महासमुन्द

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की रूपरेखा पर शिक्षकों की जिला स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला
28-Nov-2020 5:37 PM 33
 राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की रूपरेखा पर शिक्षकों की जिला स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुन्द, 28 नवम्बर। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की रूपरेखा को लेकर शिक्षकों की जिला स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई जिसके मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी राबर्ट मिंज थे। 

उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों में जिज्ञासा उत्पन्न करने, उनकी रचनात्मक को उजागर करने एवं उनकी कल्पना को साकार करने का अवसर प्रदान करती है। जिला मुख्यालय में 28 वीं बाल विज्ञान कांग्रेस 2020 के लिए वर्चुअल माध्यम से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षक हेमेंद्र आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी।

 विज्ञान परिषद के जिला समन्यवय जगदीश सिंह ने बताया कि इस साल का मुख्य विषय सतत जीवन में विज्ञान है। इसके लिए हमें विज्ञान ही नहीं हर क्षेत्र में सतत विकास के पुष्प चक्र को समझना होगा,जो उस पर आधारित है। यह प्रयोगशाला एवं वैज्ञानिक संस्थाओं से उत्पन्न न होकर समाज के लिए लाभदायक सिद्ध होता है। हमें प्रौद्योगिकी से समाज को जोडऩे के लिए दीर्घकालीन सोच का विकास करना होगा।

जिला शैक्षिक समन्वयक कौशल चंद्राकर ने बताया कि समूह में अधिकतम दो बच्चे रहेंगे। कनिष्ठ वर्ग के लिए 10 से 14 वर्ष एवं वरिष्ठ वर्ग में 14 से 7 वर्ष के बाल वैज्ञानिक भाग ले सकते हैं। इसका आयोजन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से किया जाना है। कोविड.19 को ध्यान में रखते हुए इसका प्रेजेंटेशन भी ऑनलाइन किया जाना है। जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन 15 दिसम्बर तक किया जाएगा। जिला समन्वयक ने दी जानकारी कि मुख्य विषय के अंतर्गत 5 विषयों पर बाल विज्ञान प्रोजेक्ट बना सकते हैं। इसमें स्वस्थ जीवन के लिए परितंत्र, सतत जीवन के उचित प्रौद्योगिकी, सतत जीवन के लिए सामाजिक नवाचार, सतत जीवन के लिए निरूपण विकास एवं योजना बनाना एवं सतत जीवन के लिए पारंपरिक प्रणाली शामिल है। 

अन्य पोस्ट

Comments