गरियाबंद

कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदेशभर में किसान 25 को करेंगे प्रदर्शन
24-Sep-2020 4:29 PM 6
 कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदेशभर में किसान 25 को करेंगे प्रदर्शन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 24 सितंबर।
केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि विधेयकों के खिलाफ  अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी प्रतिरोध दिवस के आह्वान पर 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ के किसान सड़कों पर उतर कर विरोध करेंगे। प्रदेश के किसान, मजदूर और आदिवासी संगठनों के मुखियाओं ने ऑनलाइन बैठक कर निर्णय लिया है कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कृषि को कॉरपोरेट घरानों को सौंपने के लिए लाए गए अध्यादेशों का विरोध किया जाएगा। मोदी सरकार ने कृषि उपज वाणिज्य और व्यापार ( संवर्धन और सुविधा), मूल्य आश्वासन एवं कृषि समझौता और आवश्यक वस्तु अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश को लोकसभा में अपने पूर्ण बहुमत का फायदा उठाते हुए तथा राज्यसभा में विपक्षी दलों के विरोध को दबाते हुए बिना मत विभाजन के गैर लोकतांत्रिक तरीके से विधेयक के रूप में पारित करा लिया। 

तेजराम विद्रोही ने बताया कि कृषि विधेयक का अध्यादेश लाने के समय से ही देश के किसान विरोध कर रहे हैं। हरियाणा व पंजाब के किसान व्यापक पैमाने पर सड़क पर विरोध करते रहे फिर भी सरकार अपना दमनात्मक व अडिय़ल रवैया अपनाते हुए किसान हितैषी होने का भ्रामक प्रचार कर रहा है। किसान समझ चुके हैं कि यह विधेयक किसानों व कृषि के लिए कब्रगाह के अलावा कुछ दूसरा नहीं है इसलिए इस अध्यादेश का छत्तीसगढ़ के किसानों ने विरोध करने का निर्णय लिया है। लॉकडाउन के चलते किसान अपने गांवों से शहरों को जोडऩे वाले सड़कों पर निकलेंगे, तो कहीं जिला, ब्लॉक, तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे।

बैठक में अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, छत्तीसगढ़ बचाव आंदोलन, छत्तीसगढ़ किसान सभा, हसदेव अरण्य बचाव आंदोलन, आदिवासी एकता महासभा, किसान पंचायत, किसान संघ, अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संघ आदि संगठनों से कॉमरेड बादल सरोज, मदन लाल साहू, नंदकुमार कश्यप, ठाकुर रामगुलाम सिंह, संजय पराते, तेजराम विद्रोही, आलोक शुक्ला, पारस नाथ साहू, सुरेन्द्र लाल सिंह, विजय पटेल, आयोध्या प्रसाद, राकेश सिंह, प्रशांत झा, रामलाल, चंद्रशेखर आदि शामिल हुए।
 

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