बिलासपुर

कोटा जनपद की सामान्य प्रशासन की बैठक में हंगामा
21-Jan-2021 3:37 PM 35
कोटा जनपद की सामान्य प्रशासन की बैठक में हंगामा

सदस्यों ने किया वॉक ऑउट, बिना नतीजा खत्म

कैश बुक और बिल वाउचर्स दिखाने को लेकर जमकर हंगामा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
करगीरोड  (कोटा ), 21 जनवरी। 
कोटा जनपद पंचायत में सोमवार को सामान्य प्रशासन की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का एजेंडा क्या था इस बात पर चर्चा होती, उसके पहले ही बैठक में मौजूद सदस्यों और अधिकारियों में विवाद शुरू हो गया । बैठक की कार्यवाही शुरू होते ही कुछ जनपद सदस्यों ने कोटा जनपद के कैश बुक और बिल वाउचर्स देखने की मांग कर दी, फिर माहौल गरमा गया । जनपद की सामान्य सभा में पहला प्रस्ताव ही बिना अनुमोदन के ढेर हो गया। उसके बाद दूसरे प्रस्ताव पर चर्चा होना था लेकिन यहीं से विवाद बढ़ गया और बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। बैठक में उपस्थित आठ में से पांच सदस्यों ने वॉक ऑउट किया. उन्हंोने कहा कि जनपद में एलईडी लाइट खरीदी की गड़बड़ी पर  अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।

अंदरूनी सूत्रों से जो जानकारी प्राप्त हुई उसके अनुसार  बैठक में कैश बुक लाया गया और इसके बाद हंगामा जनपद सदस्यों के बीच और बढ़ गया।
जनपद की बैठक के सभाकक्ष में  जनपद पंचायत अध्यक्ष मनोहर राज,  उपाध्यक्ष सुमंत जयसवाल, ज्योति भानू कश्यप शांत बैठे रहे तो वहीं अश्वनी टोडर, राजनंदनी कश्यप, विजय जयसवाल, कन्हैया गंधर्व, साधना आर्मो रिकार्ड देखने के नाम सीईओ से वाद विवाद होता रहा।
पीपरतराई पंचायत क्षेत्र के जनपद सदस्य अश्वनी टोडर ने पीपरतराई पंचायत के सचिव के कामकाज को लेकर शिकायत की थी। जनपद सदस्यों ने आरोप लगाया था कि पीपरतराई, सेमरिया, मझगांव, लमकेना,  करगीखुर्द , कुवांरी मुडा धनरास, धूमा, कुरवार, पहंदा, केंदाडाड , केंनचरा, रतखंडी ,कलारतराई, बरद्वार, करगीकला पंचायतंो में एलईडी लाइट लगाने के नाम पर लाखों रूपए का भ्रष्टाचार किया गया है। जनपद सदस्यों के जांच की मांग पर अधिकाशं पंचायतों में जांच में  सही मिला था, जहाँ  दो से ढाई हजार के एलईडी लाईट को पंचायतों ने नौ हजार में खरीदा है  लेकिन अधिकारियों ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया।

ग्राम पंचायत तेदुवा की जनपद सदस्य राजनंदनी कश्यप ने भी अपने यहां के सचिव पर कई गंभीर आरोप लगाए थे और इन पर कार्रवाई करने को लेकर भूख हड़ताल पर चली गई थी। वहीं जनपद पंचायत सीईओ ने उनकी मांग पर पंचायत की विभिन्न अनिमितताओं की जांच करने टीम गठित की थी। जांच रिपोर्ट में जनपद सदस्यंो की अधिकांश शिकायत सही पाई गई थी, लेकिन दोषियों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई । जिसको लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में नाराजगी हैं। 

जनपद की सभापति अश्वनी टोडर का कहना है कि हमने हमेशा जनपद का सहयोग किया है, लेकिन जनपद से उन्हें सहयोग नहीं मिल पाता। जब भी किसी बात की जानकारी को लेकर सीईओ से पूछा जाता है, तो जनपद सदस्यों से उनका व्यवहार ठीक नहीं रहता ।
जनपद सदस्य कन्हैया गंधर्व का कहना है कि सामान्य प्रशासन की बैठक में हमने किसी भी प्रस्ताव के अनुमोदन के पहले ओरिजनल बिल वाउचर्स और कैश बुक देखने की मांग की। जब भी कोई जानकारी जनपद से मांगी जाती है वहां के अधिकारियों ने सही जवाब नहीं देते और सदस्यों पर ही भडक़ जाते हैं।
कोटा जनपद सीईओ संध्यारानी कुर्रे ने  कहा कि बैठक में सदस्यों ने कैश बुक और बिल वाउचर्स देखने की मांग की जो उन्हें दिखाया गया। बैठक के समय में से तीन घंटे इन्होंने इसमें ही लगा दिए, जिसके कारण बैठक में कुछ नहीं हो पाया । जब उन्हें बिल वाउचर्स और कैश बुक में कुछ नहीं मिला तो वे उठ कर चले गए।

 

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