सामान्य ज्ञान

सेल्फी का इस्तेमाल कब से हो रहा है
28-Oct-2020 8:55 AM 49
सेल्फी का इस्तेमाल कब से हो रहा है

आजकल सेल्फी  शब्द लोगों की जुबान पर ऐसा चढ़ा है कि उतरने का नाम नहीं ले रहा। यह शब्द सेल्फ-पोट्रेट  फोटोग्राफ का शार्टकट है। इसी दीवानगी ने सेल्फी  को ऑक्सफोर्ड वर्ड ऑफ द इयर 2013 बना दिया था। वर्ड ऑफ द इयर का खिताब उन मौलिक अंग्रेजी शब्दों को दिया जाता है जो सामाजिक, राजनीतिक या तकनीकी बदलावों से गुजरते हैं।
 ऑक्सफोर्ड संपादक के अनुसार खुद अपनी तस्वीरें खींच कर सोशल मीडिया पर अपलोड और साझा करने का चलन  सेल्फी  नाम से जाना जाने लगा है। यह अंग्रेजी भाषा का शब्द है।  सेल्फी का मतलब किसी स्मार्टफोन या वेबकैम से खुद अपनी तस्वीर खींचना और उसे सोशल वेबसाइट्स पर अपलोड करना है। यह शब्द कितनी बार इस्तेमाल हुआ ये जानने के लिए ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने एक रिसर्च प्रोग्राम का इस्तेमाल किया है।  यह प्रोग्राम हर महीने इंटरनेट पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले करीब 15 करोड़ नए अंग्रेजी शब्दों को इक_ा करता है। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार सेल्फी शब्द को साल 2002 में एक आस्ट्रेलियाई फोरम में इस्तेमाल किया गया था। 
 यह शब्द आम बोलचाल की भाषा में तब शामिल हुआ जब 2013 में सोशल मीडिया पर  सेल्फ-पोट्रेट  फोटोग्राफ के शार्टकट् के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाने लगा। वर्ष 2013 में   यह शब्द तब काफी चर्चा में आया जब किशोर- किशोरियों के साथ की पोप की एक तस्वीर सोशल साइट्स पर खूब चर्चित हुई। यह तस्वीर खूब शेयर की गई और इस पर ढेर सारी टिप्पणियां आईं।
एक परेड के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की बेटियां.
 फोटो शेयरिंग वेबसाइट्स फ्लिकर्स पर साल 2004 से ही सेल्फी को हैशटैग के साथ इस्तेमाल किया जाता रहा है मगर साल 2012 तक इसका इस्तेमाल बहुत नहीं होता था। सेल्फी को अगस्त 2013 में ऑनलाइन ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में शामिल कर लिया गया। पर यह अभी भी ऑक्सफोर्ड इंगलिश डिक्शनरी में शामिल नहीं किया गया है। इस पर विचार चल रहा है।

शाक्य गणराज्य
शाक्य गणराज्य बुद्ध काल में तथा उसके पूर्व, उत्तर प्रदेश के पूर्वोत्तर भाग तथा नेपाल की तराई के भूभाग में स्थित था। कपिलवस्तु यहां की राजधानी थी।  गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोदन शाक्य गणराज्य के गणमुख्य थे।  शाक्य देश के संबंध से ही शुद्धोदन का वंश  शाक्य नाम से प्रसिद्ध था और बुद्ध को  शाक्यसिंह  कहा जाता था।   कहा जाता है कि  शाक  या सागौन के वृक्षों के आधिक्य के कारण इस देश का अभिधान शाक्य हुआ था। भद्दसाल  जातक से सूचित होता है कि शाक्य प्रदेश कोसल राज्य के अधीन था। 
 

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