सामान्य ज्ञान

10-Apr-2021 12:11 PM 15

सेरेस यह सबसे छोटा बौना ग्रह है। इसे पहले 1 सेरेस के नाम से क्षुद्रग्रह माना जाता था। इसकी कक्षा  है 44 करोड़ 60 लाख किमी सूर्य से।
वहीं व्यास है 950 किमी। सेरेस कृषि का रोमन देवता है। इसकी खोज गुईसेप्पे पिआज्जी ने 1 जनवरी 1801 में की थी।
सेरेस मंगल और बृहस्पति मे मध्य स्थित मुख्य क्षुद्र ग्रह पट्टे में है। यह इस पट्टे में सबसे बड़ा पिंड है। सेरेस का आकार और द्रव्यमान उसे गुरुत्व के प्रभाव में गोलाकार बनाने के लिये पर्याप्त है। अन्य बड़े क्षुद्रग्रह जैसे 2 पलास, 3 जुनो तथा 10 हायजीआ अनियमित आकार के हंै।
सेरेस का एक चट्टानी केन्द्रक है और 100 किमी मोटी बर्फ की परत है। यह 100 किमी मोटी परत सेरेस के द्रव्यमान का 23-28 प्रतिशत तथा आयतन का 50 प्रतिशत है। यह पृथ्वी पर के ताजे जल से ज्यादा है। इस के बाहर एक पतली धूल की परत है। सेरेस की सतह ‘ष्ट’ वर्ग के क्षुद्रग्रह के जैसी है। सेरेस पर एक पतले वातावरण के संकेत मीले है। सेरेस तक कोई अंतरिक्ष यान नहीं गया है, लेकिन नासा का डान इसकी यात्रा 2015 मे करेगा।
 


10-Apr-2021 8:20 AM 28

क्या आपको मालूम है कि वर्ष 2004 में फेसबुक का जन्म हुआ तो इसका होमपेज या स्टार्ट पेज या मुख्य वेबपेज मौजूदा फेसबुक से तो एकदम ही अलग था. तब और अब के फेसबुक में कुछ भी वैसा नहीं है. सबकुछ बदल चुका है. फरवरी 2004 में जब मार्क जुकरबर्ग ने इसे लांच किया तो केवल हार्वर्ड स्टूडेंट्स के लिए ही था, जहां उनके प्रोफाइल्स होते थे. ये हार्वर्ड स्टूडेंट्स की डायरेक्ट्री की तरह इस्तेमाल किया जाता था. फेसबुक पर जो पहला चेहरा आया, वो गील्स बैंड के लीड सिंगर पीटर वोल्फ थे. तब इसका नाम द फेसबुक था.

वर्ष 2005 में फेसबुक के लांच होने के एक साल बाद इसके होमपेज का चेहरा कुछ यूं हो गया. अब इसे अमेरिका की अन्य यूनिर्सिटीज के स्टूडेंट्स के लिए खोल दिया गया. अब इसके होमपेज पर स्टूडेंट की प्रोफाइल उनकी फोटो के साथ खुलने लगी थी. फेसबुक पर आने वाले स्टूडेंट्स भी बढने लगे थे. हालांकि वर्ष 2004 में लांच के एक हफ्ते बाद ही इसके फाउंडर मार्क जुकरबर्ग तब विवादों में आ गए जबकि हार्वर्ड के ही उनके तीन सीनियर्स ने आरोप लगाया कि ये पूरा आइडिया उनका था, जिसे जुकरबर्ग ने चुराया है.

वर्ष 2006 से फेसबुक को और विस्तार दिया गया. अब ये केवल हार्वर्ड और अमेरिकी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए ही सोशल मीडिया वेबसाइट नहीं थी बल्कि कोई भी इसका मेंबर बन सकता था. बस उसकी उम्र कम से कम 13 साल की होनी चाहिए थी. संदेशों के आदान प्रदान के साथ अब इसमें फ्रेंड्स बनाने का विकल्प भी ज्यादा आसान हो गया था. वर्ष 2006 के फेसबुक का ये पेज मार्क जुकरबर्ग की तस्वीर के साथ उनकी प्रोफाइल दिखा रहा है.

वर्ष 2007 तक फेसबुक के फीचर्स में कई बदलाव और आ गए,जो लोगों को कहीं ज्यादा इस प्लेटफार्म से जुडऩे के लिए आकर्षित करने लगे थे. फेसबुक अब एक बड़ी कंपनी में तब्दील होने लगी थी. अब ये साइट स्टेट्स अपडेट के साथ फोटो शेयरिंग की सुविधा देने लगी थी.  अब तक इसके एक लाख बिजनेस पेज हो चुके थे. इन्हें ग्रुप पेज के तौर पर शुरू किया गया था. बाद में उन्हें कंपनी पेज के तौर पर प्रोमोट किया गया.

वर्ष 2009 में फेसबुक का होमपेज अपने यूजर्स के लिए फिर बदला हुआ था. हालांकि कंपनी को एक विवाद से छुटकारा मिल गया था. मार्क जुकरबर्ग ने हार्वर्ड के उन तीन सीनियर्स के साथ विवाद सुलझा लिया था, जिन्होंने अदालत में जाकर उनके खिलाफ प्रोजेक्ट को चुराने का आरोप लगाया था. हांलाकि इसके बदले जुकरबर्ग को मोटी रकम चुकानी पड़ी. अक्टूबर 2008 में फेसबुक ने अपना इंटरनेशनल हेडक्वार्टर आयरलैंड के डब्लिन में स्थापित किया. सितंबर 2009 में उसने आमदनी शुरू हो जाने की घोषणा की, ये आमदनी एड रेवन्यू से हो रही थी. फेसबुक के ट्रैफिक में असली तेजी वर्ष 2009 के बाद आनी शुरू हुई.

ये फेसबुक का वर्ष 2010 में बदला हुआ रूप है. जब टेक्स्ट मैसेज के साथ फोटो भी पोस्ट होने लगीं थीं. जुलाई 2010 में कंपनी ने घोषणा की कि उसके 500 मिलियन यूजर्स हो चुके हैं. कंपनी डेटा के अनुसार आधे मेंबर रोज फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे थे.

वर्ष 2011 में फेसबुक. 2011 की शुरुआत में फेसबुक ने हेडक्वार्टर को कैलिफोर्निया ले जाने की घोषणा की. उसी दौरान ये भी पता लगा कि नियमों के उल्लंघन की वजह से फेसबुक रोज तकरीबन 20 हजार यूजर्स की प्रोफाइल हटा रहा है. जून 2011 में फेसबुक के पेज व्यूज एक ट्रिलियन तक पहुंच गए. गूगल के बाद ये अमेरिका की दूसरी सबसे ज्यादा विजिट की जाने वाली साइट बन गई.

वर्ष 2012 में फेसबुक में एक बड़ा बदलाव हुआ. होमपेज के साथ यूजर्स का एक पर्सनल पेज भी क्रिएट किया गया. जिसमें उसे कवर फोटो लगाने की सुविधा दी गई. इस पेज का लुक इस तरह था. वर्ष 2012 में फेसबुक का आईपीओ बाजार में आया. जो काफी हिट रहा. इसकी मार्केट पूंजी 104 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई. फेसबुक अपना रेवेन्यू ज्यादातर एड से हासिल करता है, जो इसके स्क्रीन पर आते हैं.

ये फेसबुक का मौजूदा रूप है. लेकिन पिछले दिनों करोड़ों लोगों के पर्सनल डेटा लीक होने के बाद इस साइट में बड़े पैमाने पर बदलाव की बात कही जा रही है. इसका असर शायद हम आने वाले दिनों में देखेंगे.

फेसबुक विजिट के मामले में गूगल के बाद अब दूसरे नंबर की साइट है. इसके एक्टिव यूजर्स 2.6 बिलियन (वर्ष 2020 तक) के ऊपर हो चुके हैं. ये 140 भाषाओं में है. इसका रेवन्यू 85,965 मिलियन डॉलर से कहीं ज्यादा का है जबकि शुद्ध मुनाफा 29,146 मिलियन डॉलर. दुनियाभर में इसके 58,604 (वर्ष 2020 तक) कर्मचारी हैं. फेसबुक ने पिछले दिनों कई कंपनियों को टेकओवर किया है. (news18.com)


10-Apr-2021 8:20 AM 24

 

काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी कोर्ट ने पुरातात्विक सर्वे कराने की बात की. इसके बाद से हिंदू-मुस्लिम संगठन अपने-अपने तरीके से इसपर खुशी और एतराज जता रहे हैं. इधर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के सर्वेक्षण के फैसले को 1991 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का उल्लंघन कहते हुए इसे चुनौती देने की बात कह डाली.

क्या कहता है पूजास्थल पर बना ये नियम
काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का मुकदमा साल 1991 में बने पूजा स्थल कानून के तहत आ रहा है. इसके मायने यह हैं कि देश की आजादी के समय यानी 15 अगस्त 1947 को जो भी प्लेसेज ऑफ वर्शिप यानी पूजा स्थल, जिस भी संप्रदाय का था, वो उसी का रहेगा. यानी अगर कहीं मंदिर है तो वो मंदिर ही रहे और मस्जिद है तो उसमें कोई फेरबदल न हो. ये कानून अलग-अलग मजहब को मानने वालों की आस्था बनाए रखने और खासतौर पर उनके बीच संघर्ष की स्थिति को टालने के लिए बना था. इसे साल 1991 में नरसिम्हा राव सरकार ने पारित किया था.

किसलिए बना ये नियम 

इस कानून का पूरा नाम प्लेसेज ऑफ वर्शिप (स्पेशल प्रोविजन) एक्ट, 1991 है. इससे एक धर्मस्थल को उसी तरह सुरक्षित रखा जा सकता है और दूसरे धर्म के लोग वहां अतिक्रमण नहीं कर सकते. अधिनियम के तहत तीन साल तक की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी हो सकता है, अगर कोई एक धर्मस्थल को दूसरे में बदलने की कोशिश करे या ऐसा करने की कोशिश में लिप्त पाया जाए. हालांकि इस मामले में अयोध्या विवाद को छूट दी गई थी.

मुस्लिम नेता कर रहे एतराज 
इधर वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में अदालत ने पुरातात्विक सर्वे कराने का आदेश दिया, जिसपर कई मुस्लिम संगठन और नेता एतराज जताते हुए तर्क दे रहे हैं कि ये 1991 प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट का उल्लंघन है. एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के मुताबिक मस्जिद कमेटी को तुरंत इस आदेश पर एतराज करना चाहिए, इससे पहले कि पुरातत्व विभाग काम शुरू करे.

क्या है काशी में मंदिर-मस्जिद विवाद 
अयोध्या में रामजन्मभूमि फैसले के बाद से कई जगहों पर मथुरा और काशी का जिक्र आने लगा है. काशी का मामला यही है, जिस बारे में फिलहाल चर्चा है, यानी ज्ञानवापी मस्जिद विवाद, जिसमें याचिकाकर्ताओं के मुताबिक मस्जिद को मुगल शासक औरंगजेब ने प्राचीन मंदिर को गिराकर बनवाया था. कहा तो ये तक जाता है कि मस्जिद में उन्हीं अवशेषों का इस्तेमाल हुआ, जो कभी मंदिर में थे. याचिका में इसके सबूत के तौर पर पुराने दस्तावेज भी सौंपे गए. फिलहाल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंदिर-मस्जिद परिसर में पुरातत्व विभाग को खुदाई और सर्वेक्षण के आदेश दिए हैं. जो भी हकीकत हो, इसके बाद ही पता चल सकेगी.

क्या मथुरा में कृष्ण मंदिर ढहाकर बनी मस्जिद?
अब जानते हैं कि आखिर मथुरा में किस बात का हल्ला है. यहां पर शाही ईदगाह मस्जिद विवाद चल रहा है, जिसके तहत याचिकाकर्ताओं का दावा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के 13 एकड़ के कटरा केशव देव मंदिर के परिसर पर 17वीं शताब्दी में शाही ईदगाह बनाया गया था. उनका कहना है कि फिलहाल जहां मस्जिद है, वहीं किसी समय कंस का कारागार था और फिर कृष्ण मंदिर हुआ. बाद में मुगलों ने इसे नष्ट करवाकर शाही ईदगाह मस्जिद बनवा दी. इस मामले में भी यही कहा जा रहा है कि मुगल शासक औरंगजेब ने मंदिर तोड़ने का आदेश दिया था.

अब प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 पर भी विवाद हो रहा है
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में सरकार को तलब करते हुए एक याचिका का जवाब देने को कहा. याचिका में कहा गया कि ये एक्ट हिंदुओं समेत सिखों, बौद्ध धर्म के लोगों को अपने धर्म स्थल पर अवैध कब्जा करने के खिलाफ दावे से रोकने वाला है. इस बारे में सुप्रीम कोर्ट वकील अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दायर करते हुए इस एक्ट को चुनौती दी. उन्होंने कहा कि आक्रामणकारियों ने कई धर्मों के पूजा स्थलों को तोड़कर अपने धर्म स्थल बना दिए. अब कानून बनाकर हमें उन पूजा स्थलों का सच जानने से रोकना असंवैधानिक है.(news18.com)


10-Apr-2021 8:18 AM 20

काशी विश्वनाथ मंदिर और उसी परिक्षेत्र में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर राजनीति शुरू हो चुकी है. दरअसल वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को इस जगह के सर्वेक्षण के लिए खुदाई का काम सौंपा है. कोर्ट ने निर्दश दिया है कि केंद्र के पुरातत्व विभाग के 5 लोगों की टीम बनाकर पूरे परिसर का अध्ययन किया जाए.

क्या रहा है विवाद 
मस्जिद काफी समय से विवादित रही है. हिंदू पक्ष का कहना है कि मस्जिद के नीचे असल में मंदिर है, जिसे औरंगजेब के समय में नष्ट कर दिया गया था. इसी बात को कहते हुए सबसे पहले साल 1991 में वाराणसी सिविल कोर्ट में स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वर की ओर से ज्ञानवापी में पूजा-अर्चना की अनुमति के लिए याचिका दायर की गई थी. इसके बाद से मस्जिद विवादों में आ गई. याचिका तीन पंडितों ने लगाई थी. इसके बाद साल 2019 में वकील विजय शंकर रस्तोगी ने सिविल कोर्ट में आवेदन किया. इसमें अनुरोध था कि ज्ञानवापी परिसर का सर्वे किया जाए ताकि इसके बारे में सच्चाई सामने आ सके.

इन रिपोर्ट्स में मुगल शासक के हमले का उल्लेख

याचिकाकर्ता समेत कई हिंदू संगठनों का मानना है कि इस जगह पर लगभग 2,000 साल पुराना मंदिर था, जिसे औरंगजेब ने 1669 में नष्ट करवा दिया था और इसके अवशेषों का इस्तेमाल मस्जिद बनाने के लिए हुआ. द वायर की रिपोर्ट में इसका जिक्र हुआ है. इसके मुताबिक याचिकाकर्ता ने कहा कि औरंगजेब, एक के बाद एक लगातार कई स्कूल और मंदिर इस आरोप के साथ ध्वस्त करवा रहा था कि वहां तंत्र-मंत्र जैसी शिक्षा दी जाती है. एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल से छपी किताब Maasir-I-'Alamgiri में भी इस बात का उल्लेख मिलता है, जो औरंगजेब पर लिखी गई थी.

वाराणसी की इस जगह का जिक्र ब्रिटिश सैलानी रेगिनेल्ड हेबर ने भी साल 1824 में किया था. उन्होंने कई रिपोर्ट्स में कहा कि जैसा कि मस्जिद निर्माण में लगी और दिखती सामग्री से पता लगता है कि इस जगह हिंदू मंदिर रहा होगा, जो बाद में मस्जिद बन गया.

क्या मंदिर के अवशेषों से बनी मस्जिद 
पुरातत्व विशेषज्ञ और लेखक एडविन ग्रीव्स ने भी अपनी किताब Kashi the city illustrious में इसका जिक्र किया है कि मस्जिद में कई चीजें ऐसी दिखती हैं, जो किसी हिंदू मंदिर की झलक देती हैं. यहां बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद के बाहर नंदी की विशाल मूर्ति है. ये शिव का वाहन कहा जाता है. नंदी की दिशा मस्जिद की ओर होना भी हिंदू याचिकाकर्ताओं के लिए बहस की एक वजह रही.

काफी पुराना रहा है मंदिर का इतिहास 
वैसे ज्ञानवापी का इतिहास 11वीं सदी से शुरू हुआ माना जाता है. कहा जाता है कि राजा हरीशचंद्र ने इसका जीर्णोद्धार कराया था. जिसके बाद से लगातार हिंदू शासक इस मंदिर की देखभाल और सौंदर्यीकरण करवाते रहे. हालांकि मंदिर के निर्माण के समय के बारे में एकमत नहीं है. कहीं-कहीं ये जिक्र भी मिलता है कि इसका निर्माण राजा विक्रमादित्य ने करवाया था, जो बाद में कई बार मुगल आक्रांताओं के हमले का शिकार होता और बनता-बिगड़ता रहा. हालांकि औरंगजेब के मंदिर को तुड़वाकर मस्जिद बनाने की बात कई बार कही जाती है.

रानी अहिल्याबाई ने बनवाया नया मंदिर 
बाद में साल 1780 में मालवा की शासक रानी अहिल्याबाई ने ज्ञानवापी परिसर के बगल में ही एक मंदिर बनवा दिया. यही वो मंदिर है, जिसे आज काशी विश्वनाथ मंदिर कहा जाता है. आज यही मंदिर हिंदू श्रद्धालुओं को दुनियाभर से आकर्षित कर रहा है. वैसे इसी बीच ये ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को एक बार फिर से हवा मिली, जब विश्वनाथ कॉरिडोर की बात हुई. इस विश्वनाथ कॉरिडोर के कारण वाराणसी में आए श्रद्धालु आसानी से मंदिर जाकर दर्शन कर सकेंगे, ऐसी योजना है. लगभग 5.3 लाख वर्गफुट में बन रहे इस कॉरिडोर के लिए कई निर्माण कार्य होने हैं.

कॉरिडोर को लेकर जताई आशंका 
इस बीच कई मुस्लिम संगठनों ने आशंका जताई कि कॉरिडोर बनने से ज्ञानवापी मस्जिद को नुकसान हो सकता है. इसे ही देखते हुए मस्जिद की देखरेख करने वाली कमिटी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका डाल दी. हालांकि याचिका वहां से ये कहते हुए खारिज हो गई कि महज संदेह की बिना पर कॉरिडोर की योजना या निर्माण कार्य नहीं रोका जा सकता.

लगभग 350 साल पुराने दस्तावेज सौंपे गए
ज्ञानवापी की सच्चाई और दोनों पक्षों के साथ इंसाफ के लिए फिलहाल मामला ASI के पास जा चुका है. वो अपने सर्वेक्षण से समझने की कोशिश करेगी कि किसके दावे में दम है. वैसे कहा जाता रहा है कि अपने पक्ष में सबूत के तौर पर हिंदू याचिकाकर्ताओं ने एक साढ़े 3 सौ साल पुराना दस्तावेज जमा कराया है, जो कथित तौर पर औरंगजेब के दरबारी के यहां से 18 अप्रैल 1669 को जारी किया गया था.

डीएनए की एक रिपोर्ट में इसका जिक्र है. दस्तावेज फारसी भाषा में है, जिसके हिंदी अनुवाद में औरंगजेब को जानकारी दी जा रही है कि उनके आदेश के मुताबिक 2 सितंबर 1669 को काशी विश्वनाथ मंदिर (प्राचीन) को ध्वस्त कर दिया गया. हकीकत जो भी हो, ये तो तय है कि फिलहाल इस मस्जिद का इतिहास रहस्यों के घेरे में है और सर्वेक्षण के बाद ही इस बारे में कुछ पुख्ता कहा जा सकेगा. (news18.com)


09-Apr-2021 12:11 PM 28

1. हाल ही में फ्रांस के नए प्रधानमंत्री के रूप मे किसने कार्यभार संभाला है?
(अ) फ्रांसोआ ओलांद (ब) जॉ मार्क ऐरो (स) मानुएल वाल्स (द) फ्रेडेरिक दाबी
2. हाल ही में सिमोन डैक पुरस्कार के लिए निम्नलिखित में से किसका चयन किया गया है? 
(अ)अनीश कपूर (ब) सुमीत चुग (स)बी.आर. शेट्टी (द) तलवीन सिंह 
3. हाल ही में केंद्रीय खेल मंत्रालय ने किस भारतीय खेल संघ की मान्यता रद्द कर दी है?
(अ) मुक्केबाजी संघ (ब) बैडमिंटन संघ (स) फुटबॉल संघ (द) हॉकी संघ
4. दक्षिण अफ्रीका में प्रवाहित होने वाली सबसे लंबी नदी निम्नलिखित में से कौन सी है?
(अ) कांगो, जायरे (ब) नील (स) नाइजेर (द) जेम्बेजी
5. ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में प्रवाहित होने वाली सबसे लंबी नदी है?
(अ) मर्रे डार्लिंग (ब) मिचेल (स) मर्चिसन (द) गिल्बर्ट
6. कौन सा महाद्वीप मरुस्थल विहीन है?
(अ) एशिया (ब) यूरोप (स) अफ्रीका (द) आस्ट्रेलिया
7. वेनेजुएला स्थित उष्ण कटिबंधीय घास के मैदान को कहा जाता है?
(अ) लानोज (ब) कैम्पोस (स) पार्कलैंड (द) सवाना
8. अमेजन नदी के दक्षिण में स्थित ब्राजील के मैदानी क्षेत्र में पाए जाने वाले उष्ण कटिबंधीय घासभूमियों को किस नाम से जाना जाता है?
(अ) लानोज (ब) कैम्पोस (स) पार्कलैंड (द) सवाना
9. गेहूं की कृषि निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
(अ) सेल्वास (ब) लानोज (स) केम्पास (द) स्टेपी
10. गेहूं की खेती निम्नलिखित में से किस मृदा से संबंधित है?
(अ) चेरनोजम (ब) पॉडजोल (स) लाल (द) जलोढ़
11. ट्रक फार्मिंग का दूसरा नाम निम्नलिखित में से क्या है?
(अ) रेशम उत्पादन कृषि (ब) अंगूरोत्पादन कृषि (स) फल कृषि (द) विपणन बागवानी
12.जमीन पर फैलने वाली सब्जियों की व्यापारिक कृषि कहलाती है?
(अ) वेजीकल्चर (ब) ओलेरीकल्चर (स) आरबोरीकल्चर (द) एपीकल्चर
13. मानचित्र का वर्षा का वितरण दिखाने के लिए किस रेखा का प्रयोग किया जाता है?
(अ) आइसोहाइट (ब) आइसोथर्म (स) आइसोबार (द) आइसोहेलाइन
14. सामान जनसंख्या घनत्व वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएं कौन सी हैं?
(अ)आइसोप्रैक्ट (ब)आइसोडोपेन (स) आइसोटैक (द) आइसोपाइक्निक
15. धु्रवों पर क्षोभमण्डल किस ऊंचाई तक विद्यमान है?
 (अ)5 किमी तक (ब) 10 किमी तक (स) 8 किमी तक (द) 18 किमी तक
16. एक बायोगैस बेहतर काम करेगा यदि?
(अ)40अंश सेंटीग्रेट के लगभग की वायवीय (एयरोविक) स्थिति में हो (ब) 40अंश सेंटीग्रेट अवायवीय स्थिति के तहत हो (स) 45अंश सेंटीग्रेट के लगभग की वायवीय स्थिति मेें हो (द)इनमें से कोई नहीं  
17. भारत में मुगल काल की अधिकांश इमारतों में किस प्रकार की चट्टानों या पत्थरों का उपयोग बहुतायत से मिलता है?
(अ) नीस पत्थरों का (ब) संगमरमर का (स) चूना-पत्थर का (द) बलुआ-पत्थर का 
18. चोल राजाओं ने किस धर्म को संरक्षण प्रदान किया?
(अ) जैन धर्म (ब) बौद्ध धर्म (स) शैव धर्म (द) वैष्णव धर्म   
19. भारतीय नौसेना में सेना के लेफ्टीनेंट कर्नल के समकक्ष कौन होता है?
(अ) कोमोडोर (ब) कैप्टन (स) कमांडर (द)लेफ्टीनेंट कमांडर
20. अफ्रीका महाद्वीप का दक्षिणतम बिंदु है?
(अ)आशा अंतरीप (ब) केप अगुलहास (स) केपटाऊन (द) नेटाल
21. विश्व में मैदानों का सर्वाधिक विस्तार किस महाद्वीप में है?
(अ) एशिया (ब) यूरोप (स) उत्तर अमेरिका (द) अफ्रीका 
22. मासेलो क्या है?
(अ) एक अमेरिकी भाषा (ब) ब्राजील का एक बंदरगाह (स) दक्षिण अफ्रीका की एक जनजाति (द) साइबेरिया का एक जानवर
23. निम्नलिखित में कौन सा एक पत्तन गुजरात में पोत के तोडऩे एवं मरम्मत हेतु प्रसिद्ध है?
(अ) पोरबंदर (ब) पाटन (स) पीपावाव (द) माण्डवी
24. सघन खेती के लिए खेतिहर क्षेत्र होना चाहिए?
(अ) अधिक वर्षा वाला (ब) कम वर्षा वाला (स) सिंचित (द) असिंचित 
25. सेलीकल्चर का संबंध निम्न में से किससे है?
(अ)लाख से (ब)रेशम कीट से (स)मधुमक्खी से (द)मछली से
26. उस इसरो रॉकेट का नाम क्या है जो अंतरिक्ष में आईआरएनएसएस -1 बी को ले जाएगा?
(अ) पीएसएलवी सी-20 (ब) पीएसएलवी सी-24 (स) पीएसएलवी सी-25 (द) पीएसएलवी सी-26
27. के. शिवरामकृष्णन पैनल का क्या उद्देश्य है? 
(अ) स्वीस खातों से काला धन लाना (ब) महिलाओं के खिलाफ अत्याचार संभाल करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश (स) सीमांध्र की नई राजधानी का नाम सुझाने के लिए (द) टैक्स सुधारों के लिए
28. सन फ्लावर मूवमेंट (सूरजमुखी छात्र आंदोलन) का संबंध किस देश से है? 
(अ)तिब्बत (ब) थाईलैंड (स) ताइवान (द) भारत 

सही जवाब- 1.(स)मानुएल वाल्स, 2.(ब) सुमीत चुग, 3.(अ)मुक्केबाजी संघ, 4.(ब) नील, 5.(अ) मर्रे डार्लिंग, 6.(ब) यूरोप, 7.(अ)लानोज, 8.(ब) कैम्पोस, 9.(द) स्टेपी, 10.(अ)चेरनोजम, 11.(द) विपणन बागवानी, 12.(ब) ओलेरीकल्चर, 13.(अ) आइसोहाइट, 14.(द) आइसोपाइक्निक, 15.(स)8 किमी तक, 16.(ब)40अंश सेंटीग्रेट अवायवीय स्थिति के तहत हो, 17.(द) बलुआ-पत्थर का, 18.(स) शैव धर्म, 19.(स) कमांडर,  20.(ब) केप अगुलहास, 21.(ब) यूरोप, 22.(ब) ब्राजील का एक बंदरगाह, 23.(ब) पाटन, 24.(स) सिंचित, 25.(ब) रेशम कीट से, 26.(ब) पीएसएलवी सी-24, 27.(स) सीमांध्र की नई राजधानी का नाम सुझाने के लिए, 28.(स) ताइवान।

   

 


09-Apr-2021 12:07 PM 25

कम्पयूटर की दुनिया में विंडोज़ एक्सपी एक जाना - पहचाना नाम है। इसकी बिक्री अक्टूबर 2001 में शुरू हुई थी और इसे ग्राहकों ने काफी पसंद किया। बाजार शोध फर्म नेट एप्लीकेशंस के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2012 तक ये माइक्रोसॉफ्ट का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम था। हालांकि इसके बाद विंडोज़-7 आगे निकल गया।
ये सॉफ्टवेयर आज भी कई सरकारी संस्थानों में काफी लोकप्रिय है और कुछ अध्ययनों से पता चला है कि दुनिया की ज्यादातर कैश मशीनों में आज भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर की लंबी उम्र की वजह ये नहीं है कि एक्सपी में दूसरों के मुकाबले कुछ खास है, बल्कि इसकी बड़ी वजह बाद में आने वाले संस्करणों में हुई देरी है। ऐसे में इस ऑपरेटिंग सिस्टम के सपोर्ट लाइफ को बढ़ा दिया गया। लंबे समय तक एक ही ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने के चलते कंपनियों को इससे एक तरह का लगाव सा हो गया।
 एक्सपी को अक्टूबर 2001 में लॉन्च किया गया था। यह विंडोज़ के सबसे ताजा ओएस विंडोज़ 8 से (जो अक्टूबर 2012 को लॉन्च हुआ) से 11 साल और तीन जेनरेशन पीछे है। अब विंडोज़ एक्सपी  के लिए माइक्रोसॉफ्ट का तकनीकी सपोर्ट खत्म हो गया है। इसी के साथ माइक्रोसॉफ्ट के सबसे लंबे समय से चल रहे ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) के अंत की शुरुआत हो गई है। 8 अप्रैल, 2014 से  विंडोज़ एक्सपी यूजर को कंपनी की तरफ से कोई अपडेट और टेक्निकल सपोर्ट मिलना भी बंद हो गया है।   सपोर्ट बंद होने के बाद भी आप विंडोज़ एक्सपी का इस्तेमाल कर सकेंगे, लेकिन इसको इस्तेमाल करने को लेकर खतरे बढ़ जाएंगे।
 

मस्टर्ड गैस

मस्टर्ड गैस एक प्रकार का रासायनिक हथियार है।  पहले विश्व युद्घ में मस्टर्ड गैस का पहली बार इस्तेमाल हुआ था। हालांकि युद्घ से बहुत पहले ही इसके साथ प्रयोग किए गए थे। जर्मन रसायनशास्त्री विलहेम लोमेल और विलहेम स्टाइंकोपिन ने 1916 में हथियार के रूप में इसके इस्तेमाल की सलाह दी थी। रासायनिक हथियार के रूप में इस्तेमाल होने वाली दूसरी गैसों की तरह इसे महाविनाश का हथियार आधिकारिक रूप से नहीं माना गया है।
मस्टर्ड गैस कपड़ों को छेद कर त्वचा में समा जाती है। इसके संपर्क में आने के 24 घंटे बाद ही असर दिखना शुरू होता है। गैस के असर से पहले त्वचा लाल हो जाती है। फिर फफोले निकलते हैं। इसके बाद उस जगह की त्वचा छिलके की तरह उतर जाती है। नाक के रास्ते से अंदर गई गैस जानलेवा हो सकती है, क्योंकि यह फेफड़ों के उतकों को नुकसान पहुंचाती है।
लेकिन सीरिया में मिली जहरीली मस्टर्ड गैस के अवशेषों से जर्मनी नमक बनाने की तैयारी की जा रही है।  जर्मनी को जहरीली गैसों और रासायनिक हथियारों को खत्म करने का पुराना अनुभव है।
 


09-Apr-2021 12:06 PM 26

भारत में पहली बार वर्ष 1952 में लोकसभा का गठन हुआ। पहले लोकसभा चुनावों के बाद  भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस  364 सीटों के साथ सत्ता में आई। इस चुनाव में कुल पड़े वोटों का 45 प्रतिशत कांग्रेस ने प्राप्त किया था। पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के प्रथम प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए। उनकी पार्टी ने कुल 75.99 प्रतिशत मत प्राप्त किए थे। 17 अप्रैल, 1952 को गठित हुई इस लोकसभा ने 4 अप्रैल, 1957 तक का अपना कार्यकाल पूरा किया।
स्वतंत्र भारत में चुनाव होने से पहले जवाहरलाल नेहरू के दो पूर्व कैबिनेट सहयोगियों ने कांग्रेस के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए अलग राजनीतिक दलों की स्थापना कर ली। एक ओर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अक्टूबर, 1951 में  भारतीय जनसंघ  की स्थापना की, वहीं दूसरी ओर बी. आर. अम्बेडकर ने  अनुसूचित जाति महासंघ को पुनर्जीवित किया।
पहले आम चुनाव कुल 489 निर्वाचन क्षेत्रों में आयोजित किए गए। इन आम चुनावों में 26 भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व किया गया। देश की प्रथम लोकसभा के अध्यक्ष जी. वी. मावलंकर थे। इस लोकसभा में 677 बैठकें हुईं, जो अब तक हुई बैठकों की उच्चतम संख्या है।
भारत की प्रथम लोकसभा ने 17 अप्रैल, 1952 से 4 अप्रैल, 1957 तक अपना कार्यकाल पूरा किया।
1951-52 को हुए आम चुनावों में मतदाताओं की संख्या 17 करोड़ 32 लाख 12 हजार 343 थी, जिनमें से 15 फ़ीसदी साक्षर थे। वर्ष 2014 में यह संख्या बढक़र 81 करोड़ 45 लाख 91 हजार 184 हो गई है। इस प्रकार कुल वृद्धि 4.7 गुना है।
पहले आम चुनाव में संसद की 497 सीटों के साथ-साथ राज्यों की विधानसभाओं के लिए भी चुनाव हुए,  लेकिन जहां संसद में कांग्रेस पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ वहीं कुछ राज्यों में इसे दूसरे दलों से ज़बर्दस्त टक्कर मिली।  मद्रास, हैदराबाद और त्रावणकोर में कांग्रेस पार्टी बहुमत हासिल करने में विफल रही जहां उसे कम्युनिस्ट पार्टी ने कड़ी टक्कर दी। 
 हालांकि इन चुनावों में हिंदू महासभा और अलगाववादी सिख अकाली पार्टी को मुंह की खानी पड़ी। पहले चुनाव के बाद से ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) ने दक्षिणी राज्यों में जनसमर्थन बढ़ाना शुरू कर दिया जिसके नतीजे 1957 में हुए चुनाव में उसे मिले। त्रावणकोर-कोचिन और मालाबार को मिला कर बने केरल में कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आई।
नेहरू के समय में एक और अहम फ़ैसला भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन का था। इसके लिए राज्य पुनर्गठन क़ानून (1956) पास किया गया।  आज़ादी के बाद भारत में राज्यों की सीमाओं में हुआ यह सबसे बड़ा बदलाव था. इसके तहत 14 राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों की स्थापना हुई। इसी क़ानून के तहत केरल और बॉम्बे को राज्य का दर्जा मिला। संविधान में एक नया अनुच्छेद जोड़ा गया जिसके तहत भाषाई अल्पसंख्यकों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार मिला। इसी वर्ष पांडिचेरी, कारिकल, माही और यनम से फ्रांसीसी सत्ता का अंत हुआ।
 


09-Apr-2021 12:05 PM 23

संयुक्त अरब अमीरात मध्य पूर्व एशिया में स्थित एक देश है। सन् 1873 से 1947 तक यह ब्रिटिश भारत के अधीन रहा। उसके बाद इसका शासन लंदन के विदेश विभाग से संचालित होने लगा। 1971 में फारस की खाड़ी के सात शेख राज्यों आबू धाबी, शारजाह, दुबई, उम्म अल कुवैन, अजमान, फुजइराह तथा रस अल खैमा को मिलाकर स्वतंत्र संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना हुई।
इसमें रस अल खैमा 1972 में शामिल हुआ। 19वीं सदी में युनाइटेड किंगडम और अनेक अरब शेखों के बीच हुई संधि की वजह से 1971 से पहले संयुक्त अरब अमीरात को युद्धविराम संधि राज्य के नाम से जाना जाता था। इसके अलावा क्षेत्र के अमीरात की वजह से 18वीं शताब्दी से लेकर 20वीं शताब्दी के शुरुआत तक इसे पायरेट कोस्ट के नाम से भी जाना जाता था। 1971 के संविधान के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात की राजनैतिक व्यवस्था आपस में जुड़े कई प्रबंधकीय निकायों से मिलकर बनी है। इस्लाम देश का राष्ट्रीय धर्म और अरबी राष्ट्रीय भाषा है। तेल भंडार के मामले में दुनिया का छठवां सबसे बड़ा देश संयुक्त अरब अमीरात की अर्थव्यवस्था मध्य पूर्व में सबसे विकसित है।
 


09-Apr-2021 12:04 PM 16

इब्रानी सामी-हामी भाषा-परिवार की सामी शाखा में आने वाली एक भाषा है । ये इस्राइल की मुख्य- और राष्ट्रभाषा है । इसका पुरातन रूप बिब्लिकल इब्रानी यहूदी धर्म की धर्मभाषा है और बाइबिल का पुराना नियम इसी में लिखा गया था । ये इब्रानी लिपि में लिखी जाती है और  दाएं से बाएं पढ़ी और लिखी जाती है। पश्चिम के विश्वविद्यालयों में आजकल इब्रानी का अध्ययन अपेक्षाकृत लोकप्रिय है।
प्रथम महायुद्ध के बाद फिलिस्तीन (यहूदियों का इजऱायल नामक नया राज्य) की राजभाषा आधुनिक इब्रानी है। सन् 1925 ई. में जेरूसलम का इब्रानी विश्वविद्यालय स्थापित हुआ जिसके सभी विभागों में इब्रानी ही शिक्षा का माध्यम है। इजऱायल राज्य में कई दैनिक पत्र भी इब्रानी में निकलते हैं। इब्रानी भाषा सामी परिवार ((सेमेटिक फेमिली) की भाषाओं में से एक है। यह यहूददियों की प्राचीन सांस्कृतिक भाषा है। इसी में उनका धर्मग्रंथ (बाइबिल का पूर्वार्ध) लिखा हुआ है; इसलिए इब्रानी का ज्ञान मुख्यतया बाइबिल पर निर्भर है।
व्युत्पत्ति की दृष्टि से  सामी शब्द नौह के पुत्र सेम से संबंध रखता है। सामी भाषाओं की पूर्वी उपशाखा का क्षेत्र मेसोपोटेमिया था। वहां पहले सुमेरियन भाषा बोली जाती थी, जिसके कारण  सुमेर की भाषा ने पूर्वी सामी भाषाओं को बहुत कुछ प्रभावित किया है। प्राचीनतम सामी भाषा अक्कादीय की दो उपशाखाएं हैं, अर्थात् असूरी और बाबुली। सामी परिवार की दक्षिणी उपशाखा में अरबी, हब्शी (इथोपियाई) तथा साबा की भाषाएं प्रधान हैं। सामी वर्ग की पश्चिमी उपशाखा की मुख्य भाषाएं इस प्रकार हैं- उगारितीय, कनानीय, आरमीय और इब्रानी। इनमें से उगारितीय भाषा (1500 ई. पू.) सबसे प्राचीन है; इसका तथा कनानीय भाषा का गहरा संबंध है।
 


08-Apr-2021 3:02 PM 28

1. युद्ध में विशेष पराक्रम दिखाने वाले योद्धा को कौन सी उपाधि दी जाती थी?
(अ) क्षत्रिय शिखामणि (ब) वेडेक्कार (स) महादण्डनायक (द) धर्मभट्ट
2. परैया का अर्थ क्या है?
(अ) ब्राह्मण (ब) अछूत (स) क्षत्रिय (द) वैश्य
3. चोल काल में सोने के सिक्के कहलाते थे?
(अ) कुलंजु (ब) काशु (स) रूपक (द) दीनार
4. चोल काल में राज्य की स्वामित्व वाली भूमि कहलाती थी?
(अ)प्रभुमान्यम् (ब)देवदान (स)ब्रह्मदेव (द) इनमें से कोई नहीं
5. चीन में व्यापारिक दूत भेजनेवाले चोल सम्राट थे?
(अ) रामराज-प्रथम (ब) राजेंद्र प्रथम (स) कुलोत्तुंग चोल प्रथम (द) उपर्युक्त सभी
6. रूद्राम्बा किस राजवंश की प्रसिद्ध महिला शासक थी?
(अ) काकतीय (ब) यादव (स) होयसाल (द) पांड्य
7. कुतुबमीनार के कार्य को किसने पूरा किया था?
(अ) रजिया (ब) कुतुबुद्दीन ऐबक (स) इल्तुतमिश (द) बलबन
8. निम्नांकित में से दिल्ली का पहला तुगलक सुल्तान कौन था?
(अ) गयासुद्दीन तुगलक (ब) मलिक तुगलक (स) मुहम्मद बिन तुगलक (द) फिरोज तुगलक
9. पंजाब के हिंदूसाही राजवंश को किसने स्थापित किया?
(अ) वसुमित्र (ब) कल्लर (स) जयपाल (द) महिपाल
10. अलाई दरवाजा निम्नलिखित में से किसका मुख्य द्वार है?
(अ) जमातखाना मस्जिद (ब) सीरी (स) कुतुब मीनार (द) इनमें से कोई नहीं
11. ईरान के शाह और मुगल शासको के बीच झगड़े की जड़ क्या थी?
(अ) काबुल (ब) कंधार (स) कुंटूज (द) गजनी
12. मुमताज महल का असली नाम क्या था?
(अ) अर्जुमन्द बानो बेगम (ब) लाडली बेगम (स) मेहरून्निशा  (द) रोशन आरा
13. अकबर ने सर्वप्रथम वैज्ञानिक संबंध राजपूतों के जिस गृह से स्थापित किए, वह था?
(अ) बुंदेलों से (ब) कछवाहों से (स) राठौड़ों से (द) सिसोदियों से
14. प्रसिद्ध संगीतज्ञ तानसेन का मकबरा कहां स्थित है?
(अ) आगरा में (ब) ग्वालियर में (स) झांसी में (द) जयपुर में
15. मुगल प्रशासन में जिले को किस नाम से जाना जाता था?
(अ) अहार (ब) दस्तूर (स) सूबा (द) सरकार
16. राज्यपाल का मुख्य सलाहकार कौन रहता है?
(अ) भारत के उच्चतम न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति (ब) मुख्यमंत्री (स) लोकसभा का अध्यक्ष (द) राष्ट्रपति
17. स्वतंत्र भारत में निम्नलिखित में से कौन सी महिला किसी राज्य की पहली राज्यपाल थी?
(अ) श्रीमती सरोजिनी नायडू (ब) श्रीमती सुचेता कृपलानी (स) श्रीमती इंदिरा गांधी (द) श्रीमती विजयालक्ष्मी पंडित
18. राज्य के गवर्नर को कौन शपथ दिलाता है?
(अ) उस राज्य का मुख्य न्यायाधीश (ब) उपराष्ट्रपति (स) भारत का मुख्य न्यायाधीश (द) राष्ट्रपति
19. ईसाइयों का गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है?
(अ) ईसा मसीह की मृत्यु हुई थी (ब) ईसा मसीह का जन्म हुआ था (स) ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था (द) ईसवी सन् का प्रारंभ हुआ था
20. निम्नलिखित कथनों में से कौनसा एक सही है?
(अ) एलाइंस एयर इंडियन एयरलाइंस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक है (ब)भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देश के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों में से सात का प्रबंध करता है (स)भारत में नागरिक विमानन विनियमन को लागू करने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण नियामक संगठन है (द) नागर विमानन महानिदेशालय के कार्य हैं: मुख्य उड़ान पट्टी तथा टर्मिनल भवन की योजना बनाना और उनका निर्माण तथा विमान सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराना 
21. भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली कब स्थानांतरित हुई?
(अ) 1916 (ब) 1909 (स) 1911 (द) 1914 
22. नि: शुल्क व अनिवार्य शिक्षा के लिए गोखले का निधेयक कब पेश किया गया?
(अ) 1911 (ब) 1912 (स) 1913 (द) 1914 
23. उपन्यास दुर्गेश नंदिनी के लेखक कौन हैं?
(अ) रवींद्रनाथ टैगोर (ब) तारकनाथ गंगोपाध्याय (स) स्वर्ण कुमारी (द) बंकिम चंद्र चटर्जी
24. भारतीय राजनीति में 1947 के बाद किस महिला ने सर्वाधिक योगदान दिया?
(अ) अरुणा आसफ अली (ब) कमला रानी सिंह (स) तारकेश्वरी सिन्हा (द) राबड़ी देवी  
25. इनमें से कौन भारत में मुसलमानों की उच्च शिक्षा के लिए पथ प्रदर्शक बने?
(अ) अमीर अली (ब) बदरुद्दीन तैयबजी (स) सैयद अली खान (द) सर सैयद अहमद खां 
26. लेक्चर्स फ्रॉम कोलंबो टू अल्मोड़ा निम्नलिखित में से किस एक के अनुभवों पर आधारित है?
(अ) वीर सावरकर (ब) एनीबेसेंट (स) रामकृष्ण परमहंस (द) स्वामी विवेकानंद
27. किस देश में भारतीय बैंकों की सर्वाधिक शाखाएं कार्यरत हैं?
(अ) संयुक्त राज्य अमेरिका (ब) यूके (स) नेपाल (द) भूटान
28. भारत में सर्वाधिक शाखाएं किस विदेशी बैंक की है?
(अ) स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक (ब) सिटी बैंक (स) ए एण्ड जेड ग्रिण्डलेज बैंक (द) चाइना ट्रस्ट बैंक
29. खनिज तेल खपत की दृष्टि से विश्व का दूसरा देश है?
(अ) फ्रांस (ब) रूस (स) चीन (द) जापान 

सही जवाब- 1.(अ) क्षत्रिय शिखामणि, 2.(ब) अछूत, 3.(अ) कुलंजु, 4.(अ)प्रभुमान्यम्, 5.(द) उपर्युक्त सभी, 6.(अ) काकतीय, 7.(स) इल्तुतमिश, 8.(अ) गयासुद्दीन तुगलक, 9.(ब) कल्लर, 10.(स) कुतुब मीनार, 11.(ब) कंधार, 12.(अ) अर्जुमन्द बानो बेगम, 13.(ब) कछवाहों से, 14.(ब) ग्वालियर में, 15.(द) सरकार, 16.(ब) मुख्यमंत्री, 17.(अ) श्रीमती सरोजिनी नायडू, 18.(अ) उस राज्य का मुख्य न्यायाधीश, 19.(स)ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था, 20.(अ) एलाइंस एयर इंडियन एयरलाइंस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक है, 21.(स) 1911, 22.(अ)1911, 23.(द) बंकिम चंद्र चटर्जी, 24.(अ) अरुणा आसफ अली, 25.(द) सर सैयद अहमद खां, 26.(द) स्वामी विवेकानंद, 27.(ब) यूके, 28.(स) ए एण्ड जेड ग्रिण्डलेज बैंक, 29.(स) चीन।
 


08-Apr-2021 2:53 PM 23

कान्यकुब्ज उत्तर प्रदेश के प्रमुख नगरों में से एक कन्नौज का प्राचीन नाम है। यह उत्तर प्रदेश राज्य का प्रमुख मुख्यालय एवं नगरपालिका है। कान्यकुब्ज कभी हिन्दू साम्राज्य की राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित रहा था। माना जाता है कि कान्यकुब्ज ब्राह्मण मूल रूप से इसी स्थान के रहने वाले हैं। सम्राट हर्षवर्धन के शासन काल में कान्यकुब्ज अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंच गया था। वर्तमान कन्नौज शहर अपने  इत्र  व्यवसाय के अलावा तंबाकू के व्यापार के लिए भी मशहूर है। यहां मुख्य रूप से कन्नौजी बोली, कनउजी भाषा के रूप में इस्तेमाल की जाती है।
साहित्य में कान्यकुब्ज के निम्न नाम उपलब्ध हैं- कन्यापुर (वराहपुराण), महोदय, कुशिक,कोश,गाधिपुर, कुसुमपुर (युवानच्वांग),कण्णकुज्ज (पाली)।
कान्यकुब्ज की गणना भारत के प्राचीनतम ख्याति प्राप्त नगरों में की जाती है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार इस नगर का नामकरण कुशनाभ की कुब्जा कन्याओं के नाम पर हुआ था। पुराणों में कथा है कि पुरुरवा के कनिष्ठ पुत्र अमावसु ने कान्यकुब्ज राज्य की स्थापना की थी। कुशनाभ इन्हीं का वंशज था। कान्यकुब्ज का पहला नाम  महोदय  बताया गया है। महोदय का उल्लेख विष्णुधर्मोत्तर पुराण में भी है।
महाभारत में कान्यकुब्ज का विश्वामित्र के पिता राजा गाधि की राजधानी के रूप में उल्लेख है। उस समय कान्यकुब्ज की स्थिति दक्षिण पंचाल में रही होगी, किन्तु उसका अधिक महत्व नहीं था, क्योंकि दक्षिण-पंचाल की राजधानी कांपिल्य में थी।
दूसरी शती ई. पू. में कान्यकुब्ज का उल्लेख पंतजलि ने महाभाष्य में किया है। प्राचीन ग्रीक लेखकों की भी इस नगर के विषय में जानकारी थी। चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के शासन काल में यह नगर मौर्य साम्राज्य का अंग ज़रूर ही रहा होगा। इसके पश्चात् शुंग और कुषाण और गुप्त नरेशों का क्रमश: कान्यकुब्ज पर अधिकार रहा। 140 ई. के लगभग लिखे हुए टाल्मी के भूगोल में कन्नौज को कनगौर या कनोगिया लिखा गया है। 405 ई. में चीनी यात्री फाह्यान कन्नौज आया था और उसने यहां पर केवल दो हीनयान विहार और एक स्तूप देखा था, जिससे सूचित होता है कि 5वीं शती ई. तक यह नगर अधिक महत्वपूर्ण नहीं था। कान्यकुब्ज के विशेष ऐश्वर्य का युग 7वीं शती से प्रारम्भ हुआ, जब महाराजा हर्षवर्धन ने इसे अपनी राजधानी बनाया। इससे पहले यहां मौखरि वंश की राजधानी थी। इस समय कान्यकुब्ज को  कुशस्थल  भी कहते थे। हर्षचरित के अनुसार हर्ष के भाई राज्यवर्धन की मृत्यु के पश्चात् गुप्त नामक व्यक्ति ने कुशस्थल को छीन लिया था, जिसके परिणामस्वरूप हर्ष की बहिन राज्यश्री को विंध्याचल पर्वतमाला की ओर चला जाना पड़ा था। कुशस्थल में राज्यश्री के पति गृहवर्मा मौखरि की राजधानी थी।
अपने उत्कर्ष काल में कान्यकुब्ज जनपद की सीमाएं कितनी विस्तृत थीं, इसका अनुमान स्कन्दपुराण से और प्रबंधचिंतामणि के उस उल्लेख से होता है जिसमें इस प्रदेश के अंतर्गत छत्तीस लाख गांव बताए गए हैं। शायद इसी काल में कान्यकुब्ज के कुलीन ब्राह्मणों की कई जातियां बंगाल में जाकर बसी थीं। आज के संभ्रांत बंगाली इन्हीं जातियों के वंशज बताए जाते हैं।
 


08-Apr-2021 2:52 PM 23

उटविलर स्पैटलौबर सेब की एक प्रजाति है। लगभग विलुप्त हो रही प्रजाति का साधारण-सा दिखने वाला यह खट्टा सेब इन दिनों खूब चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि इस ‘सुपर एप्पल’ के सत्व से चमड़े की झुर्रियां मिटती हैं, मानव कोशिकाओं की जीवन-अवधि लंबी होती है और झड़े हुए बाल फिर से उग सकते हैं।  
स्विटजरलैंड के दूरस्थ हिस्से में गिनती के रह गए एक पेड़ पर उगने वाला उटविलर स्पैटलौबर नामक यह दुर्लभ सेब दूसरी अन्य प्रजातियों की तुलना में अधिक (लगभग चार महीने) समय तक टिकाउ रहता है। पर इसके कसैले स्वाद के कारण इसकी मांग नहीं रही और इसके वृक्षों की संख्या इस कदर घटती गयी कि स्विटजरलैंड में अब मात्र 20 पेड़ रह गए हैं।  
कहा जा रहा है कि सीरम और क्रीम में इस्तेमाल की जा रहीं इस सेब की स्टेम कोशिकाएं मानव चमड़ी की स्टेम कोशिकाओं को उत्तेजित करती हैं और इस तरह चमड़ी पर जल्द झुर्रियां नहीं आतीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सौंदर्य प्रसाधनों की दुनिया में इस सेब को उम्र रोकने के क्षेत्र में एक उत्साहजनक सफलता माना गया है तथा अमेरिका, यूरोप व एशिया की तकरीबन 100 सौंदर्य कंपनियों ने इसका इस्तेमाल शुरू किया है।

पश्तो 
पश्तो, जिसे पख़्तो या अफग़ानी भी कहा जाता है, अफग़ानिस्तान और पाकिस्तान में रहने वाले पठान समुदाय की मुख्य भाषा है। यह केन्द्रीय और दक्षिणी अफग़़ानिस्तान और उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के ख़ैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के वासी हैं। भौगोलिक दृष्टि से यह आमू दरिया से दक्षिण और सिन्धु नदी से पश्चिम के क्षेत्रों में रहते हैं। पश्तो हिन्द-ईरानी भाषा-परिवार की ईरानी उपशाखा की सदस्य है, और ईरानी भाषाओं में इसे एक पूर्वी ईरानी भाषा माना जाता है। अनुमान किया जाता है कि विश्व-भर में कऱीब 5-6 करोड़ लोग पश्तो अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं।  अफग़ानिस्तान के संविधान ने दरी (फ़ारसी) के साथ-साथ पश्तो को भी एक राजभाषा होने का दर्जा दिया है। 
 


08-Apr-2021 2:50 PM 34

दुनिया का पहला अंतर्राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय फ्रांस की राजधानी पेरिस में खोला गया है।  विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विरासत को इंटरनेट पर उपलब्ध कराने के अंतर्राष्ट्रीय साझे प्रयास का यह अच्छा उदाहरण है।
पाठक  222.2स्रद्य.शह्म्द्द  पर जाकर दुनिया की तमाम दुर्लभ पुस्तकें पढ़ सकते हैं। यह 19 देशों के पुस्तकालयों के सहयोग से साकार हुआ है। अमेरिकी कांग्रेस के वाशिंगटन स्थित पुस्तकालय और मिस्र के एलेक्जेण्ड्रिया पुस्तकालय ने मिलकर इसे विकसित किया है, और इसे यूनेस्को के पेरिस कार्यालय से लांच किया गया है।
हालांकि यह ऐसा पहला अंतर्राष्ट्रीय प्रयास नहीं है। इंटरनेट सर्च इंजिन गूगल ने 2004 में ऐसा ही प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके अलावा यूरोपीय संघ ने नवंबर, 2008 में अपना डिजिटल पुस्तकालय शुरू किया था यूनेस्को के इस नये पुस्तकालय के जरिए उपयोगकर्ताओं को विश्व की सात भाषाओं में दुर्लभ पुस्तकें, मानचित्र, पाण्डुलिपियां और वीडियो मिल सकते है और दूसरी भाषाओं में भी जानकारी उपलब्ध है।
 


08-Apr-2021 2:49 PM 19

खस यानी वेटीवर , यह एक प्रकार की झाड़ीनुमा घास है, जो केरल और अन्य दक्षिण भारतीय प्रांतों में उगाई जाती है। वेटीवर तमिल शब्द है। दुनिया भर में यह घास अब इसी नाम से जानी जाती है। हालांकि उत्तरी और पश्चिमी भारत में इसके लिए खस शब्द का इस्तेमाल ही होता है। इस घास की ऊपर की पत्तियों को काट दिया जाता है और नीचे की जड़ से खस के परदे तैयार किए जाते हैं। बताते हैं कि इसके करीब 75 प्रभेद हैं, जिनमें भारत में वेटीवेरिया जाईजेनियोडीज  अधिक उगाया जाता है।
भारत में उगने वाली इस घास की ओर दुनिया का ध्यान 1987 में विश्वबैंक के दो कृषि वैज्ञानिकों के जरिए गया। इसकी काफी रोचक कहानी है। विश्वबैंक के कृषि वैज्ञानिक रिचर्ड ग्रिमशॉ और जॉन ग्रीनफिल्ड मृदा क्षरण पर रोक के उपाय की तलाश में थे। इसी दौरान उनका भारत में आना हुआ और उन्होंने कर्नाटक के एक गांव में देखा कि वहां के किसान सदियों से मृदा क्षरण पर नियंत्रण के लिए वेटीवर उगाते आए हैं। उन्होंने किसानों से ही जाना कि इसकी वजह से उनके गांवों में जल संरक्षण भी होता था तथा कुओं को जलस्तर ऊपर बना रहता था।उसके बाद से विश्व बैंक के प्रयासों से दुनिया भर में वेटीवर को पर्यावरण संरक्षण के उपयोगी साधन के रूप में काफी लोकप्रियता मिली है। 
वैसे खस का इस्तेमाल सिर्फ ठंडक के लिए ही नहीं होता, आयुर्वेद जैसी परंपरागत चिकित्सा प्रणालियों में औषधि के रूप में भी इसका इस्तेमाल होता है। इसके अलावा इससे तेल बनता है और इत्र जैसी खुशबूदार चीजों में भी इसका उपयोग होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि पर्यावरण के खतरों से निबटने में सक्षम एक बहुउपयोगी पौधे के रूप में आज दुनिया के विभिन्न देशों में इस पौधे के प्रति लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ रही है। मृदा संरक्षण और जल संरक्षण में उपयोगी होने के साथ यह दूषित जल को भी शुद्ध करता है।
 


08-Apr-2021 2:48 PM 15

भागवत पुराण हिन्दुओं के अ_ारह पुराणों में से एक है। इसे श्रीमद्भागवतम् या केवल भागवतम् भी कहते हैं। इसका मुख्य वण्र्य विषय भक्ति योग है, जिसमे कृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में चित्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त इस पुराण में रस भाव की भक्ति का निरुपण भी किया गया है। परंपरागत तौर पर इस पुराण का रचयिता वेद व्यास को माना जाता हैं।

श्रीमदभागवत भारतीय वाङ्मय का मुकुटमणि है। भगवान शुकदेव द्वारा महाराज परीक्षित को सुनाया गया भक्तिमार्ग का तो मानो सोपान ही है। इसके प्रत्येक श्लोक में श्रीकृष्ण-प्रेमकी सुगन्धि है। इसमें साधन-ज्ञान, सिद्धज्ञान, साधन-भक्ति,सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वय के साथ प्रेरणादायी विविध उपाख्यानों का अद्भुत संग्रह है।  भागवत पुराण में महर्षि सूत गोस्वामी उनके समक्ष प्रस्तुत साधुओं को एक कथा सुनाते हैं। साधु लोग उनसे विष्णु के विभिन्न अवतारों के बारे में प्रश्न पूछते हैं। सुत गोस्वामी कहते हैं कि यह कथा उन्होंने एक दूसरे ऋषि शुकदेव से सुनी थी। इसमें कुल बारह सकन्ध हैं। प्रथम काण्ड में सभी अवतारों को सारांश रूप में वर्णन किया गया है।
 


06-Apr-2021 12:55 PM 22

1. निम्नलिखित में से किसने सर्वप्रथम गहन परिस्थितिकी (डीप इकॉलोजी) शब्द का प्रयोग किया?
(अ) ई.पी. ओडम ने (ब) सी. रौनकियर ने (स) एफ. ई. क्लीमेन्ट्स ने (द) अर्नीज नेस ने
2. जैव ईंधन के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
(अ) जैव ईंधन पारिस्थितिकी अनुकूल होता है (ब) जैव ईंधन लागत प्रभावी होता है (स) जैव ईंधन ऊर्जा संकट के समाधान में योगदान दे सकता है (द) जैव ईंधन मक्का से भी बनता है
3. अंतर्राष्ट्रीय टाइगर दिवस मनाया जाता है?
(अ) 24 जुलाई को (ब) 29 जुलाई को (स) 20 जुलाई को (द) 25 जुलाई को
4. शैतान का गोल्फ कोर्स (डेविल्स गोल्फ कोर्स) नाम से प्रसिद्ध मृत्यु की घाटी (डेथ वैली) स्थित है?
(अ) यू.एस.ए. में (ब) चिली में (स) साइबेरिया में (द) अफगानिस्तान में
5. निम्नलिखित पर्वतों में से कौन टर्शियरी पर्वतीकरण का परिणाम नहीं है?
(अ) कुनलुन (ब) अप्लेशियन (स) आल्पस (द) एण्डीज
6. निम्नलिखित में से किस नाभिकीय शक्ति संयंत्र की कुल स्थापित क्षमता अधिकतम है?
(अ) ककरापार (ब) कैगा (स) कुडानकुलम (द) तारापुर
7. मूंगफली के क्षेत्रांतर्गत कम, परंतु प्रति हेक्टेयर बहुत अधिक उत्पादन वाला भारत का राज्य है?
(अ) उत्तरप्रदेश (ब) पश्चिम बंगाल (स) पंजाब (द) छत्तीसगढ़
8. अश्रुगैस का रासायनिक नाम है?
(अ) चैल्कोपाइराइट (ब) क्रिप्टॉन (स) क्लोरो एसीटोफेनोन (द) इनमें से कोई नहीं
9.कपार्ट भारत में निम्नलिखित में से किस एक में मुख्यत: कार्यरत है?
(अ) ई प्रशासन (ब)शेयर बाजार (स)ग्रामीण विकास (द) प्रदूषण नियंत्रण
10. केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस निम्नलिखित में से किस तिथि को मनाया जाता है?
(अ) 22 फरवरी (ब) 24 फरवरी (स) 26 फरवरी (द)28 फरवरी
11. प्राचीन भारत में ज्योतिषशास्त्र का पहला प्रसिद्घ विद्वान कौन था?
(अ) बाणभट्टï (ब) आर्यभट्टï (स) विशाखदत्त (द) कात्यायन
12. 18 वें सेफ्टी ओलंपिक्स का आयोजन किया गया था?
(अ) सिओल (ब) बर्लिन (स) लंदन (द) मास्को
13. अकबर के संबंध बनाने वाला प्रथम शासक निम्नलिखित में से कौन था?
(अ) हाड़ा (ब) राठौर (स) सिसौदिया (द) कच्छवाहा 
14. सीजफ्राइड रेखा निम्नलिखित में से किन दो देशों के बीच की सीमा रेखा है?
(अ) अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच (ब) भारत और पाकिस्तान के बीच (स) जर्मनी और फ्रांस के बीच (द) चीन और बांग्लादेश के बीच
15. किस समय से अधिकारियों और अनेक महत्वपूर्ण व्यक्तियों को बड़ी संख्या में भूमि अनुदान करने के रूप में प्रदान की जाने लगी?
(अ) मौर्य काल से (ब) कुषाण काल से (स) हर्ष के शासन काल से (द) गुप्त काल से
16. निम्नलिखित में से किस कुषाण शासक द्वारा सर्वप्रथम सोने सिक्के जारी किए गए?
(अ) कुजुल कडफिसेस (ब) कनिष्क (स) विम कडफिसेस (द) उपरोक्त में से कोई नहीं
17. लागहस्र्ट नाम विद्वान ने नागार्जुनकोण्ड स्तूप के अवशेषों की खोज की थी?
(अ) सन् 1922 में (ब) सन् 1924 में (स) सन् 1926 में (द) सन् 1928
18. राज्य विधानसभाओं के 4091 स्थानों मेें से कितने स्थान अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित है?
(अ) 1008 (ब) 1058 (स) 1142 (द) 1096
19. मुद्रा स्वयं मुद्रा का निर्माण करती है-यह परिभाषा किसने प्रस्तुत की? 
(अ) मार्शल (ब) क्राउथर (स) क्रोउमर (द) हैन्सन 
20. जिस मुद्रा में भुगतान करने पर लेनदार कानूनी तौर पर स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकता है, उसे कहते हैं?
(अ) विधिग्राह्य मुद्रा (ब)दुर्लभ मुद्रा (स) सुलभ मुद्रा (द) गर्म मुद्रा 
21. विश्व की सबसे ऊंची चोटियां निम्नलिखित में से किस प्रकार के पर्वतों में पाई जाती हैं?
 (अ) प्राचीन मोड़दार पर्वत (ब) नवीन मोड़दार पर्वत (स) अवशिष्टï पर्वत (द) ब्लॉक पर्वत 
22. भारतीय सहायता से निर्मित चूखा जल विद्युत परियोजना कहां स्थित है?
(अ)बांग्लादेश में (ब)श्रीलंका में (स)भूटान में (द)मालदीव में
23. भारत में मतदान की आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कब किया गया?
(अ) 1988 ई. (ब)1989 ई. (स)1990 ई. (द)1991 ई. 
24. सबसे छोटी सीमा भारत की किस देश के साथ है?
(अ) पाकिस्तान (ब) नेपाल (स) म्यान्मार (द) भूटान
25. भारत का एक मात्र शीत मरूस्थल कौन सा है? 
(अ) लद्दाख (ब) पूर्वी कामेंग (स) लाचेन (द) चम्बा
26. उत्तर पश्चिम में स्थित पर्वत कौन सा है?
(अ) अरावली (ब) विंध्याचल (स) हिंदकुश (द) सतपुड़ा  
27. निम्नांकित बादलों में किससे ओला सामान्यतया संबंधित है?
(अ) पक्षाभ (ब) कपासी (स) कपासी वर्षी (द) स्तरी 
28. ऋतु के नियामक देवता किसे माना जाता है?
(अ) इंद्र (ब) वरूण (स) अग्नि (द) रुद्र
29. सार्वजनिक उपक्रमों की विनिवेश प्राप्तियों के निवेश के लिए स्थापित राष्टï्रीय निवेश कोष किस वर्ष प्रभावशील हुआ?
(अ)  वर्ष 2006 (ब) वर्ष 2007 (स) वर्ष 2005 (द) वर्ष 2001

सही जवाब- 1.(द)अर्नीज नेस ने, 2.(ब)जैव ईंधन लागत प्रभावी होता है, 3.(ब)29 जुलाई को, 4.(अ) यू.एस.ए. में, 5.(ब) अप्लेशियन, 6.(द) तारापुर, 7.(ब)पश्चिम बंगाल, 8.(स) क्लोरो एसीटोफेनोन, 9.(स) ग्रामीण विकास, 10.(ब)24 फरवरी, 11.(ब) आर्यभट्ट, 12.(अ) सिओल, 13.(द)कच्छवाहा, 14.(स) जर्मनी और फ्रांस के बीच, 15.(द) गुप्त काल से, 16.(स) विम कडफिसेस, 17.(स) सन् 1926 में, 18.(स) 1142, 19.(स) क्रोउमर, 20.(अ) विधिग्राह्य मुद्रा, 21.(ब)नवीन मोड़दार पर्वत, 22.(स)भूटान में, 23.(अ)1988 ई., 24.(द)भूटान, 25.(अ) लद्दाख, 26.(अ) अरावली, 27.(स)कपासी वर्षी, 28.(ब)वरूण, 29. (ब) वर्ष 2007 0।
 

 


06-Apr-2021 12:54 PM 23

अमड़ा (Amada, Hog palm, Spondias mombin ) ऐनाकार्डीएसिई प्रजाति का वृक्ष है इस पर लगने वाला फल आकार में छोटा और हरे रंग का होता है। यह गुदे एवं रस से भरा रहता है जो स्वाद मे खटटा होता है। अमड़ा दिखने में आम की तरह लगता है। अमड़ा शीतल प्रकृति का होता है। इसका उपयोग अचार और चटनी बनाने में किया जाता है। अमड़ा की पत्तियां,छाल, और फल सभी बेहद उपयोगी होते हैं।
 अमड़ा को खाने में कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। अमड़ा को जूस, शर्बत जैसे पेय पदार्थ बनाने में उपयोग किया जाता है।  अचार बनाने और कई तरह की चटनी बनाने में इसका उपयोग होता है । अमड़ा खाने में खट्टा होता है इसलिए इसे आमचूर और इमली के स्थान पर इस्तेमाल कर सकते हैं।  दालों में सब्जियों में खटास लाने के लिए अमड़ा का उपयोग करते हैं। इसके रस से वेनेगर का भी निर्माण किया जाता है इसके साथ ही जैम और जैली भी बनाए जाते हैं ।
अमड़ा स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है । इसमें  विटामिन बी और विटामीन सी प्रचुर मात्रा में होते हैं । इसके सेवन से हाजमा ठीक रहता है एवं पाचन क्रिया मजबूत होती है। अमड़ा को कई प्रकार की औषधियों में भी उपयोग किया जाता है । यह  पेट के लिए काफी फ़ायदेमंद होता है। इसका सेवन करने से पेट के वायु विकार दूर होते हैं। यह पेट को साफ रखता है कब्ज को दूर करता है। यह पित्त की बीमारियों से बचाव करता है।
 अतिसार होने पर अमड़ा का सेवन करने से आराम मिलता है। बुखार या संक्रमण से फैलने वाली बिमारियों से बचाव करता है। अमड़ा के पत्तों को पीस कर इसका लेप सूजन वाले स्थान पर लगाने से सूजन कम हो जाती और दर्द से निजात मिलती है। अमडा़ का सेवन करने से चर्म रोग भी दूर होते हैं। यह मुंह के विकारों को भी दूर करता है। सर्दी जुकाम से बचाव करता है ।

सामाजिक डार्विनवाद क्या है?
सामाजिक डार्विनवाद , सामाजिक विकास का सिद्धांत हैं।  जिसे हर्बर्ट स्पेंसर ने विकसित किया था। स्पेंसर ने चाल्र्स डार्विन के जीव वैज्ञानिक विकास के सिद्धांत को योग्यतम की विजय को समाज के विकास पर लागू किया है। इसके अनुसार समाज मेें योग्य व्यक्ति ही समाज में प्रभावशाली होते हैं और समाज को आगे ले जाते हैं।  समाज के निर्बल और अयोग्य व्यक्ति या तो जीवित नहीं रहते या फिर अप्रभावी  हो जाते हैं। इस सिद्धांत को पूर्ण रूप से स्वीकार नहीं किया गया है।
 


06-Apr-2021 12:53 PM 23

जब भोजन हमारे पेट में पहुंचता है तो वहां कई तरह के पाचक रस आकर मिलते हैं और उसका मंथन शुरु होता है। उसमें से प्रोटीन, शर्करा और चर्बी अलग होती है। फिर हमारे जिगर से निकला रस चर्बी को पचाता है। पेट से यह भोजन छोटी आंतों में पहुंचता है, जहां आंतों की दीवारें पोषक तत्वों को सोख लेती हैं। इस प्रक्रिया में कोई 6 से 8 घंटे लगते हैं। उसके बाद यह भोजन बड़ी आंतों में पहुंचता है, जहां पाचन क्रिया जारी रहती है, जो कुछ नहीं पच पाया उसे हमारे शरीर से निकलने में कोई 24 घंटे लगते हैं। 
वैसे पाचन इस बात पर निर्भर करता है कि आपने क्या खाया है। मांस को हजम करने और आंतों से बाहर निकलने में दो-तीन दिन लग जाते हैं, जबकि सब्जियों और फलों को कोई 12 घंटे लगते हैं।

अमरकोश
संस्कृत के कोशों में अमरकोश अति लोकप्रिय और प्रसिद्ध है। इसे विश्व का पहला समान्तर कोश (थेसॉरस) कहा जा सकता है। इसकी रचनाकार अमरसिंह बताये जाते हैं। अन्य संस्कृत कोशों की भांति अमरकोश भी छंदोबद्ध रचना है। इसका कारण यह है कि भारत के प्राचीन पंडित पुस्तकस्था विद्या को कम महत्व देते थे। उनके लिए कोश का उचित उपयोग वही विद्वान् कर पाता है जिसे वह कंठस्थ हो। श्लोक शीघ्र कंठस्थ हो जाते हैं। इसलिए संस्कृत के सभी मध्यकालीन कोश पद्य में हैं। 
अमरकोश का वास्तविक नाम अमरसिंह के अनुसार नामलिगानुशासन है। नाम का अर्थ यहां संज्ञा शब्द है। अमरकोश में संज्ञा और उसके लिंगभेद का अनुशासन या शिक्षा है। अव्यय भी दिए गए हैं, किन्तु धातु नहीं हैं। धातुओं के कोश भिझ होते थे ( काव्यप्रकाश, काव्यानुशासन आदि )। हलायुध ने अपना कोश लिखने का प्रयोजन कविकंठविभूषणार्थम् बताया है। अमरकोश में साधारण संस्कृत शब्दों के साथ-साथ असाधारण नामों की भरमार है। 
 


06-Apr-2021 12:51 PM 21

चोल  प्राचीन भारत का एक राजवंश था। चोल शब्द की व्युत्पत्ति का अर्थ विभिन्न प्रकार से किया जाता है। कर्नल जेरिनो ने चोल शब्द को संस्कृत  काल एवं  कोल  से संबद्ध करते हुए इसे दक्षिण भारत के कृष्णवर्ण आर्य समुदाय का सूचक माना है।
चोल शब्द को संस्कृत  चोर  तथा तमिल  चोलम  से भी संबद्ध किया गया है किंतु इनमें से कोई मत ठीक नहीं है। आरंभिक काल से ही चोल शब्द का प्रयोग इसी नाम के राजवंश द्वारा शासित प्रजा और भू-भाग के लिए उपयोग होता रहा है। संगमयुगीन मणिमेक्लै में चोलों को सूर्यवंशी कहा है। चोलों के अनेक प्रचलित नामों में शेंबियन् भी है।  12वीं सदी के अनेक स्थानीय राजवंश अपने को करिकाल से उद्भत कश्यप गोत्रीय बताते हैं।
चोलों के उल्लेख अत्यंत प्राचीन काल से ही प्राप्त होने लगते हैं। कात्यायन ने चोलों का उल्लेख किया है। अशोक के अभिलेखों में भी इसका जिक्र मिलता है। किंतु इन्होंने संगमयुग में ही दक्षिण भारतीय इतिहास को संभवत: प्रथम बार प्रभावित किया। संगमकाल के अनेक महत्वपूर्ण चोल सम्राटों में करिकाल अत्यधिक प्रसिद्ध हुए संगमयुग के पश्चात् का चोल इतिहास अज्ञात है। फिर भी चोल-वंश-परंपरा एकदम समाप्त नहीं हुई थी क्योंकि रेनंडु (जिला कुडाया) प्रदेश में चोल पल्लवों, चालुक्यों तथा राष्ट्रकूटों के अधीन शासन करते रहे।
 


06-Apr-2021 12:50 PM 14

केन्द्र सरकार ने  ‘स्वच्छ भारत मिशन’  2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया था।  इसका लक्ष्य महात्मा गांधी की 150वीं जयंती यानी 2 अक्टूबर 2019 तक पूरे देश के 4041 वैधानिक शहरों और नगरों में पूरी तरह स्वच्छता सुनिश्चित करना है। शहरी क्षेत्रों में खुले में शौच की समस्या खत्म करने के लिए शौचालयों का निर्माण इस मिशन की प्राथमिकता है।
पांच वर्ष के स्वच्छता मिशन के तहत 62 हजार 9 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत घरों में 1.04 करोड़ शौचालयों, 2.51 लाख सामुदायिक शौचालय सीटों और 2.55 लाख सार्वजनिक शौचालय सीटों का निर्माण किया जाना है।  इस योजना के अंतर्गत 37 करोड़ शहरी लोगों को ठोस कचरा प्रबंधन में सहायता दी जाएगी।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने ‘स्वच्छ भारत मिशन’  के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 3 अप्रैल 2015 को जारी किया। इसके अनुसार वर्ष 2014-15 के दौरान गुजरात ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को लागू करने में देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे से आगे (प्रथम) रहा। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत वर्ष 2014-15 में कुल 2 लाख 70 हजार 69 घरों में बने शौचालयों में से 60 प्रतिशत अकेले गुजरात में बने।  
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर वित्तवर्ष 2014-15 के दौरान 900 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है।  राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 700 करोड़ रुपये दिए गए है।