पांडेय कुलसचिव पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय  ने  कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन आयोजित परीक्षा के संदर्भ में विद्यार्थियों के जिज्ञासा और समस्याओ का समाधान प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए मानसिक दबाव होना निश्चित है। परंतु सम्पूर्ण व्यवस्था के उपरांत भी कोई छात्र परीक्षा से वंचित हो जाता है तो उसके लिए परिस्थितियों के अनुकूल होने पर विशेष परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. मेघेश तिवारी ने बताया कि विप्र महाविद्यालय के रजत जयंती वर्ष में महामारी ने हमें एक अवसर दिया है ,कि अपने शिक्षा पद्धति और परीक्षा के पद्धति में क्रांतिकारी बदलाव लाएं। आने वाले समय में ऑनलाइन शिक्षा और परीक्षा के लिए खुद को अपडेट कर सकें, इसी उद्देश्य से प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के समस्याओं के समाधान हेतु वेबीनार का आयोजन किया गया।

वेबीनार में छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए प्रो गिरिशकान्त पाण्डेय ने कहा कि परीक्षा समाप्ति के पांच दिवस उपरांत सभी उत्तर पुस्तिकाओं को पोस्ट,कूरियर से महाविद्यालय भेजना होगा  महाविद्यालय के नजदीक रहने वाले छात्रों के लिए महाविद्यालय में ड्राप बॉक्स लगाने पर विचार किया जा रहा है।साथ ही परीक्षा शुल्क वापसी पर उन्होंने कहा कि इस पर भी विचार किया जावेगा। वेबिनार का संचालन डॉ. दिव्या शर्मा ने किया।आभार प्रदर्शन विवेक शर्मा ने किया। प्राध्यापकों सहित ऑनलाइन परीक्षा दिलाने वाले बड़ी संख्या में सभी विद्यार्थी यू ट्यूब लिंक के माध्यम से वेबिनार में शामिल हुए।

 


23-Sep-2020 7:36 PM

आदेश का उल्लंघन दंडनीय

रायपुर, 23 सितम्बर। राज्य शासन ने कोविड संदिग्ध मरीजों के उपचार के दौरान हाई रिजाल्यूशन एच आर सीटी इन्वेस्टिगेशन की आवश्यकता होने पर निजी चिकित्सालयों एवं डायग्नोस्टिक केन्द्रों के लिए भी दरें निर्धारित की हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज जारी आदेश के अनुसार कोविड  संदिग्ध मरीजों के लिए दरें भी कोविड पाजिटिव मरीजों के लिए ली जाने वाली दरों जैसी ही लागू होंगी।

दरें इस प्रकार हैं-सी टी चेस्ट विदाउट कान्ट्रास्ट फार लंग्स के लिए 1870 रूपये, सी टी चेस्ट विद कान्ट्रास्ट फार लंग्स के लिए 2354 रूपये निर्धारित शुल्क रखा गया है। आदेश में कहा गया है कि उपरोक्त निर्देश का उल्लंघन एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897,छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट1949तथा छत्तीसगढ़़ एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन एक्ट 2020 के तहत दंडनीय होगा।
 


23-Sep-2020 7:35 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 सितंबर।
मोदी सरकार द्वारा बनाये गए कॉर्पोरेटपरस्त कृषि विरोधी तीन कानूनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ के बीस से ज्यादा किसान संगठनों ने 25 सितम्बर को ‘छत्तीसगढ़ बंद’ का आह्वान किया है और जनता के सभी तबकों, राजनैतिक दलों और संगठनों से खेती-किसानी, खाद्यान्न आत्मनिर्भरता और देश की संप्रभुता को बचाने के लिए इस आह्वान का पुरजोर समर्थन करने की अपील की है। 

उल्लेखनीय है कि 300 से ज्यादा किसान संगठनों से मिलकर बनी अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने इन कृषि विरोधी कानूनों को पारित किए जाने के खिलाफ 25 सितम्बर को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। किसान संघर्ष समन्वय समिति के अनुसार इन कानूनों से भारतीय किसान देशी-विदेशी कॉरपोरेटों के गुलाम बनकर रह जाएंगे। उनका माल सस्ते में लूटा जाएगा और महंगा-से-महंगा बेचा जाएगा। कुल नतीजा यह होगा कि किसान बर्बाद हो जाएंगे और उनके हाथों से जमीन निकल जायेगी। आम जनता भी अभूतपूर्व महंगाई की मार का शिकार होगी।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के राज्य अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा कि जिस तरीके से राज्यसभा में विपक्ष के बहुमत को कुचलते हुए इस कानून को पारित किया गया है, उससे स्पष्ट है कि अपने कॉर्पोरेट मालिकों की चाकरी करते हुए इस सरकार को संसदीय जनतंत्र को कुचलने में भी शर्म नहीं आ रही है। ये कानून कॉरपोरेटों के मुनाफों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वर्तमान व्यवस्था को ध्वस्त करते है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे से अनाज को बाहर करने से जमाखोरी, कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और महंगाई बढ़ेगी। वास्तव में इन कानूनों के जरिये सरकार कृषि के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों से छुटकारा पाना चाहती है। किसान सभा नेता ने बताया कि किसानों के व्यापक हित में प्रदेश के किसानों और आदिवासियों के 20 से ज्यादा संगठन फिर एकजुट हुए हैं और 25 सितम्बर को ‘छत्तीसगढ़ बंद’ के आह्वान के साथ ही पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला लिया गया है। 

एक संयुक्त बयान में इन किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि उत्पादन के क्षेत्र में ठेका कृषि लाने से किसान अपनी ही जमीन पर गुलाम हो जाएगा और देश की आवश्यकता के अनुसार और अपनी मर्जी से फसल लगाने के अधिकार से वंचित हो जाएगा। इसी प्रकार कृषि व्यापार के क्षेत्र में मंडी कानून के निष्प्रभावी होने और निजी मंडियों के खुलने से वह समर्थन मूल्य से वंचित हो जाएगा। इस बात का भी इन कानूनों में प्रावधान किया गया है कि कॉर्पोरेट कंपनियां जिस मूल्य को देने का किसान को वादा कर रही है, बाजार में भाव गिरने पर वह उस मूल्य को देने या किसान की फसल खरीदने को बाध्य नहीं होगी -- यानी जोखिम किसान का और मुनाफा कार्पोरेटों का! कुल मिलाकर ये तीनों कानून किसान विरोधी है। इससे किसान आत्महत्याओं में और ज्यादा वृद्धि होगी। उन्होंने कहा है कि देश की जनता इन कानूनों पर अमल नहीं होने देगी और अब संसद के अंदर लड़ी जाने वाली लड़ाई सडक़ों पर लड़ी जाएगी। 
 


23-Sep-2020 7:35 PM

आरटीपीसीआर की भी दरें निर्धारित

रायपुर, 23 सितम्बर। राज्य शासन ने निजी पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों में कोविड-19 की जांच के लिए आरटीपीसीआर तथा एंटीजन रैपिड टेस्ट की दरें तय र्की हैं। निजी लैबों और अस्पतालों में रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए 900 रूपए का शुल्क तय किया गया है। इसमें जांच, कन्जुमेबल्स, पीपीई किट इत्यादि शुल्क शामिल हैं। प्रदेश के लैबों, अस्पतालों  में आर टी पी सी आर जांच के लिए 1600 रूपए की दर निर्धारित की गई है। जांच के लिए संभावित मरीज के घर से सैंपल संकलित किए जाने पर 1800 रूपए लिए जाएंगे।

राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 सितंबर को इस संबंध में आदेश  में कहा गया है कि  प्रदेश के बाहर स्थित लैबों के लिए आरटीपीसीआर जांच की दर दो हजार रूपए निर्धारित की गई है। घर से सैंपल कलेक्शन किए जाने पर 2200 रूपए लिए जाएंगे। इन शुल्कों में सैंपल कलेक्शन, परिवहन, जांच, कन्जुमेबल्स, पीपीई किट इत्यादि सभी शुल्क शामिल हैं। 
 


23-Sep-2020 7:34 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 सितम्बर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वर्चुअल मौजूदगी में मंगलवार को छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कलेक्टर डॉ. एस .भारतीदासन एवं सीएमएचओ रायपुर डॉक्टर मीरा बघेल को 5 नग ऑक्सीजन कंसट्रेटर मशीन भेंट की। जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

 छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना आपदा काल में जरूरतमंदों की मदद और कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा -निर्देशन में किए जा रहे कार्यों एवं उपायों की सराहना की। पदाधिकारियों ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाने के मामले में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री को उनके प्रयासों एवं कार्यों के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। 

जकात फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा गरीब प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए सहायता दी जाती है, ताकि वह अपनी आगे की शिक्षा जारी रख सकें। राज्य में अब तक संस्था द्वारा 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपए की सहायता राशि स्कॉलरशिप के रूप में प्रदान की गई है। कोरोना संकटकाल में जकात फाउंडेशन ने 3 हजार गरीब एवं असहाय परिवारों को अपनी ओर से एक माह का सूखा राशन पैकेट बतौर मदद के रूप में वितरित किया है। श्री बघेल ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन के पदाधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना पीडि़तों की मदद के लिए सभी समाज एवं वर्ग के लोगों ने आगे बढक़र मदद दी है। सभी समाज और लोगों के सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य जरूरतमंदों की मदद करने में आगे रहा है। 

उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई अभी बाकी है।इसके लिए सभी समाज वर्ग और लोगों की मदद की जरूरत है। कोरोना से लडऩे और जीतने के लिए उन्होंने इस मौके पर समाज के सभी वर्गों, संगठनों, दानदाताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं से भागीदारी और सहयोग की अपील की।
 


23-Sep-2020 7:33 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 सितंबर।
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय द्वारा हाल में संगीत एमए कोर्स बंद किए जाने के आदेश को लेकर कमला देवी संगीत महाविद्यालय रायपुर एवं भातखंडे संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं प्राचार्य डॉ. विप्लव कुमार चक्रवर्ती के विरोध के बाद इं.क.सं विवि खैरागढ़ द्वारा संगीत एम.ए पाठ्यक्रम को यथावत जारी रखने के आदेश दिया गया है। 

कुलपति ममता चंद्राकर ने बताया कि विद्यार्थी की ओर से एम ए संगीत को बंद न किए जाने के संदर्भ में प्राप्त आवेदन को लेकर मंगलवार को मीटिंग की गई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि इस सत्र में एमए को जारी रखा जाएगा। एमए को पाठ्यक्रम पूरा होने पर एमपीए शुरू किया जाएगा। 

भातखंडे महाविद्यालय बिलासपुर के प्राचार्य डॉ. विप्लव कुमार चक्रवर्ती ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें दोपहर को इं.क.सं विवि परीक्षा प्रभारी काशीनाथ तिवारी द्वारा संगीत में एमए को यथावत जारी रखे जाने की सूचना प्राप्त हुई है। 

संगीत में एमए बंद किए जाने के आदेश के बाद उन्होंने इं.क.सं.वि.खैरागढ़ कुलपति को आवेदन किया था। जिसमें उन्होंने वस्तुस्थिति से उन्हें अवगत कराया था। 

डॉ. चक्रवर्ती कहते हैं विश्वविद्यालय के निदे्रशानुसार 1 से 31 अगस्त तक महाविद्यालय में प्राचार्य की अनुमति से तथा 1 से 15 सितंबर तक कुलपति की अनुमति से संगीत एमए में प्रवेश दिया जाना नियत किया गया था। लेकिन दाखिले के बाद 12 सितंबर को विवि की ओर से एमए बंद किए जाने का आदेश हमें प्राप्त हुआ। आदेशानुसार इस सत्र से एमए की जगह एमपीए शुरू करने की हमें सूचना प्राप्त हुई। एमपीए में दाखिले के लिए ब्रिज कोर्स की बाध्यता भी रखी गई।

हमने इस आदेश को मान्य कर अपनी ओर से एमए बंद किए जाने का विरोध दर्ज किया और इस संबंध में विचार विमर्श किया गया और अंतत: हमे संगीत में एमए को जारी करने की अनुमति दे दी गई है। संगीत एमए को जारी रखने के विश्व विद्यालय के आदेश को लेकर विजय लक्ष्मी चंद्राकर मीनाक्षी अवधिया, रूपांस पवार आदि विद्यार्थियों ने हर्ष व्यक्त किया है तथा कुलपति के प्रति आभार व्यक्त किया है। 
 


23-Sep-2020 7:32 PM

स्थानीय कोसा से आकर्षक वस्त्रों का हो रहा निर्माण

ड्ड‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 सितम्बर।
ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की पहल पर अब ग्रामोद्योग विभाग विश्वस्तरीय कोसा वस्त्रों का उत्पादन करने लगा है। मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने रेशम प्रभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय रेशमी धागों से बनने वाले कोसा वस्त्र जहां अधिक आकर्षक और मुलायम है वहीं चाइनीस और कोरियन धागों से बने कपड़ों की तुलना में अधिक किफायती और सस्ता भी है। उल्लेखनीय है कि ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने कोसा वस्त्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए रिलिंग कार्य के माध्यम से स्थानीय रोजगार सृजन करने के लिए विभाग को विकल्प तैयार करने के निर्देश दिए हैं।  

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ का कोसा विश्व में उच्च गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय कोसा धागा रिलिंग से लंबा ताना लायक धागा मिलने से बाने में देसी टसर से बुनाई का काम शुरू किया जा रहा है। चूंकि यह वस्त्र पूर्णत: देसी है तथा स्थानीय धागों से बना है। इससे न केवल रेशम वस्त्रों की कीमत में कमी आई है बल्कि उच्च गुणवत्ता का रेशमी कपड़ा भी उपलब्ध हो रहा है। देसी कोसा आयातित धागों की तुलना में अधिक मुलायम और कम चमकीला रहता है जिसके कारण से कोसा की परख रखने वाले लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं। साथ ही शहतूत और कोसा रेशम के ताने-बाने से बना रेशमी कपड़ा बहुत ही आकर्षक और कोमल होता है। 

ग्रामोद्योग संचालक सुधाकर खलखो ने बताया कि देसी कोसा की अधिक मांग होने के कारण 12 जिलों में रिलिंग का कार्य निरंतर चल रहा है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में सारंगढ़ स्थित यूनिट में कोसा धागा की रिलिंग पानी सहित करने का प्रयोग किया गया जिससे लंबा ताना लायक धागा मिलने लगा है। ऐसी ही एक स्वतंत्र यूनिट कोरबा में भी स्थापित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। श्री खलखो ने बताया कोरियन यार्न का भाव बाजार में 6300 रुपए प्रति किलो है, जबकि नई मशीन से तैयार किया स्थानीय कोसा धागा जिसकी कीमत 4800 से 4900 रुपए प्रति किलो है। इससे छत्तीसगढ़ राज्य का उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धात्मक है। आसानी से उपलब्ध होने वाले इन धागों का उपयोग अब अन्य राज्यों के बुनकरों द्वारा भी किया जा रहा है। जिससे निर्मित होने वाले रेशमी वस्त्रों गुणवत्ता बरकरार रहेगी वहीं यह रेशमी वस्त्र किफायती भी होंगे।
 


23-Sep-2020 7:31 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 सितंबर।
कोरोना महामारी के कारण इस बार श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति माना कैंप द्वारा भव्य आयोजन नहीं किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाएगी। लेकिन इस अवसर पर न विशाल पंडाल बनाए जाएंगे और न ही मीना बाजार वगैरा लगेगा। 

श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा अध्यक्ष तरूण वैद ने बताया कि समिति द्वारा वर्ष दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन किया जाता रहा है। पिछले साल 120 फीट का सुंदर, कलात्मक पंडाल में मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई थी 65 फीट के दो प्रवेश द्वार बनाए गए थे। षष्ठी से दशमी तक विविध आयोजन किए गए थे। 

कोरोना महामारी के कारण इस बार पंडाल की जगह दुर्गा मंदिर में शासन के निर्देशानुसार 6 फीट तक की दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाएगी। दुर्गा पूजा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जाएगा। भीड़ न हो इसके लिए मीना बाजार, मेला नहीं लगाया जाएगा। दुर्गा पूजा को लेकर समिति की रविवार को मीटिंग है उसमें शेष नियम तय किए जाएंगे। 
 


23-Sep-2020 7:30 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 सितंबर। 
मुख्यमंत्री ूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में गौठानों को आजीविका केन्द्र बनाने के उदेद्श्य से संचालित गतिविधियों को परिणाममूलक बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिए जाने की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में मत्स्य पालन के साथ-साथ उच्च क्वालिटी के मत्स्य बीज के उत्पादन को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। 

उन्होंने राज्य में बांस की उपलब्धता को देखते हुए बांस निर्मित सामग्री तथा औषधीय पौधों की खेती और नेचुरोपैथी को भी बढ़ावा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला, उप सचिव सुश्री सौम्या चैरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में गौठान कौशल विकास एवं आजीविका योजना के तहत कौशल विकास के लिए तैयार की गई कार्ययोजना के संबंध में प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है। इसके जरिए 15 से 20 हजार युवाओं को विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में निर्मित गौठानों को ध्यान में रखते हुए इसके माध्यम से पशु स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जैविक खाद, गोबर से विभिन्न प्रकार की सामग्री के निर्माण, नर्सरी वर्कर, माली, मछली एवं कुक्कुट पालन, बांस की सामग्री, औषधीय पौधों की खेती आदि का प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित किया गया है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रशिक्षण पाठयक्रम में अन्य विषय शामिल किए जा सकते हैं। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य में मत्स्य पालक अन्य राज्यों से बेहतर किस्म के मछली बीज मंगाते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य के मत्स्य पालकों को बेहतर किस्म के मत्स्य बीज उत्पादन के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य के जिन जिलों में बहुतायत रूप से बांस की उपलब्धता है, वहां के लोगों को दक्ष प्रशिक्षकों के माध्यम से बांस से बनने वाले सामग्री के निर्माण का भी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार जोड़े जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने राज्य के वनांचल क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती तथा नैचुरोपैथी इलाज के लिए प्रशिक्षण एवं सेंटर की स्थापना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। 
 


23-Sep-2020 6:33 PM

रायपुर, 23 सितंबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोककला ‘नाचा‘ के जनक माने जाने वाले दाऊ दुलार सिंह मंदराजी को उनकी पुण्यतिथि 24 सितम्बर पर नमन करते हुए छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। श्री बघेल ने दाऊ मंदराजी के समर्पण भाव को याद करते हुए कहा कि दाऊ मंदराजी ने गावों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा‘ को एक नये आयाम तक पहुंचाया। नाचा-गम्मत को मनोरंजन के अतिरिक्त उन्होने समाजिक बुराइयों के विरूद्ध प्रचार प्रसार का सशक्त माध्यम बनाया।

श्री बघेल ने कहा कि दाऊ जी ने ‘नाचा‘ को जीवंत बनाए रखने, लोक कलाकारों को संगठित करने, नाचा के माध्यम से सामाजिक पुनर्जागरण और जनसामान्य में नाचा कला को पुनर्स्थापित करने में महती भूमिका निभाई। ऐसे सच्चे साधक और समर्पित व्यक्तित्व कला को समाज से जोड़ते हुए नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं, उनसे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।


23-Sep-2020 6:33 PM

रायपुर, 23 सितंबर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विभिन्न प्राकृतिक आपदा से पीडि़तों को जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्व परिपत्र 6-4 के तहत् आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाती है । ऐसे ही प्रकरणों में जांजगीर चांपा जिले की पामगढ़ तहसील के ग्राम मेऊ की राधिका साहू की मृत्यु सर्प दंश से होने पर, चांपा तहसील के ग्राम चांपा के। कान्हा देवांगन की मृत्यु आग में जलने से तथा जांजगीर चांपा जिले की तहसील नवागढ़ के ग्राम खैरताल के कुंदन महार की मृत्यु सांप से काटने से होने पर मृतकों के  पीडि़त परिजनों ?को चार- चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है ।

 इसी तरह से उत्तर बस्तर कांकेर जिले  के अंतर्गत तहसील चारामा के ग्राम बागडोंगरी के सगराम साहू की मृत्यु सर्प दंश से, ग्राम गितपहर के मनोहर कोमरा की मृत्यु पानी में डबने तथा पंखाजूर तहसील के ग्राम रेंगावाही की डाली तुमरोटी की मृत्यु सांप के काटने से होने पर मृतकों के पीडि़त परिजनों को चार -चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।


23-Sep-2020 6:32 PM

पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की समीक्षा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 23 सितंबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कोरोना संकट काल में राज्य में स्कूली बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए शुरू किए गए पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की सफलता एवं देश में इस कार्यक्रम को सराहे जाने पर प्रसन्नता जताई। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण श्री जितेन्द्र शुक्ला, उप सचिव सुश्री सौम्या चैरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की शुरूआत लॉकडाउन के दौरान स्कूली बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बीते 7 अप्रैल को की थी। शुरूआती दौर में यह कार्यक्रम ऑनलाइन संचालित होता रहा, लेकिन राज्य के ग्रामीण एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों में इंटरनेट एवं एंड्राइड मोबाइल की सुविधा के अभाव को देखते हुए इस कार्यक्रम का विस्तार किया गया और ऑफलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पढ़ई तुंहर पारा एवं बुल्टू एप्प की भी शुरूआत की गई। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों को घर बैठे शिक्षा उपलब्ध कराने के राज्य शासन के प्रयासों को प्रधानमंत्री एवं नीति आयोग सहित शिक्षाविदों एवं गणमान्य लोगों ने सराहते हुए राज्य की इस पहल को अनुकरणीय कहा है।

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया कि पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए वेबपोर्टल को शानदार प्रतिसाद मिला है। अब तक 29 करोड़ से अधिक बार इसका पेज व्यू हुआ है। इस कार्यक्रम के तहत 2 लाख 2 हजार 45 शिक्षक तथा 23 लाख 13 हजार 130 विद्यार्थी विधिवत पंजीकृत हैं। अब तक राज्य में तीन लाख 69 हजार 672 कक्षाएं ऑनलाइन ली गई हैं। 45 हजार से अधिक शिक्षकों ने इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। ऑफलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने के तहत अब तक 31 हजार 792 पठन सामग्री अपलोड की गई है। पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत शिक्षा उपरान्त बच्चों को होमवर्क भी दिए जाते हैं। अब तक एक लाख 50 हजार 743 होमवर्क की विधिवत जांच शिक्षकों ने की है और इस संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के सुदूर वनांचल के गांव में जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पढ़ई तुंहर पारा क्लास ली जा रही है। 22 हजार 771 शिक्षक एवं शिक्षा संगवारी इसमें अपना योगदान दे रहे हैं। इससे 7 लाख 60 हजार 950 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य में लाउडस्पीकर के माध्यम से भी पारों एवं मोहल्लों में 2241 स्कूल का संचालन 4237 शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में जशपुर जिले के पैकू शासकीय स्कूल के शिक्षक  वीरेन्द्र भगत द्वारा मोटरसाइकिल में ब्लैक बोर्ड बांधकर गांव-गांव बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की गई है। नीति आयोग ने भी नारायणपुर और सुकमा जिले में कोरोना संकट काल में शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी। बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. शुक्ला ने पावरपाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा एवं पढ़ई तुंहर पारा कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।


23-Sep-2020 6:31 PM

कोरोना को हराना है-डरना नहीं

रायपुर, 22 सितंबर। कोरोना को हराना है- डरना नहीं, मुहिम के तहत छग सिंधी पंचायत रायपुर द्वारा लाकडाउन के चलते कोरोना पर आज दोपहर 12 से 2 बजे 23वीं गोष्ठी का आनलाइन आयोजन किया गया,जो कोरोना काल तक जारी रहेगा। समिति के प्रदेश प्रवक्ता दिनेश अठवानी ने बताया प्रथमत: समिति के अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने आगंतुक अतिथि मुख्य पैथोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद नेरल, कार्यक्रम सहयोगी एम्स से डॉ. राधाकृष्ण रामचंदानी को सादर आमंत्रित किया। मुख्य संयोजक सीए चेतन तारवानी एवं राजेश वासवानी ने डॉक्टर का सम्पूर्ण  परिचय दिया। कार्यक्रम प्रभारी जितेन्द्र बडवानी रहे। डॉ. अरविंद नेरल जो क्षेत्र में पैथोलाजी टैस्टिंग के साथ-साथ 20वर्षों से समाज सेवा में अग्रणी रहे हैं।

डॉ. अरविंद नेरल ने बताया एम्स के अलावा 6 अन्य(कुल 7) सरकारी हास्पीटल में कोरोना टैस्ट निशुल्क हैं। उन्होंने कहा रायपुर में आईसीएमआर मान्यता प्राप्त सातों हास्पिटल की रिपोर्ट व इलाज निश्चित रूप से विश्वसनीय एवं स्तरीय हैं। इन पर बिल्कुल भी संशय न करें। वर्तमान में छग में तीनों तरह के टैस्ट में नित्य 10 हजार 5 सौ टैस्ट की क्षमता है, कृपया एक से अधिक बार टैस्ट हेतु जिद न करें, इससे अन्य मरीजों को टैस्ट का लाभ नहीं मिलेगा। सभी हास्पिटल में टैस्ट को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल नाक व मुंह से तीनों तरह के टैस्ट लिए जा रहे हैं, जिनकी रिपोर्ट अधिकतम 6 से 36घंटों में मिल जाती है। फेफड़ों में अधिक तकलीफ (सांस लेने में परेशानी) होने पर सिटी स्कैन भी कर सकते हैं, इसकी भी सम्पूर्ण व्यवस्था है।

रैपिड एंटीजेन टैस्ट कोरोना के कम से कम असर में भी पाजिटिव आती है। छग सरकार ने टैस्ट की रिपोर्ट आपकी मोबाइल पर वेब पोर्टल के जरीए देने की सुविधा का इंतजाम किया है। छोटे बच्चों के संक्रमण के बारे में माताओं को फीडिंग व अन्य समय में सावधानी बरतने कहा,ताकि बच्चों में किसी तरह का इंफेक्शन न हो। पाजिटिव आने के बाद अधिकतम 10 दिन तक आप अन्य को संक्रमित कर सकते हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा यदि कोरोना संक्रमित महिला गर्भवती है, प्राइवेट हास्पिटल में भर्ती न लेने पर पंडरी स्थित जिला हास्पिटल महिला को सम्पूर्ण सुरक्षा से डिलीवरी कराने सक्षम हैं।

वर्तमान में 10 लाख टैस्ट हो चुके हैं,जिसमें 9 लाख पासिटिव (लगभग 9 फीसदी) आए हैं।। कोरोना को गंभीरता से लेने पर ही आप सुरक्षित हो सकते हैं,ऐसा नहीं करने पर गंभीरतम बल्कि मृत्यु जैसे परिणाम आ सम्भावित हैं। उन्होंने एक जुमला कहा, जिसका अर्थ-सावधानी रखें और सलामत रहें-कयामत तक। अंत में समिति अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने 100 बिस्तरों वाले हास्पिटल हेतु हाल- दवाइयों- उपकरणों  का सम्पूर्ण बंदोबस्त व सभी प्रकार के खर्च देने की घोषणा समाज की ओर से की,केवल व केवल डाक्टर मुहैया कराने सरकार का आश्वासन मिले।


23-Sep-2020 6:31 PM

रायपुर, 23 सितम्बर। कांग्रेस ने भाजपा के सांसदों को राज्य के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छत्तीसगढ़ से लोक सभा के लिए चुने गए नौ सांसदों ने जब भी दिल्ली में आवाज उठाया तो राज्य की जनता के हितों के खिलाफ ही आवाज उठाया है। जब 25 सौ में समर्थन मूल्य खरीदी के विषय पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव हुआ था तब भी इन सांसदों ने राज्य के किसानों का साथ नही दिया था ।

लोकसभा में 25 सौ रु  समर्थन मूल्य के खिलाफ ही बोला था ।अब भी जब ये सांसद केंद्रीय मंत्रियों से मिलने गए तब भी इन्होंने राज्य के हित में बात करने के बजाय राज्य सरकार के द्वारा किये जा रहे कामो की आलोचना ही किया । केंद्रीय मंत्रियों से कहने को और राज्य की जनता के सहूलियतों के लिये मांगने को इनके पास बहुत कुछ था लेकिन दुर्भाग्य से भाजपाई सांसद एक बार फिर से राज्य की कांग्रेस सरकार का विरोध करने के बहाने प्रदेश की जनता का विरोध कर आये।

शुक्ला ने कहा कि इन सांसदों ने केंद्रीय मंत्री से यह तो बताया कि   किसान सम्मान निधि से राज्य के 25 लाख किसान वंचित हो गए लेकिन यह कहना जरूरी नही समझा कि  जिन आंकड़ो के आधार पर कथित रूप से केंद्र सरकार ने पहली बार 27 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा दिया था कोरोना काल मे उन्ही पुराने आंकड़ो के आधार पर इस बार भी किसानों को रुपये दिए जाय।

भाजपाई सांसदों ने केंद्रीय मंत्री से यह शिकायत तो कर दिया कि राज्य सरकार ने 14वे वित्त की राशि पंचायतों के मूलभूत से उठा के क्वारेंटिंन सेंटरों में कर दिया है लेकिन यह माग नही किया कि कोरोना काल मे 14 वे वित्त की राशि क्वारेंटिंन सेंटरों में खर्च हो गयी अत: राज्य की जनता के हित में इस खर्च राशि का पुन: आबंटन करें।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपाई सांसदों को मनरेगा के मामले में राज्य सरकार की जूठी शिकायत करने से पहले केन्दीय मंत्री से यह पूछना था कि देश मे छत्तीसगढ़ सरकार को मनरेगा में बेहतर क्रियान्वन की रैंकिंग क्यो दी गयी ?

कोरोना काल मे केंद्र सरकार के द्वारा जारी आंकड़े बताते है कि मनरेगा में छत्तीसगढ़ ने देश मे सबसे अच्छा काम किया ।एक दिन में 24 लाख मजदूरो को काम देने का रिकार्ड बनाया। भाजपाई सांसद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भी मिले लेकिन उनसे भी राज्य को कोरोना से लड़ाई के लिए अतिरिक्त संसाधन देने की मांग नही किया ।

 

 


23-Sep-2020 6:31 PM

1085 एमव्हीएआर क्षमता के केपेसिटर स्थापित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अधिकारियों - कर्मचारियों की टीम द्वारा प्रदेश में लागू लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी कोरोना वायरस संक्रमण से बचते हुए विद्युत प्रणालियों के दुरुस्ती करण कार्य को युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. विशालकाय ट्रांसफार्मर हो या भारी भरकम खंभे आवश्यकता अनुसार इन्हें बदलने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।  ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों में 220 / 132 / 33  केव्ही उपकेंद्र कोटमी कला में स्थापित 20 एमव्हीए क्षमता के पॉवर ट्रांसमिशन ट्रांसफॉर्मर की स्थान पर 40 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य सफलतापूर्वक किया गया।

विद्युत प्रणाली के दुरुस्तीकरण की प्रगति के संबंध में अधीक्षण अभियंता श्री पी.के. कश्यप ने बताया कि उक्त कार्य की पूर्णता से कोटमी कला उपकेंद्र की क्षमता 60 एमव्हीए हो गई है। जिससे इस उपकेन्द्र के द्वारा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में भी विद्युत आपूर्ति निर्बाध पूर्वक की  जा सकेगी। साथ ही इस क्षेत्र के छोटे बड़े धंधे, कृषि, व्यवसाय एवं घरेलू उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। विदित हो कि  गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विद्युत की आपूर्ति पूर्व में 80 एमव्हीए क्षमता युक्त 220/132/33 केव्ही उपकेन्द्र कोटमीकला से की जा रही थी।

कोटमीकला उपकेन्द्र में स्थापित 20 एमव्हीए के पॉवर ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके निराकरण होने तक वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति करने हेतु मनेन्द्रगढ़ में स्थापित  132/33 के.व्ही. उपकेन्द्र से निकलने वाली 33 के.व्ही. लाईन को मरवाही उपकेन्द्र तक लाकर क्षेत्र के 6 उपकेन्द्रों से विद्युत आपूर्ति की गई।

 पारेषण प्रणाली सुदृण बनाने उन्नत अधोसंरचना

प्रदेश की पारेषण को सुदृढ़ बनाने के लिए 121 अति उच्च दाब उप केंद्र, 12804 सर्किट किलोमीटर अति उच्च दाब लाइन तथा पारेषण प्रणाली की सुरक्षा हेतु 1085 एम वी एआर क्षमता के कैपेसिटर संचालित किए जा रहे हैं।

 

 


22-Sep-2020 8:51 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। केन्द्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। इस विधेयक को किसान विरोधी बताकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का ऐलान किया गया है। इस सिलसिले में प्रदेश प्रभारी पीएल पुुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम गुरूवार को मीडिया से रूबरू होंगे, और आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी देंगे। 

कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि अभा कांग्रेस के पदाधिकारियों की बैठक में मोदी सरकार के किसान विरोधी रवैया के खिलाफ अखिल भारतीय स्तर पर आक्रामक चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया गया है। त्रिवेदी ने कहा कि संसद के अंदर संसदीय लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है और सडक़ों पर किसान को लाठियों से पीटकर प्रजातंत्र का गला घोटा जा रहा है।  

त्रिवेदी ने कहा कि खेत और खलिहानों में, सडक़ों और बाजारों में, मजदूरों और किसान की आजीविका छीनी जा रही है और संसद के अंदर किसानों के लिए उठने वाली आवाज को दबाया जा रहा है। नरेन्द्र मोदी की सरकार बंदी सरकार बन गई है जिसने पहले नोटबंदी की, उसके बाद जीएसटी लाकर व्यापार बंदी की, उसके बाद लॉकडाउन लगाकर देशबंदी की और अब खेत और खलिहान बंदी करने की तैयारी है।    

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मोदी सरकार के किसान विरोधी आचरण  के  खिलाफ  श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दिशा निर्देश पर एक व्यापक  जन आंदोलन की तैयारी कर ली है और  यह व्यापक जन आंदोलन चरणबद्ध स्वरूप में होगा। 

त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 73 सालों में व्यवस्था पैदा की थी, उस व्यवस्था के तीन अंग हैं पहला है कसान को न्यूनतम समर्थन मूूल्य, दूसरा है कृषि उपज खरीद प्रणाली और तीसरा है राशन की दुकान पर गरीब को राशन देना।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इन तीन काले कानूनों से केवल किसान और खेत मजदूर पर नहीं, इस देश के एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों पर हमला बोला है, उनकी रोजी-रोटी पर हल्ला बोला है, देश के  गरीब पर हमला बोला है, उनके  पेट पर हमला बोला है, उनकी थाली पर हमला बोला है और कांग्रेस एक-एक कतरा खून का बहाकर, जिसने हमेशा देश के लिए कुर्बानी दी है, इस देश के 130 करोड़ लोगों के लिए संघर्ष करेगी।

 


22-Sep-2020 7:11 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 

रायपुर, 22 सितंबर। कोरोना काल में दवा निगम के पीपीई किट खरीदी के टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है। बताया गया कि ऑनलाइन टेंडर के लिए न सिर्फ समय कम दिया गया बल्कि सर्वर रफ्तार भी धीमी हो गई। इससे कई कंपनियां वंचित रह गई। इस गड़बड़ी को लेकर कुछ कंपनियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की है।

दवा उपकरण निर्माता दिल्ली की कंपनी एक्सोटिक एक्सपोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया पर उंगली उठाई है। कंपनी 55 साल पुरानी है, और केन्द्र और राज्य सरकार की संस्थानों को उपकरण सप्लाई करती रही है। छत्तीसगढ़ दवा निगम ने 15 सितंबर को पीपीई किट के लिए ई-टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 21 सितम्बर रखी गई थी। कंपनी का टर्नओवर सालाना पांच करोड़ होना चाहिए था साथ ही 30 लाख की सुुरक्षा निधि जमा करनी थी।

इस समयावधि के बीच दो दिनों का अवकाश शनिवार-रविवार भी पड़ा। यह बात सामने आई कि सर्वर को इतना डाउन कर दिया गया कि वेबसाइट से टेंडर को डाउनलोड और फिर टेंडर को अपलोड करना इस टेंडर में रूचि रखने वाली बड़ी और राष्ट्रीय स्तर पर कई कंपनियों के लिए मुश्किल हो गया। न सिर्फ एक्सोटिक एक्सपोर्ट बल्कि कई और कंपनियां इस पूरी प्रक्रिया से वंचित रह गई।

 

 चर्चा है कि कंपनी विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है। इस पूरे मामले में निगम के जीएम बसंत कौशिक  से चर्चा की कोशिश की गई, किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ, कंपनी एक्सोटिक एक्सपोर्ट ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की है और टेंडर की तिथि बढ़ाने का आग्रह किया है। पीपीई किट और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने के लिए केन्द्र सरकार ने करीब 67 करोड़ रूपए भी उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने डीएमएफ फंड से भी जरूरी सामानों की खरीदी की छूट दी है। 

 


22-Sep-2020 7:07 PM

मौतें-325, एक्टिव-9630, डिस्चार्ज-11552

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। राजधानी रायपुर समेत जिले में कोरोना मरीज तेजी से बढक़र 28 हजार पहुंच गए हैं। बीती रात मिले 479 नए पॉजिटिव के साथ इनकी संख्या बढक़र 28 हजार 190 हो गई है। दूसरी तरफ, इन सभी मरीजों में से 325 मरीजों की मौत हो गई है। 9 हजार 630 एक्टिव हैं, जिनका एम्स एवं अन्य कोरोना अस्पतालों में इलाज जारी है। 11 हजार 552 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं।

राजधानी रायपुर में कोरोना की शुरूआत करीब 6 महीने पहले से हुई है, जो धीरे-धीरे यहां अधिकांश छोटी-बड़ी बस्तियों-कॉलोनियों तक पहुंच चुका है। इन जगहों से लगातार पॉजिटिव निकल रहे हैं। अब तो आसपास गांवों से भी कोरोना के मरीज निकलकर सामने आ रहे हैं। जिले में अधिकांश वर्ग के लोग संक्रमित मिल रहे हैं। इसमें से हजारों क्वॉरंटीन में हैं और नियमित दवा ले रहे हैं।

स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि रायपुर-आसपास लोगों को नियमों का पालन करते हुए लगातार मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाकर चलने का जोर दिया जा रहा था। इसके बाद भी उनकी लापरवाही जारी है। ऐसे में मरीजों के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। संक्रमण की गिरफ्त में अब आसपास के गांव-कस्बे भी आने लगे हैं। लोगों की लापरवाही इसी तरह जारी रही, तो यहां मरीजों के आंकड़े और तेजी से बढ़ सकते हैं।

 

 


22-Sep-2020 7:07 PM

रायपुर- आसपास से 5

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। प्रदेश में कोरोना से कल 13 मरीजों की मौत हो गई। इसमें रायपुर-आसपास के 5 मरीज शामिल रहे, जिनका अलग-अलग जगहों पर इलाज चल रहा था। इनके संपर्क में आने वालों की जांच-पहचान जारी है। दूसरी तरफ, इन मौतों को मिलाकर प्रदेश में कोरोना मौत के आंकड़े बढक़र 690 हो गए हैं।

बुलेटिन के मुताबिक राजधानी और आसपास जिन मरीजों की मौत दर्ज की गई है, इसमें सड्डू का 70 वर्षीय पुरूष, गुढियारी की 68 वर्षीय महिला, शंकर नगर का 74 वर्षीय पुरूष, गरियाबंद का 70 वर्षीय पुरूष, भिलाई का 56 वर्षीय पुरूष, आदर्श नगर दुर्ग का 56 वर्षीय पुरूष, तालापारा बिलासपुर की 75 वर्षीय महिला, कानन पेंडारी का 74 वर्षीय पुरूष, बुधवारी बाजार तोरवा बिलासपुर का 60 वर्षीय पुरूष, अश्विनी नगर का 76 वर्षीय पुरूष, रायपुर का 65 वर्षीय पुरूष, वसुधंरा नगर का 43 वर्षीय पुरूष, देवसरा अर्जुदा बालोद का 78 वर्षीय पुरूष शामिल हैं।

इन सभी मरीजों का इलाज एम्स समेत प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा था। इसमें से 4 की मौत कोरोना से हुई है। बाकी मौतें गंभीर बीमारियों के साथ कोरोना से दर्ज की गई है।


22-Sep-2020 7:04 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। खरीफ सिंचाई पूर्ण होने व निस्तारी पानी सुरक्षित रखने के बाद भी गंगरेल बांध में पर्याप्त पानी बचे रहने की संभावना के चलते इस पानी का उपयोग संबंधी निर्णय तत्काल लेने व रबी सिंचाई हेतु उपलब्ध कराने का निर्णय लिये जाने पर खेतों में उतेरा बीज डालने के पहले 30 सितंबर तक ग्रामों व रकबो का चयन कर घोषणा किये जाने की मांग जल संसाधन मंत्री रवीन्द्र चौबे को ज्ञापन सौंपकर  बंगोली सिंचाई उपसंभाग के अधीनस्थ सिंचाई पंचायतों के पूर्व अध्यक्षों ने  लिया है। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक व नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया का भी ध्यानाकृष्ट कराने का निर्णय लिया गया है।

बीते दिनों महानदी जलाशय परियोजना के जल प्रबंध संभाग क्रमांक 1 के अधीनस्थ उपसंभाग 4 (बंगोली) के अंतर्गत आने वाले सिंचाई पंचायतों के पूर्व अध्यक्षों ने आहूत बैठक में बीते वर्षों में बांधों में रबी सिंचाई हेतु पानी रहने की स्थिति में भी काफी विलंब से घोषणा किये जाने से किसानों को उतेरा व ओल्हा बीजों सहित किसानों के श्रम व लागत के व्यर्थ जाने  की स्थिति के मद्देनजर इस वर्ष रबी पानी देने की स्थिति में इसकी घोषणा आसन्न 30 सितंबर तक सुनिश्चित कराने का आग्रह श्री चौबे को ज्ञापन सौंप करने का निर्णय लिया है।

बैठक में अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से किसानों द्वारा खेतों में उतेरा बीज डालना शुरू कर दिये जाने की संभावना को देखते हुये यह मांग किये जाने का निर्णय लिया गया है। सिंचाई पंचायत अध्यक्षों का कहना है कि खरीफ सिंचाई व निस्तारी हेतु पानी सुरक्षित कर संभावित शेष बचे पानी की मात्रा की गणना कर  रबी पानी देने के निर्णय होने पर आज की हालत में भी रबी पानी हेतु संभावित ग्रामों व रकबो का चयन आसानी से कर घोषणा की जा सकती है व इस संबंध में चयनित ग्रामों से किसानों का सुझाव आमंत्रित कर उनका राय भी जाना जा सकता है क्योंकि उतेरा व ओल्हा बोनी के बाद किसानों में ही मतैक्य नहीं बन पाता।

बैठक में सिंचाई पंचायत अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा, गोविंद चंद्राकर, चिंताराम वर्मा, थानसिह साहू, हिरेश चंद्राकर, धनीराम साहू, तुलाराम चन्द्राकर व सरपंच हेमंत चंद्राकर सहित फवीन्द्र वर्मा, मनहरण वर्मा, जोहन वर्मा, भुवन वर्मा आदि मौजूद थे। इस बैठक में नारा सिंचाई बंगला के आसपास हुये अवैध कब्जों को हटवाने व बंगला आने- जाने सडक़ निर्माण करवाने तथा बंगोली सिंचाई उपसंभाग का कार्यालय व स्टाफ क्वार्टर भी नारा में बनवाने श्री चौबे का ध्यानाकृष्ट कराने पर विचार किया गया व इस संबंध में श्री चौबे से मुलाकात का निर्णय लिया गया ।


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