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28-May-2020 8:03 PM

श्रमिकों को मिल रही बेहतर सुविधाएं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के दौरान फंसे श्रमिकों को राहत पहुंचाने, उनके भोजन एवं आवास की व्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में 19 हजार 184 क्वारेंटीन सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन क्वारेंटीन सेंटर में लगभग 2 लाख श्रमिक ठहरे हुए हैं। सभी क्वारेंटीन सेंटरों में श्रमिकों के लिए भोजन एवं मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था शासन द्वारा की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्वारेंटीन सेंटर में ठहरे श्रमिकों की भोजन आदि की व्यवस्था के लिए सभी कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश एवं सहायता राशि भी स्वीकृत की है।

कोरोना संक्रमण के चलते अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ में लौटने वाले श्रमिकों को एहतियातन 14 दिन तक क्वारेंटीन सेंटरों में रहने की बेहतर व्यवस्था राज्य के सभी जिलों में की गई है। क्वारेंटीन सेंटर में रह रहे श्रमिकों के चाय, नाश्ता, भोजन के साथ-साथ उन्हें दैनिक उपयोगी वस्तुएं तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। श्रमिकों के स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी रखे जाने के साथ ही उनका स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है।

बीते 15 दिनों से लगातार प्रवासी श्रमिकों के छत्तीसगढ़ लौटने का सिलसिला जारी है। सभी जिलों में ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, स्कूल भवनों को क्वारेंटीन सेंटर बनाया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार अन्य राज्यों के ऐसे श्रमिक जो छत्तीसगढ़ होते हुए अपने राज्य जाना चाहते हैं, उनके लिए जिला प्रशासन द्वारा बस से श्रमिकों को नि:शुल्क राज्य की सीमा तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। राज्य के कई क्वारेंटीन सेंटर में रह रहे श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रशासन एवं स्थानीय युवाओं के सहयोग से कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। 

क्वारेंटीन सेंटर में मनोरंजन के लिए टीवी की व्यवस्था के साथ ही योगा और विभिन्न प्रकार के खेल की गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। राज्य के जशपुर जिले के विभिन्न विकासखंडों में लगभग 648 क्वारेंटाईन सेंटर बनाया गया है। इन क्वारेंटाईन सेंटर में 3422 श्रमिकों, मजदूरों यात्रियों को रखा गया है। इनमें दो हजार 741 पुरूष एवं 681 महिलाएं शामिल है।

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से देश के अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में कोयम्बटूर से चली ट्रेन में आज राजनांदगांव जिले के 40, रायपुर के 5,बस्तर के 8,बालोद के 13, सुकमा के 18, कोंडागांव के 2,गरियाबंद के 10, नारायणपुर के 5,कांकेर के 5,दंतेवाड़ा के 1, धमतरी के 1, कवर्धा के 36 बलौदा बाजार के 7, दुर्ग के 4, बेमेतरा के 3, रायगढ़ के 12 महासमुंद के 407 ,मध्य प्रदेश के 11 और उड़ीसा के 5 श्रमिक रायपुर  रेलवे स्टेशन उतरे। इसी तरह सतारा से चली ट्रेन में आज रायपुर रेलवे स्टेशन में रायपुर जिले के 32,बीजापुर के 6,कोंडागांव के 6,धमतरी के 2 और उड़ीसा के 3 श्रमिक उतरे। 

अहमदाबाद से चली ट्रेन से बालोद जिले के 8, उड़ीसा के 8, राजनांदगांव के 5 और महासमुंद के 15 श्रमिक उतरे। इस तरह आज रायपुर रेलवे स्टेशन में 678 श्रमिको का आगमन हुआ।
जांजगीर-चांपा में आज शाम 5 बजे अहमदाबाद ट्रेन से 553 श्रमिक यात्री  पहुंचे। श्रमिक स्पेशल ट्रेन से अहमदाबाद से चांपा पहुंचे यात्रियों में 510 जांजगीर-चांपा जिले के,16 छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के और 27 यात्री अन्य राज्यों के शामिल हैं। अन्य राज्यों से आए 6151 प्रवासी, मजदूर क्वारेंटीन सेंटर में रह रहे हैं उनमें बरमकेला में 376, सारंगढ़-3827, पुसौर-139, रायगढ़ (लोईंग)-116, खरसिया-457, तमनार-114, घरघोड़ा-30, लैलूंगा-442 एवं धरमजयगढ़ 650 शामिल है। सभी मजदूरों का स्क्रीनिंग कर 14 दिन के लिए क्वारेंटीन में रखा गया है एवं उनकी सतत् निगरानी की जा रही है।


28-May-2020 8:02 PM

रामनगर, हीरापुर में निगम की कार्रवाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
निगम का तोडफ़ोड़ अभियान आज रामनगर और हीरापुर में चला। इस दौरान रामनगर दिशा कॉलेज के सामने से 8 सौ वर्गफीट में किए गए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया गया। वहीं  हीरापुर चौक पर करीब 12 सौ वर्गफीट से अतिक्रमण हटाया गया। 

निगम जोन 8 नगर निवेश विभाग की टीम ने जोन 8 कमिश्नर प्रवीण सिंह गहलोत के नेतृत्व में थ्रीडी व मजदूरों की सहायता से रामनगर में दिशा कॉलेज के सामने तोडफ़ोड़ कार्रवाई की। वहां कोई व्यक्ति ने 8 सौ वर्गफीट में कब्जा अवैध निर्माण कर रहा था। इसकी शिकायत मिलने पर निगम ने तुरंत कार्रवाई की। मौके पर चेतावनी भी जारी की गई है कि किसी व्यक्ति द्वारा दोबारा कब्जा कर निर्माण का प्रयास करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

इसी प्रकार जोन 8 नगर निवेश विभाग की टीम आज हीरापुर चौक पहुंची। वहां करीब 12 सौ वर्गफीट में अतिक्रमण कर अवैध मकान निर्माण की तैयारी थी। इस जगह पर दो दुकानदारों ने कब्जा किया था। इसकी शिकायत मिलने पर आज यहां भी कार्रवाई की गई। निगम अफसरों ने चेतावनी दी है कि दोबारा कब्जा कर अवैध निर्माण करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
 


28-May-2020 8:00 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर द्वारा बूढ़ा तालाब में की जा रही कार सेवा का अंतिम दिन में आर्मी के 40 सदस्यों सहित कोपलवाणी के सदस्य तथा कॉलेजों के राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र एवं पुरानी बस्ती के निवासियों द्वारा बूढ़ा तालाब में कार सेवा करते हुए सुबह 8 बजे से 9 बजे तक लगभग 8 ट्रैक्टर जलकुंभी निकाला गया। 

यह कार्यक्रम में ग्रीन आर्मी आफ रायपुर के सभी जोन के सदस्य अपना सहयोग प्रदान किए ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के प्रमुख अमिताभ दुबे के मार्गदर्शन में यहकाम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अमिताभ दुबे, पीके साहू, डॉ. हितेश दीवान, प्रकाश दीवान, शशिकांत यादव, मुकेश श्रीवास्तव, सुनीता चंदसूरिया सहित लगभग 75 लोगों ने कार सेवक किया। 

कार्यक्रम के अंत में रायपुर नगर के महापौर एजाज ढेबर द्वारा लगातार की जा रही। कार सेवा पर ग्रीन आर्मी आप रायपुर की तारीफ करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया साथ ही भविष्य में सहयोग लेने की अपील की।


28-May-2020 7:59 PM

रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा ने गुरुवार को कोरोना की प्रारंभिक जांच के लिए 125 इंफ्रारेड थर्मामीटर कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को सौंपा। इस थर्मामीटर की कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है। थर्मामीटर सौंपते समय जिला पंचायत सीईओ भी मौजूद रहे। 
 


28-May-2020 7:58 PM

एम्स समेत सरकारी अस्पतालों में इलाज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
प्रदेश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा कम-ज्यादा  होते हुए अब 369 तक पहुंच गया है। इसमें से 286 मरीजों का एम्स  समेत सरकारी अस्पतालों में जारी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एम्स के साथ ही रायपुर, जगदलपुर व रायगढ़ मेडिकल कॉलेज लैब में कोरोना संदिग्धों की जांच चल रही है। फिलहाल और कोई पॉजिटिव सामने नहीं आए हैं। 

प्रदेश में कोरोना की शुरूआत रायपुर से हुई। इसके बाद धीरे-धीरे बिलासपुर, भिलाई, नांदगांव, कटघोरा कोरबा से मरीजों के आने का क्रम शुरू हुआ। ये मरीज ठीक होकर अपने घर भी जाते रहे। प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के आने के साथ कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे लगी और यह अब यह ढाई सौ पार कर चुका है। जानकारी के मुताबिक सबसे अधिक 70 मरीज मुंगेली से सामने आए हैं और ये सभी भर्ती हैं। बिलासपुर में 43 मरीज पाए गए हैं, जिसमें से 42 भर्ती हैं। कोरबा से 41 मरीज सामने आए थे, जिसमें से 12 ही अस्पताल में हैं। राजनांदगांव में 35 पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें से 34 भर्ती हैं। 

बालोद में 24 पॉजिटिव निकले हैं, इसमें से 14 का इलाज जारी है। बलौदाबाजार में 20 पॉजिटिव में 16 अस्पताल में हैं। जांजगीर में सामने आए 15 मरीजों में 10 भर्ती हैं। बेमेतरा में 15 में से सभी 15 का इलाज जारी है। कबीरधाम में 13 मिले हैं, जिसमें से 6 भर्ती हैं। इसी तरह दुर्ग, रायगढ़, रायपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कांकेर, कोरिया, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलरामपुर, धमतरी, जगदलपुर व जशपुर में भी एक से लेकर 10-11 तक कोरोना मरीज मिले हैं। इसमें से रायपुर, सूरजपुर समेत कई जगहों के कई मरीजों की छुट्टी हो चुकी है। बाकी का इलाज जारी है। 

स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि एम्स समेत उनके सरकारी कोरोना अस्पतालों में मरीजों का इलाज जारी है और कई मरीज ठीक होकर अपने घर वापस पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि बाकी मरीज भी इसी तरह ठीक होकर अपने घर चले जाएंगे। 

83 मरीज स्वस्थ
प्रदेश में अभी तक जो कोरोना मरीज सामने आए हैं, इसमें से 83 स्वस्थ होकर अपने घर चले गए हैं। कोरबा से सबसे अधिक 29 कोरोना पॉजिटिव स्वस्थ हुए हैं। इसके बाद दुर्ग, बालोद से 10-10 ठीक हो चुके हैं। कबीरधाम, रायपुर, सूरजपुर से 7-7 स्वस्थ हुए हैं। जांजगीर से 5, बलौदाबाजार से 4 एवं कोरिया, गरियाबंद, नांदगाव, बिलासपुर से एक-एक मरीज ठीक हो चुके हैं। 
 


28-May-2020 7:57 PM

क्वॉरंटीन सेंटरों को लेकर दिशा निर्देश भी 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गत दिवस आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य शासन द्वारा आर्थिक गतिविधियों के संचालन, क्वारेंटीन सेंटर्स की व्यवस्थाओं, रेड, आरेंज जोन निर्धारण के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जारी निर्देशों के अनुसार मई माह के अंतिम शनिवार-रविवार को होने वाले पूर्ण लॉकडाउन को निरस्त कर दिया गया है। इसलिए आगामी शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन नहीं रहेगा। सभी दुकानें और संस्थान जो भारत सरकार के गृह मंत्रालय अथवा राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित नहीं हैं वे सप्ताह के छह दिन सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुली रहेंगी। 

दुकानें और व्यावसायिक संस्थान पहले की तरह खुलेंगी लेकिन वर्तमान में जारी समय सीमा और सप्ताहिक अवकाश का पालन करना होगा। बाजार पूर्व में निर्धारित दिनों और व्यवस्था के अनुसार वर्तमान में तय समय के अनुसार खोले जाएंगे। बहुत घने बाजारों में भीड़ को कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। सडक़ किनारे सामान बेचने वालों (स्ट्रीटवेंर्डस) के लिए स्थानीय निकायों द्वारा स्थान और समय का निर्धारण कर फिजिकल डिस्टेंस का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय व्यापारी संघों के साथ चर्चा के निर्देश दिए गए हैं।

क्वारेंटीन सेंटर्स पर योग प्रशिक्षण और आउटडोर एक्टिविटी और खेल गतिविधियां भौतिक दूरी का ध्यान रख आयोजित की जा सकती हैं। इसके लिए कलेक्टर, एनजीओ और वालेंटियर्स की मदद ले सकते हैं। क्वारेंटीन सेंटर्स में रहने वालों के लिए दैनिक गतिविधियां तय की जाए। क्वारेंटीन सेंटरों की निगरानी के लिए जोनल अधिकारी नियुक्त किए जाए। प्रत्येक क्वारेंटीन सेंटर के लिए प्रभारी अधिकारी रखा जाए जो वहां उपलब्ध सुविधाओं के साथ-साथ सेंटर में रहने वाले की स्वास्थ्य जांच और कोरोना टेस्ट की निगरानी रखेंगे। इन निर्देशों के पालन के लिए प्रभारी अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इन कार्यो में स्थानीय ग्राम पंचायत सचिव और स्थानीय लोगों की सहायता ली जा सकती है। 

क्वारेंटीन सेंटर में रहने वाले जो लोग 14 दिनों की क्वारेंटीन अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर लिए हो और जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाए। यदि किसी में लक्षण मिलते हैं तो उनका टेस्ट निर्धारित एसओपी के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। स्थानीय सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि घर जाने वाले लोग अगले सात से दस दिन तक अपने घरों में ही रहें। कलेक्टर क्वारेंटीन सेंटर्स में रहने वाले लोगों को तनाव मुक्त करने के लिए काउंसलर्स और मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। क्वारेंटीन सेंटर्स में लोगों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
 


28-May-2020 7:55 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
मंदिर के पुजारियों को जीवन निर्वाह भत्ता देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ संगवारी संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपा। उक्त जानकारी देते हुए समिति के अध्यक्ष राजकुमार राठी ने बताया कि जिलाधीश की अनुपस्थिति में ज्वाइंट कलेक्टर यूएस अग्रवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

विगत 65 दिनों से लॉक-डाउन की वजह से मंदिर बंद होने के कारण मंदिर में पूजा करने वाले पंडितों की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है, इन्हें तत्काल जीवन निर्वाह भत्ता देने की आवश्यकता है जिससे पंडितों को हो रही दाल-रोटी की समस्या का समाधान हो सके।

इस मांग को लेकर सीएम के नाम ज्ञापन सौंप तत्काल पंडितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की श्री राठी ने बताया कि मांग पूरी नहीं  होने पर 1 जून से सभी मंदिरों के पंडित धारा 144 व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने-अपने निवास के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख रूप से अध्यक्ष राजकुमार राठी कार्यकारी अध्यक्ष मंजुलमयंक श्रीवास्तव, किशोरचंद नायक, योगेंद्र सिंह, दीपक वर्मा उपस्थित रहे।
 


28-May-2020 7:50 PM

आदेश निरस्त न करने पर आंदोलन की चेतावनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों और व्याख्ताओं ने कोरोना दौर में वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने संबंधी राज्य सरकार के निर्णय का विरोध किया है और इस प्रदर्शन करते हुए आदेश को तुरंत निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी है कि वेतनवृद्धि रोकने संबंधी आदेश तुरंत निरस्त न करने पर वे सभी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। 

छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, व्याख्याता संघ समेत और कई संगठनों ने राज्य सरकार के वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने संबंधी आदेश का राज्य भर में विरोध किया है। जानकारी के मुताबिक रायपुर समेत सभी जिला मुख्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले के विरोध में ज्ञापन सौंपा। रायपुर में कलेक्टोरेट पहुंच कर अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन, तृतीय वर्ग व व्याख्याता संघ ने विरोध जताया। बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए चेतावनी भी दी। 

कर्मचारी नेता विजय झा, अजय तिवारी व अन्य का कहना है कि एक तरफ कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को उन्हें पुरस्कृत करने के बजाय उन्हें हतोत्साहित करने में लगी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष में वे सभी स्वेच्छा से एक-एक दिन का वेतन दान में दे चुके हैं। इसके बाद भी सरकार का यह आदेश निंदनीय है। आदेश तुरंत निरस्त न करने पर उसका आगे भी विरोध किया जाएगा। 

व्याख्याता संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा, राजीव वर्मा व अन्य नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों को मितव्ययिता का साधन मानते हए राज्य सरकार 2020 और 2021 के वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगाने एवं किसी भी तर की ऐरियर्स का भुगतान रोकने संबंधी आदेश जारी किया है, जो कर्मचारी विरोधी है।  ऐसा आदेश अन्य किसी राज्य ने नहीं निकाला है। पूरे सालभर काम करने के बाद वार्षिक वेतन वृद्धि न  मिलना कर्मचारियों को सजा देने के समान है।  

उनका कहना है कि पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी संवर्ग के कर्मचारी दिन-रात कोरोना रोकथाम के लिए जान जोखिम में डालकर फील्ड में काम कर रहे हैं। ऐसे में यह आदेश उनके साथ छलावा है। जबकि वे सभी सीएम सहायता कोष में स्वेच्छानुदान भी दे चुके हैं। अन्य राज्य जहां अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता घोषित कर रहे हैं। वहीं यहां इसके ठीक उल्टा काम हो रहा है। 
 


28-May-2020 7:09 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 मई। सरकार ने 17 जनपद के सीईओ को इधर से उधर किया है। इनमें से ज्यादातर अनुसूचित इलाकों के हैं। कहा जा रहा है कि तबादले में नेताओं की सिफारिशों को ध्यान में रखा गया है।

तबादला आदेश इस प्रकार है-मनोज कुमार बंजारे दंतेवाड़ा से बीजापुर, हिमांचल साहू सुकमा से जनपद पंचायत सुकमा, कु. पुजा बंसल महासमुंद से मैनपुर गरियाबंद, सुश्री रूचि शर्मा बीजापुर से भैरमगढ़ जिला बीजापुर, प्रवेश पैकरा बलरामपुर-रामानुजगंज से राचन्द्रपुर रामानुजगंज, ज्योति बबली बैरागी बलरामपुर-रामानुजगंज से दुलदुला जशपुर, कौशल प्रसाद तेंदुलकर कोरिया से बस्तर, आरआर चुरेन्द्र मुंगेली से मरवाही गौरेला पेंड्रा, अशोक कुमार मार्बल रायगढ़ से कोंडागांव, छबिलाल ओटी कांकेर से रायगढ़, कु. अर्चना पाण्डेय रायपुर से छुरा गरियाबंद।


28-May-2020 7:09 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 मई। कोरोना लॉकडाउन की तीसरी पारी के बाद शासन से अनुमति मिलने के बाद गुरूवार को शहर के प्रमुख स्थलों में ऑटो नजर आए। तंगहाली में दो महीने गुजारने वाले ऑटोचालकों का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पुराने रेट पर मात्र दो सवारी बैठाने से उनका डीजल का खर्च भी नहीं निकल पाएगा ऐसे में वह परिवार का खर्च कैसे चलाएंगे।

मोतीनगर के सलीम शेख ने बताया 50 हजार डाउन पेमेंट पर उन्होंने 3 लाख 30 हजार का ऑटो फाइनेंस करवाया था। 6 हजार उसकी किस्त पटा रहे थे। दो महीने से  ऑटो बंद रहा और वह किस्त नहीं पटा पाए। घर खर्च के लिए भी मोहताज हो गए।  दूसरों की मदद से किसी तरह गुजारा किया।

सलीम शेख कहते हैं नियम है कि ऑटो में सिर्फ 2 ही सवारी बैठा सकते हैं। इस नियम से तो ऑटो गैस का खर्च भी नहीं निकल पाएगा। ऐसा ऑटो चलाना तो टाइम पास ही होगा। ऑटो वाले का पता, अकाउंट नंबर भरवाए थे लेकिन किसी तरह की मदद नहीं मिली।

मोतीनगर के ऑटोचालक अब्दुल सईद अंसारी कहते हैं भरी धूप में उम्मीद लिए बैठे हैं। सवारी 2 ही बैठाना है और रेट पुराना ही है। ऐसे में कमाई तो होगी नहीं। ऑटो फाइनेंस कराए थे। 6 हजार किश्त पटाते है अब किश्त पटाए कि घर गृहस्थी चलाए? दो बच्चों को मोटी रकम देकर इंग्लिश स्कूल में भर्ती किए थे लेकिन लॉकडाउन के कारण उसकी परीक्षा नहीं हुई। सरकारी चावल के भरोसे अब तक गुजारा चला। आगे जिंदगी कैसे गुजारेंगे पता नहीं।

ऑटोचालक विजय शंकर चौबे ने बताया कि उन्होंने मकान और ऑटो के लिए लोन लिया था। लगभग 6 हजार किश्त पटा रहे थे लेकिन लॉकडाउन के कारण वह मुसीबतों से घिर गए हैं। बैंक से किश्त पटाने के लिए फोन आता है। बेटी का कॉलेज में एडमिशन कराया है और जेब खाली है। विजय शंकर कहते हैं दो सवारी से तो डीजल का खर्च भी नहीं निकल पाएगा।

छग प्रदेश ऑटो संघ उपाध्यक्ष सुरेश तिवारी ने बताया कि पिछले दो महीनों से राजधानी के लगभग 12 हजार ऑटोचालक बदहाली में जीवन यादव कर रहे हैं। ट्रेन, बस बंद होने से उनका रोजगार पूरी तरह से ठप्प पड़ा है। शासन से ऑटोचालकों को किसी तरह की अब तक मदद नहीं मिली है। नमक चावल खाकर गुजारा करने वाले   कई ऑटोचालकों ने बैंक लोन के जरिए ऑटो खरीदा है वे किश्त नहीं पटा पा रहे हैं।

 


28-May-2020 7:08 PM

रायपुर, 28 मई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत दुर्ग जिले के ग्राम मतवारी निवासी 93 वर्षीय किसान दुखुत राम साहू को पहली किश्त के रूप में एक लाख रूपए मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। दुखुत राम साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के दर्द को समझा और किसानों को मजबूत बनाने के लिए किसानों के लिए योजना बनाकर अपना वादा पूरा किया। ज्ञात हो कि किसान दुखुत राम साहू 26 मई शाम को मुख्यमंत्री निवास में श्री बघेल से मिलकर उन्हें आशीर्वाद देते हुए प्रदेश के किसानों के हित में राजीव गांधी किसान न्याय योजना लाने के लिए धन्यवाद दिया। पहली किश्त की राशि में से प्रति क्विंटल 50-50 रूपए के हिसाब से नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम और लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण जरूरतमंदों और श्रमिकों की व्यवस्था के लिए ‘मुख्यमंत्री राहत कोष‘ में चेक भेट करने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे।'


28-May-2020 7:07 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 मई। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी किसान आंदोलन के आव्हान को यहां छत्तीसगढ़ में दूसरे दिन भी विस्तार दिया गया और बस्तर, धमतरी, बिलासपुर, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद सहित कई जिलों के अनेकों गांवों में आज भी प्रदर्शन आयोजित किये गए और केंद्र और राज्य सरकार से किसान विरोधी, गांव विरोधी नीतियों को वापस लेने, गरीबों को खाद्यान्न और नगद राशि से मदद करने के साथ ही प्रवासी मजदूरों के साथ राहत कैम्पों और क्वारंटाइन सेंटरों में मानवीय व्यवहार किये जाने, उनकी भोजन व पोषण आवश्यकताओं को पूरा किये जाने और सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किये जाने की मांग जोर-शोर से उठाई गई।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के राज्य अध्यक्ष संजय पराते और किसान संगठनों के साझे मोर्चे से जुड़े विजय भाई ने बताया कि इन दोनो दिनों में 20 जिलों के सैकड़ों गांवों में कोविद-19 प्रोटोकॉल के फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घरों से, खेतों में, मनरेगा स्थलों पर और गांव की गलियों में हजारों स्थानों पर ये विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गए। आज दूसरे दिन भी छत्तीसगढ़ किसान सभा, आदिवासी एकता महासभा, हसदेव बचाओ अरण्य संघर्ष समिति, क्रांतिकारी किसान सभा, छग मजदूर-किसान महासंघ, वनाधिकार संघर्ष समिति द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। सीटू और छमुमो (मजदूर कार्यकर्ता समिति) से जुड़े ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं ने भी इस आंदोलन के समर्थन में एकजुटता कार्यवाही की है।

इन संगठनों के नेताओं ने स्थानीय स्तर पर भी किसान समूहों को संबोधित किया और केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र के लिए घोषित पैकेज को किसानों और ग्रामीण गरीबों के साथ धोखाधड़ी बताया। उनका मानना है कि इस पैकेज का लाभ खेती-किसानी करने वाले ग्रामीण गरीबों को नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में व्यापार करने वाली कॉर्पोरेट कंपनियों को ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पैकेज किसानों और प्रवासी मजदूरों की रोजी-रोटी, उनकी आजीविका और लॉक डाऊन में उनको हुए नुकसान की भरपाई नहीं करती।

किसान नेताओं ने कर्ज के बदले किसान और प्रवासी मजदूरों को कैश से मदद करने की मांग पर जोर देते हुए ग्रामीण परिवारों को अगले छह माह तक 10 हजार रुपये की मासिक नगद मदद देने, हर जरूरतमंद व्यक्ति को अगले छह माह तक 10 किलो खाद्यान्न हर माह मुफ्त देने, खेती-किसानी और आजीविका को हुए नुकसान की भरपाई 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से करने, किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2 लागत मूल्य का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में देने, किसानों को बैंकिंग और साहूकारी कजऱ् के जंजाल से मुक्त करने और प्रवासी मजदूरों को बिना यात्रा व्यय वसूले उनके घरों तक सुरक्षित ढंग से पहुंचाने और बिना सरकारी सहायता अपने घरों में पहुंच चुके मजदूरों को 5 हजार रुपये प्रवास भत्ता देने की मांग केंद्र सरकार से की है।

उन्होंने प्रवासी मजदूरों की दयनीय दशा के बारे में झूठा हलफनामा देकर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने का भी आरोप लगाया है।

प्रदेश में आंदोलित 25 किसान और आदिवासी संगठनों ने  राज्य में कांग्रेस की भूपेश सरकार से किसान न्याय योजना की राशि एकमुश्त देने और मक्का की सरकारी खरीद किये जाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ध्यान राहत के वास्तविक कदमों पर कम, आत्मप्रचार पर ज्यादा है और प्रवासी मजदूरों के साथ प्रशासन का रवैया अमानवीय और असंवेदनशील है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार लाख गैर-पंजीकृत छत्तीसगढ़ी मजदूर आज भी बाहर फंसे हुए हैं और उन्हें वापस लाने की कोई योजना सरकार के पास नहीं है। जो मजदूर वापस आकर क्वारंटाइन केंद्रों में रखे गए हैं, न तो उनका कोरोना टेस्ट किया जा रहा है और न ही उन्हें ठीक से पर्याप्त खाना दिया जा रहा है। इन मजदूरों को घर से खाना लाने को कहा जा रहा है। किसान नेताओं ने सभी प्रवासी मजदूरों को एक अलग परिवार मानकर काम और मुफ्त राशन देने की मांग की है तथा इसके लिए बजट में अतिरिक्त आबंटन की भी मांग की है।

 


28-May-2020 7:07 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 मई। इंडिया स्पीक कार्यक्रम में पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लाखों लोग इंडया स्पीक में लाइव हुए। राजीव भवन में कांग्रेस संचार विभाग से भी अनेक नेता लाइव से जुड़े। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 20 लाख करोड़ के कोरोना पैकेज से मोदी के चंद चहेते उद्योगपतियों की सहायता हुई सरकारी कंपनियां इन्हीं को बेचने का फैसला कोरोना पैकेज से है।

मध्यम वर्ग, गरीबों, मजदूर, किसानो, रिक्शे, ठेले वालो, खोमचा वालो, आटो वालो, निजी नौकरी करने वालों, रोज कमाने खाने वालों को क्या मिला? मदद की जरूरत जिनको है उनको दी जाए। आज फेसबुक लाइव में जाके हम कांग्रेस के लोगों ने 10 हजार रू. की तत्काल सहायता गरीबों को जरूरतमंदों को देने की मांग की है।

 इसके साथ-साथ 75 सौ रू. 6 महिनों तक गरीबों को देने की मांग हम केन्द्र की मोदी सरकार से करते है। 20 लाख करोड़ का पैकेज और इस पैकेज में गरीबों को क्या मिला? छोटे दुकानदारों को क्या मिला? मध्यम वर्ग को क्या मिला? रोज खाने वाले रोज कमाने वाले, निजी नौकरी करने वालों को क्या मिला? इन लोगो को आज पैसा दिया जाना समय की जरूरत है।

जो मजदूर बेबसी में भूखे प्यासे बिना रोजी रोटी के अपनी गाढ़ी पूंजी गंवा के प्रदेश में फंसे हुये है, बाहर के प्रदेशों में फंसे हुए है। वे अपने घर, गांव और प्रदेश आना चाहते है, केन्द्र की मोदी सरकार तत्काल उन्हें घर गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। ये मांग कांग्रेस पार्टी के लाखों कार्यकर्ता सोशल मीडिया में कर रहे है। लाइव जाके कर रहे है। ये एक प्रकार की सोशल की वल्यूएशन है। सोशल मीडिया में जाके गरीब मजदूर बेबस जरूरतमंद की आवाज उठाने का फैसला कांग्रेस पार्टी ने ली है।


28-May-2020 7:05 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 मई। इंडिया स्पीक कार्यक्रम में पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लाखों लोग इंडया स्पीक में लाइव हुए। राजीव भवन में कांग्रेस संचार विभाग से भी अनेक नेता लाइव से जुड़े। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 20 लाख करोड़ के कोरोना पैकेज से मोदी के चंद चहेते उद्योगपतियों की सहायता हुई सरकारी कंपनियां इन्हीं को बेचने का फैसला कोरोना पैकेज से है।

मध्यम वर्ग, गरीबों, मजदूर, किसानो, रिक्शे, ठेले वालो, खोमचा वालो, आटो वालो, निजी नौकरी करने वालों, रोज कमाने खाने वालों को क्या मिला? मदद की जरूरत जिनको है उनको दी जाए। आज फेसबुक लाइव में जाके हम कांग्रेस के लोगों ने 10 हजार रू. की तत्काल सहायता गरीबों को जरूरतमंदों को देने की मांग की है।

 इसके साथ-साथ 75 सौ रू. 6 महिनों तक गरीबों को देने की मांग हम केन्द्र की मोदी सरकार से करते है। 20 लाख करोड़ का पैकेज और इस पैकेज में गरीबों को क्या मिला? छोटे दुकानदारों को क्या मिला? मध्यम वर्ग को क्या मिला? रोज खाने वाले रोज कमाने वाले, निजी नौकरी करने वालों को क्या मिला? इन लोगो को आज पैसा दिया जाना समय की जरूरत है।

जो मजदूर बेबसी में भूखे प्यासे बिना रोजी रोटी के अपनी गाढ़ी पूंजी गंवा के प्रदेश में फंसे हुये है, बाहर के प्रदेशों में फंसे हुए है। वे अपने घर, गांव और प्रदेश आना चाहते है, केन्द्र की मोदी सरकार तत्काल उन्हें घर गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। ये मांग कांग्रेस पार्टी के लाखों कार्यकर्ता सोशल मीडिया में कर रहे है। लाइव जाके कर रहे है। ये एक प्रकार की सोशल की वल्यूएशन है। सोशल मीडिया में जाके गरीब मजदूर बेबस जरूरतमंद की आवाज उठाने का फैसला कांग्रेस पार्टी ने ली है।


27-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 27 मई। सांस्कृतिक संस्था स्पिक मैके द्वारा लॉकडाउन के बीच 1 से 7 जून तक ऑनलाइन स्पिक मैके अनुभव का आयोजन किया जा रहा है। जाने माने कलाकारों की सहभागिता में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से घर पर आश्रम का एहसास कराते हुए प्रतिभागियों को सकारात्मक दिशा दी जाएगी। 

स्पिक मैके के सीनियर वालींटियर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि स्पिक मैके द्वारा हर वर्ष अंतराष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष आईटी कानपुर में अधिवेशन होना था, लेकिन लॉकडाउन के कारण यह अधिवेशन स्थगित हो गया। इस कार्यक्रम के विकल्प बतोर 1 से 7 जून तक ऑनलाइन किया जा रहा है। कार्यक्रम में लगभग 50 कलाकारों की भागीदारी रहेगी, जिसमें से 30 कलाकार शास्त्रीय विधा से तथा शेष क्राफ्ट से होंगे। पिछले साल यह अधिवेशन दिल्ली में आयोजित किया गया था। आवासीय अधिवेशन में सुबह से रात तक निर्धारित क्रिया कलाप सम्मिलित होते हैं। 

आश्रम की परिकल्पना पर आधारित अधिवेशन योग से शुरू होता है तत्पश्चात श्रम दान, क्राफ्ट थियेटर प्रशिक्षण शामिल होता है। रात्रिकालीन सम्मेलन इसका हिस्सा होता है। 

इस वर्ष इस अधिवेशन का ऑनलाइन आयोजन किया जा रहा है। स्कूल समन्वयकों के माध्यम से बच्चों को जोड़ा जा रहा है। नियत समयावधि में प्रतिभागी कलाकारों के  कला अनुभवों को सुन सकेंगे। उनके रिकॉर्डडेड अनुभव यू-ट्यूब में उपलब्ध होंगे। अजय श्रीवास्तव ने बताया अधिवेशन में छग से तीजनबाई और भारती बंधु जैसे कलाकारों की भागीदारी रह चुकी है। इस बार बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया प्रभा आत्रे सहित मशहूर कलाकार इसमें शामिल होंगे।


27-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 27 मई।
भाजपा के किसान मोर्चा के नेता गौरीशंकर श्रीवास एक बार फिर  विवादों में आ गए हैं। मुस्लिम समाज के लोगों ने एसटी आरिफ शेख को ज्ञापन सौंपकर  श्रीवास द्वारा मुस्लिम धर्मगुरू के खिलाफ टिप्पणी का आरोप लगाया है। समाज के लोगों ने श्रीवास पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 

शिकायत में बताया गया कि भाजपा नेता श्रीवास ने मुस्लिम धर्मगुरू हजरत मोहम्मद साहब के दामाद और मुस्लिम समुदाय के लिए सम्मानित हजरत अली को लेकर जिस प्रकार से फेसबुक पर इसी पत्रिका के लेख का उल्लेख कर हंसी का पात्र बनाया गया। उनका अपमान किया गया। इससे मुस्लिम समाज के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। 

मुस्लिम समाज के नेताओं ने अपने ज्ञापन में गौरीशंकर श्रीवास के फेसबुक पोस्ट की साइबर सेल से जांच की मांग की है। साथ ही साथ श्रीवास के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत धार्मिक उन्माद फैलाने और मुस्लिम धर्मगुरू का अपमान करने के मामले में जुर्म दर्ज करने की मांग की है। इससे पहले भी श्रीवास फेसबुक पर विवादित टिप्पणियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। एक बार उन्हें पुलिस से लिखित में माफी भी मांगनी पड़ी है। ज्ञापन देने वालों में एजाज कुरैशी, हबीब अख्तर और अन्य लोग शामिल थे। 
 


27-May-2020

ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जून 
रायपुर, 27 मई। शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में सत्र 2020-22 के लिए एम.एड और बी.एड. विभागीय प्रशिक्षार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ‘ई’ एवं स्कूल शिक्षा विभाग ‘टी’ संवर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी,पंचायत विकास विभाग, नगरीय नियोजन विभाग से प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक, शिक्षक, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला,सहायक शिक्षक एवं पंचायत विभाग के व्याख्याता पंचायत एवं शिक्षक पंचायत एवं सहायक शिक्षक पंचायत अपने आवेदन को यथास्थिति संबंधित महाविद्यालय में 10जुलाई तक जमा करेंगे। एमएड, बीएड प्रशिक्षण हेतु एससीईआरटी के वेबसाइट में निर्धारित प्रारूप में  30 जून  तक ऑनलाईन आवेदन कर सकते है।
 


27-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 27 मई।
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज राजभवन में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को समाज की पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ी संगठन युग’ भेंट की। राज्यपाल ने पत्रिका का वार्षिक विशेषांक ‘मंगल माधुरी’ का विमोचन भी किया। 

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज अपनी दानशीलता के कारण जाना जाता रहा है। वे सदैव आगे आकर दीन दुखियों की सेवा करते हैं। छत्तीसगढ़ में चिकित्सालय, शिक्षण संस्थाओं के लिए समाज ने आगे बढक़र दान दिया है, इन संस्थानों के माध्यम से कई लोगों की सेवा हो रही है। इस वेबसाइट का निर्माण सराहनीय कार्य है। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के कार्यों के बारे में जान सकेंगे। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज रायपुर के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान समाज द्वारा 73 टन सब्जी और सुखा राशन, मास्क का वितरण किया गया। इसके साथ ही समाज मे विवाह में दहेज प्रथा पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। समाज के द्वारा दान की गई भूमि पर दाउ कल्याण सिंह सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, एम्स और तेलीबांधा तालाब जैसे संस्थाओं का निर्माण हुआ है। समाज सदैव कल्याणकारी कार्यों के लिए अग्रसर रहता है।  इस अवसर पर अजय दानी, जे.पी. अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल उपस्थित थे।
 


27-May-2020

समाज कल्याण विभाग की मदद से इंदौर में नौकरी के लिए गए दिव्यांगजन लौटे छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 27 मई।
देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान इंदौर में फंसे 7 मूक-बधिर दिव्यांगजन छत्तीसगढ़ सरकार की मदद से अपने घर पहुंच गए हैं। 

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, राजनांदगांव, भाटापारा और कोरबा जिले के दिव्यांगजन इंदौर में नौकरी करने गए थे। इनकी जानकारी मिलने पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिय़ा ने दिव्यांगजन की सुरक्षित वापसी के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग के सचिव और राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रसन्ना आर. ने दिव्यांगजन की कोविड-19 के तहत जारी प्रोटोकाल का पालन करते हुए दिव्यांगजन के लिए पास तैयार करवाकर नि:शुल्क निजी वाहन से सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करवाई। दिव्यांगजन ने छत्तीसगढ़ वापसी के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ शासन को धन्यवाद दिया है।  

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रास्ते में दिव्यांजन के भोजन और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखते हुए सुरक्षित वापसी का सुनिश्चित प्रबंध भी किया गया। संचालक पी.दयानंद ने विभागीय जिलाधिकारियों और संबंधित जिला प्रशासन से समन्वय किया। विभागीय जिलाधिकारियों की मदद से दिव्यांगजन की 21 मई को उनके गृह जिले में जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों तक वापसी संभव हो सकी। इंदौर से बिलासपुर जिले के मूक-बधिर आशीष विश्वास, भिलाई के संतोष,राजनांदगांव के हितेश देवांगन, योगीलाल साहू, भाटापारा के टीकाराम और कोरबा के सरवर आलम और सदूफ जौफिशन छत्तीसगढ़ वापस लौटकर बहुत खुश हंै। 
 


27-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 27 मई।
श्रीया आर्ट द्वारा हर वर्ष आयोजित किया जाने वाला बाल नाट्य शिविर लॉकडाउन के बावजूद बदले हुए कलेवर के साथ इन दिनों जारी है। ऑन लाइन शिविर में एक ओर जहां कोरोना जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। वहीं मजदूरों से जुड़ी विषम परिस्थितियों को नाटक में पिरोया जा रहा है। 

श्रीया आर्ट निदेशक ममता अहार ने बताया कि श्रीया आर्ट का 17वां ग्रीष्मकालीन नि:शुल्क नृत्य नाट्य शिविर ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में 15 अपै्रल से 15 मई तक शिविर में उन्होंने ऑन लाइन प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया। स्क्रिप्ट के ऑडियो बच्चों के पास भेजे जिसे सुनकर बच्चों ने डॉयलॉग याद किए और वीडियो से अभिनय सीखा। 

ममता कहती हैं इस बार शिविर का ट्रैक जरूर बदल गया, लेकिन नाटक के जरिए हमने जमीनी हकीकत की पड़ताल को नहीं बदला। कोरोना के माध्यम से हमने पर्यावरण पर केंद्रित नाटक तैयार किए। हमने संदेश दिया कि कोरोना के माध्यम से प्रकृति संतुलित हो रही है। इंसान ने जो गलती की थी उसे सुधार रही है।

वर्तमान में मजदूरों से जुड़ी परिस्थितियों पर केंद्रित नाटक तैयार किए। नाटक के जरिए विसंगतियों को उजागर किया। अब तक श्रीया आर्ट राजधानी तक सीमित था, लेकिन ऑनलाइन इसका दायरा बढ़ा है।  
 


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