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भारत-चीन विवाद छोटे कारीगर-शिल्पकारों के लिए वरदान-कैट
17-Sep-2020 5:06 PM 5
भारत-चीन विवाद छोटे कारीगर-शिल्पकारों के लिए वरदान-कैट

हिन्दुस्तानी दिवाली अभियान में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

रायपुर, 17 सितंबर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत और चीन के बीच चल रहे वर्तमान विवाद ने देश के कैट ने इस बार के फेस्टिवल सीजन में देश के लाखों स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और निचले वर्ग के लोगों की कला, सोच और काम करने की शक्ति को दिवाली के त्योहारी सीजन के जरिये उभारने का बड़ा मौका देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का अभियान देश भर में शरुरु किया है। कैट इस अभियान के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती से जमीनी स्तर पर सफलता के साथ चला रहा है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि कैट ने इस वर्ष की दिवाली को हिन्दुस्तानी दिवाली के रूप में मनाने का आव्हान किया है और जिसको लेकर कैट ने दिवाली में पूजा और सजावट के लिए प्रयोग होने वाले भारतीय सामान का  दिल्ली सहित देश भर में  अधिक से अधिक उपयोग को लेकर एक विशेष अभियान शुरू किया है।

श्री पारवानी ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत इस वर्ष के फेस्टिवल सीजन में कैट ने दिल्ली सहित देश भर में लगभग ऐसे 350 क्लस्टर की पहचान की है जो दिवाली के मौके पर पूजा और दुकान एवं घर को सजाने का भारतीय सामान बनाते है या बनाने की क्षमता रखते हैं। ये सभी सामान उन स्थानीय लोगों से बनवाया जा रहा है जिनके पास कला एवं विचार शक्ति तो है लेकिन खरीददार नहीं है। कैट ने उनकी कला को अपने चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अभियान के साथ जोडक़र इस वर्ष इन्ही वस्तुओं के द्वारा दिवाली सहित अन्य त्यौहार देश भर में मनाये जाने का निश्चय किया है।

इसके अलावा कैट के सभी राज्यों के चैप्टर, प्रत्येक राज्य में स्थानीय व्यापारिक संगठन से जुड़े व्हाट्सअप ग्रुप एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बेचे जाएंगे। इस सारे अभियान को कैट से सम्बंधित महिला व्यापारी नेत्रियों की देख रेख में चलाया जाएगा। कैट इन वस्तुओं को ज्यादा से ज्यादा फैलाने के लिए देश भर में लगभग 300 से अधिक वर्चुअल प्रदर्शनी भी लगाना शुरू किया है जिन्हे इंटरनेट, फेसबुक और यूं टूयब के द्वारा देश भर में देखा जा सकेगा।

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