राजनांदगांव

कर्मचारी रखेंगे कलम-उठाएंगे मशाल
26-Nov-2020 2:53 PM 34
कर्मचारी रखेंगे कलम-उठाएंगे मशाल

तीन चरणों में होगा आंदोलन

राजनांदगांव, 26 नवंबर। राज्य के 3 लाख 99 हजार कर्मचारी एवं अधिकारी राज्य शासन की अनदेखी से व्यथित हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार के ड्यूटी में अनेक साथी काल के गाल में समा गए हैं। सरकारी महकमे की सुरक्षा एवं उनके परिवार के हित को अनदेखा कर सरकारी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन संभव नहीं होगा। राज्य के कर्मचारी-अधिकारियों को दिवाली पर उनके अधिकार से संबंधी कर्मचारी हितैषी घोषणा की उम्मीद थी। उक्ताशय को व्यक्त करते छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं प्रांतीय महामंत्री सतीश ब्यौहरे का कहना है कि राज्य के कर्मचारी-अधिकारी शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।

उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर को प्रथम चरण में 28 जिलों में कर्मचारी-अधिकारी ‘कलम बंद, मशाल उठा’ आंदोलन में मशाल रैली कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। रैली में शामिल होने वाले प्रत्येक कर्मचारी-अधिकारी अपने घर से ‘एक दीया’ लेकर आएंगे। रैली के दौरान हथेली में सूखा दीया रखकर चलेंगे, जो कि राज्य शासन की उपेक्षा के कारण घर की दिवाली उत्सव का प्रतीकात्मक प्रदर्शन होगा। ‘दूसरा चरण 11 दिसंबर को जिला स्तर पर वादा निभाओ, स्वाभिमान रैली आयोजित होगा। जिला मुख्यालय में आमसभा कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करेंगे। तृतीय चरण में 19 दिसंबर को राजधानी रायपुर में वादा निभाओ रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली में सभी जिलों के कर्मचारी- अधिकारी शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को जुलाई 19 का 5 प्रतिशत तथा जनवरी 20 के 4 प्रतिशत कुल 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 का बकाया एरियर्स का भुगतान लंबित संवर्गीय पदोन्नति, समयमान/क्रमोन्नति सहायक शिक्षक पद पर भर्ती हुए शिक्षकों को तृतीय समयमान स्वीकृति, शासकीय सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत कर्मचारी-अधिकारी के परिवार को 50 लाख अनुग्रह राशि एवं अनुकंपा नियुक्ति, अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने आदि  प्रमुख मांगों के निराकरण के लिए आंदोलन का ऐलान किया गया है।
 

अन्य पोस्ट

Comments