सामान्य ज्ञान

फोनियो
25-Nov-2021 1:10 PM (32)

फोनियो पश्चिम अफ्रीका में उगाया जाने वाला अन्न है ,इसकी एक नस्ल भारत में भी खासी पहाडिय़ों में उगाई जाती है। यह बहुत महीन दाने वाली फसल है। यह दीजित्रा कुल का पादप पौधा है।

 इसका उत्पादन अधिक होता है। सभी मोटे अन्न  में इसके दाने सबसे सूक्ष्म होते हैं। दक्षिण सूडान तथा इथोपिया का यह प्रमुख अन्न है। इसमें कई गुण ह।  यह कुपोषण से लडऩे ,बंजर भूमि का प्रयोग करने हेतु बहुत उत्तम है। पोषक होने के साथ ही यह मात्र 6-8 हफ्ते में पक कर तैयार होने वाली फसल ह। सूखे इलाकों के लिए जहां वर्षा कम तथा अनियमित होती है यह एक वरदान है। इस से दलिया, ब्रेड तथा बीयर बनाई जाती है। । गिनी तथा टोगो जैसे देश में इसे बड़े पैमाने पर उगाते जाते हैं।

इसका  दाना महीन होने के चलते इस से छिलका अलग करना बहुत कठिन होता है ,लेकिन हाल ही में इस हेतु एक सरल मशीन का आविष्कार हो गया है ।

तूफ़ान क्यों आते हैं?
25-Nov-2021 1:10 PM (27)

जब नमी से भरी हुई ढेर-सी गर्म हवा तेज़ी से ऊपर की ओर उठती है तब तूफ़ान आते हैं। तूफ़ान की शुरुआत से पहले हवा तेज़ चलने लगती है।  बादल  बड़े होते जाते हैं और गहरे होते हुए आसमान में अंधेरा छाने लगता है। ये तूफ़ान के लक्षण हैं।

बादलों के अंदर पानी के कण तेज़ी से घूमते हैं और आपस में टकराते हैं, जिससे बिजली पैदा होती है। बिजली पैदा होने का काम तब-तक चलता रहता है जब तक वह बड़ी-सी चिंगारी बन कर एक बादल से दूसरे बादल तक होती हुई धरती तक ज़ोरदार चमक बन कर कौंध नहीं जाती। बिजली में गरज और चमक एक साथ होती है। चमक पहले दिखाई देती है और गरज बाद में सुनाई देती है। ऐसा इसलिए होता है क्यों कि प्रकाश की गति ध्वनि की गति से तेज़ होती है और चमक हमारे पास तक आवाज़ से पहले पहुंच जाती है।

बिजली, पानी और तूफ़ान से बचने के लिए किसी ऊंचे पेड़ के नीचे खड़े हो जाना उचित नहीं है, क्योंकि बिजली धरती पर गिरते समय अकसर किसी ऊंचे वृक्ष का सहारा ले लेती है।   बिजली चमकते समय जब आकाश में इधर-उधर गुजऱती है तो आस-पास की हवा गर्म हो जाती है। यह गर्म हवा तेज़ी से फैलती है तो गडग़ड़ाहट की तेज़ आवाज़ सुनाई देती है।

गिर पर्वत श्रेणी
25-Nov-2021 1:09 PM (42)

गिर ,पश्चिमी गुजरात की निम्न पर्वतश्रेणी है। यह दक्षिणी काठियावाड़ प्रायद्वीप यानी पश्चिमी-मध्य भारत का हिस्सा है। यह श्रेणी अत्यधिक ऊबड़-खाबड़ है और दक्षिण में समुद्र की ओर तीखी ढलान तथा उत्तर में भीतरी भूमि की ओर अपेक्षाकृत कम निचली है। यहां से उत्तर दिशा में निचली, संकरी, विभक्त पर्वतश्रेणी फैली हुई है, विशाल गिरनार पहाडिय़ों में गोरखनाथ शिखर (1,117 मीटर) स्थित है, जिसे एक मृत ज्वालामुखी माना जाता है। गिर पर्वतश्रेणी की एक पहाड़ी पर गिरनार का प्राचीन जैन मंदिर (ऐतिहासिक नाम रौवट या उलाड़थेट) होने के कारण इस पर्वतश्रेणी को पवित्र माना जाता है। यह मंदिर एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यह पर्वतश्रेणी साल और ढाक के वृक्षां से भरे जंगलों से ढकी हुई है। गिरनार की पहाडिय़ों से पश्चिम और पूर्व दिशा में भादस, रोहजा, शतरूंजी और घेलो नदियां बहती हैं।

गिर पहाडिय़ों पर मुख्यत: भील और डुबला लोगों का निवास है। विरल आबादी वाले इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में जीविका के लिए की जाने वाली कृषि की प्रधानता है। यहां की फसलों में अनाज, मूंगफली और कपास शामिल हैं। बड़े पैमाने पर कुछ उद्योग हैं, जिनमें वस्त्र तथा लोहे व इस्पात के फर्नीचर का निर्माण होता है। कुटीर उद्योगों में बढ़ईगिरी, लकड़ी पर नक्काशी, पीतल के बर्तनों पर वार्निश का काम, कढ़ाई और ऊन की बुनाई शामिल है। एशियाई सिंहों के लिए विख्यात गिर वन राष्टï्रीय उद्यान इसी क्षेत्र में स्थित है। खंबलिया, धारी विसावदर, मेंदरदा ओर आदित्याणा यहां के प्रमुख नगर हैं।

सीनाई प्रायद्वीप
25-Nov-2021 1:09 PM (24)

सीनाई प्रायद्वीप या सीनाई या सीना प्रायद्वीप  मिस्र का एक त्रिकोणरुपी प्रायद्वीप है जो उत्तर में भूमध्य सागर और दक्षिण पश्चिम में लाल सागर की सुएज़ की खाड़ी और दक्षिण पूर्व में लाल सागर की अक़ाबा की खाड़ी के बीच में स्थित है। लगभग 60 हजार वर्ग किमी का यह इलाक़ा मिस्र का इकलौता क्षेत्र है जो एशिया के महाद्वीप पर पड़ता है (बाक़ी मिस्र उत्तर अफ्रीका में है)। भौगोलिक दृष्टि से यह एशिया और अफ्रीका के महाद्वीपों के बीच एक ज़मीनी पुल है। सीनाई और मिस्र की मुख्यभूमि के बीच सुएज़ नहर और सुएज़ की खाड़ी आती है। पूर्व में सीनाई की अकेली ज़मीनी सरहद इस्राइल से लगती है।

 सीनाई  का अधिकतर हिस्सा मिस्र के दो प्रांतों में बंटा हुआ है। इसके अलावा तीन अन्य प्रांत हैं जो थोड़े सीनाई में और थोड़े सुएज़ के पार मिस्र की मुख्यभूमि पर विस्तृत हैं। इतिहास में सीनाई पर अधिकार जमाने को लेकर  बहुत से देशों और साम्राज्यों के बीच लड़ाई हुई है। मिस्र के अपने राज्यों के अलावा यहां कभी उस्मानी साम्राज्य का और फिर ब्रिटेन का शासन रहा था। 1956 के सुएज़ संकट में और और फिर 1967 में छह दिनों के युद्ध के बाद इस्राइल ने इसपर क़ब्ज़ा किया। 1967 के बाद इस्राइल ने घोषणा कर दी कि सीनाई अब उसका हिस्सा है। इसे वापस लेने के लिए मिस्र ने 1973 में इस्राइल से फिर युद्ध किया लेकिन असफल रहा। 1979 में इस्राइल-मिस्र शांति संधि के बाद 1982 में इस्राइल ने ख़ुद ही इसे मिस्र को वापस कर दिया। वर्तमानकाल में सीनाई एक पर्यटन स्थल है। 

देश का सबसे बड़ा पायलट प्रशिक्षण केंद्र
25-Nov-2021 1:08 PM (15)

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में देश की सबसे बडा पायलट प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है। यह प्रशिक्षण केंद्र, इंटरग्लोब  इंटरप्राइजेज और सीएई के बीच एक संयुक्त उद्यम है। प्रशिक्षण केंद्र  के लिए पहले ही 25 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश सुविधा और उपकरणों की स्थापना में किया गया है। इस इकाई ने पायलटों को ए 320 विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण देने के लिए नूस्ली वाडिया प्रवर्तित गोएयर के साथ गठबंधन किया है।

इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज लिमिटेड ऑफ इंडिया  विमानन व पर्यटन से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने वाली एक कम्पनी है। इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज लिमिटेड ऑफ इंडिया किफायती सेवा प्रदान करने वाली भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो की प्रमुख कम्पनी है। इंडिगो इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज और विमानन क्षेत्र के दिग्गज और उद्यमी राकेश अग्रवाल द्वारा प्रवर्तित कंपनी है। इंटरग्लोब की देश में विभिन्न क्षेत्रों जैसे विमानन और उड्डïयन प्रबंधन, यात्रा संबंधी सेवाओं, यात्रा तकनीक, यात्रा वितरण सेवाओं और होटल विकास एंव प्रबंधन सेवाओं में इसकी खासी उपस्थिति है। यह यात्रा और विमानन उद्योग को वितरण, तकनीकी तकनीकी और बीपीओ सेवा भी प्रदान करती है।

मांट्रियल की सीएई सिमुलेशन प्रशिक्षण प्राइवेट लिमिटेड , नागर विमानन व रक्षा क्षेत्र में माडलिंग, सिमुलेशन और प्रशिक्षण देने वाली अग्रणी कंपनी है।  यह कम्पनी न्यूयार्क स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है।

हर दिन हॉट सीट 25 नवंबर
25-Nov-2021 1:08 PM (11)

1. संसदीय प्रणाली वाली सरकार को अन्य किस नाम से जाना जाता है?

(अ) अनुक्रियाशील सरकार (ब) उत्तरदायी सरकार (स) संघीय सरकार (द) राष्ट्रपतीय सरकार

2. कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं होगा यदि वह?

(अ) विदेश में पांच वर्ष से अधिक रहा हो (ब) विदेशी न्यायालय द्वारा दंडित किया गया हो (स) स्वेच्छा से दूसरे देश की नागरिकता ग्रहण कर चुका हो (द)दूसरे देश में रोजगार स्वीकार कर चुका हो

3. भारत में वह मंत्री जो संसद के दोनों सदनों में किसी का भी सदस्य नहीं है, उसे मंत्री पद से मुक्त हो जाना पड़ता है?

(अ) छ: माह बाद (ब) एक वर्ष बाद (स) दो वर्ष बाद (द) तीन वर्ष बाद

4. संसद की लोक लेखा समिति का प्रमुख कार्य है?

(अ) शासन के वित्तीय लेखा एवं विनिमय तथा कम्पट्रोलर व आडिटर जनरल की रिपोर्ट का परीक्षण (ब) सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के उच्च पदों पर नियुक्ति करना (स) नीति के अनुसार वित्तीय प्रावधान का परीक्षण (द) इनमें से कोई नहीं

5. किस सभा का अध्यक्ष उसका सदस्य नहीं होता?

(अ)लोकसभा (ब) विधानसभा (स) राज्यसभा (द) विधान परिषद्

6. चीनी-तिब्बती भाषा समूह की भाषाओं के बोलने वालों को कहा जाता है?

(अ) किरात (ब) निषाद (स) द्रविड़ (द) आर्य

7. प्रादेशिक बोलियों के साथ ब्रज या मध्य देश की भाषा का आश्रय लेकर एक सामान्य साहित्यिक भाषा स्वीकृत हुई, जिसे चारणों ने नाम दिया?

(अ) डिंगल भाषा (ब) मेवाड़ी भाषा (स) मारवाड़ी भाषा (द) पिंगल भाषा

8. देवनागरी लिपि को राष्ट्रलिपि के रूप में कब स्वीकार किया गया था?

(अ) 14 सितंबर, 1949 (ब) 21 सितंबर, 1949 (स) 23 सितंबर, 1949 (द) 25 सितंबर, 1949

9. सोशल नेटवर्क साइट-फेस बुक के आविष्कारक कौन हैं?

(अ) मार्क जुकर बर्ग (ब) जूलियन असांजे (स) जैक डर्सी (द) राबर्ट नायसी

10. ई-मेल का आविष्कार किसने किया?

(अ) टामलिंसन (ब) मार्टिन कूपर (स) जॉन शेफर्ड बैरोन (द) जूलियन असांजे

11. ग्राम पंचायत अपनी सभी कार्यों के लिए?

(अ) सरपंच के प्रति उत्तरदायी है (ब) ग्राम सभा के प्रति उत्तरदायी है (स) क्षेत्र समिति के प्रति उत्तरदायी है (द) जिलाधिकारी के प्रति उत्तरदायी है

12. संप्रभुता के सिद्घांत को विकसित करने वाला प्रथम विचारक कौन था?

(अ) अरस्तू (ब) बोदां (स) हॉब्स (द) ऑस्टिन

13. बियाण्ड दि वेलफेयर स्टेट- के लेखक निम्नलिखित में से कौन हैं?

(अ) रॉबर्ट नॉजिक (ब) डी.एल. हॉबमैन (स) गुन्नार मिर्डल (द) जॉन गुण्टर

14. माक्र्सवादी के अनुसार राज्य की उत्पत्ति में किस घटक की भूमिका सर्वाधिक निर्णायक रही?

(अ) परिवार (ब) संपत्ति (स) उत्पादन के संबंध (द) धर्म

15. सूर्य की ऊर्जा उत्पन्न होती है?

(अ)नाभिकीय विखंडन के द्वारा (ब) आयनीकरण के द्वारा (स) नाभिकीय संलयन के द्वारा (द) ऑक्सीकरण के द्वारा

16. आयात एवं निर्यात पर लगाए जाने वाले कर को किस नाम से जाना जाता है?

(अ) आय कर (ब) व्यापार कर (स) सीमा कर (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

17. माउंट टिटलिस क्षेत्र किस देश में  स्थित है?

(अ)जर्मनी में (ब) फ्रांस में (स) स्विट्जरलैंड में (द) संयुक्त राज्य अमेरिका में

18. संयुक्त राज्य अमेरिका के किस राज्य को ब्लू ग्रास स्टेट भी कहा जाता है?

(अ) कैलीफोर्निया (ब)केनटुकी (स) मॉनटाना (द) टेक्सास

19. धान के खेत में पंकभंजन की जाती है?

(अ) मृदा सतह को मृदु बनाने हेतु (ब) खरपतवार नियंत्रण हेतु (स) जड़ों को गहरा जाने के रोकने हेतु (द) पानी का रिसाव कम करने हेतु

20. मैगनीशियम के प्रयोग से पौधों द्वारा बढ़ता है?

(अ)फॉस्फोरस का अपटेक (ब)पोटाश का अपटेक (स) नाइट्रोजन का अपटेक (द)गंधक का अपटेक

21. भारत सरकार के लिए हिंदी भाषा का विकास है?

(अ) एक राजनीतिक प्रतिबद्घता (ब) एक सांस्कृतिक प्रतिबद्घता (स) एक संवैधानिक प्रतिबद्घता (द) एक धार्मिक प्रतिबद्घता

22. संविधान के अंतर्गत मूल अधिकारों का संरक्षक कौन है?

(अ) संसद (ब) राष्टï्रपति (स) न्यायपालिका (द) मंत्रिमंडल

23. राष्टï्रीय खेल दिवस निम्नलिखित में से किस दिन मनाया जाता है?

(अ) 29 जुलाई (ब) 29 अगस्त (स) 29 सितंबर (द) 20 अगस्त

24. संगीत के क्षेत्र में कान्हड़ा का प्रकार है?

(अ) अड़ाना (ब) मुल्तानी (स) राग तोड़ी (द) इनमें से कोई नहीं

25. कौन सा राग औडव संपूर्ण जाति का है?

(अ) शुद्घ कल्याण (ब) खमाज (स) गुणकली (द)दरबारी कान्हड़ा

26. जिन वाद्यों में वायु द्वारा ध्वनि उत्पादित की जाती है, वे क्या कहलाते हैं?

(अ) अवनद्घ वाद्य (ब) वायु वाद्य (स) सुषिर वाद्य (द) तार वाद्य

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सही जवाब- 1.(ब) उत्तरदायी सरकार, 2.(स)स्वेच्छा से दूसरे देश की नागरिकता ग्रहण कर चुका हो, 3.(अ)छ: माह बाद, 4.(अ) शासन के वित्तीय लेखा एवं विनिमय तथा कम्पट्रोलर व आडिटर जनरल की रिपोर्ट का परीक्षण, 5.(स) राज्यसभा, 6.(ब)निषाद, 7.(द) पिंगल भाषा, 8.(अ)14 सितंबर,1949, 9.(अ) मार्क जुकर बर्ग, 10.(अ) टामलिंसन, 11.(ब) ग्राम सभा के प्रति उत्तरदायी है, 12.(स) हॉब्स, 13.(द) जॉन गुण्टर, 14.(ब) विधिशास्त्र पर व्याख्यान में, 15.(स)नाभिकीय संलयन के द्वारा, 16.(स) सीमा कर,17.(स) स्विट्जरलैंड में, 18.(ब) केनटुकी, 19.(द) पानी का रिसाव कम करने हेतु, 20.(अ) फॉस्फोरस का अपटेक, 21.(स) एक संवैधानिक प्रतिबद्घता, 22.(स) न्याय पालिका,  23.(ब) पृथ्वी द्वारा उपग्रह पर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण से, 24.(अ)अड़ाना, 25.(ब)खमाज, 26.(स) सुषिर वाद्य ।

International Day for Elimination of Violence against Women: जानिए इसका महत्व
25-Nov-2021 12:46 PM (32)

महिला दिवस जैसे दिनों में महिलाओं के अधिकारों पर खूब चर्चा की जाती है, लेकिन हैरानी की बात है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के लिए भी एक दिन अलग से मनाया जाता है.  दुख की बात होने के साथ ही यह एक बहुत बड़ी जरूरत बनी हुई है. इतना ही नहीं दुनिया में कई देशों में जहां पुरुषों के बराबर महिलाओं को बहुत से अधिकार मिले हुए हैं. महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस की प्रासंगिकता बनी हुई है. संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 25 नवंबर का दिन इसे मानने के लिए तय किया हुआ है.

कोविड-19 महामारी का असर
इस दिन को महिलाओं और पुरुषों भी महिलाओं के अधिकारों के लिए जागरूक किया जाता है. पिछले दो साल से कोविड-19 महामारी से जूझ रही दुनिया में लोगों ने कई तरह के मानसिक तनावों को झेला है ऐसे में महिलाओं पर होने वाली घरेलू हिंसा में इजाफा हैरानी की बात नहीं हैं.

क्या है इस बार की थीम
साल 2021 में संयुक्त राष्ट्र ने अपनी थीम “ऑरेंज द वर्ल्ड: एंड वॉयलेंस अगेंस्ट वुमन नाउ” घोषित की है. इसमें अपील की गई है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा का अभी अंत किया जाए. संयुक्त राष्ट्र ने भी माना है कि कोविड महामारी के कारण महिलाओं और बच्चियों पर होने वाली हिंसा में, खास तौर पर घरेलू हिंसा में तेजी से  इजाफा हुआ है जिसके लिए दुनिया तैयार नहीं थी.

तेजी से बढ़ी है ये हिंसा
13 देशों में हुए एक सर्वे के आधार पर आई संयुक्त राष्ट्र नई रिपोर्ट में पता चला है कि कोविड-19 ने घर और बाहर दोनों ही जगहों पक महिला सुरक्षा की भावनाओं का क्षरण किया है जिससे उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. इसमें वैश्विक हिंसात्मक संघर्ष, मानवीय समस्याएं और बढ़ती जलवायु संबंधी आपदाएं भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा मे गहनता लाने का काम किया है.

घरेलू हिंसा महिलाओं के अधिकारों का बड़ा मुद्दा
महिलाओं के अधिकारों के लिए बहुत से कानून बनाए गए हैं. आज भी बहुत सारे देशों में उन्हें वो अधिकार नहीं मिले हैं जिससे कहा जाए कि वे एक स्वस्थ समाज में रह रही हैं. फिर भी घरेलू हिंसा एक अलग ही मुद्दा उभर कर सामने आया है. जिससे यह समस्या सामाजिक होने के साथ साथ पारिवारिक मूल्यों, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से भी गहरा संबंध रखती है.

पाई जा सकती है निजात
संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि इस समस्या से निजात पाना असंभव हो ऐसा बिलकुल नहीं है. ऐसे प्रमाण स्पष्ट रूप से पाए गए हैं कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रही हिंसा को रोकना संभव है. इसके लिए व्यापक तौर पर काम करना होगा जिससे ऐसी समस्याओं के मूल कारण से निपटने, हानिकारक रीति रिवाज में बदलाव करने और बची महिलाओं को आवश्यक सेवाएं प्रदान करने में मदद मिल सके.

ऐतिहासिक तौर पर 25 नवंबर की तारीख का संबंध 1960 के साल से है जब इसी दिन तीन मीराबेल सिस्टर्स की डोमिनीक रिपब्लिक में हत्या कर दी गई है. इन राजनैतिक कार्यकर्ताओं की हत्या के आदे डोमोनिक तानाशाह राफेल त्रूजिलो ने दिए थे. 1981 में लैटिन अमेरिका और कैरेबियन महिला मीटिंग में कार्यकर्ताओं ने 25 नवंबर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा के प्रति जागरूकता फैलाने और उससे लड़ने के लिए दिन पर मानने का फैसला किया जिसे बाद में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव द्वारा स्वीकार  किया गया.

हर साल यह खास दिवस 16 दिन की विशेष सक्रियता की शुरुआत के तौर पर देखा जाता है जो 10 दिसंबर को विश्व मानव अधिकार दिवस तक चलता है. इन 16 दिनों में संयुक्त राष्ट्र की इस साल की थीम यूनाइट टू एंड द वॉयलेंस अगेंस्ट वुमिन अभियान चलाया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि हिंसा झेलने वाली केवल 40 प्रतिशत से कम महिलाएं और बच्चियां ही किसी तरह की मदद की मांग करती हैं. इस लिहाज से यह दिन और भी प्रसांगिक हो जाता है.

लेजर किरणों से आएगी अंतरिक्ष में नई संचार क्रांति, नासा का अभियान दिखाएगा कैसे
25-Nov-2021 12:45 PM (22)

अंतरिक्ष में संचार करना एक बहुत बड़ी चुनौती बनती जा रही है. जैसे-जैसे पृथ्वी से बाहर जाने वाले अंतरिक्ष यान चंद्रमा के बाद अब मंगल तक पहुंचने लगे हैं सुदूर अंतरिक्ष में संचार करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. तमाम बाधाओं के बीच इस चुनौती से निपटने के लिए नासा (NASA) एक नई तकनीक का प्रदर्शन करने जा रहा है जो अंतरग्रहीय संचार के लिए बहुत ही ज्यादा उपयोगी साबित होगी. माना जा रहा है कि इससे अंतरिक्ष संचार में नई क्रांति आ सकती है. नासा इसके लिए अगले महीने लेजर कम्यूनिकेशन रिले डिमॉन्स्ट्रेशन अभियान चलाने जा रहा है.

आसान नहीं होता अंतरिक्ष में संचार
अंतरिक्ष संचार शुरू से ही एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहा है. उपग्रहों से सीधा संपर्क सतत बनाए रखना एक चुनौती है. 4 दिसंबर को प्रक्षेपित होने जा रहा यह अभियान ऑप्टिकल संचार के अपनी विशेष क्षमताएं दर्शाएगा. यह संचार फिलहाल उपयोग में लाई जा रही रेडियो तरंगों से ज्यादा तीव्रता से काम करेगा. अभी रेडियो तरंगों से ही अंतरिक्ष एजेंसी ग्रहों या सूर्य की ओर जा रहे यानों से संचार करते हैं. लेकिन अब अंतरिक्ष अभियानों की संख्या बढ़ने से प्रभावी संचार माध्यमो की जरूरतें बढ़ गई है.

ऑप्टिकल संचार में क्षमताएं
एलसीआरडी अभियान ऑप्टिकल संचार में क्षमताएं बढ़ाएगा. उससे अंतरिक्ष में संचार करने वाली बैंडविथ में इजाफा होगा. इससे उपकरणों का आकार और भार कम होने के साथ उनके संचालन के लिए जरूरी ऊर्जा आवश्यकताओं में भी कमी लाई जा सकती है. यह अभियान स्पेस टेस्ट प्रोग्राम सैटेलाइट-6 (STPSat-6) अंतरिक्ष यान से प्रक्षेपित किया जाएगा जो अमेरिका के रक्षा विभाग के स्पेस टेस्ट प्रोग्राम अभियान का प्रमुख यान है.

क्या है यह एलसीआरडी अभियान
लेसर संचार का प्रदर्शन अपनी तरह का पहला एंड टू एंड लेजर रिले सिस्टम होगा. जो दिखाई ना देने वाली इंफ्रारेड लेजर के जरिए आंकड़ों का आदान प्रदान करेगा. इसकी गति 1.2 गीगाबाइट्स प्रतिसकेंड की होगी जिससे पृथ्वी से उसकी जियोसिंक्रोनस कक्षा के बीच संचार बेहतर हो सकेगा. नासा का कहना है कि यह नया सिस्टम बैंडविथ को रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम की तुलना में दस से सौ गुना बेहतर कर देगी.

पहले धरती से जाएंगे संकेत
एलसीआरडी उपकरण को रक्षा विभाग के स्पेस टेस्ट सैटेलाइट-6 पर लगाया जाएगा. एक बार कक्षा में पहुंचने पर इंजीनियर इसे सक्रिय करेंगे जिसके बाद डेटा इंफ्रारेड लेजर्स के जरिए प्रसारित किया जाएगा. लेजर भेजने से पहले इंजीनियर उसे जमीन पर स्थिति स्टेशनों से भेजने का परीक्षण करेगा.

सुदूर अभियान भी LCRD को भेजेंगे संकेत
यह डेटा परीक्षण पहले रेडियो तरंगों द्वारा मिशन ऑपरेशन सेंटर से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा और उसके बाद एलसीआरडी अंतरिक्ष यान इसके जवाब में ऑप्टिकल संकेतों से आंकड़े वापस पृथ्वी की स्टेशनों पर भेजेगा. नासा का कहना है कि अंतरिक्ष में अभियान अपने आंकड़े एलसीआरडी को भेजेंगे  जिसके बाद वह अपने आंकड़े अपने निर्धारित स्टेशनों पर भेजेगा.

यह होगा बड़ा फायदा
नासा ने बताया कि वह 1983 से संचार रिले सैटेलाइट पर काम कर रहा है, जब पहला ट्रैकिंग एंड डेटा रिले सैटेलाइट प्रक्षेपित किया गया था. लेकिन लेजर सिस्टम से अभियानों को पृथ्वी के एंटीना से सीधी रेखा में रहने की जरूरत नहीं होगी बल्कि एलसीआरडी डेटा के लिए एक सतत पथ बनाता चलेगा जो एक पूरा एंड टू एंड सिस्टम बना सकेगा.

यह अभियान ऑप्टिकल संकेतों के जरिए बहुत तेजी से आंकड़े डाउनलोड करेगा.  यह साल 2013 के लूनार लेजर कम्यूनिकेशन्स डेमोन्सट्रेशन  की दरों की तुलना में दो गुनी दर होगी जिसमें चंद्रमा से 622 मेगाबिट्स प्रति सेकंड की गति से ऑप्टिकल संकेत आए थे. इस बार इंजीनियर एलसीआरडी से कैलिफोर्निया के टेबल पर्वत और हवाई के हैलीकल में संकेत हासिल कर सकेंगे. (news18.com)

धरती को बचाने के लिए नासा ने भेजा स्‍पेसक्राफ्ट, जानिए इस खास मिशन के बारे में सबकुछ
24-Nov-2021 7:38 PM (36)

वॉशिंगटन. धरती को क्षुद्रग्रहों और अंतरिक्ष में मौजूद अन्‍य बड़े खतरों से बचाने की संभावनाएं तलाशने के लिए अमेरिकी अंतर‍िक्ष एजेंसी नासा ने बुधवार को खास मिशन लॉन्‍च किया है. इसके तहत एक अंतरिक्ष विमान या स्‍पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में भेजा गया है. डीएआरटी स्‍पेसक्राफ्ट नामक यह अंतरिक्ष विमान स्‍पेस में मौजूद डिमॉरफस नामक छोटे चांद से सीधे टकराएगा. इस टक्‍कर के नतीजों से भविष्‍य में धरती को बचाने में मदद मिलेगी.

जानकारी के अनुसार नासा का डीएआरटी स्‍पेसक्राफ्ट डिमॉरफस से 6.6 किलोमीटर प्रति सेकंड या 24 हजार किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टकराएगा. दोनों में यह टक्‍कर 26 सितंबर 2022 से लेकर 1 अक्‍टूबर 2022 के बीच संभव मानी जा रही है.

डार्ट मिशन कोऑर्डिनेशन प्रमुख और जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स लैब में प्लैनेटरी साइंटिस्ट नैंसी चाहोट ने बताया कि डिडिमोस परीक्षण मिशन के लिए एक आदर्श प्रणाली है क्योंकि इसमें एक चंद्रमा है जो नियमित रूप से क्षुद्रग्रह की परिक्रमा करता है. हम इसे तब देख सकते हैं जब यह मुख्य क्षुद्रग्रह के सामने से गुजरता है.

दरअसल पृथ्‍वी की ओर कई क्षुद्र ग्रह आते रहते हैं. कुछ तो पृथ्‍वी की कक्षा में घुसकर धरती पर टकरा जाते हैं. लेकिन अगर कोई बड़ा क्षुद्रग्रह धरती से टकरा जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है. धरती को इसी संकट से बचाने के रास्‍ते खोजने के लिए यह मिशन किया जा रहा है. अगर इसके नतीजे सकारात्‍मक रहे तो भविष्‍य में कभी भी धरती की ओर संकट के रूप में आने वाले क्षुद्र ग्रह को इसी तरह का स्‍पेसक्राफ्ट भेजकर नष्‍ट किया जा सकेगा. (news18.com)

केन्द्रीय सूचना आयोग
24-Nov-2021 10:25 AM (57)

केन्द्रीय सूचना आयोग का गठन वर्ष 2005 में किया गया था। भारत सरकार ने अपने नागरिकों के जीवन को सहज, सुचारु रखने और देश को पूरी तरह लोकतांत्रिक बनाने एवं सरकारी पारदर्शिता के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 स्थापित किया था।

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में नागरिकों के अनुरोध पर समय से सरकारी सूचना का उत्तर देने का अधिदेश दिया गया है। यह प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों, लोक सूचना अधिकारियों आदि द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरणों के संबंध में शीघ्र जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरिकों को आर.टी.आई. पोर्टल प्रदान करने तथा भारत सरकार एवं राज्य सरकारों के अतंर्गत आने वाले विभिन्न लोक प्राधिकारियों द्वारा वेब पर प्रकाशित सूचना के अधिकार से जुड़ी जानकारी /प्रकटन के लिए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय द्वारा की गई एक पहल है।

राइट टू इन्फॉरमेशन (आरटीआई) का अर्थ है-  सूचना का अधिकार  और इसे संविधान के अनुच्छेद 19 (1) के तहत एक मूलभूत अधिकार का दर्जा दिया गया है। आरटीआई के तहत हर नागरिक को यह जानने का अधिकार है कि सरकार कैसे कार्य करती है।

इस समय मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर दीपक संधू विराजमान हैं।  हाल ही में केंद्रीय सूचना आयोग में मंजूला पाराशर, यशोवर्धन आजाद, शरत सभरवाल, एमए खान यूसुफी और मदभूषणम श्रीधर आचार्युलू को सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है।  केंद्रीय सूचना आयोग में इन पांच सूचना आयुक्तों के साथ कुल सूचना आयुक्तों की संख्या मुख्य सूचना आयुक्त सहित दस हो गई है।  इनकी सेवा अवधि पांच साल या इनकी उम्र 65 वर्ष  होने तक (इनमें से जो पहले हो) है।

डॉ. ए. आर. किदवई
24-Nov-2021 10:24 AM (35)

डॉ. ए. आर. किदवई पर हाल ही में एक किताब प्रदर्शित हुई है -‘मैमार-ए-कौम - डॉ. ए. आर. किदवई जिसे मुफ्ती अताउर रहमान अंसारी ने संपादित किया है।   यह किताब डॉ. किदवई के जीवन पर आधारित है।

डॉ. किदवई वर्ष 1951-67 के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रहे।  डॉ. किदवई का मेवात विकास बोर्ड हरियाणा की स्थापना में विशेष योगदान दिया।  वे वर्ष 1967-79 के दौरान संघ लोक सेवा आयोग अध्यक्ष तथा सदस्य रहे। वर्ष 1979-85 तथा 1993-98 के दौरान वे दो बार बिहार के राज्यपाल रहे। वर्ष 1998-99 के दौरान वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2004 में वे हरियाणा के राज्यपाल रहे।  वर्ष 2000-04 के दौरान वे राज्य सभा के सदस्य रहे।  वे निम्नलिखित संसदीय समितियों के सदस्य बने रहे- वर्ष 2000-04 के मध्य विज्ञान एवं तकनीकी, पर्यावरण एवं वन मंत्रालयों की सलाहकार समिति , वर्ष 2000-04 के मध्य कृषि, जल संसाधन तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थायी समितियां और वर्ष 2000-04 के मध्य अधीनस्थ विधान समिति ।

सबसे तेज गति से घूमने वाला ग्रह
24-Nov-2021 10:23 AM (50)

सौर मंडल के आठ ग्रहों में बुध ग्रह सबसे तेज गति से घूमता है । इसे सूर्य का चक्कर लगाने में 88 दिन लगते हंै। इसकी औसत गति 47.36 किलोमीटर प्रति सैकंड है।

इससे पहले यह दर्जा प्राप्त था प्लूटो को । प्लूटो सबसे छोटा ग्रह हुआ करता था।  वर्ष 2006 तक तो यही स्थिति थी, लेकिन पिछले साल अगस्त में खगोलशास्त्रियों के एक सम्मेलन में प्लूटो का ग्रह का दर्जा समाप्त कर दिया गया।  वर्ष 1930 में अमरीकी खगोलशास्त्री क्लाइड टांबांग ने सौरमंडल के सभी ग्रहों से सबसे दूर स्थित  प्लूटो की खोज की थी।  तभी से इसे ग्रह माना गया था।  अंतरराष्टï्रील खगोलशास्त्री संघ यानी आईएयू  के अगस्त 2006  में पारित प्रस्ताव के अनुसार अब सिर्फ आठ ग्रह बचे हैं- बुध, शुक्र पृथ्वी, वृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून। इस तरह से अब बुध सौर मंडल का सबसे छोटा ग्रह बन गया है।

अल्ब्यूमिन
24-Nov-2021 10:23 AM (38)

अल्ब्यूमिन (लैटिन-ऐल्बस, श्वेत), जिसे एल्ब्यूमेन भी कहते हैं, प्राय: अंडे के सफ़ेद भाग को कहते हैं, और इसका अभिप्राय प्राय: किसी भी जल में घुलनशील प्रोटीन से होता है।

ये सांद्र लवण घोलों (कन्सन्ट्रेटेड सॉल्ट सॉल्यूशन) में धीमे-धीमे घुलता है और फिर उष्ण कोएगुलेशन होने लगता है। एल्ब्यूमिन वाले पदार्थ, जैसे अंडे की सफ़ेदी, आदि को एल्ब्यूमिनॉएड्स कहते हैं। प्रकृति में विभिन्न तरह के एल्बुमिन पाए जाते हैं। अंडे और मनुष्य के रक्त में पाए जाने वाले एल्बुमिन को सबसे अधिक पहचाने जाते हैं। ये शरीर के लिए भी आवश्यक होते हैं। कई पौधों और जंतुओं में या तो एल्बुमिन पाया जाता है या वे इसका स्राव करते हैं।

माइकल फेराडे
24-Nov-2021 10:22 AM (15)

24 नवम्बर सन 1831 ईसवी को ब्रिटेन के भौतिकशास्त्री  माइकल फेराडे ने बिजली की खोज की। उनके इस कारनामे से भौतिकशास्त्र विशेषकर इलेक्ट्रिसिटी के क्षेत्र में बहुत बड़ी प्रगति हुई।

माइकेल फैराडे, अंग्रेज भौतिक विज्ञानी एवं रसायनज्ञ थे। उन्होंने विद्युत-धारा के चुम्बकीय प्रभाव का आविष्कार किया। उसने विद्युत चुम्बकीय प्रेरण का अध्ययन करके उसको नियमवद्ध किया। इससे डायनेमों तथा विद्युत मोटर का निर्माण हुआ। बाद में गाउस  के विद्युतचुम्बकत्व के चार समीकरणों में फैराडे का यह नियम भी सम्मिलित हुआ। फैराडे ने विद्युत रसायन पर भी बहुत काम किया और इससे सम्बन्धित अपने दो नियम दिये।

माइकल फैराडे का जन्म 22 सितंबर, 1791 ई. को हुआ। इनके पिता बहुत गरीब थे और लुहारी का कार्य करते थे। इन्होंने अपना जीवन लंदन में जिल्दसाज की नौकरी से प्रारंभ किया। समय मिलने पर रसायन एव विद्युत् भौतिकी पर पुस्तकें पढ़ते रहते थे। सन् 1813 ई. में प्रसिद्ध रसायनज्ञ, सर हंफ्री डेबी, के व्याख्यान सुनने का इन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ। इन व्याख्यानों पर फैराडे ने टिप्पणियां लिखीं और डेबी के पास भेजीं। सर हंफ्री डेबी इन टिप्पणियों से बड़े प्रभावित हुए और अपनी अनुसंधानशाला में इन्हें अपना सहयोगी बना लिया। फैराडे ने लगन के साथ कार्य किया और निरंतर प्रगति कर सन् 1833 में रॉयल इंस्टिट्यूट में रसायन के प्राध्यापक हो गए।

अपने जीवनकाल में फैराडे ने अनेक खोज की। सन् 1831 में विद्युच्चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत की महत्वपूर्ण खोज की। चुंबकीय क्षेत्र में एक चालक को घुमाकर विद्युत-वाहक-बल उत्पन्न किया। इस सिद्धांत पर भविष्य में  आधुनिक विद्युत इंजीनियरी की नींव पड़ी। उन्होंने विद्युद्विश्लेषण पर महत्वपूर्ण कार्य किए तथा विद्युद्विश्लेषण के नियमों की स्थापना की, जो फैराडे के नियम कहलाते हैं। विद्युद्विश्लेषण में जिन तकनीकी शब्दों का उपयोग किया जाता है, उनका नामकरण भी फैराडे ने ही किया। क्लोरीन गैस का द्रवीकरण करने में भी ये सफल हुए। परावैद्युतांक, प्राणिविद्युत्, चुंबकीय क्षेत्र में रेखा ध्रुवित प्रकाश का घुमाव, आदि विषयों में भी फैराडे ने योगदान किया। 

फैराडे  इतने विनम्र थे कि उन्होंने कोई पदवी या उपाधि स्वीकार नहीं की। रायल सोसायटी के अध्यक्ष पद को भी अस्वीकृत कर दिया।  माइकल फैराडे की मृत्यु 25 अगस्त, 1867 ई. को हुई।

हर दिन हॉट सीट 24 नवंबर
24-Nov-2021 10:19 AM (28)

1. राम की शक्तिपूजा में निराला की इन दो कविताओं का सारतत्व किसमें समाहित है?

(अ) तुलसीदास और सरोजस्मृति (ब) तुलसीदास और बादल (स) सरोज स्मृति और तोड़ती पत्थर (द) जागो फिर एक बार और तुलसीदास 

2. भारत भारती (काव्य) के रचनाकार हैं?

(अ) गोपालशरण सिंह नेपाली (ब) मैथिलीशरण गुप्त (स) नरेश मेहता (द)धर्मवीर भारती

3. रस मीमांसा रस-सिद्धांत से संबंधित पुस्तक है, इस पुस्तक के लेखक हैं?

(अ) डॉ. श्यामसुंदर दास (ब) डॉ. गुलाब राय (स) डॉ. नगेन्द्र (द) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

4. भारत की मिट्टी में दो तत्वों की कमी उर्वरकों के उपभोग को अधिक आवश्यक बनाती है। ये दो तत्व कौन-कौन से हैं?

(अ) नाइट्रोजन और लोहा (ब) फॉस्फोरस और नाइट्रोजन (स) एल्युमीनियम और लोहा (द) पोटैशियम और फॉस्फोरस

5. किसी भी वस्तु को गर्म करने से उसका विस्तारण?

(अ)  केवल ठोस पदार्थ में होता है (ब) पदार्थ का भार बढ़ा देता है (स) पदार्थ का घनत्व बढ़ा देता है (द) सभी द्रव्यों और ठोस पदार्थों में समान दर से होता है

6. अंतरराष्टï्रीय संधियों को भारत के किसी भाग अथवा संपूर्ण भारत में लागू करने के लिए संसद कोई भी कानून किस तरह से बना सकती है?

(अ) सभी राज्यों की सहमति से (ब) बहुसंख्य राज्यों की सहमति से (स) संंबंधित राज्यों की सहमति से (द) बिना किसी राज्य की सहमति से

7. कोई पद लाभ का पद है, इस बात का निर्णय कौन करता है?

(अ) राष्टï्रपति एवं राज्यपाल (ब) संघीय संसद (स) उच्चतम न्यायलय (द) संघ लोक सेवा आयोग

8. लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा अधिकारिक तौर पर एक राजनीतिक दल अथवा राजनीतिक दलों के गठबंधन को विपक्ष की मान्यता देने हेतु कम से कम कितने सदस्य होने चाहिए?

(अ) 50 सदस्य (ब) 60 सदस्य (स) 80 सदस्य (द) लोकसभा की कुल सदस्यता का एक तिहाई

9. निम्नलिखित युग्मों में से कौन सुमेलित नहीं है?

(अ) शुष्क बर्फ : ठोस कार्बन डाईऑक्साइड (ब) मस्टर्ड गैस: रासायनिक युद्घ में प्रयुक्त होने वाला विषैला द्रव (स) टेफ्लान: फ्लुओरीन युक्त बहुलक (द) फुलरीन: फ्लुओरीन युक्त कार्बनिक यौगिक

10. गेहूं के अंकुरित बीज का वह भाग जो जमीन के ऊपर सबसे पहले दिखाई देता है, उसे कहते हंै?

(अ) भू्रण मूल चोल (ब) वरुथिका (स) भूणाग्र चोल (द) बह:स्तर

11. सूरजमुखी का मूल उत्पत्ति स्थान कौन सा देश है?

(अ) दक्षिणी यूनाइटेड स्टेट्स और मैक्सिको (ब) स्पेन (स) सोवियत यूनियन (द) अर्जेन्टीना

12. उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों के लिए रबी की बुवाई हेतु मक्के की  सबसे उपयुक्त प्रजाति कौन सी है?

(अ) मंजरी (ब) नवीन (स) तरुण (द) कंचन

13. भारत का प्रधानमंत्री?

(अ) निर्वाचित होता है (ब) चयनित होता है (स) मनोनीत होता है (द) नियुक्त होता है

14. भारत में योजना आयोग का पदेन सभापति कौन है?

(अ) राष्टï्रपति (ब) प्रधानमंत्री (स) विधि मंत्री (द) लोकसभा का अध्यक्ष

15. सर्वप्रथम किस ग्रंथकार ने विकृत स्वरों का उल्लेख किया था?

(अ) सोमनाथ (ब) नारद (स) शाङ्गर्ïदेव (द)उपर्युक्त में से कोई नहीं

16. निम्नलिखित में से कौन सा स्वर अध्र्वदर्शक स्वर के नाम से प्रचलित है?

(अ) मध्यम (ब) गंधार (स) पंचम (द) निषाद

17. उस्ताद अल्ला रक्खा खां को किस सन् में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था?

(अ) 1976 ई. में (ब) 1977 ई. में (स) 1978 ई. में (द) 1979 ई. में

18. भारत में राज्यों का एकीकरण किसने किया था?

(अ) सरदार पटेल ने (ब) शेख अब्दुल्ला ने (स) मौलाना आजाद ने (द) मोतीलाल नेहरू ने

19. कौन सी फसल सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों द्वारा उत्पादित नहीं की जाती थी?

(अ) जौ (ब) दालें (स) चावल (द) गेहूं

20. निम्नलिखित में से किसने जर्म प्लाज्म का सिद्घांत दिया था?

(अ) डार्विन ने (ब)लीवेन हॉक ने (स) स्पेलांजनी ने (द) वीसमैन ने

21. मूंग में पीला चित्रवर्ण रोग किस कीट द्वारा फैलता है?

(अ) बेमिसिया टैबेसाई (ब)एफिस क्रैसीवोरा (स) नेफोटेटिक्स वाइरेसेन्स (द) अमरास्का बिगुटुला

22. न्यायिक समीक्षा दर्शाती है कि सर्वोच्च न्यायालय?

(अ) सभी संवैधानिक मामलों के संबंध में अंतिम प्राधिकार रखता है (ब) भारत के राष्टï्रपति पर महाभियोग लगा सकता है (स) राज्य के किसी कानून को असंवैधानिक घोषित कर सकता है (द) उच्च न्यायालय द्वारा जिन मामलों पर निर्णय दिए गए हों, उनकी समीक्षा कर सकता है

23. एक मनुष्य दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है और उसे रक्ताधान की आवश्यकता होती है, किंतु उसके रक्त समूह का परीक्षण करने का समय नहीं है। ऐसे में  निम्नलिखित में से कौन सा रक्त समूह उसे दिया जा सकता है?

(अ) ओ पॉजिटिव (ब) ओ निगेटिव (स) एबी पॉजिटिव (द) एबी निगेटिव

24. कौन सी बीमारी वाइरस द्वारा होती है?

(अ) पोलियो (ब) एंथ्रेक्स (स) टीबी (द) हैजा

25. किस अंग की व्याधियों का पता लगाने के लिए ईईजी किया जाता है?

(अ) हृदय (ब) मस्तिष्क (स) किडनी (द) आंख

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सही जवाब- 1.जागो फिर एक बार और तुलसीदास, 2. मैथिलीशरण गुप्त, 3.(द) आचार्य रामचंद्र शुक्ल, 4. फॉस्फोरस और नाइट्रोजन, 5.(स) पदार्थ का घनत्व बढ़ा देता है, 6.(द) बिना किसी राज्य की सहमति से, 7.(ब) संघीय संसद, 8.(अ) 50 सदस्य, 9.(द) फुलरीन: फ्लुओरीन युक्त कार्बनिक यौगिक, 10.(स) भूणाग्र चोल, 11.(अ) दक्षिणी यूनाइटेड स्टेट्स और मैक्सिको, 12.(अ)मंजरी, 13.(द) नियुक्त होता है, 14.(ब)प्रधानमंत्री, 15.(स)शाङ्गर्ïदेव, 16.(अ)मध्यम, 17.(ब)1977 ई. में, 18.(अ)सरदार पटेल ने, 19.(ब)दालें, 20.(द)वीसमैन ने, 21.(अ)बेमिसिया टैबेसाई, 22.(स)संसद की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत की किया जाता है, 23.(ब) ओ निगेटिव, 24.(अ) पोलियो, 25.(ब) मस्तिष्क।

जरूरी है महासागरों को जलवायु समझौतों में शामिल करना, जानिए क्यों
24-Nov-2021 10:01 AM (23)

 

हाल ही में हुए ग्लासगो जलवायु सम्मेलन में भी ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने का प्रयास ज्यादा दिखा यानि वायुमंडल पर ज्यादा जोर रहा. यह समझौता भी जलवायु तंत्र में महासागरों की भूमिका को सही तरह से रेखांकित करता दिखाई नहीं दिया. इसमें जहां कई देशों ने जमीन से होने वाले उत्सर्जन को काबू का इरादा तो जताया, लेकिन महासागरों के लिए कोई लक्ष्य नहीं बनाए गए. लेकिन महासागर पर्यावरण को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाते हैं जो इंसानों तक के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जरूरी है. यहां तक कि वह पृथ्वी को गर्म करने की प्रक्रियाओं तक को रोकने में इसकी महती भूमिका है. 

महासागरों की क्षमता को हमेशा नजरअंदाज किया गया है यह इस तथ्य से पता चलता हैकि औद्योगीकरण के युग से ही महासागरों ने मानव जनित ऊष्मा का 93 प्रतिशत हिस्सा खुद अवशोषित किया है. इसमें कुल मानव जनित कार्बन डाइऑक्साइड का एक तिहाई हिस्सा शामिल है. इसके प्रभाव बहुत गहरे रहे . इससे पानी की ऊष्मीय विस्तार हुआ जिससे समुद्र जलस्तर बढ़ गया, महासागरों का अमलीयकरण हुआ, ऑक्सीजन की हानि हुई और बहुत सारे महासागरीय जीवों को अपना घर बदलना पड़ा. इससे एक खतरे वाली बात यह रही कि इससे महासागरों की गैसें अवशोषण करने की क्षमता कम हो गई.

इसीलिए जरूरी है कि समुद्री उद्योंगों में जरूरी बदलाव हों फिलहाल जहाज उद्योग अकेले जर्मनी के द्वारा पैदा किए जाने वाला कार्बन फुटप्रिंट का उत्सर्जन कर रही है. अगर इसे एक देश माना जाए तो जहाज उद्योग दुनिया का छठा सबसे बड़ा उत्सर्जक है. वैसे तो अंतरराष्ट्रीय समुद्रीय संगठन के एजेंडा में यह शीर्ष पर है, लेकिन जहाजों का कारण होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए लक्ष्य निर्धारित नहीं हुए है. फिलहाल भोजन तंत्र उत्सर्जन आधारित कृषि, मछली पकड़ना, प्रसंस्कृत खाद्य दुनिया के एक तिहाई उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं. 

सही समुद्री भोजन से पर्यावरण के लिहाज से भी फायदेमंद हो सकता है. इसमें संधारणीय प्रंबंध तकनीकों वाली मत्स्य पालन वाला भोजन शामिल है. बाजार और तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर उत्पादन और समुद्री घास की खपत के प्रबंधन के लिए किया जाना चाहिए. कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करने वाले मैनग्रोव, समुद्री घास और नमकीन दलदलों जैसे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल और संरक्षित करना फायदेमंद हो सकता है. लेकिन ऐसे तंत्र महासागरीय तंत्र के स्वास्थ्य पर बहुत निर्भर करते हैं. प्लास्टिक प्रदूषण महासागरों की CO2 अवशोषण क्षमता को बहुत प्रभावित कर रहा है. 

इसमें करीब 1.5 लक्ष्य हासिल करने के लिए उत्सर्जन कम करने की मात्रा का दसवां हिस्सा कम किया जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का आंकलन है कि समुद्र तटीय पवन दुनिया को वर्तमान दर से 18 गुना ज्यादा ऊर्जा दे सकती है. सच कहा जाए तो एक दशक से जलवायु वार्ताओं में महासागरों को गंभीरता से शामिल नहीं किया जा रहा है. जहां वे COP26 सहित सभी वार्ताओं का हिस्सा रहे , वहां तटीय इलाकों में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के रूप में समुद्र जलस्तर के बढ़ने की चिंता के तौर पर ही रहे. ग्लासगो सम्मेलन में महासागरीय पारिस्थितिकी तंत्रों के एकता को सुनिश्चित करने के महत्व को पहचाना गया. 

ग्लासगो सम्मेलन में महासागरों परआधारित कदमों को मजबूत बनाने के लिए महासागर और जलवायु परिवर्तन पर वार्ता स्थापित की गई. इसमें संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कनवेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज के कई संकायों को इस पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया गया. फिलहाल किसी के लिए कोई बाध्यकारी कार्य करने का फैसला नहीं लिया गया है. पांच साल में पहली बार “महासागरों के कारण” घोषणापत्र जारी किया गया.

यह जरूरी हो गया है कि दुनिया के तमाम देश अपनी समुद्री सीमाओं के भीतर जलवायु प्रभावों की रिपोर्ट करने के साथ उन की जिम्मेदारी लें. लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है समुद्री क्षेत्रों के लिए कानून बनाने की जरूरत अब बढ़ती जा रही है. एक मूलभूत खाका तैयार होना जरूरी है जिसके आधार पर यह तय किया जा सके कि महासागरों के लिए वित्त कैसे निर्धारित होगा. फिर भी COP26 में महासागरों के लिए संबंधी जलवायु कार्य सुनिश्चित नहीं किए गए हैं जो कि बहुत जरूरी है. (news18.com)

अनोखा देश जहां मिस्र से ज्यादा पाए जाते हैं Pyramids, क्या आप जानते हैं नाम?
23-Nov-2021 11:08 AM (38)

जब पिरामिड्स का नाम आता है तो मिस्र का भी नाम जहन में आ जाता है. मिस्र वो देश है जहां त्रिकोण के आकार के पिरामिड्स पाए जाते हैं जो एक वक्त में दुनिया के 7 अजूबों में शामिल थे. अपने आप में ये अनोखे हैं और इन्हें देखने अलग-अलग देशों से लोग आते रहते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि मिस्र ही नहीं, एक और देश है जहां पिरामिड पाए जाते हैं और यहां मिस्र की तुलना में इस देश में दुगने पिरामिड हैं!

जी हां आपने सही पढ़ा, हम बात कर रहे हैं सुडान की. उत्तरी अफ्रीका के सुडान देश में पिरामिड पाए जाते हैं और आप ये जानकर दंग हो जाएंगे कि यहां मिस्र से ज्यादा पिरामिड स्थित हैं. जहां मिस्र में 138 पिरामिड हैं वहीं सुडान में 200 से 255 तक पिरामिड स्थित हैं. आपको बता दें कि इन पिरामिड्स का निर्माण मिस्र के उन लोगों के द्वारा नहीं बनाया गया है जो मिस्र से सुडान आए थे.

1070 बीसी से 350 एडी तक नील नदी के किनारे कुश वंश का साम्राज्य था. इसी वंश ने सुडान में पिरामिड्स की स्थापना की थी. गौरतलब है कि मिस्र के लोगों के पिरामिड बनाने के 500 साल बाद कुश वंश के लोगों ने पिरामिड बनाने की शुरुआत की मगर दोनों ने ही मृत लोगों को दफनाने के लिए इसका निर्माण किया. कुछ साम्रराज्य के पिरामिड जहां 20 से 98 फीट ऊंचे होते हैं वहीं मिस्र के पिरामिड 453 तक ऊंचे होते हैं.

कुश पिरामिड सबसे ज्यादा प्राचीन शहर मिरोई में पाए जाते हैं. ये शहर आज के सुडान के मध्य में स्थित है. अकेले इस शहर में 200 के करीब पिरामिड हैं जहां पूरे देश में 255 तक पिरामिड बने हुए हैं. यूं तो जानकारों को इन पिरामिड्स के बारे में पता चल चुका है मगर पिरामिड से जुड़े कई सवाल ऐसे भी हैं जिनका जवाब जानकारों को नहीं पता है. जानकरों को नहीं पता कि क्या कुश वंश के लोगों ने भी मिस्र के लोगों की ही तरह पिरामिड बनाया था या फिर उन्होंने कोई नया तरीका खोजा था. यही नहीं, उन्हें पिरामिड बनाने में कितना वक्त लगा था इसके बारे में भी कोई नहीं जानता है. (news18.com)

क्या वास्तव में आम आदमी तक पहुंचने के लिए बुद्ध ने किया था संस्कृत से परहेज
23-Nov-2021 11:06 AM (38)

बुद्ध जिस जमाने में पैदा हुए, उस जमाने में संस्कृत का बोलबाला था. हालांकि संस्कृत तब शासकों और कुलीन वर्ग की भाषा ज्यादा थी. इसीलिए आमजन तक पहुंचने के लिए गौतम बुद्ध ने संस्कृत से परहेज किया था. उन्होंने संस्कृत की बजाए मगही का इस्तेमाल किया.

कहा जाता है कि बुद्ध ने संस्कृत भाषा का बहिष्कार कर दिया था और आमतौर पर मगही भाषा का इस्तेमाल किया था, जो उस जमाने में आमजन की भाषा थी, जिसे बोलचाल में सामान्य लोग ज्यादा इस्तेमाल करते थे. आमतौर पर संस्कृत को ब्राह्मणों की भाषा माना जाता था. ईसापूर्व संस्कृत का उदगम गांधार इलाके में हुआ. वहां से बड़े इलाके में फैली. संस्कृत इतनी प्राचीन भाषा है कि माना जाता है कि दुनिया की बहुत ढेर सारी भाषाओं की ये जननी रही है.

बंटी हुई है विद्वानों की राय 
हालांकि विद्वानों की राय इस मामले में आमतौर पर बंटी हुई है कि बुद्ध ने संस्कृत को खारिज किया था या नहीं. हालांकि प्राचीन भारत में संस्कृत को भगवान की भाषा भी माना जाता था. अमेरिका के संस्कृत स्कॉलर शेल्डन पोलाक ने लिखा है कि गौतम बुद्ध और बौद्ध धर्म के उभरने के बाद भारत में संस्कृत के लिए मुश्किल समय आ गया था.

उस समय बहुत से विद्वानों खासकर बौद्ध धर्म के मतावलंबियों ने अपना आध्यात्मिक लेखन संस्कृत की बजाए पाली में करना शुरू किया.

शेल्डन पोलाक की वो किताब, जिसमें उन्होंने लिखा है कि किस तरह बुद्ध और बौद्ध धर्म के उभरने के साथ संस्कृत कमजोर पड़ गई थी
क्यों संस्कृत का इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे बुद्ध 
हालांकि गौतम बुद्ध के बारे में कहा भी जाता है कि वो उस हिंदू धर्म में बढ़ते कर्मकांड और ब्राह्मणवाद से संतुष्ट नहीं थे. इसलिए उन्होंने एक नया रास्ता चुना. उन्होंने बौद्ध धर्म की शुरुआत की. बुद्ध को हमेशा लगता था कि उन्हें अगर जनता के करीब जाना है तो उस भाषा का इस्तेमाल करना होगा, जो आम जनता के ज्यादा करीब है, जिसका वो ज्यादा इस्तेमाल करती है.

इसलिए बुद्ध ने अपने प्रवचनों में संस्कृत के बजाए मगध की आम बोलचाल की भाषा मगधी का इस्तेमाल किया, जिसे मगही भी कहा जाता था. इसी से बाद में पानी और प्राकृत भाषाएं निकलीं.

गौतम बुद्ध के प्रवचन आमतौर पर मगही भाषा में होते थे, जिसने बाद में पाली और प्राकृत भाषाओं को जन्म दिया
इसके बाद तमाम राजाओं ने पाली और प्राकृत भाषाओं को अंगीकृत किया. सम्राट अशोक के काल में भी संस्कृत बहुत कम लोग बोलते थे. राजा खुद प्राकृत का इस्तेमाल करता था.

हालांकि इसके 500 वर्ष बाद फिर उसने वापसी की. दूसरी-तीसरी सदी तक आमतौर पर साहित्य और ग्रंथों की रचना पाली में हुई. ऐसे में अगर ये बात मानना गलत नहीं है कि बुद्ध और उनसे प्रभावित विद्वानों और उनके अनुयायियों ने संस्कृत को खारिज कर दिया.
हालांकि जब संस्कृत की वापसी हुई तो वह फिर अगली कई सदियों तक फलती-फूलती रही. यहां तक की मुगलों के (ओद्रे ट्रस्क की किताब कल्चर ऑफ एनकाउंटर्स-संस्कृत एट द मुगल कोर्ट) जमाने में भी इसे बोलना शान की बात मानी जाती थी. 16-17 सदी में ऊंची हैसियत वाले लोग गर्व के साथ संस्कृत भाषा का इस्तेमाल करते थे. ये स्थिति अकबर से लेकर शाहजहां के दौर तक बनी रही, यहां तक औरंगजेब के समय में संस्कृत को सम्मान मिलता था.

संस्कृत बौद्ध धर्म के चढ़ाव के दौर में सिमट जरूर गई लेकिन करीब 500 साल बाद फिर ताकत के साथ लौटी और उसका वर्चस्व फिर मुगल दौर में भी बना रहा
क्या पाली के ज्यादा करीब है हिन्दी 
वैसे राजीव मल्होत्रा ने अपनी किताब “द बैटल ऑफ संस्कृत” में कहते हैं कि आमतौर पर यूरोप के संस्कृत स्कॉलर ये कहते रहे हैं कि गौतम बुद्ध ने वेदों का विरोध किया था, वेस्टर्न आइडोलॉजी ये बात कहती है. जबकि हकीकत में बुद्ध ने नए तरीके से वेदों का ज्ञान दिया है. ना तो बुद्ध ने कभी संस्कृत को खारिज किया और ना ही ब्राह्णणों को. हालांकि कुछ भाषाविज्ञानी मानते हैं कि हिंदी की खड़ी बोली संस्कृत की बजाए पाली के ज्यादा करीब है. (news18.com)

पुण्यतिथि : रेडियो की खोज का श्रेय मार्कोनी नहीं बल्कि इस भारतीय वैज्ञानिक को जाता है
23-Nov-2021 11:04 AM (34)

भारतीयों की बुद्धिमत्ता का पूरा विश्व लोहा मानता है. यहां तक कि जब भारत गुलाम था और पढ़ाई के संस्थानों और वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए संसाधनों का भी मोहताज था तब भी भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में कई झंडे गाड़कर दिखाए हैं. ऐसे ही एक भारतीय वैज्ञानिक हैं, जगदीश चंद्र बोस. आज प्रो. जगदीश बोस की पुण्यतिथि है. 23 नवंबर, 1937 को उनका देहांत हो गया था.

जगदीश चंद्र बोस को ही रेडियो और माइक्रोवेव ऑप्टिक्स के आविष्कार का श्रेय दिया जाता है. अक्सर भारतीय उन्हें उस वैज्ञानिक के रूप में याद करते हैं, जिसने पेड़ों में जीवन होने की खोज की थी. जगदीश चंद्र बोस के जीवन की कुछ खास बातें -

उनका जन्म 30 नवंबर, 1858 को मेमनसिंह के ररौली गांव में हुआ था. अब यह बांग्लादेश में है. बोस ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के ही एक स्कूल में की थी. इस स्कूल को उनके पिता ने ही स्थापित किया था.

उनके बारे में कहा जाता है कि आर्थिक रूप से संपन्न उनके पिता आसानी से उन्हें किसी अंग्रेजी स्कूल में भेज सकते थे लेकिन वे चाहते थे कि बेटा मातृभाषा सीखे और अंग्रेजी की शिक्षा लेने से पहले अपनी संस्कृति के बारे में अच्छी तरह से जान ले.

1884 में बोस ने नेचुरल साइंस में बैचलर किया और लंदन यूनिवर्सिटी से साइंस में भी बैचलर डिग्री ली.

बोस ने केस्कोग्राफ नाम के एक यंत्र का आविष्कार किया. यह आस-पास की विभिन्न तरंगों को माप सकता था. बाद में उन्होंने प्रयोग के जरिए दावा किया कि पेड़-पैधों में जीवन साबित करने का यह प्रयोग रॉयल सोसाइटी में हुआ और पूरी दुनिया ने उनकी खोज को सराहा.

उन्होंने पौधे की उत्तेजना को एक चिन्ह के जरिए मशीन में दिखाया हुआ था. इसके बाद उन्होंने उस पौधे की जड़ में ब्रोमाइड डाली. जिससे पौधे की गतिविधियां अनियमित होने लगीं. इसके बाद पौधे की उत्तेजना नापने वाले यंत्र ने कोई भी गतिविधि दिखानी बंद कर दी. जिसका मतलब था कि पौधे कि मृत्यु हो गई थी.

कुछ लोग उन्हें बंगाली साइंस फिक्शन का पितामह भी कहते हैं.

कहा जाता है उनके इजाद किए वायरलेस रेडियो जैसे यंत्र से ही रेडियो का विकास हुआ. लेकिन अपने नाम से पेटेंट करा लेने के चलते रेडियो के आविष्कार का क्रेडिट मार्कोनी को दिया जाता है. (news18.com)

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह
23-Nov-2021 9:48 AM (34)

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (आईएफएफआई) एशिया में प्रति वर्ष आयोजित होने वाले सबसे महत्वपूर्ण फिल्म समारोहों में से एक है। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों के सामाजिक, सांस्कृतिक लोकाचार के संदर्भ में समझ और फिल्म संस्कृति की सराहना करने, दुनिया के लोगों के मध्य मैत्री और सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विश्व सिनेमा को फिल्म कला की उत्कृष्टता दर्शाने के लिए साझा मंच उपलब्ध कराना है।

आईएफएफआई  का पहला संस्करण फिल्म प्रभाग, भारत सरकार द्वारा 1952 में मुंबई में आयोजित किया गया था। इसमें चालीस फीचर और सौ लघु फिल्में शामिल की गई थी। इसके बाद यह समारोह चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता में ले जाया गया। इस समारोह का स्वरूप गैर-प्रतिस्पर्धात्मक था और इसमें चौबीस देशों ने भाग लिया। मुख्य समारोह का आरंभ मुंबई में हुआ था जिसका उद्घाटन तत्कालीन सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री श्री के.के. दिवाकर ने किया था। दिल्ली सत्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 21 फरवरी, 1952 को किया था।

1952 में शुरूआत के बाद आईएफएफआई भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन है। बाद में आईएफएफआई नई दिल्ली में आयोजित किए गए। जनवरी, 1965 में आयोजित तीसरे संस्करण से यह प्रतिस्पर्धी बन गया। इसके बाद इसे केरल की राजधानी त्रिवेन्द्रम ले जाया गया था। 1975 में फिल्मोत्सव की गैर-प्रतिस्पर्धी तथा एक साल के अंतराल के बाद अन्य फिल्म निर्माण करने वाले शहरों में आयोजित करने की शुरूआत की गई। बाद में फिल्म महोत्सवों का आईएफएफआई में विलय कर दिया गया। 2004 में इसे त्रिवेन्द्रम से गोवा लाया गया, तब से आईएफएफआई वार्षिक और प्रतिस्पर्धी आयोजन बन गया है।

आईएफएफआई का 44वां संस्करण 20 -30 नवंबर, 2013 को गोवा में आयोजित किया गया । इस समारोह में भारतीय पैनोरमा श्रेणी में समकालीन भारतीय सिनेमा की 26 फीचर फिल्में और 16 गैर-फीचर फिल्में शामिल हैं। फीचर फिल्म श्रेणी में जिन फिल्मों को चुना गया है, उनमें छह मलयालम, पांच बांगला, पांच हिन्दी, तीन मराठी और दो अंग्रेजी में हैं। कोंकणी, कन्नड, मिसिंग, उडिय़ा और तमिल में एक-एक फिल्म का चयन किया गया है।

इस समारोह में सर्वश्रेष्ठ फिल्म को 40 लाख रूपए नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिसे फिल्म के निर्माता और निर्देशक में बराबर-बराबर बांटा जाएगा। फिल्म के निदेशक को नकद पुरस्कार के अलावा गोल्डन मयूर और प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। रजत मयूर, प्रमाण-पत्र और नकद पुरस्कार 15 लाख रूपए का होगा, जो श्रेष्ठ निदेशक को दिया जाएगा, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं (पुरूष) और (महिला) को रजत मयूर, प्रमाण-पत्र और 10 लाख रूपए का नकद इनाम दिया जाएगा। किसी फिल्म (फिल्म के किसी भी पहलू के लिए जिसे जूरी पुरस्कार या मान्यता देना चाहती है) या व्यक्ति (फिल्म के लिए उसके कलात्मक योगदान के लिए) को रजत मयूर, प्रमाण-पत्र और 15 लाख रूपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार में 10 लाख रूपए का नकद पुरस्कार, प्रमाण-पत्र, एक शॉल और दुपट्टा सिनेमा के लिए विशिष्ट योगदान देने वाले मास्टर फिल्म निर्माता को प्रदान किया जाएगा। प्रतिष्ठित चेक फिल्म निर्माता जिरी मेंजेल इस वर्ष का यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं। शताब्दी पुरस्कार रजत मयूर, प्रमाण-पत्र और 10 लाख रूपए का नकद पुरस्कार उस फीचर फिल्म को दिया जाएगा, जो सौंदर्य, तकनीक या प्रौद्योगिकी नवाचार के रूप में मोशन फिक्चरों में नये प्रतिमान को दर्शाती हों।

वायुु पुराण
23-Nov-2021 9:46 AM (39)

विद्वान लोग  वायु पुराण  को स्वतंत्र पुराण न मानकर  शिव पुराण  और  ब्रह्माण्ड पुराण  का ही अंग मानते हैं। परन्तु  नारद पुराण  में जिन अट्ठारह पुराणों की सूची दी गई हैं, उनमें  वायु पुराण  को स्वतंत्र पुराण माना गया है। चतुर्युग के वर्णन में  वायु पुराण  मानवीय सभ्यता के विकास में सत युग को आदिम युग मानता है।

वर्णाश्रम व्यवस्था का प्रारम्भ त्रेता युग  से कहा गया है। त्रेता युग में ही श्रम विभाजन का सिद्धांत मानव ने अपनाया और कृषि कर्म सीखा।  वायु पुराण   का कथानक दूसरे पुराणों से भिन्न है। यह साम्प्रदायिकता के दोष से पूर्णत: युक्त है। इसमें सूर्य, चन्द्र, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष, आयुर्वेद आदि का वर्णन है, परन्तु सर्वथा नए रूप में है। विष्णु और शिव-दोनों को सम्मानजनक रूप से उपासना के योग्य माना गया है।  वायु पुराण  के कथानक अत्यन्त सरल और आडम्बर विहीन हैं। इसमें सृष्टि रचना, मानव सभ्यता का विकास, मन्वन्तर वर्णन, राजवंशों का वर्णन, योग मार्ग, सदाचार, प्रायश्चित्त विधि, मृत्युकाल के लक्षण, युग धर्म वर्णन, स्वर, ओंकार, वेदों  का आविर्भाव, ज्योतिष प्रचार, लिंगोद्भव, ऋषि  लक्षण, तीर्थ, गन्धर्व और अलंकार शास्त्र आदि का वर्णन प्राप्त होता है। इसमें 112 अध्याय एवं 10 हजार 991 श्लोक हैं।

क्या है ज्यूक बॉक्स
23-Nov-2021 9:45 AM (33)

ज्यूक बॉक्स आज के आईपॉड का एक प्रारंभिक रूप है।  रेस्त्रां या पब में अगर आपको अपनी पसंद का कोई गाना बजाना हो और उसके लिए बस एक सिक्का डालना हो तो बात ही क्या है, लेकिन वर्ष 1928 में पहली बार जब अमेरिका में ऐसा हुआ तो लोग हैरान रह गए।

 ज्यूक बॉक्स के नाम से जाना जाने वाला यह यंत्र आपको अपनी मर्जी का गाना चुनने और बजाने का विकल्प देता है। इस मशीन पर अक्षरों की मदद से आप अपनी पसंद का नाम डाल सकते हैं। 1870 के दशक में एडिसन ने आवाज को रिकार्ड कर दोबारा सुन सकने वाले फोनोग्राफ की खोज की। इसके बाद 1890 में लुई ग्लास और विलियम आरनॉल्ड ने मिलकर इसमें निकेल का इस्तेमाल कर फोनोग्राफ को और विकसित किया। मशीन में सिक्का डालने पर लॉक खुल जाता था और इसमें लगी चार ट्यूबों में से एक से संगीत सुना जा सकता था। धीरे-धीरे इसमें और विकास होता रहा।

 1918 में पहली बार होबार्ट निबलाक ने इसमें और खूबियां जोड़ीं जिससे रिकॉर्ड खुद बखुद बदल जाते थे, उन्हें हाथ से बदलना नहीं पड़ता था। इसी की मदद से 1927 में ऑटोमेटेड म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट नाम की कंपनी ने पहला ज्यूक बॉक्स तैयार किया। 1928 में जसटस पी सीबुर्ग ने लाउडस्पीकर और रिकॉर्ड प्लेयर को मिलाकर संगीत बजाने वाली ऐसी मशीन विकसित की जो सिक्का डालने से चलती थी। सुनने वालों के पास इस मशीन में 8 गानों का विकल्प होता था। हालांकि यह मशीन बहुत बड़ी और भारी थी। धीरे धीरे तकनीकी विकास के साथ इसका आकार छोटा और गानों की संख्या बढ़ती गई। वर्ष 1940 के दशक में अमेरिका में यह काफी मशहूर हुआ। आज लोगों के पास छोटे से आईपॉड में हजारों गाने होते हैं, लेकिन ज्यूक बॉक्स के कई आधुनिक संस्करण आज भी बाजार में मौजूद हैं।

एरिया 51 क्या है?
23-Nov-2021 9:45 AM (35)

एरिया 51 अमरीका के दक्षिणी प्रांत नेवाडा का एक दूर दराज़ इलाक़ा है जहां सेना का एक विशाल हवाई ठिकाना है। इसे दुनिया के सबसे अधिक गुप्त स्थानों में से एक माना जाता है। इसका मूल उद्देश्य ये है कि यहां प्रायोगिक विमानों और हथियारों का विकास और परीक्षण किया जा सके।

एरिया 51 के चारों ओर बड़ी कड़ी सुरक्षा रहती है और इसके लिए राडार व्यवस्था लगाई हुई है। यहां कोई आम आदमी नहीं जा सकता। कोई अनधिकृत व्यक्ति आसपास आ जाए तो राडार व्यवस्था ऐसी है कि उसका तुरंत पता चल जाता है और उसे तुरंत निकाल दिया जाता है।

 सरकारी मानचित्रों में इसे दिखाया नहीं जाता। इसीलिए इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाती हैं कि यहां दूसरे ग्रहों के अंतरिक्ष यानों और जीवों का अध्ययन होता है या यहां समय यात्रा की तकनोलॉजी पर काम हो रहा है या यहां मौसम नियंत्रण के लिए ऊर्जा हथियार तैयार किए जाते हैं।

हर दिन हॉट सीट 23 नवंबर
23-Nov-2021 9:44 AM (20)

1. एकल मात्रे और अशोक रूद्र के सैद्धांतिक मॉडल पर कौन सी पंचवर्षीय योजना आधारित है?

(अ) तीसरी (ब) पांचवीं (स) चौथी (द) आठवीं

2. राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन कब किया गया था?

(अ) 1952 में (ब) 1951 में (स) 1950 में (द) 1953 में

3. सर्वोदय योजना किसके द्वारा दी गई थी?

(अ) जवाहरलाल नेहरू (ब) महात्मा गांधी (स) जयप्रकाश नारायण (द) एमएल राव

4. बैंकों में अपनी मांग और सावधि जमाओं का कुछ प्रतिशत भाग नकद, स्वर्ण व मान्यता प्राप्त सरकार प्रतिभूतियों के रूप में सदा अपने पास रखना होता है, इसे क्या कहते हैं?

(अ) सीआरआर (ब) बैंक रेट (स) रेपो रेट (द) एसएलआर

5. खुले बाजार की क्रियाओं का संबंध निम्नलिखित में से किससे है?

(अ) आरबीआई (ब) वित्त राजधानी (स) एसबीआई (द) डाक घर

6. भारत का सबसे पहले जल विद्युत केंद्र शिव समुद्रम किस नदी एवं राज्य में है?

(अ) कावेरी- कर्नाटक (ब) शराबती-कर्नाटक (स) शराबती-तमिलनाडु (द) इनमें से कोई नहीं

7. जो पवनें समुद्र की ओर चलती हैं, वह क्या कहलाती है?

(अ) थल समीर (ब) जल समीर (स) व्यापारिक पवनें (द) स्थानीय पवनें

8. कितने अंतराल के बाद भारत के राष्टï्रपति द्वारा वित्त आयोग गठित किया जाता है?

(अ) 2 वर्ष (ब) 3 वर्ष (स) 4 वर्ष (द) 5 वर्ष

9. निम्नलिखित में से किस देश ने क्योटो प्रोटोकोल को स्वीकार करने से इनकार किया है?

(अ) कनाडा (ब) ऑस्ट्रेलिया (स) जापान (द) अमेरिका

10. रिकार्डों का तुलनात्मक लागत सिद्घांत निम्नलिखित में से किस अवधारणा पर निर्भर है?

(अ) मूल्य का श्रम सिद्घांत (ब) निरपेक्ष लाभ (स) वस्तुओं की मौद्रिक कीमतें (द) अवसर लागत

11. व्यापार की शर्तों की अवधारणा का प्रतिपादन किसने किया?

(अ) डेविड रिकार्डो (ब) एल्फ्रेड मार्शल (स) जी. हैबरलर (द) जे. एस. मिल

12. निम्नलिखित में से किसने निम्न जाति आंदोलन को विशेष गति प्रदान की?

(अ) बी.आर. अंबेडकर (ब) सरदार पटेल (स) ज्योतिबा फूले (द) महात्मा गांधी

13. अवध का अंतिम नवाब कौन था?

(अ) सफदरगंज (ब) वाजिद अली शाह (स) आसफउद्दौला (द) सादात अली

14. 1929 में भारत सरकार ने ब्रिटिश सम्राट द्वारा भारतीय श्रम पर एक राजकीय आयोग की स्थापना की, जिसके अध्यक्ष थे?

(अ) हंटर (ब) स्लीमैन (स) विट्ले (द) बैन्टिक

15. ऐसे कौन से अधिकार हैं, जो राज्यसभा को तो प्राप्त हैं, परंतु लोकसभा को नहीं?

(अ) अखिल भारतीय सेवाओं का गठन (ब) राज्य सूची के किसी विषय को राष्टï्रीय महत्व का घोषित करना (स) उपराष्टï्रपति को पद से हटाने वाले प्रस्ताव को प्रारंभ करना (द) उपरोक्त सभी

16. लोकसभा के इतिहास में औपचारिक रूप से प्रस्तुत पहला अविश्वास प्रस्ताव जिसे विचार के लिए स्वीकार किया गया, किसके द्वारा प्रस्तुत किया गया?

(अ) राममनोहर लोहिया (ब) मीनू मसानी (स) जे.बी.कृपलानी (द) रेणुका चौधरी

17. केंद्र-राज्य विवाद का निम्र में से कौन प्रमुख कारण रहा है?

(अ) राज्यपाल का पद (ब) प्रधानमंत्री का पद (स) मुख्यमंत्री का पद (द) मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पद

18. भारत में राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन करने का प्राधिकार किसके पास है?

(अ) राज्य सरकार के (ब) प्रधानमंत्री के (स) संसद के (द) राष्ट्रपति के

19. हैलोजनों में सबसे अधिक अभिक्रियाशील निम्नलिखित में से कौन है?

(अ) फ्लूओरीन (ब) क्लोरीन (स) ब्रोमीन (द) आयोडीन

20. जम्मू कश्मीर में होने वाली शीतकालीन वर्षा का कारण निम्नलिखित में से कौन सा है?

(अ) लौटता मानसून (ब) पश्चिमी विक्षोभ (स) स्थानीय पवनें (द) शीतकालीन मानसून

21. वनभूमि की प्रति व्यक्ति उपलब्धता किस राज्य में सर्वोच्च है?

(अ) मध्यप्रदेश में (ब) असम में (स)अरुणाचल प्रदेश में (द) सिक्किम में

22. साल वृक्ष भारत में सबसे अधिक किस राज्य में मिलते हैं?

(अ)तमिलनाडु में (ब)असम में (स)बिहार में (द)मध्यप्रदेश में

23. भारतीय विज्ञान संस्थान कहां है?

(अ) नई दिल्ली में (ब) कोलकाता में (स) हैदराबाद में (द) बैंगलोर में

24. पासिग शहर  निम्नलिखित में से किस देश में है?

(अ) इंडोनेशिया (ब) चीन (स) वियतनाम (द) फिलीपीन

25. आर्य समाज आंदोलन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण योगदान क्या था?

(अ) इसने लोगों में भारत के अतीत के प्रति गौरव की भावना उत्पन्न की (ब) इसने भारत के विभिन्न भागों में डीएवी कालेज (स) इसने धर्म परिवर्तनों को रोका (द) इसने जाति प्रथा की जटिलता को कम करने में मदद की

26. रायगढ़ के स्थान पर जिन्जी को मराठा कार्यकलापों का केंद्र किसने बनाया?

(अ) ताराबाई (ब) राजाराम (स) शंभाजी (द) शाहू

27.निम्नलिखित में से हाफ ए लाइफ- पुस्तक का लेखक कौन है?

(अ) वी.एस.नायपॉल (ब) वी.वी. गिरी (स) पंडित रविशंकर (द) सलमान रशदी

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सही जवाब- 1.(स)चौथी, 2.(अ)1952 में, 3.(स) जयप्रकाश नारायण, 4.(द)एसएलआर, 5.(अ)आरबीआई, 6.(ब)शराबती-कर्नाटक, 7.(अ) थल समीर, 8.(द)5 वर्ष, 9.(द) अमेरिका,  10.(अ) मूल्य का श्रम सिद्घांत, 11.(द)जे.एस. मिल, 12.(अ)बी.आर. अंबेडकर, 13.(ब) वाजिद अली शाह, 14.(स) विट्ले, 15.(द) उपरोक्त सभी, 16.(स) जे.बी.कृपलानी, 17.(अ) राज्यपाल का पद, 18.(स) संसद के, 19.(अ) फ्लूओरीन, 20.(ब) पश्चिमी विक्षोभ, 21.(स) अरुणाचल प्रदेश में, 22.(द)मध्यप्रदेश में, 23.(द) बैंगलोर में, 24.(द) फिलीपीन, 25.(अ) इसने लोगों में भारत के अतीत के प्रति गौरव की भावना उत्पन्न की, 26.(ब)राजाराम, 27.(अ)वी.एस.नायपॉल।

लुब्धक तारा
22-Nov-2021 8:56 AM (35)

लुब्धक तारा आकाश में सबसे ज्यादा चमकदार तारा है। यह सूर्य के सबसे समीप के तारों में से एक है, इसकी दूरी 9 प्रकाशवर्ष है। सौर मंडल से दूरी मे इसका स्थान सांतवां है।

 रात में  आकाश में इसे खोजना आसान है। मृग नक्षत्र के मध्य के तारों की सीध में इसे आसानी से देखा जा सकता है। यह सूर्य के तुलना में एक दीप्तीमान तारा है तथा सूर्य से दोगुना भारी है।

 लुब्धक तारा वास्तविकता में युग्म तारा है, इसमे प्रमुख चमकदार तारा सिरिअस ए है, जबकि इसका दूसरा तारा सिरिअस बी एक श्वेत वामन  तारा है। यह श्वेत वामन तारा सूर्य के तुल्य द्रव्यमान रखता है। यह दोनों तारे एक दूसरे की परिक्रमा 50 वर्षों में करते हंै।

 इस युग्म तारा प्रणाली में श्वेत वामन तारे के होने का अर्थ यह है कि यह तारा युग्म हमेशा ऐसा नहीं रहा होगा। किसी समय भूतकाल मे श्वेत वामन तारा लाल महादानव के रूप में रहा होगा। इसके प्रमाण है कि यह सिरिअस बी का लाल महादानव तारे से श्वेत वामन तारे में रूपांतरण पिछले कुछ हजार वर्षों में हुआ होगा। प्राचीन कथाओं के अनुसार सिरिअस भूतकाल में लाल दिखाई देता था जो की सीरियस बी की श्वेत वामन तारे के रूप मे होती हुई मृत्यु की अंतिम लाल चमक थी।

 इस तारे को ग्रीक मिथकों के अनुसार सिरिअस कहा जाता है। इसे श्वान तारा भी कहा जाता है। इस तारे ने मिस्र की सभ्यता मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। इसके उदय होने का काल, नील नदी की बाढ़ के समय से मेल खाता है। नील नदी की बाढ़ पर मिस्र का कृषि चक्र निर्भर है।