दन्तेवाड़ा

चिकपाल व मुनगा में बांटे रंगीन चूजे, आत्मसमर्पित नक्सलियों को स्वरोजगार
13-Sep-2020 9:35 PM 7
 चिकपाल व मुनगा में बांटे रंगीन चूजे, आत्मसमर्पित नक्सलियों को स्वरोजगार

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

दंतेवाड़ा, 13 सितंबर। नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा में पहली बार आत्मसमर्पित नक्सलियों को कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश से जिला प्रशासन द्वारा रोजगार के कई अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

लोन वर्राटू अभियान के अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों को जीविकोपार्जन के लिए जिला प्रशासन ने आजीविका संवर्धन योजना अंतर्गत स्वरोजगार उपलब्ध कराए हैं। जिसमें पशुधन विकास के द्वारा कटेकल्याण विकासखंड के ग्राम चिकपाल और ग्राम पंचायत चिकपाल आश्रित ग्राम मुनगा में आजीविका संवर्धन योजना अंतर्गत 25 हितग्राहियों को रंगीन चूजों का वितरण किया गया। चूजों के साथ फीडर, ड्रिंकर और दवाई का वितरण भी किया गया।

विभाग के उपसंचालक डॉ. अजमेर सिंह कुशवाहा ने बताया कि इस संबंध में प्रदर्शन कर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही हितग्राहियों को मुर्गियों में टीकाकरण का महत्व व वैज्ञानिक तरीके से रखरखाव एवं प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई कि किस तरह से मुर्गियों में होने वाली असमय मृत्यु को रोक सकते हैं और ज्यादा आर्थिक लाभ अर्जित कर सकते हैं। ग्राम परचेली में विभागीय बैकयार्ड कुक्कट योजना के तहत 10 हितग्राहियों को भी रंगीन चूजों का वितरण किया गया। इसी वितरण के दौरान 60 बकरी पालकों को भी मिनरल मिक्सर किट का वितरण किया।

 लोन वर्राटू अभियान के अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों को जीविकोपार्जन के लिए जिला प्रशासन ने स्वरोजगार उपलब्ध कराए हैं। एन आर एल एम में उन्हें सदस्यता दी गई है। साथ ही उनका आधार कार्ड जॉब कार्ड बनाया गया है। जिससे उन्हें शासन के योजनाओं का लाभ दिया जा सके। जो व्यक्ति मुर्गी पालन बकरी पालन करना चाह रहे हैं उन्हें शेड निर्माण कर पालन के लिए चूजे और बकरी दिए जा रहे हैं। जो समूह खेती करना चाहता है,उन्हें ट्रैक्टर दिए गए हैं। मनरेगा से रोजगार दिए जा रहे हैं साथ ही किराना दुकान खोलने के लिए ऋण की भी स्वीकृति दी जा रही है।

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