सामान्य ज्ञान

Date : 17-Jul-2019

एरण्ड जिसे अरण्य, अरण्डी , अण्डी आदि और बोलचाल की भाषा में अण्डउआ भी कहते हैं, एक औषधीय पौधा है। इसका पेड़ छत्तीसगढ़ में भी बहुतायक में मिलता है।  इसका पेड़ 8 से 15 फीट ऊंचा होता है।  इसके पत्तों और शाखों पर भूरा-भूरा पदार्थ लिपटा रहता है जो छूने से हाथ में आ जाता है।  इसके पत्ते आकार में बड़े और पांच चौड़ी फांक वाले होते हैं। 
इसमें लाल और बैंगनी रंग फूल आते हैं।  जिसमें कांटेदार हरे आवरण चढ़े फल लगते हैं। इसके पेड़ लाली लिए होते हैं, तो रक्त एरण्ड और सफेद हो तो  श्वेत एरण्ड कहलाता है।  जिन वृक्ष के बीज बड़े होते हैं उनका तेल जलाने के काम आता है।  जिनके बीज छोटे होते हैं उनका तेल औषधीय उपयोग में लाया जाता है।  एरण्ड का तेल एक निरापद रेचक होता है। यह वातनाशक  औषधि है।  वात प्रकोप में उत्पन्न कब्ज में और वात व्याधियों में कम मात्रा में  इसका उपयोग औषधी के रूप में किया जाता है। इसके अलावा अनेक रोगों में भी इसके इस्तेमाल किया जाता है। 
विविध भाषाओं में नाम-संस्कृत-एरण्ड , व्याघ्रपुच्छ, आमण्ड, हिन्दी- अरण्ड, अण्डी, अरण्डी, मराठी- एरण्ड, गुजराती- एरण्डोस दिवेलगो, बांगला- भेरेंडा, तेलुगु-आमुडामू, मलयालम- आवणक्का, फारसी- वेज अंजीर, इंग्लिश- केस्टर ऑइल प्लॉन्ट, लैटिन-रिसिनस कम्युनिस।
अरण्ड की लाल और सफेद जातियों के अलावा एक और जाति होती है जिसे व्याघ्र एरण्ड कहते हैं। इसका उपयोग बहुत कम किया जाता है। 
 


Date : 17-Jul-2019

विज्ञान प्रसार की स्थापना 1989 में भारत सरकार के विज्ञान और टेक्नोलॉजी विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्तशासी संगठन के रूप में की गई थी। यह विज्ञान को बड़े पैमाने पर लोकप्रिय बनाने और लोगों में वैज्ञानिक और युक्तिसंगत ढंग से सोचने को प्रोत्साहित करता है तथा वैज्ञानिक संप्रेषण के लिए एक संसाधन सह सुविधा केन्द्र के रूप में काम करता है। विज्ञान प्रसार, विज्ञान और टेक्नोलॉजी को विभिन्न भाषाओं में लोकप्रिय बनाने वाले अनेक प्रकार के सॉफ्टवेयर विकसित कराता है और उन्हें प्रचारित करता है। इनमें ऑडियो, वीडियो, रेडियो, टीवी, प्रिंट मीडिया, लर्निंग पैकेज, किट और खिलौने शामिल हैं। यह संगठन सॉफ्टवेयर तैयार करने, उन्हे प्रचारित करने और इस्तेमाल करने के बारे में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करता है।
वहीं नेशनल काउंसिल फॉर साईंस एण्ड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन (एनसीएसटीसी) भारत सरकार के विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी विभाग के अंतर्गत एक सर्वोच्च संगठन है, जो विज्ञान और टेक्नोलॉजी के संप्रेषण, वैज्ञानिक सोच को अभिप्रेरित करने और ऐसे प्रयासों में समन्वय लाने का काम करता है। इस परिषद के प्रमुख उद्देश्य हैं-विज्ञान और टेक्नोलॉजी में उन्नति को तेज करने की कोशिश करना, तृणमूल स्तर पर सोच समझकर फैसला करने में लोगों को सक्षम बनाना और विकास मुद्दों पर बुद्धिमतापूर्ण बहस को प्रोत्साहित करना है।
 


Date : 17-Jul-2019

मानव शरीर में खून के थक्के नहीं जम पाने की बीमारी ही हीमोफीलिया कहलाती है। चिकित्सा जगत हर साल 17 अप्रैल को विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाता है।
शाही बीमारी कहे जाने वाले रोग हीमोफीलिया का पता उस वक्त चला था जब ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के वंशज एक के बाद एक इस बीमारी की चपेट में आने लगे थे। शाही परिवार के कई सदस्यों के हीमोफीलिया से पीडि़त होने के कारण ही इसे शाही बीमारी कहा जाने लगा। पुरुषों में इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है।
हीमोफीलिया एक आनुवांशिक बीमारी है जो महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा होती है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति में खून के थक्के आसानी से नहीं बन पाते हैं। ऐसे में जरा-सी चोट लगने पर भी रोगी का बहुत सारा खून बह जाता है। दरअसल, इस बीमारी की स्थिति में खून के थक्का जमने के लिए आवश्यक प्रोटीनों की कमी हो जाती है।
इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 1989 से विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाने की शुरुआत की गई। तब से हर साल वल्र्ड फेडरेशन ऑफ हेमोफीलिया (डब्ल्यूएफएच) के संस्थापक फ्रैंक कैनेबल के जन्मदिन 17 अप्रैल के दिन विश्व हेमोफीलिया दिवस मनाया जाता है। फ्रैंक की 1987 में संक्रमित खून के कारण एड्स होने से मौत हो गई थी। डब्ल्यूएफएच एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो इस रोग से ग्रस्त मरीजों का जीवन बेहतर बनाने की दिशा में काम करता है।
हीमोफीलिया दो प्रकार का होता है। इनमें से एक हीमोफीलिया ए और दूसरा हीमोफीलिया बी है। हीमोफीलिया ए सामान्य रूप से पाई जाने वाली बीमारी है। इसमें खून में थक्के बनने के लिए आवश्यक फैक्टर 8 की कमी हो जाती है। हीमोफीलिया बी में खून में फैक्टर 9 की कमी हो जाती है। पांच हजार से 10 हजार  पुरुषों में से एक के हीमोफीलिया ए ग्रस्त होने का खतरा रहता है जबकि 20 हजार से 34 हजार पुरुषों में से एक के हीमोफीलिया बी ग्रस्त होने का खतरा रहता है।  महिलाओं के इस बीमारी से ग्रस्त होने का खतरा बहुत कम होता है। वे ज्यादातर इस बीमारी के लिए जिम्मेदार आनुवांशिक इकाइयों की वाहक की भूमिका निभाती हैं।
वर्तमान में एक कठोर वास्तविकता यह है कि इस रोग से ग्रस्त 70 प्रतिशत मरीजों में इस बीमारी की पहचान तक नहीं हो पाती और 75 प्रतिशत रोगियों का इलाज नहीं हो पाता।  इस बीमारी की पहचान करने की तकनीक और इलाज महंगा है। परिणामस्वरूप इस बीमारी से ग्रस्त ज्यादातर मरीज बचपन में ही मर जाते हैं और जो बचते हैं वे विकलांगता के साथ जीवनयापन करने को मजबूर होते हैं।
 


Date : 16-Jul-2019

1993 में आज ही के दिन ब्रिटेन की खुफिया सेवा, एमआई5 के किसी सदस्य ने फोटो खिंचवा कर पहली बार औपचारिक रूप से जनता के सामने अपनी पहचान खोली थी.
अपने 84 साल के इतिहास में इस दिन तक एमआई5 ने ऐसा कदम कभी नहीं उठाया था. 56 साल की स्टेला रिमिंग्टन संगठन की पहली महिला प्रमुख बनी थी. वह ऐसी पहली महानिदेशक हुईं जिन्होंने संगठन की गतिविधियों के बारे में एक विवरण पुस्तिका जारी करते हुए खुलेआम तस्वीरें खिंचवाईं. इस मौके पर एमआई5 के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने पत्रकारों से बातचीत भी की थी. इस विवरण पुस्तिका में बताया गया था कि एमआई5 के पूरे कामकाज का करीब आधा हिस्सा घरेलू स्तर पर आतंकवाद से निपटने की कोशिशों से ही जुड़ा होता था. बाकी ध्यान बाहरी खतरों और दूसरे देशों की जासूसी के बारे में पता लगाने से जुड़ा होता था. विवरण पुस्तिका में लिखा था कि एजेंसी जासूसों की मदद लेने के अलावा, फोन टैप करना, छिपकर दूसरों की बातें सुनना जैसे तरीके अपनाती थी.
एमआई5 को इसके चार साल पहले 1989 के 'सुरक्षा सेवा कानून' के तहत वैधानिक मान्यता मिली थी. सीक्रेट सर्विस ब्यूरो की स्थापना 1909 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हर्बर्ट एस्क्विथ ने की थी. उस समय ब्यूरो की स्थापना का मकसद जर्मन नेवी के विस्तार का जवाब देना था. आगे चलकर एमआई5 से जुड़ी कई सारी चीजें सार्वजनिक हुईं. 1997 में पहली बार एजेंसी में नौकरी के लिए आवेदन पत्र मंगवाए गए. इसके जवाब में पहले ही दिन 12 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन भेजा. आज इसका मुख्यालय लंदन के मिलबैंक में है. अक्टूबर 2002 में संस्था को दूसरी महिला प्रमुख भी मिली, जिसने पहली बार टेलिविजन पर इंटरव्यू देकर एक और नया इतिहास रचा.

  • 1970- थॉमस सैंट ने सिलाई मशीन के लिए पेटेन्ट प्राप्त किया।
  • 1994 -धूमकेतू शुमेकर लेवी-9 का पहला टुकड़ा बृहस्पति से टकराया।
  • 1968-इराक़ में अहमद हसन अलबक्र के नेतृत्व में विद्रोह करके बास पार्टी ने सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया और राष्ट्रपति अब्दुर्रहमान आरिफ़ को अपदस्थ कर दिया।  
  • 1998-जीव वैज्ञानिकों ने सिफिलिस के जीवाणु ट्रीपेनोमा पैलिडम के जीनोम को सीक्वेंसिग की।
  • 2002 - रूस की स्वेतलाना फीफाप्रोवा ने पोल वाल्ट स्पर्धा में नया यूरोपीय रिकार्ड क़ायम किया।
  • 2003 - उत्तर पूर्व कांगो के दुनिया शहर में जातीय हिंसा में 54 लोग मारे गये।
  • 2006 - कैप कनैवरल (फ़्लोरिडा) के स्पेस सेंटर में अपनी 13 दिन की अंतरिक्ष यात्रा पूरी कर डिस्कवरी अंतरिक्ष यान पृथ्वी पर सकुशल उतरा।
  • 2008 -अफग़़ानिस्तान में नाटो सेनाओं ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों पर मिसाइलों व हेलीकॉप्टरों से हमला किया।
  • 1790 -स्काटलैंड के दार्शनिक और अर्थ शास्त्री एडम स्मिथ का निधन हुआ। वह सन 1723 ईसवी में जन्मे।  उन्हें नवीन अर्थ शास्त्र का जनक कहा जाता है वह आर्थिक स्वतंत्रता, व्यक्तिगत हित और व्यवसाय के सही विभाजन जैसे विचारों के पक्षधर थे। 
  • 1992 - भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री, गायिका और फि़ल्म निर्माता कानन देवी का निधन हुआ। 
  • 1827-अंग्रेज़ रसायनज्ञ और सेना के विस्फोटक विशेषज्ञ सर फ्रेड्रिक आगस्टस ऐबेल का जन्म हुआ, जिन्होंने सर जेम्स डेवर के साथ कॉर्डाइट (1889) की खोज की। यह धुआंरहित बारूद बाद में चलकर ब्रिटेन की सेना के बहुत काम आया। (निधन-6 सितम्बर 1902)
  • 1920-स्वीडन के इंजीनियर नील्स बोह्लिन का जन्म हुआ, जिन्होंने कंधों तथा जांघों की तीन पिन वाली सीटबेल्ट का आविष्कार किया जो आज गाडिय़ों में लोगों की सुरक्षा के लिए लाभदायक है।  (निधन-26 सितम्बर 2002)
  • 1794-ब्रिटिश चिकित्सक, रसायनज्ञ और आविष्कारक  जॉन रीबक का निधन हुआ, जो सबसे ज़्यादा जेम्स वॉट के साथ पहले व्यावसायिक प्रायोगिक संघनक ऊष्मीय इंजन के निर्माण में सहायता की। (जन्म-1718)
  • 1998-ब्रिटेन के गणितज्ञ सर माइकल जेम्स लाइटहिल का निधन हुआ, जिन्होंने सुपरसोनिक ऐरोफॉयल सिद्धान्त तथा ऐरोकॉस्टिक के बारे में बताया, जो आगे चलकर कॉनकॉर्ड सुपरसोनिक जेट के निर्माण में सहायक रहा। (जन्म 23 जनवरी 1924)।
     

Date : 16-Jul-2019

1. सरकारिया आयोग की स्थापना निम्नलिखित में से किसके संबंध में जांच के लिए हुई थी?
(अ) जेल सुधार (ब) केंद्र- राज्य संबंध (स) पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए (द) शिक्षा सुधार
2. संसद के दोनों सदनों को कितने दिनों के अंदर युद्ध अथवा बाहरी आक्रमण के कारण उत्पन्न आपातकालीन स्थिति की घोषणा करने की मंजूरी देनी चाहिए?
(अ) 15 दिनों में (ब) 1 महीना में (स) 2 महीने में (द) 3 महीने में
3. निम्नलिखित में से किस संघ शासित क्षेत्र के प्रशासक को उपराज्यपाल कहा जाता है?
(अ) चंडीगढ़ (ब) लक्षद्वीप (स) अंडमान निकोबार द्वीप समूह (द) इनमें से कोई नहीं
4. निम्नलिखित में से किस संघ शासित क्षेत्र के प्रशासक को मुख्य आयुक्त कहा जाता है?
(अ) लक्षद्वीप (ब) चंडीगढ़ (स) पांडिचेरी (द) दिल्ली
5. संविधान में किन वर्गों के संबंध में विशेष प्रावधान किया गया है?
(अ) अल्पसंख्यक एवं पिछड़े वर्ग (ब) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (स) आंग्ल भारतीय समुदाय (द) उपर्युक्त सभी
6. प्रति व्यक्ति आय निकालने के लिए राष्ट्रीय आय को भाग दिया जाता है?
(अ) देश की कुल जनसंख्या से (ब) कुल कार्यशील जनसंख्या से (स) देश के क्षेत्रफल से (द) प्रयुक्त पूंजी के परिमाण से
7. भारत की राष्ट्रीय आय के बारे में कौन सा कथन सही है?
(अ) सेवाओं की अपेक्षा कृषि का प्रतिशत हिस्सा अधिक है (ब)कृषि की अपेक्षा उद्योग का प्रतिशत हिस्सा अधिक है (स) उद्योग की अपेक्षा सेवाओं का प्रतिशत हिस्सा अधिक है (द) संयुक्त रूप से कृषि और उद्योग की अपेक्षा सेवाओं का प्रतिशत हिस्सा अधिक है 
8. लदांग संबंधित है?
(अ) बागानी कृषि से (ब) पशुचारण से (स) स्थानांतरणशील कृषि से (द) दुग्ध पशुपालन से
9. लदांग चलवासी कृषि किस देश से संबंधित है?
(अ) इंडोनेशिया (ब) ब्राजील (स) मलेशिया (द) श्रीलंका
10. थाईलैंड में की जाने वाली स्थानांतरित कृषि को क्या कहा जाता है?
(अ) तुंग्या (ब) तमराई (स) टावी (द) हुमा
11. वियतनाम और लाओस में की जाने वाली स्थानांतरित कृषि को क्या कहा जाता है?
(अ) रे (ब) टावी (स) तमराई (द) तुंग्या
12. उष्ण कटिबंधीय महासागरों में मत्स्य उद्योग का विकास काफी कम हुआ है, इसका कारण क्या है?
(अ) छिछले सागरों का अभाव (ब) मांग की कमी (स) संरचनात्मक सुविधाओं का अभाव (द) उपर्युक्त सभी
13. निम्नलिखित में से कौन सा धात्विक खनिज है?
(अ) हीरा (ब) कोयला (स) जिप्सम (द) सोना
14. एशिया का सबसे बड़ा लौह इस्पात उत्पादक देश है?
(अ) भारत (ब) जापान (स) इंडोनेशिया (द) चीन
15. विश्व में चांदी का सबसे बड़ा उत्पादक देश निम्न में से कौन सा है?
(अ) कनाडा (ब) भारत (स) मैक्सिको (द) अमेरिका
16. म्यांमार की बाल्डविन खान किस खनिज के उत्खनन के लिए प्रसिद्ध है?
(अ) चांदी (ब) निकेल (स) तांबा (द) टिन
17.  शेरशाह सूरी द्वारा निर्मित सबसे पहली  इमारत कौन सी है?
(अ) दिल्ली का पुराना किला (ब) सहसराम का मकबरा (स) रोहतास का दुर्ग (द)  इनमें से कोई नहीं 
18.  भारत में राजा शेरशाह सूरी ने बड़ी संख्या में सराय बनवाई थी। इनकी संख्या लगभग कितनी थी?
(अ) दो हजार (ब)  पांच हजार (स) सत्रह सौ (द) अ_ïारह सौ
19.  शेरशाह सूरी के शासन काल में  भूमि नापने के लिए किसका उपयोग किया जाता था?
(अ) बांस (ब) लोहे की छड़ (स)रस्सा (द) इनमें से कोई नहीं
20. वर्ष 1876 ई. इंग्लैंड की शासिका को भारतीय साम्राज्ञी की संज्ञा दी गई थी। वह शासिका कौन थीं?
 (अ)  एलिजाबेथ प्रथम (ब) मेरी (स) विक्टोरिया (द) एलिजाबेथ द्वितीय
21. ओपेक देशों में खनिज तेल का सबसे अधिक उत्पादन कौन करता है?
(अ) कुवैत (ब) यू.ए.ई. (स) सऊदी अरब (द) वेनेजुएला
22. गैर तेल निर्यातक देशों में खनिज तेल उत्पादन में अग्रणी देश कौन सा है?
(अ) संयुक्त राज्य अमेरिका (ब) रूस (स) दक्षिण कोरिया (द) जर्मनी
23. वह उद्योग क्या कहलाता है जो अन्य उद्योगों के लिए कच्चा माल का उत्पादन करता है?
(अ) कुटीर उद्योग (ब) मूलभूत उद्योग (स) लघु उद्योग (द) प्राथमिक उद्योग
24. निम्नलिखित में से किस उद्योग के स्थानीयकरण में कुशल श्रम का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा है?
(अ) रेशम उद्योग (ब) लौह इस्पात उद्योग (स) हीरा कटाई उद्योग (द) जूट उद्योग
25. मैग्निटोगोस्र्क, नोवोकुजनेत्सक, शिकागो, पिट्सबर्ग आदि किस उद्योग का प्रमुख केंद्र है?
(अ) सूती वस्त्र उद्योग (ब) लौह इस्पात उद्योग (स) कागज उद्योग (द) सूती वस्त्र उद्योग
26. किस देश का ऊनी वस्त्र उद्योग पूर्णत: आयातित ऊन पर आधारित है?
(अ) जापान (ब) यूनाइटेड किंगडम (स) सी.आई.एस. (द) यू.एस.ए.
27. विश्व में रेशमी वस्त्र का सबसे बड़ा उत्पादक देश है?
(अ) चीन (ब) जापान (स) यू.एस.ए. (द) सी.आई.एस.
28. नाइट्रोजनी उर्वरकों का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन सा है?
(अ) संयुक्त राज्य अमेरिका (ब) सी.आई.एस. (स) चीन (द) भारत
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सही जवाब- 1.(ब)केंद्र- राज्य संबंध, 2.(ब)1 महीना में, 3.(स) अंडमान निकोबार द्वीप समूह, 4.(ब) चंडीगढ़, 5.(द) उपर्युक्त सभी, 6.(अ) देश की कुल जनसंख्या से, 7.(द) संयुक्त रूप से कृषि और उद्योग की अपेक्षा सेवाओं का प्रतिशत हिस्सा अधिक है, 8.(स) स्थानांतरणशील कृषि से, 9.(स) मलेशिया, 10.(ब) तमराई, 11.(अ) रे, 12.(द) उपर्युक्त सभी, 13.(द) सोना, 14.(ब) जापान, 15.(स) मैक्सिको, 16.(अ) चांदी, 17.(ब) सहसराम का मकबरा , 18. (स) सत्रह सौ, 19. (स)रस्सा, 20.(स) विक्टोरिया, 21.(स) सऊदी अरब, 22.(अ) संयुक्त राज्य अमेरिका, 23.(ब) मूलभूत उद्योग, 24.(स) हीरा कटाई उद्योग, 25.(ब) लौह इस्पात उद्योग, 26.(अ) जापान, 27.(अ) चीन, 28.(अ) संयुक्त राज्य अमेरिका।
 


Date : 16-Jul-2019

राजीव गांधी राष्ट्रीय उड़ान विश्वविद्यालय  उत्तर प्रदेश राज्य के रायबरेली जिले में खोला जाएगा। यह एक  केंद्रीय विश्वविद्यालय होगा।  
एक सुरक्षित और प्रभावकारी उड़ान उद्योग के सृजन के लिए कुशल और सक्षम कामगार अनिवार्य हैं। भारत में उड़ान शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने वाली बड़ी संख्या में निजी संस्थाओं की मौजूदगी के बावजूद भी हितधारकों के बीच यह सामान्य धारणा है कि इस उद्योग की जरूरतों को पूरा करने हेतु जो पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं अथवा अवसंरचना सुविधाएं उपलब्ध हैं, वे पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए नागर विमानन क्षेत्र की बढ़ती शैक्षिक और प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को पूरा करने हेतु राष्ट्रीय उड़ान विश्वविद्यालय की स्थापना करना जरूरी हो गया।
राजीव गांधी राष्ट्रीय उड़ान विश्वविद्यालय की स्थापना एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और एक स्वायत्त निकाय के रूप में की जानी है, जो नागर विमानन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में होना है। नागर विमानन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय के रूप में स्थापित समिति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (आईजीआरयूए) के पास उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में उपलब्ध जमीन पर विश्वविद्यालय के निर्माण के पहले चरण (2013-14 से 2018-19) में केंद्र सरकार की ओर से 202 करोड़ रूपए दिए जाने निर्धारित हैं। इसके पहले चरण में आईजीआरयूए के पास उपलब्ध लगभग 26.35 एकड भूमि का चयन राष्ट्रीय उड़ान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए किया गया है। 
 


Date : 16-Jul-2019

रोजर गैरोडी फ्रांस के विख्यात दार्शनिक और लेखक हुए हैं। 17 जुलाई, 1913 को उनका जन्म फ्रांस के मार्सी नगर में हुआ। आरंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद वह विश्वविद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने तीन विषयों दर्शनशास्त्र, साहित्य तथा संस्कृति व सभ्यता में डॉक्ट्रेट किया। 
फ्रांस पर जर्मनी के अधिकार के दौरान उन्होंने हिटलर के फ़ासीवाद का विरोध किया जिसके चलते उन्हें वर्ष 1940 से 1943 तक जर्मनी की जेल में रहना पड़ा जो युद्ध बंदियों के लिए बनाई गई थी। वह 36 वर्षों तक फ्रांस की कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य रहे जबकि 25 वर्ष वह पार्टी की केन्द्रीय कमेटी के सदस्य रहे। कम्युनिज़्म और लिबरलिज़्म से गैरोडी संतुष्ट नहीं हुए जिसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। 
वर्ष 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता का इस्लाम की ओर उनके झुकाव में पड़ा प्रभाव रहा। उन्होंने ज़ायोनिज़्म के बारे में अपने विचार बड़े साहस के साथ व्यक्त किए उन्होंने इस्राईल की कहानी और ज़ायोनी राजनीति के नाम से एक पुस्तक लिखी जिसके चलते उन पर मुकदमा चलाया गया। उनकी दूसरी पुस्तक इस्राईल के नीति निर्धारक के मिथक नाम से प्रकाशित हुई जिस पर ज़ायोनी बिफर उठे और हिटलर के हाथों साठ लाख यहूदियों की हत्या के अतिशयोक्तिपूर्ण दावे की पोल खोल देने के नाते उन्हें न्यायालय के कटहरे मे पहुंचा दिया गया। इस दार्शनिक ने अनेक पुस्तकें लिखी हैं जिनमें बीसवीं शताब्दी की कथा, अमरीका पतन का अगुवा और इस्लाम के वचन आदि का नाम लिया जा सकता है।
 


Date : 16-Jul-2019

पामीर पर्वतमाला, मध्य एशिया में स्थित एक प्रमुख पर्वत श्रृंखला है, जिसकी रचना हिमालय, तियन शान, काराकोरम, कुनलुन और हिन्दू कुश श्रृंखलाओं के संगम से हुआ है। पामीर विश्व के सबसे ऊंचे पहाड़ों में से हैं और 18वीं सदी से इन्हें विश्व की छत कहा जाता है। इसके अलावा इन्हें इनके चीनी नाम कोंगलिंग के नाम से भी जाना जाता है। यहां उगने वाले जंगली प्याज़ के नाम पर इन्हें प्याज़ी पर्वत भी कहा जाता था।  ताजिकिस्तान में स्थित इस्माइल सामानी पर्वत इस पर्वतमाला का सबसे ऊंचा पहाड़ है। 
 पामीर पर्वतों का विस्तार कहां से कहां तक है, यह विवाद का विषय है, लेकिन इनका अधिकांश भाग ताजिकिस्तान के कूहिस्तोनी-बदख्शान स्वशासित प्रांत और अफग़़ानिस्तान के बदख्शान प्रान्त में स्थित है। उत्तर में यह किर्गिज़स्तान की अलाय घाटी के साथ साथ में तियान शान पहाड़ों से मिलते हैं जबकि दक्षिण में इनका मिलन अफग़़ानिस्तान के वाख़ान गलियारे, गिलगित-बल्तिस्तान, और पाकिस्तान में हिंदू कुश पर्वतमाला से होता है। पूर्व में इस पर्वतमाला का अंत चीनी सीमा पर होता है।
 

 


Date : 16-Jul-2019

आकाशगंगा में वरुण यानी नेप्च्यून ग्रह को एक रहस्यमयी ग्रह माना जाता है। इस ग्रह के एक और चांद का पता चला है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया कि हबल टेलीस्कोप ने इस चांद को खोजा गया है। यह वरुण का 14 वां चांद है। 
 अनुमान लगाया गया है कि इस चांद का व्यास कोई 20 किलोमीटर है और यह करीब एक लाख किलोमीटर की दूरी से वरुण ग्रह का चक्कर लगा रहा है। वरुण से जुड़े दूसरे दस्तावेजों और आंकड़ों की बारीकी से पड़ताल के बाद यह निश्चित किया गया कि यह उसका एक उपग्रह यानी चांद है। वैज्ञानिक अब इसका नाम तलाश रहे हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय खगोलविज्ञानी संघ को दिया जाएगा। नाम की पुष्टि यही संगठन करता है।
 वरुण ग्रह को सागरों का देवता माना जाता है। इस उपग्रह के सभी 13 चंद्रमाओं या उपग्रहों के नाम ग्रीक मिथकों के अनुसार ही रखे गए हैं।  वरुण का पता लगने के कुछ ही समय बाद वर्ष 1846 में इसके सबसे बड़े चांद ट्रिटॉन का पता लगा। नेराइड नेप्च्यून का तीसरा बड़ा चांद है, जिसके बारे में वैज्ञानिकों ने 1949 में खुलासा किया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वोयेजर 2 अंतरिक्ष यान ने वरुण के दूसरे सबसे बड़े चांद प्रोटियुस और पांच छोटे चांदों नायाद, थालासा, डेस्पीना, गालाटिया और लारिसा का पता लगाया।
 जमीन पर स्थित टेलीस्कोपों से हालिमेडे, लाओमेडिया, साओ और नेस्टर नाम के उपग्रहों का पता 2002 में लगा। एक और चांद सामाथे का पता 2003 में लगाया गया। नए खोजे गए चांद को फिलहाल एस/2004 एन1 कहा जा रहा है और यह लारिसा और प्रोटियुस के बीच है। यह करीब 23 घंटे में वरुण का एक चक्कर लगा रहा है। 
 


Date : 12-Jul-2019

सूडान दुनिया का सबसे युवा राष्ट्री है, जो अफ्रीका का हिस्सा है।  9 जुलाई 2011 को अफ्रीका का सूडान दो हिस्सों में बंट गया। दक्षिणी हिस्सा रिपब्लिक ऑफ साउथ सूडान बना।
 कई देशों के बीच बसा दक्षिण सूडान मध्यपूर्व अफ्रीका का हिस्सा है और दुनिया का 193वां देश है। इसकी राजधानी जूबा है। इसके पूर्व में इथोपिया, दक्षिण पूर्व में केन्या और दक्षिण में यूगांडा है। दक्षिण पश्चिम में इसकी सीमा कांगो से, पश्चिम में सेंट्रल अफ्रीकी गणतंत्र और उत्तर में सूडान से लगी हुई है। 9 जुलाई 2011 को सूडान एक जनमत संग्रह के बाद अलग देश बनाया गया। 98.83 फीसदी लोगों ने अलग देश के समर्थन में वोट किया। अनुमान के मुताबिक दक्षिण सूडान की जनसंख्या 82 लाख 60 हजार के करीब है। देश का क्षेत्रफल 6 लाख 19 हजार 745 वर्ग किलोमीटर है। क्षेत्रफल के आधार पर दक्षिण सूडान स्पेन और पुर्तगाल के कुल आकार से बड़ा है। ईसाई बहुल आबादी वाले दक्षिण सूडान में चार भाषाएं लिखी और बोली जाती है। अधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, लेकिन दिनका, नुएर, बारी, मुरले, जांडे यहां की राष्ट्रीय भाषाओं में शामिल हैं।
 प्राकृतिक संसाधनों के मामले में दक्षिण सूडान धनी है। वहां कच्चे तेल का अपार भंडार है, लेकिन पाइपलाइनों के जरिए उत्तर सूडान से होकर तेल का निर्यात किया जाता है। अत्यधिक पिछड़े दक्षिण सूडान में आधारभूत संरचना न के बराबर है। देश में प्रसव के दौरान मृत्यु की दर बहुत ज्यादा है। शिक्षा की हालत इतनी खराब है कि 13 साल तक की उम्र के ज्यादातर बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं। 84 फीसदी महिलाएं निरक्षर हैं।
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 वर्साय संधि
वर्साय शांति संधि का संबंध प्रथम विश्व युद्ध से है। 27 जून 1919 को इस संधि पर दस्तखत के साथ  प्रथम विश्व युद्ध का अंत हुआ। जर्मनी के प्रतिनिधियों ने विजेता देशों द्वारा पेश संधि पर विरोध जताते हुए दस्तखत किए। उन्हें संधि तय करने की बातचीत में शामिल नहीं किया गया था. पेरिस के निकट वर्साय में हुई इस संधि ने जर्मनी के अधिकार काफी सीमित कर दिए। इस संधि को द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों में से एक भी माना जाता है।
 प्रथम विश्व युद्ध में पराजित होने के बाद जर्मनी को गठबंधन देशों के साथ उनकी शर्तों पर संधि करनी पड़ी। हालांकि लीग ऑफ नेशंस में इस संधि का पंजीकरण 21 अक्टूबर को हुआ और इसे संधियों की सूची में शामिल किया गया। इस संधि में प्रथम विश्व युद्ध की पूरी जिम्मेदारी जर्मनी के तृतीय राइष और उसके साथियों पर डाली गई और जर्मनी को अपनी भूमि का बड़ा हिस्सा खोना पड़ा। साथ ही उसे सेना को कम करने और विजेता देशों को हर्जाना देने को बाध्य किया गया। जर्मनी के ज्यादातर लोग सख्त शर्तों और जिस तरह से संधि हुई उसकी वजह से इसे अवैध और अपमानजनक मानते थे। इतिहासकारों का मानना है कि इसने द्वितीय विश्व युद्ध का बीज भी बो दिया।