सामान्य ज्ञान

क्रिकेट पिच की घास भूरी क्यों होती है?
20-Apr-2021 12:30 PM (42)
क्रिकेट पिच की घास भूरी क्यों होती है?

क्रिकेट के पिच की घास भूरी नजर आती है, लेकिन मैदान की घास हरी दिखाई देती है।  लेकिन दोनों ही स्थानों पर घास उगाने के लिए वही बीज इस्तेमाल होता है जो किसी आम बगीचे में होता है ,लेकिन जब पिच पर रोलर घुमाया जाता है तो वह भूरी हो जाती है।
भूरी पिच और हरी पिच से क्रिकेट खेल पर अगल -अलग प्रभाव पड़ता है। अगर पिच हरी है तो वह स्विंग गेंदबाज के लिए अच्छी है जबकि भूरी घास वाली पिचें बल्लेबाज़ों के लिए बेहतर मानी जाती है।
 

क्या है क्रोनी कैपिटलिजम 
क्रोनी कैपिटलिजम का शब्द इन दिनों राजनीतिक गलियारों में काफी सुनाई दे रहा है। क्रोनी का शाब्दिक अर्थ, ऑक्सफर्ड डिक्शनरी के मुताबिक होता है अ क्लोज फ्रेंड ऑर कंपैनियन (करीबी दोस्त या सखा)। इसकी उत्पत्ति 17वीं शताब्दी के मध्य की बताई जाती है। यह ग्रीक भाषा के शब्द ख्रोनियोज से बना है जिसका अर्थ होता है लंबे समय तक टिकने वाला। मगर क्रोनी  कैपिटलिजम शब्द का धड़ल्ले से इस्तेमाल 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में शुरू हुआ जब पूंजीवाद की कमजोरियां मुद्दा बनने लगीं।
क्रोनी कैपिटलिजम का मतलब अमूमन ऐसी इकॉनमी से होता है जिसमें बिजनेस की कामयाबी सत्ता में बैठे लोगों से करीबी रिश्तों पर निर्भर करती है। पूंजीवाद के तहत आदर्श स्थिति यह बताई जाती है कि किसी बिजनेस की सफलता मुक्त बाजार की स्वस्थ प्रतियोगिता से तय हो। हालांकि पूंजीवाद से असहमति रखने वाली वैचारिक धाराओं के विद्वान इस व्याख्या को ठुकराते हुए कहते हैं कि जिसे क्रोनी कैपिटलिजम कहा जाता है वह दरअसल किसी भी कैपिटलिजम का निश्चित परिणाम होता है। नोम चॉम्स्की की दलील है कि चूंकि बिजनेस से पैसा बनता है और पैसों से राजनीतिक ताकत हासिल होती है, इसलिए बिजनेस पक्के तौर पर अपनी इस ताकत का इस्तेमाल सरकार को प्रभावित करने के लिए करेगा।
 बहरहाल, अपने देश में इन चुनावों के दौरान इस शब्द का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हो रहा है। तीनों प्रमुख पार्टियां इस शब्द का इस्तेमाल कर रही हैं।  
 

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